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डेयरी कर्मचारी ने काॅटन कारोबार के लिए डमी फर्म बनाई और 20 करोड़ के फर्जी बिल काटकर कारोबारियों को दे दिए। इन बिलाें के आधार पर कारोबारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर चार करोड़ की जीएसटी चोरी कर ली। यह खुलासा सेंट्रल जीएसटी द्वारा विजयनगर में अरिहंत कोर फाइबर कंपनी पर मारे गए छापे में हुआ। कंपनी संचालक अंकित जैन को पकड़ लिया गया है। जांच में तीन और फर्म की जानकारी सामने आई है। विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो ना दफ्तर मिला और ना कोई कर्मचारी। इनमें से दो गुजरात के और एक हरियाणा के व्यक्ति ने बना‌ई। तीन फर्मों की जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक लोहामंडी स्थित मे. वेलकम ट्रेडिंग के मालिक विशाल रमेशभाई पटेल हैं और इस कंपनी ने 1.66 करोड़ की जीएसटी चोरी की। वहीं समर पार्क स्थित मे. शिव इंडस्ट्रीज के मालिक के तौर पर जसविंदर सिंह का नाम सामने आया। इस फर्म ने 3.56 करोड़ की चोरी की। इसके अलावा कुलदीप बंसल के मालिकाना हक वाली मित्तल स्टील, सिरपुर का नाम भी सामने आया है। इसने 1.31 करोड़ की चोरी की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो

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डेयरी कर्मचारी ने काॅटन कारोबार के लिए डमी फर्म बनाई और 20 करोड़ के फर्जी बिल काटकर कारोबारियों को दे दिए। इन बिलाें के आधार पर कारोबारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर चार करोड़ की जीएसटी चोरी कर ली। यह खुलासा सेंट्रल जीएसटी द्वारा विजयनगर में अरिहंत कोर फाइबर कंपनी पर मारे गए छापे में हुआ। कंपनी संचालक अंकित जैन को पकड़ लिया गया है। जांच में तीन और फर्म की जानकारी सामने आई है। विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो ना दफ्तर मिला और ना कोई कर्मचारी। इनमें से दो गुजरात के और एक हरियाणा के व्यक्ति ने बना‌ई। तीन फर्मों की जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक लोहामंडी स्थित मे. वेलकम ट्रेडिंग के मालिक विशाल रमेशभाई पटेल हैं और इस कंपनी ने 1.66 करोड़ की जीएसटी चोरी की। वहीं समर पार्क स्थित मे. शिव इंडस्ट्रीज के मालिक के तौर पर जसविंदर सिंह का नाम सामने आया। इस फर्म ने 3.56 करोड़ की चोरी की। इसके अलावा कुलदीप बंसल के मालिकाना हक वाली मित्तल स्टील, सिरपुर का नाम भी सामने आया है। इसने 1.31 करोड़ की चोरी की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो from Dai

पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम टाकली में चरित्र शंका में एक युवक ने पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों के इसी बात को लेकर दो साल से विवाद चल रहा था। जिसके चलते पत्नी मायके में रुक गई थी। 15 दिन पहले ही वह अपने पति के साथ ससुराल पहुंची थी। बुधवार रात 10.30 बजे जमीला शाह (30) बेटी आयशा के साथ सो रही थी। आरोपी रियाज पिता हबीब शाह (36) आया और उसने चाकू को जमीला की गर्दन पर फेरकर मजाक किया। गहरी नींद में सो रही पत्नी ने भी मजाक समझा। आरोपी ने कमरे का लाइट बंद करते ही जमीला की आंख में चाकू घाेंप दिया। मां की आवाज सुनते ही बेटी जाग गई। आरोपी ने सिर, आंख, गला व चेहरे पर करीब सात-आठ वार किए। जिससे जमीला की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुन आरोपी का छोटा भाई, पिता व अन्य परिजन आ गए। बीचबचाव में परिजन को भी चोट लगी है। बेटी के हाथ में चाकू लगा है। घटना के करीब दो घंटे बाद पुलिस को सूचना दी गई। आरोपी की जुबानी... वह सभी लोगों से हंसकर बात करती थी, इसलिए खत्म कर दी कहानी जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती आरोपी रियाज का इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है। आरोपी ने कहा मेरे करीबी रिश्तेदारों व परिजन से वो (पत्नी जमीला) हंसकर बातें करती थी। मुझे यह सब पसंद नहीं था। लोग भी कहते थे कि तेरी पत्नी गलत है, लेकिन मैंने कभी उसे संदिग्ध अवस्था में किसी के साथ नहीं देखा और न ही पकड़ा। फिर भी मेरे मन में गलत विचार चल रहे थे। 2007 में शादी हुई जमीला से मैं बहुत मोहब्बत करता था। पत्नी की हत्या करने की तैयारी पहले ही कर ली थी। उसे आज नहीं तो कल जरूर मारता। शाम 4 बजे हुआ पोस्टमार्टम जमीला का शव पहले पंधाना ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने मना कर जिला अस्पताल भेजा। गुरुवार शाम 4 बजे पोस्टमार्टम किया। मृतका की आंख, सिर, गला व हाथ में चाकू के गहरे वार लगे हुए थे। आरोपी पुलिस हिरासत में घायल आरोपी रियाज को हिरासत में लेकर जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। आरोपी को पुलिस सुरक्षा में मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया है। सीन ऑफ क्राइम... पापा रोज झगड़ा करते थे, वे अचानक शैतान बन गए सीन ऑफ क्राइम पर मौजूद मृतका जमीला के पास सो रही बेटी आयशा घटना के बाद अपने नाना-नानी के साथ खंडवा आ गई। वह बार-बार बेहोश हो रही है। घटना वाली रात क्या हुआ था के सवाल पर आयशा बिलखकर रो पड़ी और बेहोश हो गई। फिर उसने कुछ देर बाद हिचकी लेते हुए कहा कि पापा रोज झगड़ा करते थे, लेकिन उस रात अचानक शैतान बन गए। उनके हाथ में जो चाकू था, वह पहले कभी देखा नहीं। मेरी मम्मी और मैं नौ बजे ही सो गए थे। रात में पापा आए तो पहले उन्होंने हमसे मजाक किया। फिर अचानक चाकुओं से वार किया। पापा ने लाइट बंद कर कमरे में अंधेरा कर दिया था। मैंने मम्मी का बचाव किया तो मुझे हाथ में चाकू लग गया। शैतान की तरह मम्मी पर एक के बाद एक वार किए। घटना बताते हुए आयशा चीखकर रोने लग गई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

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पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम टाकली में चरित्र शंका में एक युवक ने पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों के इसी बात को लेकर दो साल से विवाद चल रहा था। जिसके चलते पत्नी मायके में रुक गई थी। 15 दिन पहले ही वह अपने पति के साथ ससुराल पहुंची थी। बुधवार रात 10.30 बजे जमीला शाह (30) बेटी आयशा के साथ सो रही थी। आरोपी रियाज पिता हबीब शाह (36) आया और उसने चाकू को जमीला की गर्दन पर फेरकर मजाक किया। गहरी नींद में सो रही पत्नी ने भी मजाक समझा। आरोपी ने कमरे का लाइट बंद करते ही जमीला की आंख में चाकू घाेंप दिया। मां की आवाज सुनते ही बेटी जाग गई। आरोपी ने सिर, आंख, गला व चेहरे पर करीब सात-आठ वार किए। जिससे जमीला की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुन आरोपी का छोटा भाई, पिता व अन्य परिजन आ गए। बीचबचाव में परिजन को भी चोट लगी है। बेटी के हाथ में चाकू लगा है। घटना के करीब दो घंटे बाद पुलिस को सूचना दी गई। आरोपी की जुबानी... वह सभी लोगों से हंसकर बात करती थी, इसलिए खत्म कर दी कहानी जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती आरोपी रियाज का इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है। आरोपी ने कहा मेरे करीबी रिश्तेदारों व पर

