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मुंबई से पटना जा रही श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों को मुख्य रेलवे स्टेशन पर फफूँद लगा भोजन वितरित करने वाले रेलवे के कैटरर मो. इब्राहिम एंड संस की श्रमिक ट्रेनों में दी जा रही सेवाओं पर रोक लगाने के आदेश आईआरसीटीसी ने शनिवार को जारी कर दिए हैं, साथ ही दूषित भोजन के वितरण को गंभीर मानते हुए जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आईआरसीटीसी के पीआरओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया किदिल्ली तक दूषित भोजन की सप्लाई के मामले की गूंज पहुँचने के बाद आईआरसीटीसी ने पूरे घटनाक्रम की जाँच-पड़ताल कराने के बाद रेलवे फूड स्टॉल लाइसेंसी मेसर्स मो. इब्राहिम एंड संस की यह हरकतें सामने आईं कि ठेकेदार न केवल दूषित खाना यात्रियों को दे रहा था, बल्कि खाने के पैकेट का जो ठेका उसने लिया था उसमें भी वो गफलत कर रहा था। पैकेट में 5 थेपले , 2 केले और 1 केक उपलब्ध कराने की बजाय वो 1 थेपला ही पैकेट में रखकर यात्रियों को दे रहा था। इस धोखाधड़ी के लिए आईआरसीटीसी ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाने को कहा है। आईआरसीटीसी के आदेश आने के बाद वाणिज्य विभाग ने भी ठेकेदार को नाेटिस जारी कर श्रमिक ट्रेनों में भोजन वितरण पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि29 मई को मुंबई-पटना श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों ने उस समय स्टेशन पर हंगामा मचा दिया था, जब उन्हें खाने के लिए फफूँद लगे पराठे और थेपला दिया गया। भोजन इतना पुराना और बदबूदार था कि यात्रियों को उल्टी होने लगी। यात्रियों के हंगामे के बाद स्टेशन कमर्शियल मैनेजर ने मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक नील कमल को बुलवाकर भोजन का सैम्पल लेने को कहा था, लेकिन उसने ठेकेदार की काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए दूषित भोजन की बजाय भोजन के अच्छे पैकेट से सैम्पल लिए थे, जिसे लेकर जीआरपी थाना प्रभारी मनजीत सिंह के साथ मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक की नोक-झोंक भी हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने फफूँद लगा सारा खाना नष्ट करवा दिया था और ठेकेदार को फटकार लगाई थी। एनएसयूआई ने जाँच की माँग कर ज्ञापन सौंपावहीं एनएसयूआई के प्रदेश सचिव राहुल रजक ने श्रमिकों को दूषित भोजन दिए जाने पर विरोध जताते हुए डीआरएम को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कार्रवाई की माँग की। हम रोज ताजा खाना बनवा कर श्रमिक ट्रेनों में वितरित करते हैं, कल स्टाफ में किसी ने गलती से पुराना, बचे स्टॉक का पैकेट रख दिया होगा, जिसकी वजह से ऐसा हो गया। - मो. वसीम, संचालक मेसर्स मो. इब्राहिम एंड संस Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today IRCTC bans contractor's services when food was molded




मुंबई से पटना जा रही श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों को मुख्य रेलवे स्टेशन पर फफूँद लगा भोजन वितरित करने वाले रेलवे के कैटरर मो. इब्राहिम एंड संस की श्रमिक ट्रेनों में दी जा रही सेवाओं पर रोक लगाने के आदेश आईआरसीटीसी ने शनिवार को जारी कर दिए हैं, साथ ही दूषित भोजन के वितरण को गंभीर मानते हुए जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आईआरसीटीसी के पीआरओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया किदिल्ली तक दूषित भोजन की सप्लाई के मामले की गूंज पहुँचने के बाद आईआरसीटीसी ने पूरे घटनाक्रम की जाँच-पड़ताल कराने के बाद रेलवे फूड स्टॉल लाइसेंसी मेसर्स मो. इब्राहिम एंड संस की यह हरकतें सामने आईं कि ठेकेदार न केवल दूषित खाना यात्रियों को दे रहा था, बल्कि खाने के पैकेट का जो ठेका उसने लिया था उसमें भी वो गफलत कर रहा था। पैकेट में 5 थेपले , 2 केले और 1 केक उपलब्ध कराने की बजाय वो 1 थेपला ही पैकेट में रखकर यात्रियों को दे रहा था।
इस धोखाधड़ी के लिए आईआरसीटीसी ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाने को कहा है। आईआरसीटीसी के आदेश आने के बाद वाणिज्य विभाग ने भी ठेकेदार को नाेटिस जारी कर श्रमिक ट्रेनों में भोजन वितरण पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि29 मई को मुंबई-पटना श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों ने उस समय स्टेशन पर हंगामा मचा दिया था, जब उन्हें खाने के लिए फफूँद लगे पराठे और थेपला दिया गया। भोजन इतना पुराना और बदबूदार था कि यात्रियों को उल्टी होने लगी। यात्रियों के हंगामे के बाद स्टेशन कमर्शियल मैनेजर ने मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक नील कमल को बुलवाकर भोजन का सैम्पल लेने को कहा था, लेकिन उसने ठेकेदार की काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए दूषित भोजन की बजाय भोजन के अच्छे पैकेट से सैम्पल लिए थे, जिसे लेकर जीआरपी थाना प्रभारी मनजीत सिंह के साथ मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक की नोक-झोंक भी हो गई थी। मामले की जानकारी मिलने पर वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने फफूँद लगा सारा खाना नष्ट करवा दिया था और ठेकेदार को फटकार लगाई थी।
एनएसयूआई ने जाँच की माँग कर ज्ञापन सौंपावहीं एनएसयूआई के प्रदेश सचिव राहुल रजक ने श्रमिकों को दूषित भोजन दिए जाने पर विरोध जताते हुए डीआरएम को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कार्रवाई की माँग की।
हम रोज ताजा खाना बनवा कर श्रमिक ट्रेनों में वितरित करते हैं, कल स्टाफ में किसी ने गलती से पुराना, बचे स्टॉक का पैकेट रख दिया होगा, जिसकी वजह से ऐसा हो गया।
- मो. वसीम, संचालक
मेसर्स मो. इब्राहिम एंड संस

