कारोना संक्रमण के दौरान जारी लॉकडाउन से लोगों की रोजी रोटी छिन गई है। ऐसे जरूरमंदों की सेवा में नगर के समाजसेवी जुटे हुए हैं। लॉक डाउन के पहले दिन से सेवा का सिलसिला जारी है। मोहतरा टोल नाका, घाट सिमरिया में भी प्रवासी मजदूरों को भोजन व सामग्री दी जा रही है।
जगदंबा रसोई- झंडा बाजार में 54 दिन पहले वेदांती महाराज के सानिध्य में शुरू की गई जगदंबा रसोई अब भी लोगों को भोजन वितरित करने में लगी हुई है। पहले नगर के जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित किया गया। अब रसोई के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को भोजन, पानी दिया जा रहा है।
ब्राह्मण रसोई- पूर्व विधायक दिलीप दुबे के नेतृत्व में परशुराम जयंती से ब्राह्मण रसोई प्रारंभ की गइ थी। अभी तक नगर के कई वार्डों में खाने के पैकेट बांटे जा रहे थे। अब हाईवे से गुजर रहे श्रमिकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
मां नर्मदा रसोई- भारतीय किसान यूनियन के सुनील जैन सहित सहयोगियों द्वारा संचालित मां नर्मदा रसोई से खेतिहर मजदूरों की सेवा शुरू की गई है। अब राहगीरों को भी भोजन दिया जा रहा है।
नन्हे बच्चों को दे रहे दूध- अनुविभागीय अधिकारी सीपी गोहल एवं तहसीलदार नीता कोरी नेसफर कर रहे श्रमिकों के छोटे बच्चों के लिए नाके पर दूध की व्यवस्था की है।
प्रवासी श्रमिकों का कर रहे सत्कार- पिछले 12 दिनों से अमृत बेला सेवा ट्रस्ट गुरुद्वारा समिति सिहोरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिहोरा, और केशव पुण्य स्मृति सेवा न्यास सिहोरा के संयुक्त तत्वावधान में हाईवे टोल नाका पर प्रवासी श्रमिकों को भेाजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सेवादारों और स्वयंसेवकों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों के छोटे बच्चों को दूध और बिस्कुट पैकिट, पोहा, पुलाव की व्यवस्था की गई है। वहीं राष्ट्र सेविका समिति सिहोरा ने वार्ड नंबर 7 से महिलाओं द्वारा रोटी सब्जी के पैकेट संग्रहित किए, जिनका वितरण हाईवे टोल नाके परकिया गया।
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