दो साल पहले ब्याही एक नवविवाहिता गर्भवती महिला ने गुरुवार को फांसी लगा ली। परिजन का आऱोप है कि उसकी हत्या की गई है। शादी के कुछ समय बाद विवाद हुआ और फिर थाने पर राजीनामा भी हुआ था। उसके बाद भी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। मां बोली- ससुरालवालों ने बेटी को रुपयों के लिए बहुत सताया। एमआईजी थाना क्षेत्र के नादिया नगर में रहने वाली मेघा पति सूरज गौड़ ने फांसी लगा ली। उसकी मां किरण गौड़ ने बताया, 26 जनवरी 2018 को उसकी शादी सूरज से हुई थी। सूरज, उसका पिता गोपाल गौड़, माता लक्ष्मी, ननद कुसुम और मामा ससुर उसे लगातार परेशान करते थे। कहते थे कि शादी में 10 लाख रुपया खर्च किया है, उतना लाकर देना। उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजन का आरोप है कि सूरज का मामा आबकारी विभाग में पदस्थ हेडकांस्टेबल बालमुकुंद गौड़ वर्दी का रौब झाड़ता था। उसे धमकाता था कि पुलिस को शिकायत भी की, तो कुछ नहीं बिगड़ेगा। परिजनों का आरोप - अक्टूबर में उसे ससुरालवालों ने घर से भगा दिया गया था। परिजन ने बताया कि मेघा इंजीनियर थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने उसकी नौकरी छुड़वा दी। वह जब भी मायके में बात करती, तो उसे धमकाया जाता, ताने देते। उसे अक्टूबर में घर से भगा दिया गया था। फिर उसने आपबीती बताई थी। बाद में मेघा ने पुलिस को शिकायत की, तब पति व ससुराल वाले थाने पहुंचे। वहां राजीनामा किया। लिखकर दिया कि अब उसे नहीं सताएंगे और यही वादा करके उसे ले गए। परिजन का आरोप है कि ससुराल वाले बोल रहे हैं कि उसने फांसी लगाई, लेकिन उसके गले पर नाखून के निशान देखकर लग रहा है कि उसकी हत्या की गई है। घटना के बाद वे मेघा को अस्पताल लाए और उसके बाद से फरार हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही, शाॅर्ट पीएम रिपोर्ट का इंतजार है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मेघा की दो साल पहले सूरज से शादी हुई थी।

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दो साल पहले ब्याही एक नवविवाहिता गर्भवती महिला ने गुरुवार को फांसी लगा ली। परिजन का आऱोप है कि उसकी हत्या की गई है। शादी के कुछ समय बाद विवाद हुआ और फिर थाने पर राजीनामा भी हुआ था। उसके बाद भी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। मां बोली- ससुरालवालों ने बेटी को रुपयों के लिए बहुत सताया। एमआईजी थाना क्षेत्र के नादिया नगर में रहने वाली मेघा पति सूरज गौड़ ने फांसी लगा ली। उसकी मां किरण गौड़ ने बताया, 26 जनवरी 2018 को उसकी शादी सूरज से हुई थी। सूरज, उसका पिता गोपाल गौड़, माता लक्ष्मी, ननद कुसुम और मामा ससुर उसे लगातार परेशान करते थे। कहते थे कि शादी में 10 लाख रुपया खर्च किया है, उतना लाकर देना। उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजन का आरोप है कि सूरज का मामा आबकारी विभाग में पदस्थ हेडकांस्टेबल बालमुकुंद गौड़ वर्दी का रौब झाड़ता था। उसे धमकाता था कि पुलिस को शिकायत भी की, तो कुछ नहीं बिगड़ेगा। परिजनों का आरोप - अक्टूबर में उसे ससुरालवालों ने घर से भगा दिया गया था। परिजन ने बताया कि मेघा इंजीनियर थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने उसकी नौकरी छुड़वा दी। वह जब भी म