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IRCTC bans contractor's services when food was molded
मुंबई से पटना जा रही श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों को मुख्य रेलवे स्टेशन पर फफूँद लगा भोजन वितरित करने वाले रेलवे के कैटरर मो. इब्राहिम एंड संस की श्रमिक ट्रे…
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चौथे चरण का लॉकडाउन आज खत्म हो जायेगा और रविवार को बाजार और दुकानें भी बंद रहेंगी। पिछले दो दिनों से ऑड-ईवन फाॅर्मूले पर दुकानों को खोला जाना था लेकिन दुकानदारों को यह सिस्टम समझ में ही नहीं आ रहा है या फिर वे जान बूझकर दुकानें खोल रहे हैं। जो दुकानें शुक्रवार को खुली थीं उन्हें शनिवार को बंद रखा जाना था लेकिन बाजारों में लाइन से दुकानें खुली थीं। बड़ा फुहारा, गंजीपुरा, अंधेरदेव, सदर, गढ़ा सहित शहर के कई क्षेत्रों में दुकानें नियमों को तोड़कर खोली गईं थीं जिसके बाद अधिकारियों की टीम पहुँची और समझाइश दी। कुछ जगह तो चालानी कार्रवाई भी की गई। डिप्टी कलेक्टर प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि सराफा और आसपास के क्षेत्रों में पहुँचे और दुकानदारों से कहा कि वे नियम से ही दुकानें खोलें नहीं तो सोमवार से उन पर कार्रवाई की जायेगी। आज रविवार को अब दुकानें और बाजार ग्रीन जोन एरिया में भी बंद रखा जाना है अगर किसी दुकानदार ने दुकान खोली तो चालानी कार्रवाई होगी। 1 जून से नये सिरे से गाइडलाइन तय होगी और कुछ रियायतें बढ़ेंगी लेकिन कंटेनमेंट एरिया में कोई भी छूट अभी नहीं मिलेगी। आधी शटर खोलकर बैठे रहे दुकानदारों ने बेझिझक दुकानें खोलीं जिन्होंने एक दिन पहले अपना व्यापार किया था। कुछ दुकानदारों ने आधी शटर खोलकर ही व्यापार चालू रखा। वहीं कुछ दुकानदार ऐसे भी रहे जिनकी दुकानों में दो शटर लगी हैं तो एक शटर बंद रखी जिससे ऐसा लगे कि एक दुकान छोड़कर ही दुकान खुली है। सोमवार से अब पाँचवे चरण का लॉकडाउन शुरू होगा लेकिन इसमें रियायतें और बढ़ेंगी इसलिए दुकानदार कोरोना वायरस को देखते हुए और जिले में फैल रहे संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ही काम करें और सावधानी बरतें इसी में सभी का फायदा है। आलूबंडा-समोसे बिक रहे होटल, रेस्टाॅरेंट में अभी खोलने और खानपान की सामग्री जैसे समोसा, आलूबंडा बेचने पर पाबंदी लगी है। इसके बाद भी कोतवाली और अंधेरदेव क्षेत्र में दुकानें खुली रहीं और लोग समोसे भी खा रहे थे। जबकि खानपान की सामग्री में पूरी सावधानी बरतने के आदेश दिये गये हैं इसके बाद भी लोग समझने तैयार नहीं हैं। पड़ाव सब्जी मंडी कल से खुलेगी शहर में अब सभी तरह की दुकानें खुल रही हैं तो सब्जी मंडी को आखिर क्यों बंद रखा गया है। पड़ाव सब्जी मंडी के व्यापारियों ने शनिवार को यह बात अधिकारियों से कही। सब्जी दुकानों को खोलने को लेकर पड़ाव में बहुत देर तक हंगामा भी मचा रहा। हालाँकि बाद में यह तय हुआ कि 1 जून से सब्जी मंडी को खोल दिया जायेगा। इस दौरान अधारताल एसडीएम ऋषभ जैन भी पहुँच गये, उन्होंने सब्जी व्यापारियों से कहा कि नियमों का पालन किया जाये तो प्रशासन को कोई परेशानी नहीं है। व्यापारी खुद ही यह तय कर लें कि कौन सी दुकान किस दिन खोलनी है। नियम के अनुसार एक दुकान छोड़कर एक दुकान खोली जानी है यह फैसला उनके ऊपर छोड़ा है उसके बाद यहाँ व्यापार किया जा सकता है। राज्य की गाइडलाइन के अनुसार लेंगे निर्णय प्रदेश सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी करने के बाद ही जबलपुर की गाइडलाइन के लिये निर्णय लिया जायेगा। वैसे भी शहर धीरे-धीरे खुल रहा है। आगे भी और रियायतें दी जायेंगी। लोगों और व्यापारियों के लिये जो नियम तय किये गये हैं उनका पालन करना होगा नहीं तो जुर्माना की कार्यवाही की जा रही है। भरत यादव, कलेक्टर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Shopkeepers involved in aud-even, officers arrived to explain




