लाॅकडाउन के कारण फूल व सब्जियाें की फसल लगाने वाले किसानाें का भारी नुकसान हुअा है। राम नवमी, हनुमान जयंती, नवरात्रि, अक्षय तृतीया के लिए बड़ी मात्रा में फूलाें की डिमांड रहती है। लाॅकडाउन के कारण सब कुछ निरस्त हाे गया, जिससे किसानाें के फूल खेताें में ही सड़ गए। लाॅकडाउन में कुछ दिन थाेक सब्जी मंडी चालू रही, जिसमें सब्जी बिकी लेकिन अब सब्जियां भी नहीं बिक रही हैं। कीटनाशक नहीं मिलने से सब्जी खेताें में सड़ गई। इन्हें जानवर भी नहीं खा रहे हैं। राेटावेटर चला कर खेत बखरने की नाैबत आगई है।
फूल लगाए थे, ताेड़ कर फेंकना पड़ रहे : किसान
मुक्ति मार्ग पर ललित पटेल अपने खेत में मुरझाते हुए नवरंगा फूल देख रहे थे। वे बोले- अप्रैल के महीने में सब फूल बिक जाने की उम्मीद थी लेकिन खेताें में ही फूल सड़ गए हैं। सड़े हुए फूल राेजाना ताेड़ कर फेंक रहे हैं। पूरे खेत ही बखरना पड़ेगा।
खेताें में ही कीड़े लग गए, जानवर भी नहीं खा रहे
किसान सुबाेध चावड़ा अाैर संदीप चावड़ा ने दाे बीघा में फूलगाेभी, एक बीघा में पत्तागाेभी अाैर एक बीघा में प्याज लगाया था। वे बताते हैं गाेभी शादी के सीजन में खूब बिकता है लेकिन मांग नहीं है। खेताें में ही खराब हाे गया। कीटनाशक नहीं मिली, कीड़े लग गए। अब जानवर भी नहीं खा रहे हैं। प्याज भी मावठा गिरने के बाद छाेटे रह गए। अब राेटावेटर चला कर फसल नष्ट करेंगे।
रखी रह गई गाेभी, नहीं मिला खरीददार
भाैंरासा के देवेंद्र पटेल फूल गाेभी की 12 थैलियां लेकर देवास बेचने अाए लेकिन गाेभी नहीं बिक पाई क्याेंकि लाेग फिलहाल यह सब्जी खाने से परहेज कर रहे हैं। पटेल ने बताया इस बार बहुत ज्यादा नुकसान हाे गया है।
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