कोरोना के कारण लॉकडाउन के बाद से बंद हुई कई ट्रेनों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। रेलवे जरूरत के हिसाब से ट्रेनों को संचालित कर रही है। इसी कड़ी में अब रेल मंत्रालय की ओर से महू से प्रयाग राज के लिए सप्ताह में तीन दिन स्पेशल ट्रेन को चलाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। ट्रेन 27 नवंबर को प्रयागराज से शुरू होगी जबकि महू से ट्रेन 28 नवंबर से चलेगी। रेलवे वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी जितेंद्र कुमार जयंत ने बताया कि रतलाम रेल मंडल द्वारा अंबेडकर नगर महू से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की यात्रियों की मांग काे रेल मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है। इंदौर के अंबेडकर नगर से यह स्पेशल ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार को स्पेशल ट्रेन के रूप में चलेगी। इस स्पेशल ट्रेन की खासियत यह रहेगी कि इसमें सभी क्लास रहेंगे। वहीं, इस ट्रेन में यात्रियों काे सीट के हिसाब से ही टिकट दिए जाएंगे। ट्रेन के संचालन के दाैरान काेराेना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करवाया जाएगा। ऐसा रहेगा शेड्यूल महू से ट्रेन सुबह 11.15 बजे रवाना होगी। यह दोपहर 11.50 बजे इंदौर आएगी और यहां से रवाना होकर अगले दिन ट्रेन सुबह 6 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। प्रयागराज से ट्रेन दोपहर 3.20 बजे रवाना होगी। यह सुबह 8.50 बजे इंदौर आकर सुबह 9.45 बजे महू पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, सांची, विदिशा, बीना, ललितपुर, टीकमगढ़, खड़गपुर, एमसीएस छतरपुर, खजुराहो, महोबा, बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर, शंकरगढ़ में रुकेगी। रेलवे जनसंपर्क विभाग के अनुसार महू-इंदौर-प्रयागराज की बुकिंग 27 नवंबर से शुरू होगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Coronavirus Lockdown; Indian Railway Start Now Run Special Train From Mhow To Prayagraj Trains

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कोरोना के कारण लॉकडाउन के बाद से बंद हुई कई ट्रेनों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। रेलवे जरूरत के हिसाब से ट्रेनों को संचालित कर रही है। इसी कड़ी में अब रेल मंत्रालय की ओर से महू से प्रयाग राज के लिए सप्ताह में तीन दिन स्पेशल ट्रेन को चलाने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। ट्रेन 27 नवंबर को प्रयागराज से शुरू होगी जबकि महू से ट्रेन 28 नवंबर से चलेगी। रेलवे वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी जितेंद्र कुमार जयंत ने बताया कि रतलाम रेल मंडल द्वारा अंबेडकर नगर महू से प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की यात्रियों की मांग काे रेल मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है। इंदौर के अंबेडकर नगर से यह स्पेशल ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार को स्पेशल ट्रेन के रूप में चलेगी। इस स्पेशल ट्रेन की खासियत यह रहेगी कि इसमें सभी क्लास रहेंगे। वहीं, इस ट्रेन में यात्रियों काे सीट के हिसाब से ही टिकट दिए जाएंगे। ट्रेन के संचालन के दाैरान काेराेना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करवाया जाएगा। ऐसा रहेगा शेड्यूल महू से ट्रेन सुबह 11.15 बजे रवाना होगी। यह दोपहर 11.50 बजे इंदौर आएगी और यहां से रवाना होकर

