जिले में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिले का पहला कोरोना केस ब्लाक के सर्रा ग्राम में मिला था। लाॅकडाउन में शासन के निर्देशानुसार सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित नियमों का पालन कर दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन शासन के आदेशों नियमों की नगर में खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पुलिस के द्वारा दिन में किसी भी प्रकार से गश्त नहीं की जाती है सिर्फ औपचारिकता के लिए ही पुलिस के अधिकारी वाहन से चक्कर लगाकर निकल जाते हैं। बाजार में लोगों को समझाइश देने का काम भी अब पुलिस ने बंद कर दिया है। नगर की अनेक दुकानों, फल सब्जी के ठेलों पर लोग बिना मास्क के ही खड़े खरीददारी करते रहते हैं। किसी भी प्रकार की साेशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है। जबकि शासन के निर्देश पर बिना मास्क के जुर्माना निर्धारित किया गया है। कुछ दिन पूर्व तहसीलदार मोनिका बाघमारे ने बिना मास्क के घूमते हुए पाए गए दर्जनों लोगों का चालान काटा था। नगर के गणमान्य नागरिक अब कहने लगे हैं कि नगर में इसके पहले पुलिस का कार्यकाल सराहनीय था, अब तो भगवान भरोसे नगर की जनता है। कोरोना संकट में जब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ही घरों में रहना पसंद करते हैं तो नगर में कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा नहीं कि पुलिस की कार्यप्रणाली की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं हैं, सारी जानकारी से अधिकारी भी अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


जिले में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिले का पहला कोरोना केस ब्लाक के सर्रा ग्राम में मिला था। लाॅकडाउन में शासन के निर्देशानुसार सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित नियमों का पालन कर दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है।
लेकिन शासन के आदेशों नियमों की नगर में खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पुलिस के द्वारा दिन में किसी भी प्रकार से गश्त नहीं की जाती है सिर्फ औपचारिकता के लिए ही पुलिस के अधिकारी वाहन से चक्कर लगाकर निकल जाते हैं। बाजार में लोगों को समझाइश देने का काम भी अब पुलिस ने बंद कर दिया है। नगर की अनेक दुकानों, फल सब्जी के ठेलों पर लोग बिना मास्क के ही खड़े खरीददारी करते रहते हैं। किसी भी प्रकार की साेशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है। जबकि शासन के निर्देश पर बिना मास्क के जुर्माना निर्धारित किया गया है। कुछ दिन पूर्व तहसीलदार मोनिका बाघमारे ने बिना मास्क के घूमते हुए पाए गए दर्जनों लोगों का चालान काटा था।
नगर के गणमान्य नागरिक अब कहने लगे हैं कि नगर में इसके पहले पुलिस का कार्यकाल सराहनीय था, अब तो भगवान भरोसे नगर की जनता है। कोरोना संकट में जब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ही घरों में रहना पसंद करते हैं तो नगर में कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा नहीं कि पुलिस की कार्यप्रणाली की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं हैं, सारी जानकारी से अधिकारी भी अपने उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं।



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