कोयम्बटूर से रीवा तक चलने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से गुरुवार रात 2.40 बजे 257 मजदूर बैतूल स्टेशन पर पहुंचे। रेलवे ने ट्रेन से उतरे सभी मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्लेटफार्म पर बैठाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर मजदूरों की स्क्रीनिंग की। चार घंटे चली स्क्रीनिंग के बाद मजदूरों को प्रशासन ने बस से अपने-अपने गांवों के लिए रवाना किया, जहां पर पंचायत ने मजदूरों को क्वारेंटाइन किया।
प्रदेश सरकार द्वारा मजदूरों को गांव तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुरू की हैं। बैतूल में दूसरी ट्रेन गुरुवार रात पहुंची। इससे पहले एक ट्रेन बैतूल आ चुकी है। रात को कोयम्बटूर से आई ट्रेन में बैतूल, छिंदवाड़ा तथा सिवनी जिले के 257 मजदूर आए। स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के पहले रेलवे के यातायात निरीक्षक अशोक कटारे, स्टेशन प्रबंधक, तहसीलदार अतोनिया इक्का, आरपीएफ तथा जीआरपी का अमला तथा सिटी पुलिस मौके पर पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार काउंटर लगाकर मजदूरों की स्क्रीनिंग की। तीन बजे से शुरू हुई स्क्रीनिंग सुबह 7 बजे तक चलती रही। इसके बाद प्रशासन ने बस से मजदूरों को गांवों तक भिजवाया।
10 मजदूर कम आए
इस ट्रेन से रेलवे और प्रशासन को 267 मजदूरों के आने की सूची मिली थी। इसमें से 257 मजदूर ही पहुंचे। 228 मजदूर बैतूल जिले के विभिन्न इलाके के रहने वाले हैं। वहीं 32 छिंदवाड़ा तथा 7 सिवनी जिले के थे। इनमें से 10 मजदूर कम आए हैं। प्रशासन द्वारा जिले के अलावा छिंदवाड़ा तथा सिवनी तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
राजीव रंजन पांडे, एसडीएम, बैतूल ने कहा- मजदूराें काे गांव तक पहुंचा दिया है, वहां पंचायत इन्हें क्वारेंटाइन करेगी
रात को ट्रेन से आए मजदूरों की स्क्रीनिंग करवाकर सुबह बस से भिजवा दिया है। ट्रेन में बैतूल जिले के 228 में घोड़ाडोंगरी, भीमपुर, शाहपुर सहित अन्य इलाके के रहने वाले हैं। सभी की जांच सुबह 7 बजे तक हुई। मजदूर जहां के रहने वाले हैं वहां पंचायत द्वारा इन्हें क्वारेंटाइन किया जाएगा।
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