नाॅवेल्ट चाैराहे के पास गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में रिक्शा चालक की मौत हो गई। चालक सड़क किनारे रिक्शे को खड़ाकर उसे साफ कर रहा था। इसी दौरान एक तेजगति कार पीछे से आई और रिक्शे को जोरदार टक्कर मार दी। रिक्शे को टक्कर मारने के बाद कार वहीं लगे खंभे से टकरा गई, जिससे खंभा रिक्शा चालक पर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कार को जब्त कर शव को पीएम के लिए अस्पताल पहुंचवाया। कार ने पहले रिक्शे को पीछे से टक्कर मारी थी, जिससे चालक जमीन पर गिर गया था। मिली जानकारी अनुसार हादसा गुरुवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे एमजी रोड थाने के जेल रोड चौराहे के पास हुआ। सवारी के इंतजार में खड़ा 40 वर्षीय राकेश पिता राजकुमार चितले सड़क किनारे रिक्शा लगाकर उसे साफ कर रहा था। इसी दौरान तेजगति से एक कार एमपी 09 सीजे 5270 आई और रिक्शा को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही राकेश जमीन मे गिर गया। टक्कर के बाद कार चालक ने घबराहट में कार की गति और तेज कर दी, जिससे वह वहीं माैजूद खंभे में जा घुसी। खंभा सीधे राकेश के सिर पर जाकर गिरा, जिससे उसका सिर फट गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस के डाॅक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी। जानकारी अनुसार हादसे के बाद मौका पाकर कार चालक फरार हो गया। आरटीओ में दर्ज रिकार्ड के अनुसार कार खजराना निवासी आनंद के नाम से रजिस्टर्ड है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पीएम के लिए अस्पताल पहुंचाया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सवारी के इंतजार में खड़ा ऑटो चालक रिक्शे को साफ कर रहा था, तभी हादसा हुआ।

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नाॅवेल्ट चाैराहे के पास गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में रिक्शा चालक की मौत हो गई। चालक सड़क किनारे रिक्शे को खड़ाकर उसे साफ कर रहा था। इसी दौरान एक तेजगति कार पीछे से आई और रिक्शे को जोरदार टक्कर मार दी। रिक्शे को टक्कर मारने के बाद कार वहीं लगे खंभे से टकरा गई, जिससे खंभा रिक्शा चालक पर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कार को जब्त कर शव को पीएम के लिए अस्पताल पहुंचवाया। कार ने पहले रिक्शे को पीछे से टक्कर मारी थी, जिससे चालक जमीन पर गिर गया था। मिली जानकारी अनुसार हादसा गुरुवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे एमजी रोड थाने के जेल रोड चौराहे के पास हुआ। सवारी के इंतजार में खड़ा 40 वर्षीय राकेश पिता राजकुमार चितले सड़क किनारे रिक्शा लगाकर उसे साफ कर रहा था। इसी दौरान तेजगति से एक कार एमपी 09 सीजे 5270 आई और रिक्शा को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही राकेश जमीन मे गिर गया। टक्कर के बाद कार चालक ने घबराहट में कार की गति और तेज कर दी, जिससे वह वहीं माैजूद खंभे में जा घुसी। खंभा सीधे राकेश के सिर पर जाकर गिरा, जिससे उसका सिर फट गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना के ब

कोरोना के चलते शादियों पर सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। मेहमानों की संख्या ढाई सौ से कम हो गई है, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का शादियों पर पॉजिटिव इफेक्ट भी सामने आ रहा है। इसमें कुछ ऐसे परिवार भी हैं, जिन्होंने शादी का बड़ा समारोह प्लान किया था, लेकिन कोरोना के कारण बाद में छोटे स्तर पर किया। छोटे समारोह के कारण जो बचत हुई उस राशि से किसी ने दूल्हा-दुल्हन की एफडी करा दी तो किसी ने लाइफ इंश्योरेंस और टर्म प्लान का गिफ्ट दे दिया। छोटा समारोह किया और जो पैसा बचा उसे बच्चों के नाम कर दिया जेल रोड कारोबारी अशोक ठाकुर के बेटे की इंदौर के एक बड़े होटल में 500 मेहमानोें की मौजूदगी में शादी होना तय थी, लेकिन बाद में कोविड प्रोटोकॉल के चलते मेहमानों की संख्या 75 कर दी। जो खर्च बचा उससे उन्होंने दूल्हा-दुल्हन के नाम पर एफडी कर दी। ठाकुर ने बताया सांसद शंकर लालवानी को न्योता दिया तो उन्होंने सलाह दी कि कम लोग बुलाओ और राशि बचे तो बच्चों को दे दो। बारातियों की करा दी कोरोना कवच पॉलिसी, दूल्हे का लाइफ इंश्योरेंस शहर के एक व्यक्ति ने राजस्थान में बेटे की डेस्टिनेशन वेडिंग प्लानिंग की। वहां वह 50 बाराती साथ ले जा रहे हैं, उन्होंने अपने खर्च पर सभी बारातियों की कोरोना कवच पॉलिसी करा दी है। यदि शादी के दौरान कोई बीमार हो जाए, तो उनका इलाज नि:शुल्क हो सकेगा। वहीं सुदामा नगर निवासी राजेश सिंह ने भी 400 की जगह सिर्फ 150 मेहमान बुलाए। जो खर्च बचा उससे बेटी के नाम 5 लाख की एफडी करवा दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today सांकेतिक फोटो

