बारिश में तवा बांध पर इस बार विशेष नजर रखी जाएगी। यह इसलिए क्योंकि पिछले साल की तुलना में इस बार तवा बांध में अभी 19 फीट पानी ज्यादा है। अभी का जलस्तर 1126 फीट है। जबकि पिछले साल इस समय 1107 फीट पानी था। यानी इस बार पिछले साल की तुलना में ठीक बारिश रही ताे जल्द तवा बांध भर जाएगा। इसलिए इस बार बांध के लेबल पर शुरू से ही नजर रखी जाएगी। तवा बांध में इस बार वैकवाटर भी बहुत है। इसलिए मूंग के लिए भी पानी दिया जा रहा है।
बारिश का सीजन अगले माह से शुरू हाे जाएगा। मानसून विभाग के अनुसार बारिश इस बार भी मानसून आने के साथ ही 25 जून से शुरू हाे जाएगी। मानसून विभाग के अनुसार इस बार सामान्य बारिश हाेना है। इस समय प्रशासन बाढ़ से अति बारिश से बचने के लिए प्लान तैयार कर रहा है। प्लान में तवा बांध काे भी विशेष रूप से फाेकस किया जा रहा है। तवा बांध में पिछले साल की तुलना में इस बार पानी ज्यादा है। तवा बांध में 19 फीट पानी ज्यादा है। कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि तीनाें जिले में बाढ़ काे लेकर प्लान बना है। इसमें हाेशंगाबाद में बने प्लान में बांध काे फाेकस किया जा रहा है। बेहतर बारिश की स्थिति में इस बार जल्द ही बांध भर जाएगा, इसलिए उसके लेवल काे कैसे मैनेज करें इस पर विशेष फाेकस रहेगा।
यह भी फायदा
- दाे साल बाद इस बार नहराें में पानी दिया गया है। 2 अप्रैल से पानी छाेड़ा गया था जाे अभी भी नहराें में चल रहा है। मूंग की फसल के लिए यह पानी दिया गया है।
- बांध में पानी ज्यादा हाेने से वैकवाटर ज्यादा है। इस कारण एसटीअार में वन्यप्राणियाें काे पानी की कमी नहीं हुई है। अभी भी वे वैकवाटर से ही प्यास बुझा रहे हैं।
- बांध में पानी हाेने से, नहराें में पानी चलने से, वैकवाटर फैला हाेने से इस बार गर्मी में भूजल स्तर ज्यादा नहीं गिरा है। करीब 3 फीट पानी ही कम हुआ है। इसलिए जलसंकट से अभी तक बचे हैं।
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