चौथे चरण का लॉकडाउन आज खत्म हो जायेगा और रविवार को बाजार और दुकानें भी बंद रहेंगी। पिछले दो दिनों से ऑड-ईवन फाॅर्मूले पर दुकानों को खोला जाना था लेकिन दुकानदारों को यह सिस्टम समझ में ही नहीं आ रहा है या फिर वे जान बूझकर दुकानें खोल रहे हैं। जो दुकानें शुक्रवार को खुली थीं उन्हें शनिवार को बंद रखा जाना था लेकिन बाजारों में लाइन से दुकानें खुली थीं। बड़ा फुहारा, गंजीपुरा, अंधेरदेव, सदर, गढ़ा सहित शहर के कई क्षेत्रों में दुकानें नियमों को तोड़कर खोली गईं थीं

जिसके बाद अधिकारियों की टीम पहुँची और समझाइश दी। कुछ जगह तो चालानी कार्रवाई भी की गई। डिप्टी कलेक्टर प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि सराफा और आसपास के क्षेत्रों में पहुँचे और दुकानदारों से कहा कि वे नियम से ही दुकानें खोलें नहीं तो सोमवार से उन पर कार्रवाई की जायेगी। आज रविवार को अब दुकानें और बाजार ग्रीन जोन एरिया में भी बंद रखा जाना है अगर किसी दुकानदार ने दुकान खोली तो चालानी कार्रवाई होगी। 1 जून से नये सिरे से गाइडलाइन तय होगी और कुछ रियायतें बढ़ेंगी लेकिन कंटेनमेंट एरिया में कोई भी छूट अभी नहीं मिलेगी।

आधी शटर खोलकर बैठे रहे
दुकानदारों ने बेझिझक दुकानें खोलीं जिन्होंने एक दिन पहले अपना व्यापार किया था। कुछ दुकानदारों ने आधी शटर खोलकर ही व्यापार चालू रखा। वहीं कुछ दुकानदार ऐसे भी रहे जिनकी दुकानों में दो शटर लगी हैं तो एक शटर बंद रखी जिससे ऐसा लगे कि एक दुकान छोड़कर ही दुकान खुली है। सोमवार से अब पाँचवे चरण का लॉकडाउन शुरू होगा लेकिन इसमें रियायतें और बढ़ेंगी इसलिए दुकानदार कोरोना वायरस को देखते हुए और जिले में फैल रहे संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ही काम करें और सावधानी बरतें इसी में सभी का फायदा है।

आलूबंडा-समोसे बिक रहे
होटल, रेस्टाॅरेंट में अभी खोलने और खानपान की सामग्री जैसे समोसा, आलूबंडा बेचने पर पाबंदी लगी है। इसके बाद भी कोतवाली और अंधेरदेव क्षेत्र में दुकानें खुली रहीं और लोग समोसे भी खा रहे थे। जबकि खानपान की सामग्री में पूरी सावधानी बरतने के आदेश दिये गये हैं इसके बाद भी लोग समझने तैयार नहीं हैं।

