लाॅकडाउन के दाैरान काराेबार और उत्पादन बंद हाेने के बाद भी जब बिजली कंपनी ने राहत नहीं दी ताे उद्यमियों ने बिजली कंपनी को इंडियन कांट्रैक्ट एक्ट के अधीन आने वाले फोर्स मैज्योर क्लॉज के नोटिस भेजना शुरू कर दिए हैं। इस नोटिस के तहत वे जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है और इसकी वजह से जब तक फैक्टरियां, कारखाने बंद रहेंगे, उतने वक्त तक के लिए न फिक्स्ड चार्ज चुकाएंगे न ही न्यूनतम ऊर्जा प्रभार। सिर्फ ग्वालियर रीजन से ही करीब 150 नोटिस बिजली कंपनी को मिल चुके हैं।
दरअसल, कुछ समय पूर्व बिजली कंपनी ने घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं को कई राहत दी थीं। इसमें अप्रैल माह का बिल 15 मई तक बिना पेनल्टी चुकाने की सुविधा भी दी गई थी। उद्यमियों को सिर्फ एक महीने के लिए फिक्स्ड चार्ज स्थगित करने की सुविधा मिली थी, जबकि डिमांड फिक्सड चार्ज हटाने की थी। इसके बाद जब उद्यमियों ने बिल चुकाने के लिए अन्य उपभोक्ताओं की तरह उन्हें भी 15 मई तक का समय देने की मांग की गई तो उसे एमडी कार्यालय द्वारा मना कर दिया गया। इसके बाद उद्यमियों की संस्था सीआईआई से सलाह के बाद उद्यमियों ने खासतौर पर एमएसएमई सेक्टर के उद्यमियों ने फोर्स मैज्योर क्लॉज का नोटिस भेजना शुरू कर दिया।
कार्रवाई की जाएगी
जो नोटिस दे रहे हैं, उन पर ऊर्जा विभाग द्वारा तय किए गए मापदंडों के अनुरूप कार्रवाई करेंगे।-विशेष गढ़पाले, एमडी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी
डीडी नगर, हुरावली और चार शहर का नाका में बिजली गुल
लॉकडाउन की वजह से शहर में बिजली सप्लाई के औसत लोड में 20% तक की कमी आ गई है। इसके बावजूद मेंटेनेंस न होने से बिजली सप्लाई की व्यवस्था हर दिन प्रभावित हो रही है। कॉल सेंटर पर एक दिन में 700 से 1 हजार शिकायतें फॉल्ट व ट्रिपिंग की पहुंच रही हैं। सोमवार को भी लधेड़ी जोन के तहत आने वाले चार शहर का नाका क्षेत्र में दिन में दो से तीन बार बिजली 15 से 20 मिनट के लिए गुल हुई। शिंदे की छावनी क्षेत्र में भी बिजली की लुका-छिपी होती रही। डीडी नगर, आदित्यपुरम जैसी कॉलोनियों में दिन में तीन बार आधे-आधे घंटे के लिए बिजली गुल हुई। एफओसी की शिकायतें माधौगंज, फूलबाग, सेवा नगर, कांचमिल, बड़ागांव, हुरावली आदि क्षेत्रों से भी आईं।
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