समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी गुरुवार से शुरू हाे गई। लेकिन पहले ही दिन इसमें कई विसंगतियां सामने आई। जिन किसानों ने पंजीयन अधिक का कराया था पर पटवारी वैरिफिकेशन में हुई गलती से उनका रकबा कम दिखाई दे रहा है। इस गलती की वजह से पहले ही दिन खरीदी केन्द्र पर गेहूं बेचने आए किसान ट्रॉली वापस ले गए। खरीदी के लिए पहले किसान साफ्टवेयर में पंजीयन कराता है। गिरदावरी एप में पटवारी उसका वैरिफिकेशन करते हैं। इस दौरान मौके पर न पहुंचकर वैरिफिकेशन गांव के दो चार लोगों को बुलाकर कर दिया जाता है। इस वजह से कई किसान अब परेशानी में आ गए हैं। यहां तक किजिन लोगों ने रकबा के अनुसार जमीन का रजिस्ट्रेशन कराया था उनका वैरिफिकेशन के समय गेहूं का रकबा निल कर दिया गया। इस गड़बड़ी के बाद कई किसान यहां-वहां साफ्टवेयर में रकबा बढ़ाने के लिए घूम रहे हैं लेकिन फिलहाल उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
दो दिन में 70 केन्द्रों पर पहुंचे 75 किसान
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी बुधवार से शुरू हुई। पहले दिन 882 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई। गुरुवार को 681 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। दाे दिन में 75 किसान ही गेहूं बेचने खरीदी केन्द्रों पर पहुंचे। जहां उनसे अब तक 1550 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
70 बीघा का रजिस्ट्रेशन, मैसेज पहुंचा मात्र 8 क्विंटल का
गुरुवार को पीपल खेड़ा के राजवीर सिंह अशोकनगर के स्टेडियम में बने केन्द्र पर मैसेज आने के बाद दो ट्रॉली गेहूं लेकर पहुंचे। लेकिन किसान के पास 8 क्विंटल फसल बेचने का ही मैसेज आया था। राजवीर ने बताया कि उन्होंने 70 बीघा का पंजीयन कराया था लेकिन मौके पर समिति प्रबंधक का कहना था कि जितना साफ्टवेयर में दिखाई दे रहा है उतना की खरीदेंगे। इससे किसान ने गेहूं तुलवाने से मना कर दिया और दोनो ट्रॉली वापस लेकर लौट आया।
35 बीघा का था रजिस्ट्रेशन, अब फसल दिख रही निल
शाढ़ौरा क्षेत्र के विकास रघुवंशी गुरुवार को फूड ऑफिस पहुंचे जहां रजिस्ट्रेशन में हुई त्रुटि में सुधार करवाने के लिए मांग की। विकास ने बताया कि उन्होंने 35 बीघा में गेहूं की बोवनी की थी लेकिन जब साफ्टवेयर पर उन्होंने ऑनलाइन रकबा देखा तो पंजीयन निल बता रहा है। वैरिफिकेशन में हुई इस गड़बड़ी की वजह से अगर सुधार नहीं होता है तो वे समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच ही नहीं सकेंगे। जबकि सीधे तौर पर यह गलती गिरदावरी एप में वैरिफिकेशन के समय दिखाई दे रही है।
पहले मौका मिला था लेकिन किसानों ने नहीं किए आवेदन
कुछ समय पहले इस तरह की त्रुटियां आने पर किसानों को मौका दिया था कि वे आवेदन देकर अपने हल्के के पटवारी से रकबा बढ़वा लें। कुछ जागरूक किसानों ने रकबा बढ़वा लिया लेकिन उन किसानों को अब दिक्कत आ रही है जो समय पर सचेत नहीं हुए।
खरीदी केन्द्र बदलने पर किसानों ने दिया आवेदन
पिपरई में खरीदी केन्द्र बदलने पर किसान तहसीलदार इकबाल खान के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि सहकारी संस्था खोरीबरी की खरीदी के लिए दो स्थान चिन्हित हैं। इनमें पहला शुक्लापुरी तो दूसरा केन्द्र जमाखेड़ी में है, जो इस संस्था के गांव ही नहीं हैं। किसानों ने बताया कि जमाखेड़ी गांव खोरीबरी संस्था से बहुत दूर है। इसलिए खोरीबरी संस्था का खरीदी केन्द्र उसी गांव में बनाया जाए जिससे किसानों को परेशानी न हो।
कियावत करेंगे जिले की महामारी की समीक्षा
राज्य शासन ने कोरोना महामारी की स्थिति व रोकथाम के लिए प्रतिदिन समीक्षा के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों को जिले आवंटित किए हैं। शोकनगर, गुना, उमरिया, शहड़ोल, अनूपपुर जिले की समीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कवीन्द्र कियावत करेंगे।
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