बुधवार काे दाेपहर में बहराेल-सिंगपुर समिति, गढ़ाैलाजागीर समिति के नई गल्लामंडी स्थित खरीदी केन्द्राें पर सर्वेयर द्वारा चना पास-फेल करने काे लेकर किसान आक्राेशित हाे गए। किसानाें ने मंडी का गेट बंद कर दिया और सर्वेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गलत निर्णय किए जाने का आराेप लगाया। गेट बंद हाेने से मंडी के किसानाें का आवागमन भी रूक गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल माैके पर पहुंचा और गेट खुलवाया। तभी तहसीलदार संजय जैन, नायब तहसीलदार दिनेश सिंहचंदेल भी माैके पर पहुंचे। उन्हाेंने करीब डेढ़ घंटे रूककर किसानाें की समस्याएं सुनीं, सर्वेयर से चने के सैंपल की जांच कराई, किसानाें काे संतुष्ट किया। जिससे किसान मान गए। 13 किसानाें के सेंपल कृषि उपज मंडी की लैब में जांच कराने काे कहा। सर्वेयर काे निर्देश दिए कि किसी के साथ काेई भेदभाव न करें, नियमानुसार सेंपल की जांचकर ताैल के संबंध में बताएं। अनावश्यक रूप से किसी काे इंतजार नहीं कराएं। जिनका चना रिजेक्ट हाेता है, उन्हें तुरंत प्रमाण पत्र बनाकर दें, किसान की सहमति भी दर्ज कराएं। गढ़ाैलाजागीर केन्द्र पर तीन दिन पहले पास हुए 17 सेंपलाें की जाे भी जांच हाेनी है उन्हें तत्काल ताैल कराने काे कहा। किसानाें के सेंपल ट्राॅली पर से ही लेने के निर्देश दिए। किसानाें ने तहसीलदार काे मुख्यमंत्री के नाम संबाेधित ज्ञापन भी साैंपा, जिसमें तेवड़ा की मात्रा 2 से 5 प्रतिशत तक स्वीकार करने की मांग की गई। किसानाें ने बताया कि चना की ताैल कराने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। मैसेज पहले का है, शुरूआत में ताैल नहीं हुई अब ताैल कराने आए हैं ताे चना पास-फेल के निर्णय में भेदभाव किया जा रहा है। सर्वेयर किसी व्यक्ति का चना तेवड़ा, दाल, बटरी हाेने के बाद भी पास कर देता है। वहीं अन्य किसान का चना रिजेक्ट कर देता है। कार्यप्रणाली संदिग्ध है, ऐसे में किसान परेशान हाे रहे हैं। चना रिजेक्ट करने में भी समय लगता है, प्रमाण पत्र भी नहीं मिल रहा है। वहीं जिनका सैंपल पास हाे गया है, उनकी ताैल नहीं हाे पा रही है। जिससे किसान परेशान हैं। तहसीलदार जैन का कहना है कि किसानाें ने सर्वेयर पर भेदभाव करने के आराेप लगाए थे। किसानाें के सामने ही सर्वेयर से बात की गई, ट्राॅली पर से सर्वेयर ने सेंपल लिए और मानक के अनुरूप उपकरणाें की सहायता से सैंपल लिया और जांच कर रिजल्ट बताया। किसान भी इससे संतुष्ट हुए हैं। कृषि उपज मंडी में जांच लैब है, वहां सैंपल कराने काे कहा है जिससे किसानाें काे परेशानी न हाे। जिनके सैंपल पास हाे गए हैं उनकी ताैल कराने काे कहा है। स्थिति सामान्य है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Regarding the functioning of surveyors at the procurement center, the farmers expressed their shock, closed the gate of Mandi


बुधवार काे दाेपहर में बहराेल-सिंगपुर समिति, गढ़ाैलाजागीर समिति के नई गल्लामंडी स्थित खरीदी केन्द्राें पर सर्वेयर द्वारा चना पास-फेल करने काे लेकर किसान आक्राेशित हाे गए। किसानाें ने मंडी का गेट बंद कर दिया और सर्वेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गलत निर्णय किए जाने का आराेप लगाया। गेट बंद हाेने से मंडी के किसानाें का आवागमन भी रूक गया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस बल माैके पर पहुंचा और गेट खुलवाया। तभी तहसीलदार संजय जैन, नायब तहसीलदार दिनेश सिंहचंदेल भी माैके पर पहुंचे। उन्हाेंने करीब डेढ़ घंटे रूककर किसानाें की समस्याएं सुनीं, सर्वेयर से चने के सैंपल की जांच कराई, किसानाें काे संतुष्ट किया। जिससे किसान मान गए। 13 किसानाें के सेंपल कृषि उपज मंडी की लैब में जांच कराने काे कहा। सर्वेयर काे निर्देश दिए कि किसी के साथ काेई भेदभाव न करें, नियमानुसार सेंपल की जांचकर ताैल के संबंध में बताएं। अनावश्यक रूप से किसी काे इंतजार नहीं कराएं। जिनका चना रिजेक्ट हाेता है, उन्हें तुरंत प्रमाण पत्र बनाकर दें, किसान की सहमति भी दर्ज कराएं। गढ़ाैलाजागीर केन्द्र पर तीन दिन पहले पास हुए 17 सेंपलाें की जाे भी जांच हाेनी है उन्हें तत्काल ताैल कराने काे कहा। किसानाें के सेंपल ट्राॅली पर से ही लेने के निर्देश दिए। किसानाें ने तहसीलदार काे मुख्यमंत्री के नाम संबाेधित ज्ञापन भी साैंपा, जिसमें तेवड़ा की मात्रा 2 से 5 प्रतिशत तक स्वीकार करने की मांग की गई। किसानाें ने बताया कि चना की ताैल कराने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
मैसेज पहले का है, शुरूआत में ताैल नहीं हुई अब ताैल कराने आए हैं ताे चना पास-फेल के निर्णय में भेदभाव किया जा रहा है। सर्वेयर किसी व्यक्ति का चना तेवड़ा, दाल, बटरी हाेने के बाद भी पास कर देता है। वहीं अन्य किसान का चना रिजेक्ट कर देता है। कार्यप्रणाली संदिग्ध है, ऐसे में किसान परेशान हाे रहे हैं। चना रिजेक्ट करने में भी समय लगता है, प्रमाण पत्र भी नहीं मिल रहा है। वहीं जिनका सैंपल पास हाे गया है, उनकी ताैल नहीं हाे पा रही है। जिससे किसान परेशान हैं।
तहसीलदार जैन का कहना है कि किसानाें ने सर्वेयर पर भेदभाव करने के आराेप लगाए थे। किसानाें के सामने ही सर्वेयर से बात की गई, ट्राॅली पर से सर्वेयर ने सेंपल लिए और मानक के अनुरूप उपकरणाें की सहायता से सैंपल लिया और जांच कर रिजल्ट बताया। किसान भी इससे संतुष्ट हुए हैं। कृषि उपज मंडी में जांच लैब है, वहां सैंपल कराने काे कहा है जिससे किसानाें काे परेशानी न हाे। जिनके सैंपल पास हाे गए हैं उनकी ताैल कराने काे कहा है। स्थिति सामान्य है।



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Regarding the functioning of surveyors at the procurement center, the farmers expressed their shock, closed the gate of Mandi


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