गुरुदत्त तिवारी.मप्र सरकार लॉकडाउन से प्रभावित सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और आम आदमी से कोविड-19 इमरजेंसी लोन पर 2.5% की स्टांप ड्यूटी ले रही है। अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री वाले उद्यमों को उनकी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिकतम 5 लाख और आम आदमी को मॉर्गेज पर लोन जारी किए जा रहे हैं।
मप्र की बैंकों ने औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर 4 लाख से अधिक एमएसएमई को पटरी में लाने के लिए के लिए रोडमैप तैयार करके राज्य सरकार को सिफारिश भेजी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेजी गई सिफारिशों में कहा है कि जब तक प्रदेश में कोरोना वायरस का संकट खत्म नहीं होता, तब तक आपातकालीन कर्जों को स्टांप ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
इससे लोन में लगने वाला समय भी कम होगा और जरूरतमंद को प्रोसेसिंग के नाम पर लगने वाले शुल्क से राहत मिल जाएगी। हालांकि इन सिफारिशों में यह कहा गया है कि सरकार संकट के बाद फिर से खड़ा होने का प्रयास कर रहे उद्यमों को बाद में दिए जाने वाले बैंक लोन को स्टांप ड्यूटी से राहत दे। इसके साथ ही उन पर लगने वाले सभी तरह के टैक्स की दरों को घटाया जाए। जो सिफारश राज्य सरकार के दायरे से बाहर हैं उनके लिए बैंकों ने सुझाया है कि वे केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय व आरबीआई तक पहुंचाई जाएं।
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