जिले में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले 4 मरीज के सैंपल भेजे जाने के बाद इनका आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कुछ ही दिनों में संदिग्धों की संख्या बढ़कर 99 हो चुकी है। रविवार को एक ही दिन में 49 मरीजों के सैंपल भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी होने वाली जिले के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार अभी तक 11 मरीजों की रिपोर्ट आई है। जिसमें सभी निगेटिव पाए गए हैं। लेकिन इन रिपोर्ट के बाद बीते एक सप्ताह से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट नहीं आने से लोगों में पैनिक भी है। क्योंकि जिले की 50 प्रतिशत जनसंख्या पलायन पर रहती है। लॉकडाउन के दौरान करीब 20 हजार से ज्यादा लोग जो दूसरे राज्यों व जिलों में थे उन्होंने आलीराजपुर की सीमा में प्रवेश किया है। सभी को क्वारेंटिन किया गया है। लेकिन दूसरे जिलों में लगातार पॉजिटिव मरीजों की संख्या को बढ़ता देख लोगों ने यहां की जा रही जांचों पर सवाल उठाना खड़े कर दिए हैं। वहीं सीएमएचओ डॉ. प्रकाश ढोके के अनुसार रिपोर्ट आने में देरी इसलिए हो रही है। क्योंकि जो जिले ज्यादा संक्रमित है उन्हें पहले प्राथमिकता दी जा रही है। पहले रिपोर्ट इंदौर से ही मिल जाती थी। लेकिन अब यहां के नमुनों को दिल्ली और पुणे भेजा रहा है। इसलिए देरी हो रही है। डॉ. ढाेके ने बताया कि यहां पॉजिटिव केस नहीं मिले हैं। इसलिए अब हमने सर्विलांस शुरू किया है। इसके तहत पीएससी पर आने वाले सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों के सैंपल भी भेजने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट देरी से आने के कारण कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग भी चिंता में है। इंदौर से 80 घंटे में पैदल घर पहुंचा मजदूर, परिवार को भी किया क्वारेंटाइन इंदौर में बढ़ रही पॉजिटिव मरीजों की संख्या काे देखते हुए वहां से लोग भाग कर अपने घरों की ओर आ रहे हैं। सोमवार को कोसदुना के पटेल फलिया का मजदूर इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र से 180 किमी का सफर 80 घंटे में पैदल तय कर अपने घर पहुंचा। मजदूर के आते ही सूचना जोबट बीएमओ विजय बघेल को मिली। वे टीम के साथ गांव पहुंचे और मजदूर की जांच की। मजदूर के साथ ही उसके संपर्क में आए परिवार वालों को भी 21 दिन होम क्वारेंटाइन किया गया। सेंधवा से आए लोगों पर दर्ज करें एफआईआर : पटेल 11 अप्रैल की रात को अल्पसंख्यक समाज में किसी परिवार में गमी में होने पर सेंधवा से आए हुए कुछ लोगों को एक पत्रकार अपने निवास पर लेकर गए और उन्हें आलीराजपुर में लाने में मदद की। साथ ही बड़ी संख्या में लोग जनाजे व शवयात्रा में निकल रहे थे। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। ये शिकायत कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने एसपी विपुल श्रीवास्तव से की। उन्होंने एसपी से अनुरोध किया कि ऐसे लोगों को सिर्फ क्वारेंटिन करने से काम नहीं चलेगा। किसी भी धर्म का कोई भी हो जो भी लॉकडाउन का नियम तोड़ता है उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार करना चाहिए। जिससे दूसरे नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें। सेंधवा में कई लोग निकले हैं कोरोना पॉजिटिव के मरीज पटेल ने कहा कि पुलिस प्रशासन व नागरिकों द्वारा लॉकडाउन को सफल बनाने के संकल्प की वजह से अपना जिला अभी कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह से बचा हुआ है। ऐसी स्थिति में कुछ तत्वों द्वारा सेंधवा के लोगों को अपने यहां बिना अनुमति के बुलवाना और अपने घर पर ले जाने की कार्रवाई लॉकडाउन का उल्लंघन है। जबकि सेंधवा में कई लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं इसके बाद भी सेंधवा के लोग आलीराजपुर कैसे पहुंचे इस मामले की जांच करवाई जाएं। 6 स्थानों पर हुई जांच, 78 लोगों को किया क्वारेंटाइन : टीआई मामले में टीआई दिनेश सोलंकी ने कहा कि सेंधवा से 4 लोग आए थे। रास्ते में 6 स्थानों पर उनकी जांच की गई। नानपुर चेक पोस्ट पर भी उनकी जांच हुई। उनके आते ही सूचना जिला पंचायत के कंट्रोल रूम पर भी मिली थी। इन लोगों के पास अनुमति है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। अनुमति नहीं होने पर आगे की कार्रवाई करेंगे। ये लोग जिन लोगों के संपंर्क में आए हैं। ऐसे 78 लोगों को क्वारेंटाइन किया जा चुका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The report did not come for a week because priority is being given to more infected districts, samples are being sent to Delhi, Pune instead of Indore


