कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच लाॅकडाउन को डेढ़ महीना होने को है। संक्रमण के खतरे के बीच के कंटेनमेंट जोन में सख्ती से नियमों का पालन करवाना, क्वाराइंटन सेंटरों पर व्यवस्थाओं की देख-रेख, संक्रमितों की जानकारी एकत्र कर उच्च अधिकारियों को अवगत कराना, लॉकडाउन की स्थिति में जनसमस्याओं का निराकरण करने के साथ उनकी मदद करना, हर परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारियाें की दिनचर्या में बदलाव आ गया है। जो कि कोरोना वाॅरियर्स के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। जिम्मेदारियां इतनी बढ़ गई है कि इन अधिकारियों का सामान्य दिनों की अपेक्षा ड्यूटी टाइम ही बदल गया है। सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे तक अपनी सेवा देने वाले यह अधिकारी अब रात के 2 से 3 बजे तक लगे हुए हैं। इस बीच परिवार से दूरी और अपनों से भी दूर होना किसी संकट से कम नहीं है।
देर रात तक आती है रिपोर्ट, घर आनेतक सो जाता है 4 साल का बेटा
लोक सेवा केंद्र के प्रबंधक वैभवकुमार बैरागी कोरोना संक्रमण के बीच कोरोना कंट्रोल रूम के प्रभारी है। कंट्रोल रूम पर हर दिन 100 से 150 शिकायतें गैस रिफिलिंग, राशन, ई-पास आदि की शिकायतें आती हैं। इनका समय पर निराकरण करना प्रमुख जिम्मेदारी होती है। पॉजिटिव लोगाें की रिपोर्ट आने पर कंटेनमेंट जोन के साथ आइसोलेशन और क्वारंटाइन अस्पतालों की की स्थिति से कलेक्टर, सीईओ को अवगत कराना। गूगल शीट में सारी जानकारी समय पर भोपाल भेजनी होती है। पहले कलेक्टोरेट से शाम के 5 बजे घर आ जाते थे। अब देर रात तक रिपोर्ट आने से रात के 2 बजे तक घर पहुंचना होता है, तब तक बेटा सो जाता है। सुबह के समय भी बेटे से मिल पाना मुश्किल होता है।
वैभवकुमार बैरागी, प्रबंधक, जिला लोकसेवा केंद्र
कंटेनमेंट जोन में जाकर मौके से सीनियर्स को देते हैं जानकारी, रात 2 बजे तक ड्यूटी
नायब तहसीलदार वैभवकुमार जैन के पास तहसील कार्यालय के अलावा क्वारंटाइन सेंटरों की देखरेख, आवश्यक होने पर होटल, धर्मशाला आदि का अधिग्रहण, कंटेनमेंट जोन में सख्ती से नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है। शहर में हर दिन होने वाली मौतों की जानकारी भी सीनियर्स को देनी होती है। इमरजेंसी होने पर रात 2 बजे भी नए कंटेनमेंट जोन बनाना, स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर लोगों को स्क्रीनिंग करवाना। जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इन्होंने बताया कि ऐसी परिस्थिति में परिवार से दूरी बन गई है। छोटा भाई डॉ. दीपक जैन साथ में रहता है। जो कि सिद्धि विनायक हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित लोगों की देख-रेख कर रहा है।
वैभवकुमार जैन, नायब तहसीलदार
रात तक तैयार होता है गेहूं उपार्जन का डाटा, दो जिलों की जिम्मेदारी
जिला विपणन अधिकारी रोहितकुमार श्रीवास्तव के पास मंदसौर के साथ नीमच जिले की जिम्मेदारी भी है। वलॉकडाउन के बीच हर उपार्जन केंद्र पर जाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना, गेहूं की सैंपलिंग, समय रहते बारदान की सप्लाई, रोज गेहूं का परिवहन और भंडारण करवाना होता है। प्रतिदिन की जानकारी एकत्र करने में रात के 1 बजे तक का समय लग जाता है। नतीजा मंदसौर जिला प्रदेश में अव्वल है।
रोहितकुमार श्रीवास्तव, जिला विपणन अधिकारी
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