मैच्योरिटी के बाद भी ब्याज सहित फिक्स डिपाॅजिट की जमा राशि नहीं लौटाने पर सहारा इंडिया के उपभोक्ता दंपती ने शिवगढ़ ब्रांच के प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पति-पत्नी ने 10 एफडी पर 1 लाख 35 हजार रुपए जमा करवाए थे। जुलाई-2017 में मैच्योरिटी पर 1,63,900 रुपए भुगतान करना थे जो नहीं मिले। तीन साल भटकने के बाद भी जमा रुपए नहीं मिले तो निवेशक सुरेंद्र खाट ने ‘ऑपरेशन मुक्ति’ अभियान में कार्यवाही के लिए एसपी गौरव तिवारी से संपर्क किया। शिवगढ़ के पास ग्राम काचला निवासी सुरेंद्र पिता बाबूलाल खाट ने पुलिस को बताया उन्होंने 23 दिसंबर 2015 को दो एफडी में 20 हजार रुपए व 7 जनवरी 2016 को चार एफडी में 55 हजार रुपए तथा उनकी पत्नी अनीता ने 15 दिसंबर 2014 को एक एफडी में 15000 रुपए तथा 7 जनवरी 2016 को तीन एफडी में 45 हजार रुपए जमा करवाए थे। मैच्योरिटी पर सुरेंद्र को 23 जून 2017 को दो एफडी के 23,600 तथा 7 जुलाई 2017 को 4 एफडी के 63965 रुपए मिलना थे। इसी तरह पत्नी अनीता की एफडी मैच्योरिटी पर 15 दिसंबर 2017 को 24,000 तथा 7 जुलाई 2017 को तीन एफडी की मैच्योरिटी पर 52,335 रुपए मिलना थे। मैच्योरिटी पर रुपए नहीं मिले और सहारा इंडिया ने शिवगढ़ ब्रांच बंद कर दी। निवेशक दंपत्ति ने रुपयों के लिए सहारा इंडिया की रतलाम ब्रांच पर संपर्क किया तो किसी ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। शिवगढ़ थाने के एसआई शोभाराम अहिरवार ने बताया शिकायत पर सहारा इंडिया के मैनेजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


मैच्योरिटी के बाद भी ब्याज सहित फिक्स डिपाॅजिट की जमा राशि नहीं लौटाने पर सहारा इंडिया के उपभोक्ता दंपती ने शिवगढ़ ब्रांच के प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पति-पत्नी ने 10 एफडी पर 1 लाख 35 हजार रुपए जमा करवाए थे। जुलाई-2017 में मैच्योरिटी पर 1,63,900 रुपए भुगतान करना थे जो नहीं मिले। तीन साल भटकने के बाद भी जमा रुपए नहीं मिले तो निवेशक सुरेंद्र खाट ने ‘ऑपरेशन मुक्ति’ अभियान में कार्यवाही के लिए एसपी गौरव तिवारी से संपर्क किया।
शिवगढ़ के पास ग्राम काचला निवासी सुरेंद्र पिता बाबूलाल खाट ने पुलिस को बताया उन्होंने 23 दिसंबर 2015 को दो एफडी में 20 हजार रुपए व 7 जनवरी 2016 को चार एफडी में 55 हजार रुपए तथा उनकी पत्नी अनीता ने 15 दिसंबर 2014 को एक एफडी में 15000 रुपए तथा 7 जनवरी 2016 को तीन एफडी में 45 हजार रुपए जमा करवाए थे। मैच्योरिटी पर सुरेंद्र को 23 जून 2017 को दो एफडी के 23,600 तथा 7 जुलाई 2017 को 4 एफडी के 63965 रुपए मिलना थे। इसी तरह पत्नी अनीता की एफडी मैच्योरिटी पर 15 दिसंबर 2017 को 24,000 तथा 7 जुलाई 2017 को तीन एफडी की मैच्योरिटी पर 52,335 रुपए मिलना थे। मैच्योरिटी पर रुपए नहीं मिले और सहारा इंडिया ने शिवगढ़ ब्रांच बंद कर दी। निवेशक दंपत्ति ने रुपयों के लिए सहारा इंडिया की रतलाम ब्रांच पर संपर्क किया तो किसी ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया।
शिवगढ़ थाने के एसआई शोभाराम अहिरवार ने बताया शिकायत पर सहारा इंडिया के मैनेजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।



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