इसे सरकारी सिस्टम की लापरवाही कहें या आपसी तालमेल का अभाव, इनके बीच में किसान पिस रहा है। रुपए के लिए किसान ने सरकारी खरीदी में गेहूं बेचे और अब उन्हीं के लिए वह सोसायटी के चक्कर लगा रहा है। सोसायटी ऋण के नाम पर पहले ही किसानों की राशि सरकार ने गेहूं खरीदी के दौरान काट ली लेकिन वो
सोसायटी में अब तक जमा नहीं हुई है। ऐसे में सोसायटी के खाते में किसान अब भी कर्जदार बना हुआ है। अगर कुछ दिन और ऐसा ही चला तो किसान लोन नहीं चुका पाएगा और वह डिफाल्टर हो जाएगा। इसे लेकर किसानों में आक्रोश है।
ताल के काजीकुआं निवासी सुजात मोहम्मद खान ने 25 अप्रैल को कृष्णा एग्रो सर्विसेज ताल में 32 क्विंटल गेहूं सरकारी खरीदी केंद्र पर बेचा था। इसकी कीमत 61600 रुपए है। इसमें से 30500 रुपए सोसायटी ऋण के नाम पर काट लिए और बाकी राशि हमारे खाते में जमा कर दी गई। गेहूं बेचे जाने के 48 दिन बीत जाने के बाद आज तक राशि सोसायटी के ऋण खाते में जमा नहीं हुई। सरकारी सिस्टम की लापरवाही से अब डिफाल्टर होने की नाैबत आ गई है। हफ्तेभर से सोसायटी व जिला सहकारी बैंक के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन कोई भी संतोषप्रद जवाब नहीं दे रहा है। काटी गई 30 हजार 500 रुपए ना तो खाते में आए, ना ही ऋण खाते में जमा हुए। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की लेकिन कोविड-19 के अलावा अन्य शिकायतें नहीं लिए जाने पर दर्ज नहीं की। किसान की मुसीबत है कि जब तक सोसायटी के ऋण खाते में पैसे जमा नहीं होंगे किसान बकायादार बना रहेगा। केंद्र की रसीद मान्य नहीं होगी और किसान के पास इतने पैसे भी नहीं कि वे ऋण राशि जमा करा सकें।
व्यापािरयों को बेचते तो रुपए मिलते, यहां तो अता-पता नहीं
कुछ किसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी में गेहूं इसलिए बेचे थे कि हफ्तेभर में रुपए आ जाएंगे। सोसायटी ऋण के नाम आधी राशि मौके पर ही काट ली और अब तक जमा नहीं हुई। अगर लोन ही जमा करना था तो किसान भी कर सकता था। रुपए कट जाने से वह सोसायटी का कर्जदार बना हुआ है। सरकार भी रुपए जमा कर रही है। यही माल अगर मंडी में बेचते तो तुरंत रुपए भी मिलते और ऋण भी चुका देते। अब डिफाल्टर होने का खतरा मंडरा रहा है।
इधर, फसल बीमे में भी भेदभाव- जिन किसानों का फसल बीमा था, उसका अलग-अलग आकलन किया गया। ऐसे में किसी गांव के किसान को कम बीमा तो किसी को ज्यादा बीमा राशि मिल रही है।
ऋण जमा की तारीख बढ़ी- जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जीएम अनिल जैन ने बताया सरकार ने ऋण जमा करने की डेट बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है। रुपए कटा है तो जमा होगा। हम मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
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