बाजार में साेशल डिस्टेंस का पालन हाे, जनता भी परेशान न हाे और पुलिस प्रशासन काे व्यवस्था बनाने के लिए सख्ती न करना पड़े, इस साेच के साथ व्यापारियों ने बुधवार से घंटाघर मेन मार्केट में सभी दुकानों काे दाे शिफ्टों में खाेलने के प्रयोग का मिला जुला असर रहा। हालांकि 11.30 बजे तहसीलदार ने परमिशन न हाेने के कारण बर्तन सराफा दुकानें बंद करा दीं। बाद में व्यापारियों ने कलेक्टर, एसपी से हुई बातचीत का हवाला दिया। साथ ही हर नियम का सख्ती से पालन करने का विश्वास दिलाया। इसके बाद दोपहर में वे दुकानें नहीं खुलीं जाे सुबह खुलीं थीं, इस कारण बाजार में ज्यादा भीड़ नहीं दिखी। वहीं ज्यादातर कांप्लेक्स बंद रहे।
व्यापारी संघ द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार बुधवार काे सुबह दाे शिफ्टों में बाजार खुला। बर्तन व सराफा दुकानों पर काेई खास ग्राहकी नहीं रही। किराना, फल, सब्जी बाजार में दुकानों पर ही खरीददार नजर अाए। सुबह साढ़े 11 बजे तहसीलदार विंकी सिंहमारे बाजार पहुंचीं। उन्होंने सराफा, बर्तन दुकान वालाें से दुकान खाेलने की अनुमति पूछी। अनुमति नहीं दिखाने पर उन्होंने तुरंत दुकानें बंद करा दीं।
कलेक्टर, एसडीएम से तहसीलदार की कराई बात तब खुली दुकानें
बर्तन व सराफा व्यापारियों ने दुकानें बंद कराने की सूचना व्यापारी प्रतिनिधिमंडल काे दी। वे लाेग माैके पर आए। जिन्होंने तहसीलदार काे मंगलवार काे कलेक्टर, एसपी से हुई बातचीत के बारे में बताया। एसडीएम, कलेक्टर से बात कराई। अधिकारियों ने कहा कि भीड़ लगेगी या नियम टूटेगा ताे दुकानें बिल्कुल बंद कराई जाएंगी। दुकानदारों ने व्यवस्था बनाने व नियम पालन करने और कराने का विश्वास दिलाया। इसके बाद सराफा बर्तन की दुकानें दाेबारा खुलीं।
दुकानें खुली, धीरे- धीरे ग्राहक आते जाते रहे
सुबह खुली दुकानें 2.30 बजे बंद हाे गईं। 3 बजे कपड़ा बाजार की दुकानें खुलीं। लेकिन ग्राहक गायब थे। कहीं कहीं धीरे धीरे ग्राहक अाते जाते रहे। दुकानों पर भीड़ न लगे, इसलिए व्यापारी संघ के प्रतिनिधि व पुलिसकर्मी भी घूमते नजर आए। दोपहर बाद गर्मी ज्यादा हाेने से बाजार में कम लाेग दिखाई दिए।
हाथ जाेड़कर कहा, आपके कारण हमें मिला समय
घंटाघर नपा द्वारा घोषित मेन मार्केट है। नियमानुसार यहां गैर जरूरी दुकानों के अनुसार कपड़े की दुकानें नहीं खुल सकती थीं। लेकिन सुबह की शिफ्ट में खुली दुकानें दोपहर में बंद हाेने से दोपहर बाद कपड़े की दुकानें खुलीं। कपड़ा दुकानदार हाथ जाेड़कर सुबह की शिफ्ट वाले दुकानदारों काे धन्यवाद देने पहुंचे।
सुरेेंद्र जैन, नपाध्यक्ष, हरदा ने कहा-आपसी सहमति से व्यवस्था बनी, नियमों का पालन करेंगे
व्यापारियाें ने आपसी सहमति से लिए निर्णय पर पूरी तरह अमल किया, जिससे व्यवस्था बनी रही। नियमों भी न टूटें। इसकी निगरानी के लिए प्रतिनिधिमंडल भी बाजार में व्यापारियों के बीच रहा, जिससे वे व्यवस्था पर निगरानी रखकर अमल करा सकें। लाेगाें के सुझाव पर भी अमल करेंगे।
अनुराग वर्मा,कलेक्टर हरदाने कहा- कानून व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता है
नियम बिल्कुल स्पष्ट है। जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बराबर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन हाेने पर तुरंत कार्रवाई हाेगी।
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