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कोरोना के चलते शादियों पर सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। मेहमानों की संख्या ढाई सौ से कम हो गई है, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का शादियों पर पॉजिटिव इफेक्ट भी सामने आ रहा है। इसमें कुछ ऐसे परिवार भी हैं, जिन्होंने शादी का बड़ा समारोह प्लान किया था, लेकिन कोरोना के कारण बाद में छोटे स्तर पर किया। छोटे समारोह के कारण जो बचत हुई उस राशि से किसी ने दूल्हा-दुल्हन की एफडी करा दी तो किसी ने लाइफ इंश्योरेंस और टर्म प्लान का गिफ्ट दे दिया। छोटा समारोह किया और जो पैसा बचा उसे बच्चों के नाम कर दिया जेल रोड कारोबारी अशोक ठाकुर के बेटे की इंदौर के एक बड़े होटल में 500 मेहमानोें की मौजूदगी में शादी होना तय थी, लेकिन बाद में कोविड प्रोटोकॉल के चलते मेहमानों की संख्या 75 कर दी। जो खर्च बचा उससे उन्होंने दूल्हा-दुल्हन के नाम पर एफडी कर दी। ठाकुर ने बताया सांसद शंकर लालवानी को न्योता दिया तो उन्होंने सलाह दी कि कम लोग बुलाओ और राशि बचे तो बच्चों को दे दो। बारातियों की करा दी कोरोना कवच पॉलिसी, दूल्हे का लाइफ इंश्योरेंस शहर के एक व्यक्ति ने राजस्थान में बेटे की डेस्टिनेशन वेडिंग प्लानिंग की। वहां वह 50 बाराती

रेलकर्मी अब प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा पाएँगे। इस संबंध में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव पेश किया था, जिसे रेलवे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है। संघ के अनुसार केन्द्र सरकार ने 23 नवम्बर को तुगलकी आदेश जारी कर रिफरल निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत रेलवे अस्पताल से केवल सरकारी चिकित्सालयों या आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले अस्पताल में ही रेलकर्मी व उनके परिजनों को रिफर करने का प्रावधान था। इसका विरोध करने पर रेलवे बोर्ड ने पुराने आदेश को वापस लेते हुए निजी अस्पतालों में इलाज के लिए रिफर करने के आदेश जारी कर दिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

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रेलकर्मी अब प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा पाएँगे। इस संबंध में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव पेश किया था, जिसे रेलवे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है। संघ के अनुसार केन्द्र सरकार ने 23 नवम्बर को तुगलकी आदेश जारी कर रिफरल निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत रेलवे अस्पताल से केवल सरकारी चिकित्सालयों या आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले अस्पताल में ही रेलकर्मी व उनके परिजनों को रिफर करने का प्रावधान था। इसका विरोध करने पर रेलवे बोर्ड ने पुराने आदेश को वापस लेते हुए निजी अस्पतालों में इलाज के लिए रिफर करने के आदेश जारी कर दिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today from Dainik Bhaskar https://ift.tt/379sakI via IFTTT