सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में भर्ती काेराेना वायरस से संक्रमित मरीजों की सुरक्षा में तैनात ज्यादातर पुलिसकर्मियों के पास एन-95 मास्क तो दूर साधारण मास्क और दस्ताने तक नहीं हैं। कुछ पुलिसकर्मी साफी बांधकर ड्यूटी कर रहे हैं। यहां तीन संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इसी तरह पत्थर वाली बिल्डिंग में बने आइसोलेशन वार्ड में कोरोना संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। यहां भी पुलिसकर्मी साधारण मास्क लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं। यह हाल तब है, जब इंदौर और उज्जैन में पुलिस अधिकारियों की माैत काेराेना के कारण हो चुकी और प्रदेश में 50 से अधिक पुलिसकर्मी संक्रमित हैं। आइसोलेशन वार्ड में ताे मरीज मच्छराें से परेशान हैं। परिजन के मुताबिक मच्छरों से निपटने के लिए प्रबंधन ने इंतजाम नहीं किए हैं।
350 किट मिलीं: स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने पुलिस विभाग को करीब साढ़े तीन सौ पीपीटी किट दी थीं। इन्हें चेकिंग नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों को देने की बात पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। जबकि इनकी जरूरत सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बाहर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ चौराहों पर वाहन चेकिंग में लगे पुलिसकर्मियाें काे भी है।
जेएएच की पत्थर वाली बिल्डिंग में भर्ती रहने के दाैरान मुरार निवासी काेराेना संदिग्ध अंकिता कटारे ने वार्ड में अव्यवस्थाओं की शिकायत जेएएच के अधिकारियों के साथ एडीएम और संभागायुक्त से की थी। जब कार्रवाई नहीं की गई तो प्रधानमंत्री को ट्वीट कर शिकायत की थी। बीएसएफ अधिकारी अशोक कुमार के बेटे ने भी कहा था कि पत्थर वाली बिल्डिंग की व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं।
संभागायुक्त और एसपी से बात करूंगा
-डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, ग्वालियर में पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में हैं। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर ड्यूटी दे रहे पुलिस के जवानों को पीपीई किट दिए जाने चाहिए। इस मुद्दे और आइसोलेशन वार्ड की अव्यवस्थाओं के संबंध में संभागायुक्त और एसपी से बात करूंगा।
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