तीन दिन पहले जन्में बेटे को गोद में लेकर बिलख रही मां उसके जीने की आस छोड़ चुकी थी। माता-पिता बेटे को गोद में लेकर सिवनी मालवा जाने के लिए हमीदिया अस्पताल से पैदल ही रवाना हुए थे। पीरगेट चौकी के पास उन्हें बिलखते देख समाजसेवियों ने बच्चे के कफन-दफन की व्यवस्था शुरू की। उसे दफनाने के लिए ले ही जाने वाले थे, तभी बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मां की उम्मीद फिर जाग उठी। ये कहानी है होशंगाबाद जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र में रहने वाली निशा कोशाम की। पेशे से मजदूर निशा ने तीन दिन पहले सिवनी मालवा में बेटे को जन्म दिया। पसलियों में परेशानी के कारण वह मां का दूध नहीं पी पा रहा था।
सोमवार को 108 एंबुलेंस से निशा पति दिनेश और मासूम को लेकर हमीदिया पहुंची। डॉक्टरों ने कहा- अब बच्चा नहीं बच पाएगा। निराश दिनेश और निशा नवजात को लेकर निकल पड़े। पीरगेट पुलिस चौकी पर आराम के लिए रुके। यहां पुलिस ने सवाल किया तो दोनों ने बिलखते हुए पूरा वाकया बयां किया। समाजसेवी प्रमोद नेमा और सोनू साहू ने बच्चे के कफन-दफन की व्यवस्था करवाई। निगम का शव वाहन भी बुलवा लिया। उसे लेकर छोला विश्रामघाट रवाना होते, इससे पहले ही मासूम ने रोना शुरू कर दिया। एएसपी मनु व्यास ने तहसीलदार सिटी एसडीएम दफ्तर से मेडिकल इमरजेंसी पास बनवाया और तीनों को सिवनी मालवा रवाना करवाया।
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