लगभग 24 दिन बाद गुना रेलवे स्टेशन पर पहली सवारी ट्रेन गुरुवार को पहुंची। तीन बोगियों वाली यह स्पेशल ट्रेन सिर्फ रेलवे कर्मचारियों के लिए चलाई जाएगी। वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन की मांग पर गुना-बीना के बीच यह सेवा शुरू की गई है। इसमें तीन बोगियां होंगी। इनमें से दो में रेलवे कर्मचारियों को बैठने की सुविधा रहेगी। तीसरी बोगी गार्ड का ब्रेक यान रहेगा। यूनियन के कपिल देव ने बताया कि छोटे स्टेशन पर काम करने वाले अमले को आने-जाने में परेशानी आ रही थी। इसके अलावा सिग्नल व लाइन मेंटनेंस करने वाले अमले की समस्या भी थी। इसे लेकर हमारी ओर से डीआरएम को कई बार अनुरोध किया गया। उन्होंने पूरा परीक्षण करने के बाद गाड़ी चलाने की अनुमति दे दी। यह ट्रेन सुबह 6 बजे बीना से चलकर साढ़े 9 बजे गुना पहुंचेगी। यहां से शाम 4 बजे बीना के लिए रवाना होगी।
167 साल में पहली बार रेलवे दिवस पर कोई सवारी ट्रेन पटरी पर नहीं
गुरुवार को रेलवे का स्थापना दिवस था। इसी दिन 167 साल पहले पहली ट्रेन मुंबई से थाणे के बीच चली थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रेलवे का यह पहला सफर 34 किमी का था। इसे लगभग 55 मिनट में पूरा किया गया। तब से अब तक पटरियों पर ट्रेनों की आवाजाही लगातार जारी है। 1975 को रेलवे हड़ताल भी हुई। लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ कि पूरी की पूरी ट्रेन बंद रही हों।
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