भारत में पंचायतीराज और दूरसंचार क्रांति स्व. राजीव गांधी की देन है। आज के डिजिटल इंडिया की परिकल्पना राजीव गांधी ने अपने प्रधानमंत्री काल में ही की थी। उन्हें डिजिटल इंडिया का आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक यानी दूरसंचार क्रांति का जनक कहा जाता है। यह बात गुरुवार को संस्कृति गार्डन में आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर जिला कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. अनिल भारद्वाज ने मुख्यातिथि के रूप में कही।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायतीराज के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचने का काम किया। उनका मानना था कि विज्ञान व तकनीक की मदद के बिना उद्योगों का विकास नहीं हो सकता। सबल पंचायती राज व्यवस्था से ही लोकतंत्र निचले स्तर तक पहुंच सकता है। इसे लेकर देश में पंचायती राज व्यवस्था को लागू किया गया।
इसी क्रम नगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय भूता ने कहा कि राजीव गांधी सच्चे भारतीयों के दिलों में आज भी जिंदा हैं। 21वीं सदी के भारत का सपना देखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ही थे। जिन्होंने 18 वर्ष के युवाओंं को मत देने का अधिकार प्रदान किया। नगरीय निकाय कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनीत शर्मा उर्फ बंटी ने कहा कि राजीव गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब अलगाववादी ताकतों को भारत वर्ष से जड़ से समाप्त करेंगे। इस मौके पर अमित बौहरे,विपुल जैन, शिवम त्रिपाठी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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