पांच दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक खुले तो शहर के कई इलाकों में बैंकों की शाखाओं, एटीएम और कियोस्क के सामने भीड़ लग गई। यह भीड़ जन-धन खातों में डाले गए 500 रुपए के लिए लग रही है। कोरोना महामारी में बैंकों में इस तरह के दृश्य खतरे की आशंका को और बढ़ा रहे हैं। वहीं कुछ बैंकों के बाहर ऐसे भी दृश्य देखने को मिले जो आदर्श हैं। इनसे लोगों को सीख लेने की जरूरत है। बैंकों के बाहर बिगड़ रही व्यवस्था को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एसपी नवनीत भसीन ने बैंक अधिकारियों, कियोस्क संचालकों के साथ सोमवार की शाम को बैठक की। बैठक में यह तय किया गया-
एक दिन में सिर्फ 50 लोगों को टोकन...
सरकारी बैंक की शाखाएं एक दिन में सिर्फ 50 लोगों को टोकन देकर भुगतान करेंगी। इनके लिए भुगतान का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक का रहेगा। बिजनेस कियोस्क सेंटर द्वारा एक दिन में सिर्फ 50 लोगों को भुगतान के लिए टोकन दिए जाएंगे। इनका समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक रहेगा।
कल से 300 कॉमन सर्विस सेंटर भी करेंगे 500 रुपए का भुगतान... सरकारी योजनाओं के कार्ड बनाने वाले जिले में स्थापित 300 कॉमन सर्विस सेंटर भी बुधवार से 500 रुपए का भुगतान कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा हर शाखा और कियोस्क पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए दो से तीन वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे।
अजीब तर्क: धूप की वजह से नहीं बन पाई व्यवस्था
- ग्वालियर एसडीएम प्रदीप तोमर ने कहा कि बैंकों में भीड़ अधिक आई। धूप भी अधिक थी। लोग कतार में लगने की स्थिति में नहीं थे। इसलिए व्यवस्था नहीं बन पाई।
- लीड बैंक मैनेजर सुशील कुमार ने कहा कि सभी बैंकों की शाखाओं के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सफेद घेरे बनाए गए हैं।
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