मानसून शहर में इस बार शुरुआती दिनाें में ज्यादा मेहरबान रहा, लेकिन जुलाई- अगस्त में इसका रुख ही बदल गया। इसका असर बारिश के आंकड़ाें पर भी पड़ा। वजह यह है कि 1 जुलाई से 14 अगस्त तक 45 दिनाें में जितनी बारिश नहीं हुई, उससे ज्यादा ताे जून के सिर्फ तीन दिनाें 18, 19 ओर 20 जून काे ही हाे गई थी।
इस बार मानसून ने 16 जून काे दस्तक दी थी, लेकिन अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान निसर्ग ने माैसम ही बदलकर रख डाला। इस कारण शहर में 3 जून से ही बारिश का सिलसिला शुरू हाे गया था। बाकी कसर जून के दूसरे पखवाड़े में बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने निकाल दी।
पिछले डेढ़ महीने में कम बारिश की यह हैं दाे खास वजह
- माैसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक हमारे यहां बारिश के लिए जरुरी मानसूनी सिस्टम- बंगाल की खाड़ी में लाे प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र जुलाई में नहीं बना।
- अगस्त में ऐसे सिस्टम अब तक तीन बन चुके, इनमें से दाे दूर से गुजर गए। बाकी सिस्टम भाेपाल में ज्यादा असर नहीं डाल पाए।
- इस बार जुलाई- अगस्त में सिर्फ 9.68 इंच हुई बारिश। जून के तीन दिन(18-19-20)में 10.02 इंच बारिश।
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