चंदेरी में सब इंस्पेक्टर को आइसोलेशन वार्ड में रखने के बाद थाने का पूरा स्टाफ भी क्वारेंटाइन हो गया है। ऐसे में पुलिसकर्मियों से संपर्क में आए समाजसेवी सहित उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वहीं इसका डर जिला मुख्यालय तक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में भी बना है। लोगों की यहीं प्रार्थना है कि सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट निगेटिव निकल जाए, जिससे सभी लोग सुरक्षित हो सकें। मंगलवार को चंदेरी थाने में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर को संदिग्ध मानते हुए सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इसके बाद एसपी के निर्देश पर पूरा थाना क्वारेंटाइन पर चला गया और पुलिस लाइन से नया स्टाफ भेजा गया। हालाकि इस सूचना के बाद चंदेरी में पदस्थ पुलिस अधिकारियों सहित स्टाफ के संपर्क में आने वाले लोगों में भय बैठ गया है। एक तरफ जहां स्टाफ को क्वारेंटाइन किया गया है वहीं उनके परिजन और इन पुलिस कर्मियों के संपर्क में आने वाले लोग जो सोशल एक्टिविटी कर रहे हैं, उन्हें भी चिंता बनी हुई है।
संक्रमण का डर जिला मुख्यालय तक
उल्लेखनीय है कि पुलिस की चैन न सिर्फ चंदेरी तक बनी है बल्कि इसका असर ईसागढ़, अशोकनगर में भी देखा जा रहा है। कुछ समय पहले पुलिस का फ्लैग मार्च ईसागढ़ में निकाला गया था जिसमें चंदेरी का स्टाफ भी शामिल हुआ था। इस मार्च में नायब तहसीलदार ईसागढ़ अनिल शर्मा भी मौजूद थे जो अशोकनगर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के संपर्क में रहे। वहीं ये अधिकारी लगातार पुलिस, मीडिया सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं। ऐसे में सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
इनको भेजा लाइन से
चंदेरी थाने में पुलिस लाइन से सोनपाल सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में 7 लोगों का स्टाफ भेजा। इस दौरान सुबह से ही एसडीएम देवेंद्र सिंह, तहसीलदार विनीत गोयल, नायब तहसीलदार सोनम शर्मा पेट्रोलिंग करते हुए नजर आए।
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