डाेलरिया खरीदी केंद्र पर किसानों द्वारा खरीदा गया गेहूं रखा हुआ है, जो धूप और बारिश के कारण लगातार खराब हो रहा है, लेकिन अफसर परिवहन में तेजी लाने के बजाय ढील दे रहे हैं। जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है, वहीं समिति प्रबंधक भी इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं खराब अनाज की वजह से उन पर कार्रवाई न हो, और किसानों का भुगतान न रुक जाए। यही वजह है कि खरीदी केंद्र पर सोसायटी प्रबंधक लगातार गेहूं का परिवहन करने ट्रांसपोर्टर पर दबाव बना रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद इसके परिवहन धीमी गति से हो रहा है। खरीदे गए गेहूं की सुरक्षा के किसी प्रकार के इंतजाम नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में अनाज की बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है। खरीदी केंद्रों पर 25 हजार क्विंटल खुले में पड़ा गेहूं डाेलरिया खरीदी केंद्र पर तकरीबन 8 हजार क्विंटल गेहूं परिवहन के लिए तैयार है। वहीं 25 हजार क्विंटल खुले में रखा हुआ है। इस वर्ष अनाज के लिए बारदाने में सबसे ज्यादा पीपी बारदाने का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो परिवहन नहीं होने की स्थिति में तेज धूप के कारण खराब होने लगी है। गेहूंखरीदी केंद्रों पर भी नहीं है समुचित व्यवस्था खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। न ही पीने के लिए ठंडा पानी और न ही छायादार जगह है। किसान यहां वहां गेहूं के ढेर पर या ट्रॉली के नीचे बैठकर धूप से बचाव कर रहे हैं। हम्मालों की कमी के कारण बिगड़ रही व्यवस्था डीएम नान दिलीप सक्सेना ने बताया कि हम्मालों की कमी के कारण उपार्जन केंद्रों पर खरीदी के मान से परिवहन नहीं हो रहा है, जबकि परिवहन के लिए ठेकेदार के द्वारा पर्याप्त वाहन की व्यवस्था है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 25 thousand quintals of wheat lying in the open due to lack of transport, committee managers are worried


डाेलरिया खरीदी केंद्र पर किसानों द्वारा खरीदा गया गेहूं रखा हुआ है, जो धूप और बारिश के कारण लगातार खराब हो रहा है, लेकिन अफसर परिवहन में तेजी लाने के बजाय ढील दे रहे हैं। जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है, वहीं समिति प्रबंधक भी इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं खराब अनाज की वजह से उन पर कार्रवाई न हो, और किसानों का भुगतान न रुक जाए। यही वजह है कि खरीदी केंद्र पर सोसायटी प्रबंधक लगातार गेहूं का परिवहन करने ट्रांसपोर्टर पर दबाव बना रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद इसके परिवहन धीमी गति से हो रहा है। खरीदे गए गेहूं की सुरक्षा के किसी प्रकार के इंतजाम नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में अनाज की बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है।

खरीदी केंद्रों पर 25 हजार क्विंटल खुले में पड़ा गेहूं
डाेलरिया खरीदी केंद्र पर तकरीबन 8 हजार क्विंटल गेहूं परिवहन के लिए तैयार है। वहीं 25 हजार क्विंटल खुले में रखा हुआ है। इस वर्ष अनाज के लिए बारदाने में सबसे ज्यादा पीपी बारदाने का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो परिवहन नहीं होने की स्थिति में तेज धूप के कारण खराब होने लगी है।

गेहूंखरीदी केंद्रों पर भी नहीं है समुचित व्यवस्था
खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। न ही पीने के लिए ठंडा पानी और न ही छायादार जगह है। किसान यहां वहां गेहूं के ढेर पर या ट्रॉली के नीचे बैठकर धूप से बचाव कर रहे हैं।

हम्मालों की कमी के कारण बिगड़ रही व्यवस्था
डीएम नान दिलीप सक्सेना ने बताया कि हम्मालों की कमी के कारण उपार्जन केंद्रों पर खरीदी के मान से परिवहन नहीं हो रहा है, जबकि परिवहन के लिए ठेकेदार के द्वारा पर्याप्त वाहन की व्यवस्था है।



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25 thousand quintals of wheat lying in the open due to lack of transport, committee managers are worried


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