कृषि उपज मंडी में किसानों को उनकी उपज का भुगतान नकद मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अब तक किसानों को 5 से 10 हजार रुपए नकद मिलते थे, शेष राशि व्यापारी आरटीजीएस करते थे। किसानों का कहना है आरटीजीएस करने से उनके खाते में भुगतान आने में चार से पांच दिन लगते हैं। किसान दशरथ पंड्या का कहना वर्तमान में खरीफ फसल की बोवनी का दौर शुरू हो गया है। एेसे में किसान सोयाबीन या गेहूं इसलिए बेच रहे हैं कि उनकी बीज, खाद की जरूरत पूरी हो सके लेकिन मंडी पहुंचने पर वे खुद काे ठगा सा महसूस करते हैं, जब व्यापारी उन्हें 5 या अधिकतम 10 हजार रुपए नकद देते हैं बाकी आरटीजीएस करने की बात कहते हैं। इसे लेकर किसानों ने मंडी कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद मंडी सचिव रामेश्वर स्वर्णकार ने व्यापारियों की बैठक बुलाई थी। मंगलवार को 215 व्यापारियाें के लाइसेंस रिन्यू हो गए। मंडी सचिव का कहना है उन्हें प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। अब व्यापारियों को नकद भुगतान ही करना होगा। नकद भुगतान नहीं करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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