जिले में संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले 4 मरीज के सैंपल भेजे जाने के बाद इनका आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कुछ ही दिनों में संदिग्धों की संख्या बढ़कर 99 हो चुकी है। रविवार को एक ही दिन में 49 मरीजों के सैंपल भेजे गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी होने वाली जिले के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार अभी तक 11 मरीजों की रिपोर्ट आई है। जिसमें सभी निगेटिव पाए गए हैं। लेकिन इन रिपोर्ट के बाद बीते एक सप्ताह से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट नहीं आने से लोगों में पैनिक भी है। क्योंकि जिले की 50 प्रतिशत जनसंख्या पलायन पर रहती है। लॉकडाउन के दौरान करीब 20 हजार से ज्यादा लोग जो दूसरे राज्यों व जिलों में थे उन्होंने आलीराजपुर की सीमा में प्रवेश किया है। सभी को क्वारेंटिन किया गया है। लेकिन दूसरे जिलों में लगातार पॉजिटिव मरीजों की संख्या को बढ़ता देख लोगों ने यहां की जा रही जांचों पर सवाल उठाना खड़े कर दिए हैं।
वहीं सीएमएचओ डॉ. प्रकाश ढोके के अनुसार रिपोर्ट आने में देरी इसलिए हो रही है। क्योंकि जो जिले ज्यादा संक्रमित है उन्हें पहले प्राथमिकता दी जा रही है। पहले रिपोर्ट इंदौर से ही मिल
जाती थी। लेकिन अब यहां के नमुनों को दिल्ली और पुणे भेजा रहा है। इसलिए देरी हो रही है। डॉ. ढाेके ने बताया कि यहां पॉजिटिव केस नहीं मिले हैं। इसलिए अब हमने सर्विलांस शुरू किया है। इसके तहत पीएससी पर आने वाले सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों के सैंपल भी भेजने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट देरी से आने के कारण कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग भी चिंता में है।

इंदौर से 80 घंटे में पैदल घर पहुंचा मजदूर, परिवार को भी किया क्वारेंटाइन
इंदौर में बढ़ रही पॉजिटिव मरीजों की संख्या काे देखते हुए वहां से लोग भाग कर अपने घरों की ओर आ रहे हैं। सोमवार को कोसदुना के पटेल फलिया का मजदूर इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र से 180 किमी का सफर 80 घंटे में पैदल तय कर अपने घर पहुंचा। मजदूर के आते ही सूचना जोबट बीएमओ विजय बघेल को मिली। वे टीम के साथ गांव पहुंचे और मजदूर की जांच की। मजदूर के साथ ही उसके संपर्क में आए परिवार वालों को भी 21 दिन होम क्वारेंटाइन किया गया।

सेंधवा से आए लोगों पर दर्ज करें एफआईआर : पटेल

11 अप्रैल की रात को अल्पसंख्यक समाज में किसी परिवार में गमी में होने पर सेंधवा से आए हुए कुछ लोगों को एक पत्रकार अपने निवास पर लेकर गए और उन्हें आलीराजपुर में लाने में मदद की। साथ ही बड़ी संख्या में लोग जनाजे व शवयात्रा में निकल रहे थे। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। ये शिकायत कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने एसपी विपुल श्रीवास्तव से की। उन्होंने एसपी से अनुरोध किया कि ऐसे लोगों को सिर्फ क्वारेंटिन करने से काम नहीं चलेगा। किसी भी धर्म का कोई भी हो जो भी लॉकडाउन का नियम तोड़ता है उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार करना चाहिए। जिससे दूसरे नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
सेंधवा में कई लोग निकले हैं कोरोना पॉजिटिव के मरीज
पटेल ने कहा कि पुलिस प्रशासन व नागरिकों द्वारा लॉकडाउन को सफल बनाने के संकल्प की वजह से अपना जिला अभी कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह से बचा हुआ है। ऐसी स्थिति में कुछ तत्वों द्वारा सेंधवा के लोगों को अपने यहां बिना अनुमति के बुलवाना और अपने घर पर ले जाने की कार्रवाई लॉकडाउन का उल्लंघन है। जबकि सेंधवा में कई लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं इसके बाद भी सेंधवा के लोग आलीराजपुर कैसे पहुंचे इस मामले की जांच करवाई जाएं।
6 स्थानों पर हुई जांच, 78 लोगों को किया क्वारेंटाइन : टीआई
मामले में टीआई दिनेश सोलंकी ने कहा कि सेंधवा से 4 लोग आए थे। रास्ते में 6 स्थानों पर उनकी जांच की गई। नानपुर चेक पोस्ट पर भी उनकी जांच हुई। उनके आते ही सूचना जिला पंचायत के कंट्रोल रूम पर भी मिली थी। इन लोगों के पास अनुमति है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। अनुमति नहीं होने पर आगे की कार्रवाई करेंगे। ये लोग जिन लोगों के संपंर्क में आए हैं। ऐसे 78 लोगों को क्वारेंटाइन किया जा चुका है।



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The report did not come for a week because priority is being given to more infected districts, samples are being sent to Delhi, Pune instead of Indore


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