कोराेना संक्रमण जितना भयावह नहीं है, उससे ज्यादा इससे संक्रमित होने के बाद अपनों के दूर होने का डर मरीजों को सता रहा है। कोरोना संक्रमण की शिकार नागदा की एक ऐसी ही विवाहिता बेटी की कहानी सामने आई है, जो संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी अपनों से दुत्कारी जा रही है। मामला पटेल गली निवासी विवाहिता का है, जो इंदौर के सराफा स्थित ससुराल से 21 अप्रैल को नागदा पहुंची थी। यहां मेडिकल जांच में 28 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे इलाज के लिए उज्जैन आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया था। यहां इलाज के बाद 7 मई को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। नागदा पहुंचने पर 8 से 17 मई तक कन्या छात्रावास में विवाहिता को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया। इस पर जब वह पति के साथ 18 मई को नागदा स्थित मायके पहुंची तो पिता ने मोहल्लेवासियों के विरोध के चलते दोनों को घर पर रखने से इनकार कर दिया। दंपती ने परेशान होकर 18 मई को भास्कर को फोन कर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद दोनों पति-पत्नी को शहर के एक निजी गार्डन में 19 मई को ठहराया गया। मगर यहां भी क्षेत्र के लोगों के विरोध चलते तीन दिन बाद 22 मई को दंपती फिर सड़क पर आ गए। पारिवारिक मामले के चलते दंपती इंदौर भी नहीं जा पा रहे हैं। बाद में एसडीएम आर.पी. वर्मा के निर्देश पर 23 मई को नगर पालिका ने इन्हें नए बस स्टैंड पर ठहराया। मंगलवार को मोबाइल पर चर्चा में विवाहिता ने बताया कि नपा की व्यवस्थाओं से असंतुष्ट होकर पैदल ही भोपाल जाने का निर्णय लिया है। भोपाल में दोनों कहां और किसके यहां जाएंगे, इस सवाल पर दोनों मौन हो गए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। इंदौर के युवक से किया था प्रेम विवाह बीएमओ डॉ. कमल सोलंकी के अनुसार 21 अप्रैल को पति के साथ नागदा पहुंची विवाहिता इंदौर के सराफा बाजार स्थित ससुराल से यहां पहुंची थी। विवाहिता की मां ने ही बेटी-दामाद के नागदा पहुंचने की सूचना दी थी। इस पर मेडिकल टीम जांच के लिए पहुंची थी। सैंपल रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद विवाहिता के साथ उसके परिजन को भी होम क्वारेंटाइन किया गया था। 7 मई को रिपोर्ट नेगेटिव आने पर 8 मई को विवाहिता को मेडिकल कॉलेज से छुट्‌टी दे दी गई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The daughter of the city got infected and recovered with the husband, the parents refused to keep it in the house


कोराेना संक्रमण जितना भयावह नहीं है, उससे ज्यादा इससे संक्रमित होने के बाद अपनों के दूर होने का डर मरीजों को सता रहा है। कोरोना संक्रमण की शिकार नागदा की एक ऐसी ही विवाहिता बेटी की कहानी सामने आई है, जो संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी अपनों से दुत्कारी जा रही है।

मामला पटेल गली निवासी विवाहिता का है, जो इंदौर के सराफा स्थित ससुराल से 21 अप्रैल को नागदा पहुंची थी। यहां मेडिकल जांच में 28 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे इलाज के लिए उज्जैन आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया था। यहां इलाज के बाद 7 मई को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। नागदा पहुंचने पर 8 से 17 मई तक कन्या छात्रावास में विवाहिता को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया। इस पर जब वह पति के साथ 18 मई को नागदा स्थित मायके पहुंची तो पिता ने मोहल्लेवासियों के विरोध के चलते दोनों को घर पर रखने से इनकार कर दिया। दंपती ने परेशान होकर 18 मई को भास्कर को फोन कर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद दोनों पति-पत्नी को शहर के एक निजी गार्डन में 19 मई को ठहराया गया। मगर यहां भी क्षेत्र के लोगों के विरोध चलते तीन दिन बाद 22 मई को दंपती फिर सड़क पर आ गए। पारिवारिक मामले के चलते दंपती इंदौर भी नहीं जा पा रहे हैं। बाद में एसडीएम आर.पी. वर्मा के निर्देश पर 23 मई को नगर पालिका ने इन्हें नए बस स्टैंड पर ठहराया। मंगलवार को मोबाइल पर चर्चा में विवाहिता ने बताया कि नपा की व्यवस्थाओं से असंतुष्ट होकर पैदल ही भोपाल जाने का निर्णय लिया है। भोपाल में दोनों कहां और किसके यहां जाएंगे, इस सवाल पर दोनों मौन हो गए और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।

इंदौर के युवक से किया था प्रेम विवाह
बीएमओ डॉ. कमल सोलंकी के अनुसार 21 अप्रैल को पति के साथ नागदा पहुंची विवाहिता इंदौर के सराफा बाजार स्थित ससुराल से यहां पहुंची थी। विवाहिता की मां ने ही बेटी-दामाद के नागदा पहुंचने की सूचना दी थी। इस पर मेडिकल टीम जांच के लिए पहुंची थी। सैंपल रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद विवाहिता के साथ उसके परिजन को भी होम क्वारेंटाइन किया गया था। 7 मई को रिपोर्ट नेगेटिव आने पर 8 मई को विवाहिता को मेडिकल कॉलेज से छुट्‌टी दे दी गई थी।



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The daughter of the city got infected and recovered with the husband, the parents refused to keep it in the house


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