हमीदिया अस्पताल में काेराेना पाॅजिटिव गर्भवती महिला की नॉर्मल डिलीवरी के 9 घंटे बाद माैत हाे गई। डिलीवरी से करीब 7 घंटे पहले ही महिला के गर्भ में बच्ची की माैत हाे गई थी। बुधवार शाम 6 बजे अाई रिपाेर्ट में इसकी पुष्टि हाेने के बाद रात 1 बजे डिलीवरी कराई गई थी, जबकि वेंटिलेटर पर चल रही महिला की गुरुवार सुबह 10 बजे माैत हुई। इससे पहले सुल्तानिया अस्पताल की डाॅक्टराें ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद नाॅर्मल डिलीवरी कराई थी। जहांगीराबाद निवासी 23 वर्षीय महिला काे 34 सप्ताह का गर्भ था। सांस लेने में तकलीफ हाेने पर परिजन 26 मई काे उन्हें सुल्तानिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डाॅक्टराें ने प्रसूता काे भर्ती कर इलाज शुरू किया। प्रसूता कंटेंमेंट एरिया की हाेने के कारण सुरक्षा के लिहाज से उन्हें अलग कमरे में भर्ती किया था। हालत में सुधार नहीं हाेने पर गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल भेजा था। काेराेना जांच कराई ताे रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई। जीएमसी डीन डाॅ. अरुणा कुमार ने बताया कि महिला के बच्चे की माैत पेट में ही हाे गई थी। उसकी डिलीवरी कराना जरूरी था, लेकिन सिजेरियन से महिला की जान के जाेखिम काे देखते हुए नाॅर्मल डिलीवरी कराई थी। डाॅक्टराें की टीम ने बहुत मेहनत की, लेकिन काेराेना के कारण उनके लंग्स पूरे सफेद हाे गए थे। दुर्भाग्य से उनकी जान नहीं बच पाई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 9 hours after delivery, the woman also succumbed, the baby was beaten in the womb of the positive woman.


हमीदिया अस्पताल में काेराेना पाॅजिटिव गर्भवती महिला की नॉर्मल डिलीवरी के 9 घंटे बाद माैत हाे गई। डिलीवरी से करीब 7 घंटे पहले ही महिला के गर्भ में बच्ची की माैत हाे गई थी। बुधवार शाम 6 बजे अाई रिपाेर्ट में इसकी पुष्टि हाेने के बाद रात 1 बजे डिलीवरी कराई गई थी, जबकि वेंटिलेटर पर चल रही महिला की गुरुवार सुबह 10 बजे माैत हुई। इससे पहले सुल्तानिया अस्पताल की डाॅक्टराें ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद नाॅर्मल डिलीवरी कराई थी।

जहांगीराबाद निवासी 23 वर्षीय महिला काे 34 सप्ताह का गर्भ था। सांस लेने में तकलीफ हाेने पर परिजन 26 मई काे उन्हें सुल्तानिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डाॅक्टराें ने प्रसूता काे भर्ती कर इलाज शुरू किया। प्रसूता कंटेंमेंट एरिया की हाेने के कारण सुरक्षा के लिहाज से उन्हें अलग कमरे में भर्ती किया था। हालत में सुधार नहीं हाेने पर गुरुवार सुबह हमीदिया अस्पताल भेजा था। काेराेना जांच कराई ताे रिपाेर्ट पाॅजिटिव अाई। जीएमसी डीन डाॅ. अरुणा कुमार ने बताया कि महिला के बच्चे की माैत पेट में ही हाे गई थी। उसकी डिलीवरी कराना जरूरी था, लेकिन सिजेरियन से महिला की जान के जाेखिम काे देखते हुए नाॅर्मल डिलीवरी कराई थी। डाॅक्टराें की टीम ने बहुत मेहनत की, लेकिन काेराेना के कारण उनके लंग्स पूरे सफेद हाे गए थे। दुर्भाग्य से उनकी जान नहीं बच पाई।



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9 hours after delivery, the woman also succumbed, the baby was beaten in the womb of the positive woman.


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