जनपद की ग्राम पंचायत दूधावानी के गांव चोपना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत तालाब बनाया जा रहा है। करीब 9 लाख रुपए की लागत से बनने वाले तालाब में जेसीबी से खुदाई करने का मामला सामने आया है। तालाब निर्माण में जेसीबी चलाने से नाराज मजदूर शुक्रवार को घोड़ाडोंगरी पहुंचे। जहां तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा और जनपद सीईओ दानिश अहमद खान को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। मजदूर अनीता, मीना, कांति, मनीता, शांता, लीलावती, लक्ष्मी, काजल, फूलकुमारी सहित अन्य मजदूरों ने बताया कि रात में करीब 11 बजे जेसीबी मशीन से तालाब निर्माण का कार्य किया जा रहा था। जब गांव के लोगों ने मशीन की आवाज सुनी तो सभी इकट्ठा होकर तालाब निर्माण स्थल पर पहुंचे। गांव वालों और मजदूरों को देखकर तालाब निर्माण कर रहा जेसीबी चालक मशीन लेकर भाग खड़ा हुआ। इससे नाराज मजदूर सुबह तहसीलदार और जनपद पंचायत सीईओ के पास पहुंचे औैर पूरी स्थिति बताते हुए संबंधिताेें पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई।
10 किमी पैदल चलकर पहुंचे घोड़ाडोंगरी
मनरेगा के काम में जेसीबी से काम कराने से नाराज मजदूर हाथों में फावड़ा और घमेला लेकर मामले की शिकायत करने पैदल ही घोड़ाडोंगरी पहुंचे। इस दाैरान तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
नहीं मिला राशन
मजदूरों ने तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा को बताया अभी तक अन्य ग्राम पंचायतों में 2 महीने का राशन बंट चुका है, लेकिन चोपना में गरीब परिवारों को आज तक राशन नहीं दिया है। इस पर तहसीलदार ने तुरंत ही खाद्य अधिकारी ओमप्रकाश से बात की और जानकारी देने के निर्देश दिए।जनपद कार्यालय मेें सीईओ से की शिकायतजनपद कार्यालय पहुंचकर मजदूरों ने जनपद सीईओ दानिश अहमद खान को मनरेगा के काम जेसीबी से कराने की जानकारी दी। मजदूरों ने बताया उनके गांव के लोगों को जॉब कार्ड, राशन कार्ड बनाकर नहीं दिए जाते हैं। एक काम की 6 दिन की मजदूरी अभी तक नहीं दी है। मांगें तो कहते हैं कि 6 दिन की मजदूरी से क्या होता है।
समस्याओं का करेंगे निराकरण
तहसीलदार माेनिका विश्वकर्मा ने मजदूरों की बात सुनकर कहा कि उनकी समस्त समस्या का समाधान किया जाएगा। जनपद पंचायत सीईओ दानिश अहमद खान ने भी मजदूरोंं की नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। साथ ही तहसीलदार मजदूरों से पूछा कि वह इतनी दूर कैसे आए हैं। मजदूरों ने बताया कि वे लोग पैदल आए हैं। सभी को पानी पिलवाया और हाथ धुलवाए।
एक सप्ताह पूर्व भी चलाई थी जेसीबी
मजदूरों ने बताया कि इसी तालाब में 1 सप्ताह पहले भी जेसीबी से खुदाई का कार्य कराया था। जिसका मजदूरों ने विरोध किया था। लेकिन इस बार रात में जेसीबी चलाई।
खेत तालाब का जेसीबी से हो रहा था निर्माण, शिकायत पर रोका काम
जनपद पंचायत मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत चंदोराखुर्द में हितग्राही धुंदूराव बुवाड़े के खेत में मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2018-19 में 3 लाख रुपए की लागत से खेत तालाब निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। योजना के नियमों के तहत तालाब की खुदाई मजदूरों से कराई जानी थी, जिससे मजदूरों को रोजगार मिल सके। खेत तालाब निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत रुचि नहीं ले रही थी। इस स्थिति में हितग्राही ने जेसीबी से तालाब निर्माण के लिए खुदाई शुरू कर दी। हितग्राही धुंदूराव ने बताया बारिश के पहले खेत तालाब का निर्माण नहीं हुआ तो बारिश के पानी में खेत की मिट्टी बह जाएगी। काम जल्द पूरा हो, इसके लिए जेसीबी से खुदाई कराई है। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक अशोक बुवाड़े ने मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे औैर खुदाई रुकवाई। उपयंत्री चंद्रशेखर करोले ने बताया हितग्राही स्वयं जेसीबी से खुदाई कार्य करवा रहा था। जिसे राेका। सीईओ मनीष शेंडे ने बताया हितग्राही ने किन कारणों के चलते जेसीबी मशीन से खुदाई कराई है। इसकी जांच की जाएगी। इसके बाद दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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