जिला प्रशासन के आदेश पर बिजावर एसडीएम और नायब तहसीलदार ने सोमवार की शाम लखनगुवां खरीदी केंद्र पर पहुंचकर गेहूं की जांच की। जांच में 35 बारियों में गेहूं की क्वालिटी घटिया पाए जाने पर उन्होंने पिपट थाने में समिति प्रबंधक और केंद्र प्रभारी पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम और लॉकडाउन उल्लंघन की धाराओं सहित मामला दर्ज कराया। यह गेहूं एक साल पुराना है। संगठित सिंडिकेट की मिलीभगत से घटिया गेहूं और फर्जी पंजीयन पर गेहूं खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दिए जाने पर बिजावर एसडीएम डीपी द्विवेदी और नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी ने सोमवार शाम अचानक लखनगुवां सोसायटी गेहूं खरीदी केंद्र पर छापामार कार्रवाई की। इस निरीक्षण के दौरान शासकीय बोरियों में 35 बोरियों में करीब साढ़े 17 क्विंटल अमानक गेहूं पाया गया। इस मौके पर सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी रतन कुमरे भी मौजूद रहे। अमानक स्तर का गेहूं खरीदी करते पाए जाने पर एसडीएम ने निर्देश देते हुए जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक शाखा प्रबंधक अजय असाटी पिपट थाने भेजा और समिति प्रबंधक मुकेश यादव और केंद्र प्रभारी अशोक खरे पर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मुकेश यादव और अशोक खरे के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम और लॉकडाउन के उल्लंघन की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। क्वालिटी कंट्रोलर करेगा पूरी जांच : गौरतलब है कि इसके पहले गुलगंज खरीदी केंद्र पर खरीदी के एक दिन पहले ही बड़ी मात्रा में गेहूं सरकारी बोरियों में भरकर बिक्री के लिए रख लिया गया है। एसडीएम के निरीक्षण में यह मामला उजागर हुआ। इसके बाद संबंधित केंद्र प्रभारी और समिति प्रबंधक अरुण पाठक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। अब प्रशासन लखनगुवां सोसाइटी खरीदी केंद्र पर जब्त किए गए गेहूं की जांच मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड छतरपुर के क्वालिटी कंट्रोलर से भी कराएगा। कैसे सामने आया घटिया गेहूं का मामला जानकारी के अनुसार लखनगुंवा खरीदी केंद्र द्वारा ट्रक में भरकर 700 बोरियां पठापुर स्थित सुमित्रादेवी वेयर हाउस भेजी गईं। वेयर हाउस मैनेजर दयाराम प्रजापति ने ट्रक में लदी 315 बोरियों में से कुछ को चैक किया। इस दौरान उसे तीन बोरियों में घटिया गेहूं मिला। मैनेज ने इसकी सूचना वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंधक आरए मिश्रा को दी। मौके पर पहुंचे वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंधक को कुछ बोरियों में घटिया और घुना हुआ गेहूं मिला। इसके बाद उन्होंने छतरपुर एसडीएम प्रियांशी भंवर और कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को मौके पर बुलाया। इसके पहले अधिकारी मौके पर पहुंचते पल्लेदारों ने ट्रक में भरी 315 गेहूं की बोरियों काे उतारते हुए अलग से रखवा दिया। ट्रक से माल उतर जाने के कारण खराब गेहूं की बारियां नीचे दब गई। इसके बाद वेयर हाउस प्रबंधन ने कलेक्टर और एसडीएम को खराब गेहूं की बानगी दिखाते हुए जांच की बात कही। इसके बाद कलेक्टर ने बिजावर एसडीएम और नायब तहसीलदार को खरीदी केंद्र पर भेजते हुए जांच कराई तो पूरा मामला सामने आ गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Bought wheat a year old, case on committee manager and center in charge


जिला प्रशासन के आदेश पर बिजावर एसडीएम और नायब तहसीलदार ने सोमवार की शाम लखनगुवां खरीदी केंद्र पर पहुंचकर गेहूं की जांच की। जांच में 35 बारियों में गेहूं की क्वालिटी घटिया पाए जाने पर उन्होंने पिपट थाने में समिति प्रबंधक और केंद्र प्रभारी पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम और लॉकडाउन उल्लंघन की धाराओं सहित मामला दर्ज कराया। यह गेहूं एक साल पुराना है।
संगठित सिंडिकेट की मिलीभगत से घटिया गेहूं और फर्जी पंजीयन पर गेहूं खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दिए जाने पर बिजावर एसडीएम डीपी द्विवेदी और नायब तहसीलदार दुर्गेश तिवारी ने सोमवार शाम अचानक लखनगुवां सोसायटी गेहूं खरीदी केंद्र पर छापामार कार्रवाई की। इस निरीक्षण के दौरान शासकीय बोरियों में 35 बोरियों में करीब साढ़े 17 क्विंटल अमानक गेहूं पाया गया। इस मौके पर सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी रतन कुमरे भी मौजूद रहे। अमानक स्तर का गेहूं खरीदी करते पाए जाने पर एसडीएम ने निर्देश देते हुए जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक शाखा प्रबंधक अजय असाटी पिपट थाने भेजा और समिति प्रबंधक मुकेश यादव और केंद्र प्रभारी अशोक खरे पर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मुकेश यादव और अशोक खरे के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम और लॉकडाउन के उल्लंघन की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
क्वालिटी कंट्रोलर करेगा पूरी जांच : गौरतलब है कि इसके पहले गुलगंज खरीदी केंद्र पर खरीदी के एक दिन पहले ही बड़ी मात्रा में गेहूं सरकारी बोरियों में भरकर बिक्री के लिए रख लिया गया है। एसडीएम के निरीक्षण में यह मामला उजागर हुआ। इसके बाद संबंधित केंद्र प्रभारी और समिति प्रबंधक अरुण पाठक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। अब प्रशासन लखनगुवां सोसाइटी खरीदी केंद्र पर जब्त किए गए गेहूं की जांच मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड छतरपुर के क्वालिटी कंट्रोलर से भी कराएगा।

कैसे सामने आया घटिया गेहूं का मामला
जानकारी के अनुसार लखनगुंवा खरीदी केंद्र द्वारा ट्रक में भरकर 700 बोरियां पठापुर स्थित सुमित्रादेवी वेयर हाउस भेजी गईं। वेयर हाउस मैनेजर दयाराम प्रजापति ने ट्रक में लदी 315 बोरियों में से कुछ को चैक किया। इस दौरान उसे तीन बोरियों में घटिया गेहूं मिला। मैनेज ने इसकी सूचना वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंधक आरए मिश्रा को दी। मौके पर पहुंचे वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंधक को कुछ बोरियों में घटिया और घुना हुआ गेहूं मिला। इसके बाद उन्होंने छतरपुर एसडीएम प्रियांशी भंवर और कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को मौके पर बुलाया। इसके पहले अधिकारी मौके पर पहुंचते पल्लेदारों ने ट्रक में भरी 315 गेहूं की बोरियों काे उतारते हुए अलग से रखवा दिया। ट्रक से माल उतर जाने के कारण खराब गेहूं की बारियां नीचे दब गई। इसके बाद वेयर हाउस प्रबंधन ने कलेक्टर और एसडीएम को खराब गेहूं की बानगी दिखाते हुए जांच की बात कही। इसके बाद कलेक्टर ने बिजावर एसडीएम और नायब तहसीलदार को खरीदी केंद्र पर भेजते हुए जांच कराई तो पूरा मामला सामने आ गया।



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