देवास में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गर्व का क्षण है क्याेंकि हमेशा यही देखा गया है कि मरीज गंभीर हाेने पर संभाग मुख्यालय उज्जैन या इंदाैर रैफर कर दिया जाता है लेकिन यह पहला माैका है जब उज्जैन से मरीज देवास रैफर किए जा रहे हैं। साेमवार रात काे उज्जैन जिला प्रशासन ने काेराेना के 9 मरीजाें काे देवास के काेविड 19 सेंटर अमलतास हाॅस्पिटल भेजा। इनमें से 7 मरीजाें काे वार्ड में और 2 मरीजाें काे अाईसीयू में रखा गया है। 3 मरीज मंगलवार को
भेजे गए।
दरअसल उज्जैन के आरडी गार्डी हाॅस्पिटल में सबसे बड़ी चिंता आईसीयू का बेकार रिकवरी रेट है। वहां आईसीयू में जाने के बाद मरीज ठीक कम हाे रहा है और माैतें ज्यादा हाे रही हैं। वहीं, देवास के अमलतास हाॅस्पिटल में आईसीयू में जाने के बाद मरीजाें का रिकवरी रेट बहुत बेहतर है। यहां का कुल रिकवरी रेट 65 प्रतिशत है। अमलतास हाॅस्पिटल उज्जैन राेड पर ही है और दूरी भी लगभग 25 से 30 किमी के बीच है। इसके चलते उज्जैन जिला प्रशासन ने मरीजाें काे देवास के अमलतास हाॅस्पिटल रैफर करने का निर्णय लिया है। अमलतास में मेडिकल काॅलेज भी हाेने से 750 बैड की क्षमता है। स्थान और स्टाफ का भी काेई अभाव नहीं है, जिसके चलते प्रयाेग के रूप में उज्जैन प्रशासन ने यह शुरुअात की है। अच्छे रिजल्ट मिलने पर यह व्यवस्था अागे भी लागू रह सकती है।
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