कोरोना संक्रमण का केंद्र बन चुका मरकज, जिसे लेकर पूरे देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। ग्वालियर के कुल 190 लोगों की टावर लोकेशन दिल्ली के संक्रमित इलाकों में पाई गई। 25 लोगों की सूची रविवार को जारी हुई थी, जिसमें 24 मुस्लिम युवक-युवती थे। 165 लोगों की सूची और जारी हुई है, जिसमें गैर मुस्लिम हैं। इनमें से कुछ पुलिसकर्मी हैं तो कुछ बीएसएफ-सीआरपीएफ जवान। कुछ व्यापारी भी हैं। इन सभी की स्क्रीनिंग के लिए दिल्ली और भोपाल से बाकायदा सूची जारी की गई, लेकिन ग्वालियर में स्क्रीनिंग के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। घर-घर जाकर स्क्रीनिंग होनी थी, लेकिन यहां फोन पर सिर्फ एक सवाल पूछा जा रहा है- सांस लेने में कोई तकलीफ तो नहीं। बस इसी सवाल से पूरी पड़ताल हो रही है। उधर मुस्लिम समाज के 14 लोगों को श्याम वाटिका में क्वारेंटाइन किया गया है। इनमें से भी सभी की सैंपलिंग नहीं की जा रही। दैनिक भास्कर ने सोमवार को जारी की गई सूची में शामिल लोगों से बात की। तब खुलासा हुआ, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इनके पास सिर्फ फोन जा रहा है। फोन पर ही इनसे सवाल पूछा जा रहा है। 165 लोगों की सूची में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें से कुछ लोग दिल्ली इलाज के लिए गए थे। किसी ने दिल्ली जाने का कारण रिश्तेदार के यहां जाना बताया तो किसी ने कहा व्यापार के सिलसिले में और जो सरकारी कर्मचारी थे उन्होंने कार्यालयीन कार्य से जाना बताया।
पड़ताल के बाद पुलिस ने कलेक्टर को भेजी जानकारी: पुलिस मुख्यालय से यह सूची ग्वालियर पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस की सायबर सेल ने इनसे फोन पर संपर्क किया। दिल्ली जाने का कारण पूछा, वहां किससे मिले। इसकी पूरी जानकारी ली। इसके बाद लिस्ट तैयार करके कलेक्टर को भेज दी। इंसीडेंट कमांडर, स्वास्थ्य विभाग को घर-घर जाकर इन लोगों की स्क्रीनिंग करनी थी। लेकिन दैनिक भास्कर ने जिन लोगों से चर्चा की, उनसे सिर्फ फोन पर ही पूछताछ की गई।
92 में से 11 तक पहुंची दैनिक भास्कर की टीम सिर्फ एक ने कहा- टीम स्क्रीनिंग के लिए आई

165 में से 28 के फोन बंद
165 लोगों की सूची में से 27 लोग अभी दिल्ली में हैं। पंजाब में 1, हरियाणा में 1, राजस्थान में 1, भिंड में 2, मुरैना में 6, आगरा में 1, झांसी में 1, जालौन में 1 और बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में 4 लोग हैं। 28 लोगों के फोन बंद हैं।
बाहर से आने वाले दें जानकारी
एसपी नवनीत भसीन ने कहा कि जो लोग दूसरे शहर से आए हैं वह खुद जानकारी दे सकते हैं। इससे हम कोरोना संक्रमण को फैलने से रोक पाएंगे। समय पर स्क्रीनिंग जरूरी है। पड़ोसी भी जानकारी दे सकते हैं।
लोकेशन दिल्ली: फिर भी छिपा रहे, कुछ बोले- हम नहीं गए दिल्ली
- अजहर अहमद: कंपू ईदगाह काशी राम की गली में रहते हैं इन्होंने बताया कि उनके नाम की सिम का उपयोग भाई दिल्ली में करता है। वह वहीं पर है।
- रोशन खान: जलाल खां की गोठ, प्रशासन से बोले जमात में हिस्सा नहीं लिया। दिल्ली काम से गया था।
- जब्बार खान: लक्ष्मीपुरम कॉलोनी, बोले जमात में गया ही नहीं। जम्मू से लौटा था।
- सैय्यद अमहद: आईआईटीटीएम मुरैना लिंक, ये अपने को छात्र बताते हैं और दिल्ली में रह रहे हैं।
- लियाकत अली: केके मार्केट बाड़ा, इन्होंने इंसीडेंट कमांडर को बताया है कि वे तो अजमेर गए थे। दिल्ली, मरकज में जाना नहीं हुआ।
- सलमान खान: काशीराम की गली छुट्टा, दिल्ली में हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं।
- इरशाद अली: आपागंज,19 मार्च को एजी आफिस में काम से गए थे। दिल्ली जाने का ब्यौरा नहीं दिया।
- शाबिर खान पठान:सिंधी कालोनी एक साल पहले ग्वालियर आए थे। अब दिल्ली मे रहते हैं।
- यूसुफ खान: पीतांबरा कॉलोनी, चालक होने के नाते सवारी छोड़ने गए थे। लेकिन जमात में नहीं गए
- आसीब अली: अपना घर कॉलोनी, इंसीडेंट कमांडर को बताया कि वे जमात में नहीं गए।
- अजीज अंसारी: मोहन नगर थाटीपुर, ये दिल्ली अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने गए थे। बोले जमात में नहीं गए।
- नेहा खान: जलाल खां की गोठ, अभी दिल्ली में है।
- अब्दुल शाही: गोमती पुरा-गली नंबर 52 में रहते हैं। बोले- दिल्ली नहीं गया।
- कमर आलम: मुरार, अब मकान बेचकर दिल्ली में रहते हैं। ग्वालियर की सिम, इसलिए पता यहां का आया।
- एजाज अंसारी: शंकरपुर, मैं भान्जी की शादी में गया था, मरकज में नहीं।
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