उपार्जन केंद्राें पर बारदान और परिवहन की मुख्य समस्या बनी हुई है। इस वजह से किसानाें की लंबी कतार उपार्जन केंद्रों पर लगी हुई है। इसे लेकर अब शासन के आदेश पर किसानाें काे मैसेज जाना बंद कर दिया गया है।
आदेश के मुताबिक अब 24 तारीख तक के किसान, जिन्हें पहले ही मैसेज जा चुके हैं। उनकी उपज ताैलने के लिए टाेकन बांटे गए हैं, ताकि एक सप्ताह से उपार्जन केंद्राें पर उपज लेकर खड़े किसानाें की उपज का पहले ताैल हाे सके और उसके बाद अन्य किसानाें काे बुलाया जाए। वहीं परिवहन काे लेकर भी शासन ने कैब की शुरुआत कर दी है। मंगलवार काे इसे लेकर एसडीएम आर.पी. वर्मा, सीएसपी मनाेज रत्नाकर, तहसीलदार विनाेद शर्मा, नायब तहसीलदार अनु जैन ने पिपल्या माेलू स्थित कैब व रूपेटा उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया।
ठेकेदार से कहा- ज्यादा मजदूर लगते हैं ताे लगाए अाैर जल्द खाली करें ट्रक
नागदा-खाचराैद क्षेत्र के उपार्जन केंद्रों की स्थिति यह है कि परिवहन नहीं हाेने से उपज का ढेर लगा हुआ है और किसानाें से खरीदी करने की जगह नहीं है। इसे लेकर पिपल्या माेलू में कैब बनाया गया है, ताकि उपज काे यहां सुरक्षित किया जा सके। यहां लेटलतीफी की शिकायत पर एसडीएम वर्मा दल के साथ पहुंचे। कैब प्रभारी से चर्चा करने के बाद ठेकेदार इमरान से बात कही। एसडीएम ने आदेश दिया कि आपके पास जितने मजदूर हैं, उनके अलावा भी आप मजदूर लगाएं, क्याेंकि उपार्जन केंद्रों से जल्द परिवहन करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं। ताैल कांटा संचालक काे भी कहा गया कि नागदा से आने वाले ट्रकाें का जल्द ताैल कर उन्हें भेजा जाए, क्याेंकि जितनी जल्दी परिवहन हाेगा, उतनी जल्दी उपार्जन केंद्राें पर ताैल के लिए जगह मिलेगी।
रूपेटा में बांटे टाेकन, बारदान भी पहुंचे
रूपेटा उपार्जन केंद्र से किसान नेता भूपेंद्रसिंह राणावत द्वारा शिकायत की गई थी कि सप्ताहभर से किसान खड़े हैं और परेशान हाे रहे हैं। प्रशासनिक अमले ने यहां पहुंचकर 24 मई तक किसानाें काे टाेकन बांटने और उनकी उपज का ताैल करने काे कहा। प्रबंधक बबलू शर्मा ने बताया कि सभी किसानाें काे टाेकन बांट दिए गए हैं। शाम 4 बजे यहां बारदान भी पहुंच गए। इसके बाद खरीदी का कार्य शुरू हाे पाया।
पंजीकृत 1832 किसानाें काे जल्द मिलेगा मैसेज, भुगतान भी हाेगा
नागदा-खाचरोद विधानसभा क्षेत्र के 14 उपार्जन केंद्रों पर 12,521 किसानों का पंजीयन हुआ था। अब तक 10,689 किसानों को मैसेज पहुंचे हैं, 1832 किसान अभी शेष हैं। जिन्हें 3 से 4 दिन में मैसेज मिलेगा। यह बात पूर्व विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने बटलावदी व बंजारी में गेहूं उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण के दौरान कही। निरीक्षण के दाैरान किसान व केंद्र प्रभारियाें ने अपनी समस्या बताई। शेखावत ने बताया शासन ने मंडियां शुरू कर दी है। इससे किसान अपनी उपज मंडियों में भी बेच सकेंगे। बड़े किसान जाे एक बार गेहूं ताैल चुके हैं, अभी उनका पंजीयन पूरा नहीं हुआ है, उनके पास और गेहूं भी रखे हैं, उनका पंजीयन लाॅक हो गया है। जिले में ऐसे 4 हजार मामले हैं, जिनके लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है। उन्हाेंने कहा किसानों के खाते में जल्द ही राशि डालने की मांग की गर्ई है। जिनके बिल नहीं बन रहे थे, उनके बिल भी बनेंगे और सभी केंद्रों पर गेहूं के बारदान भी पहुंचेंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2A945xB
via IFTTT
