लॉकडाउन के दौरान देशभर में रियायत और एक-दूसरे को मदद देने की खबरों के बीच टोल कंपनी ने इससे बिलकुल उल्टा काम कर दिखाया। लॉकडाउन अवधि में ही कंपनी ने हाईवे से निकलने वाले वाहनों का टैक्स बढ़ा दिया। 20 किमी के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के मासिक पास पर 10 रुपए तो एक बार निकलकर 24 घंटे में वापस लौटने वालों से भी 5 रुपए ज्यादा वसूलना शुरू कर दिया।
खास बात यह है कि कंपनी ने लॉकडाउन लागू होते ही 1 अप्रैल से ही यह टैक्स बढ़ा दिया, लेकिन वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण इसे लागू नहीं कर सके। जैसे ही 20 अप्रैल से जरूरी सामान वाले वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। कंपनी वे बढ़ी हुई राशि वसूलना शुरू कर दी। इसके पीछे कंपनी अधिकारियों का तर्क है कि यह एक प्रक्रिया है, जो भारत सरकार द्वारा टोल टैक्स रिवाइज के तहत होता है। इसकेतहत टैक्स में 5 प्रतिशत राशि की वृद्धि की गई थी। टोल प्लाजा प्रभारी वीरेंद्रसिंह चौहान ने बताया कि बीते 16 दिनों के अंदर हाईवे पर 45 प्रतिशत वाहनों का निकलना शुरू हो गया। यानी लॉकडाउन के पहले रोजवास टोल प्लाजा से जहां 10 हजार से ज्यादा वाहन गुजर रहे थे, वहीं अब 4500 वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी ने भी एनएचएआई से मिले निर्देशों के अनुसार 20 अप्रैल से टोल वसूली शुरू कर दी।
265 रुपए का पास अब 275 रुपए में बनेगा
टोल से गुजरने वाले निजी वाहन यानी कार श्रेणी के मासिक पास पर 10 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। यानी जो पास पहले 265 का बनता था, उसके लिए अब 275 रुपए चुकाने होंगे। वहीं बिना पास वाले वाहन चालकों के रिटर्न टैक्स यानी एक चक्कर के बाद 24 घंटे के अंदर वापस आने पर 5 रुपए की बढ़ा दिए हैं। इससे 155 के स्थान पर अब 160 रुपए आने-जाने के लिए देने होंगे। वहीं स्थानीय वाहन चालकों को भी 50 रुपए की जगह अब 55 रुपए का टैक्स देना होगा।
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