कोरोना संकट के दौरान लंबे समय से इस्तेमाल न हो रहे कानूनों और धाराओं की प्रासंगिकता बढ़ गई है। मसलन 1861 के पुलिस अधिनियम की धारा 17, जिसके जरिए किसी सामान्य नागरिक को भी विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया जा सकता है। इस धारा का इस्तेमाल करते हुए जिले में 156 शिक्षकों को विशेष पुलिस अधिकारी बनाया गया है। इन शिक्षकों को 26 चेक पाेस्ट पर तैनात किया जाएगा। यह वे जगह हैं जहां से बाहरी लोगों का जिले में प्रवेश हो सकता है। हर पोस्ट पर 6 शिक्षकों की ड्यूटी रहेगी। एक बार में 2 शिक्षक 8 घंटे तक ड्यूटी करेंगे।
क्या कहती है धारा 17 : इस धारा में कलेक्टर को यह अधिकार दिया गया है कि वह पुलिस के अनुरोध पर किसी स्थान विशेष के व्यक्ति को विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा दे सकते हैं। यह प्रावधान ऐसे समय लागू होता है जब कहीं शांति भंग होने की प्रबल आशंका रहती है। विशेष पुलिस अधिकारी को वही अधिकार होते हैं जो पुलिस बल के एक सामान्य अधिकारी को प्राप्त रहते हैं।
मना करने पर 50 हजार के जुर्माने का प्रावधान
दायित्व लेने से मना करने पर कार्रवाई का भी प्रावधान है। कोई इंकार करता है तो 50 हजार का जुर्माना तक हो सकता है।
इन नाकों पर रहेगी तैनाती
सिमरानिया मार्ग, राजस्थान मार्ग राजपुरा, मुसल्पुरा तिराहा ग्राम वरवन, ग्राम हमीरपुर, पार्वतीपुल लक्ष्मणपुरा, बड़ा गांव, आंक खेड़ी तिराहा, जामोन्या जागीर, गौमुख, फतेहपुर, उमरथाना, पुरा लोहारी, हिनोतिया, मुहासा, पाखरियापुरा, मुरेली, अगरपुरा सुठालिया रोड, लटेरी वायपास रोड, बांसखेड़ी, चौकी अटलपुरा, पगारा, लहरघाट, हनुमान टेकरी रोड वायपास पुल के पास, दो खंबा, एरोड्रम तिराहा विवेक कालोनी, टोल नाका।
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