बुधवार यानि 15 अप्रैल से 67 केंद्रों पर रबी सीजन की फसलों की सरकारी खरीदी शुरू हो रही है। कोरोना संकट के बाद लागू लॉकडाउन के दौरान यह पहली सबसे बड़ी सार्वजनिक गतिविधि होगी। इस बार किसानों को अपनी उपज धर्म कांटे पर तुलवाने का विकल्प भी दिया जाएगा। यह विकल्प सिर्फ उस मंडी में रहेगा, जहां धर्मकांटा हो।
दरअसल इसका सुझाव कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विट्ठलदास मीना ने दिया था। मंगलवार को कलेक्टर एस विश्वनाथन खरीदी की तैयारियों का जायजा लेने नानाखेड़ी मंडी पहुंचे थे। जब उनके सामने यह सुझाव रखा गया तो उन्होंने कहा कि पहले इसका परीक्षण करना पड़ेगा। इस के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष ने अपने ही ट्रैक्टर ट्रॉली को बुलवा लिया। कलेक्टर ने बताया कि पहले तो धर्मकांटे पर तुलाई की गई। इसके बाद सामान्य कांटे पर उपज को तौला गया। दोनों के बीच 15 किलो का फर्क आया।
किसान को विकल्प दिया जाएगा
कलेक्टर ने कहा कि हम किसानों को विकल्प देंगे कि वह 15 किलो के नुकसान पर धर्मकांटे से तुलाई को तैयार है या नहीं। उन्होंने कहा कि वैसे सामान्य तुलाई के दौरान बहुत सा अनाज फैल जाता है। इसलिए यह नुकसान बहुत ज्यादा नहीं है। इसके अलावा इस तरह तुलाई का काम भी जल्द हो जाएगा।
आवन से खरीदी केंद्र हटाने से नाराज किसान
आवन स्थित खरीदी केंद्र को हटाए जाने पर वहां के किसानों ने नाराजगी जताई है। इस केंद्र पर आवन के अलावा बेरखेड़ी, सारसाहेला और अचकलपुर के 500 से ज्यादा किसान पंजीकृत थे। इस केंद्र के किसानों की उपज को अब राघौगढ़ में खरीदा जाएगा। किसानों का कहना है कि पिछले साल भी आवन में खरीदी केंद्र बनाया गया था। इस बार भी यह रहना चाहिए।
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