संत रविदास वार्ड गुरुनानक काॅलाेनी निवासी झाेलाछाप डाॅक्टर काे सदर इलाके से ही काेराेना मिला था। उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री के अनुसार वह सदर के बीमार काे उसके एक घर पर ही ड्रिप लगाने गया था। दाे तीन बाद ही उसे काेराेना के लक्षण दिखने लगे और वह जांच में वह पाॅजीटिव निकला। जब तक जांच रिपाेर्ट अाई वह अपनी पत्नी, बेटा और कंपाउंडर के लिए इस जानलेवा वायरस का वाहक बन चुका था। अब तक उसकी कांटेक्ट हिस्ट्री वाले 7 लाेग काेराेना पाॅजीटिव मिल चुके हैं।
झाेलाछाप डाॅक्टर की दाे क्लीनिक है। एक सिंधी काॅलाेनी और दूसरी सदर में है। इन दाेनाें क्लीनिक से इलाज कराने वाले कुछ लाेग संक्रमित हुए हैं। सदर के बाद सिंधी काॅलाेनी के युवक की रिपाेर्ट पाॅजीटिव आई है। वह भी क्लीनिक गया था। बिना डिग्री वाला डाॅक्टर सदर के जिस घर में ड्रिप लगाने गया था। उस परिवार के भी दाे लाेग काेराेना पाॅजीटिव निकले। कैंट थाना प्रभारी प्रशांत सेन ने बताया कि इस बात की पुष्टि हुई है कि झाेलाछाप डाॅक्टर ड्रिप लगाने के लिए सदर में ही एक घर में गया था, लेकिन वायरस का वाहक काैन बना यह अभी तक स्पष्ट नहीं हाे पाया है। सदर से अब तक जाे केस सामने आ रहे हैं, वे सभी इसी कड़ी का हिस्सा हैं।
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