पड़ाव सब्जी मंडी कल से खुलेगी
शहर में अब सभी तरह की दुकानें खुल रही हैं तो सब्जी मंडी को आखिर क्यों बंद रखा गया है। पड़ाव सब्जी मंडी के व्यापारियों ने शनिवार को यह बात अधिकारियों से कही। सब्जी दुकानों को खोलने को लेकर पड़ाव में बहुत देर तक हंगामा भी मचा रहा। हालाँकि बाद में यह तय हुआ कि 1 जून से सब्जी मंडी को खोल दिया जायेगा। इस दौरान अधारताल एसडीएम ऋषभ जैन भी पहुँच गये, उन्होंने सब्जी व्यापारियों से कहा कि नियमों का पालन किया जाये तो प्रशासन को कोई परेशानी नहीं है। व्यापारी खुद ही यह तय कर लें कि कौन सी दुकान किस दिन खोलनी है। नियम के अनुसार एक दुकान छोड़कर एक दुकान खोली जानी है यह फैसला उनके ऊपर छोड़ा है उसके बाद यहाँ व्यापार किया जा सकता है।

राज्य की गाइडलाइन के अनुसार लेंगे निर्णय
प्रदेश सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी करने के बाद ही जबलपुर की गाइडलाइन के लिये निर्णय लिया जायेगा। वैसे भी शहर धीरे-धीरे खुल रहा है। आगे भी और रियायतें दी जायेंगी। लोगों और व्यापारियों के लिये जो नियम तय किये गये हैं उनका पालन करना होगा नहीं तो जुर्माना की कार्यवाही की जा रही है।
भरत यादव, कलेक्टर

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Shopkeepers involved in aud-even, officers arrived to explain
चौथे चरण का लॉकडाउन आज खत्म हो जायेगा और रविवार को बाजार और दुकानें भी बंद रहेंगी। पिछले दो दिनों से ऑड-ईवन फाॅर्मूले पर दुकानों को खोला जाना था लेकिन दुकानदा…
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ईट भट्‌ठों से निकलने वाला धुआं नगर के वाशिंदों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हालत यह है कि नगरीय सीमा के अंदर ही एक सैकड़ा से अधिक ईंट भट्‌ठे लगाए गए हैं। इनसे निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाही की चादर ओढ़कर खामेाश हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान सुलग रहे ईंट भट्‌ठोंं से तपन और बढ़ गई है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वहीं लगातार धुआं उत्सर्जन से लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगरीय सीमा में आबादी क्षेत्र के बीच करीब सौ से अधिक ईंट भट्‌ठे लगाए गए हैं। लगातार इन भट्‌ठों से निकलने वाले धुआं और तपन से स्थानी रहवासी परेशान हैं। इस संबंध में लोग कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिम्मेदार केवल जांच करने का अश्वासन देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में सुलग रहे ईंट भट्‌ठे कई सवाल खड़े कर रहे हैं। सरकारी जमीन पर भट्‌ठे स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकांश ईंट भट्‌ठे सरकारी जमीन पर लगाए गए हैं। इसके बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय निवासी दिनेश सोनी, विपिन झारिया का कहना है कि भट्‌ठों से निकलने वाले धुएं के कारण बुजुर्ग और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इसकी शिकायत नगर परिषद और तहसीलदार से भी की गई है। इनका कहना है नगरीय सीमा में लगे 35 ईंट भट्‌ठो संचालकों को नोटिस जारी किया गया है, शीघ्र ही उन पर कार्रवाई की जाएगी। जेपी सेन, नगर पालिका सीएमओ Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Brick kilns are burning, it is difficult to breathe in pollution




ईट भट्‌ठों से निकलने वाला धुआं नगर के वाशिंदों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हालत यह है कि नगरीय सीमा के अंदर ही एक सैकड़ा से अधिक ईंट भट्‌ठे लगाए गए हैं। इनसे निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाही की चादर ओढ़कर खामेाश हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान सुलग रहे ईंट भट्‌ठोंं से तपन और बढ़ गई है, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। वहीं लगातार धुआं उत्सर्जन से लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नगरीय सीमा में आबादी क्षेत्र के बीच करीब सौ से अधिक ईंट भट्‌ठे लगाए गए हैं। लगातार इन भट्‌ठों से निकलने वाले धुआं और तपन से स्थानी रहवासी परेशान हैं। इस संबंध में लोग कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिम्मेदार केवल जांच करने का अश्वासन देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में सुलग रहे ईंट भट्‌ठे कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
सरकारी जमीन पर भट्‌ठे
स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकांश ईंट भट्‌ठे सरकारी जमीन पर लगाए गए हैं। इसके बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय निवासी दिनेश सोनी, विपिन झारिया का कहना है कि भट्‌ठों से निकलने वाले धुएं के कारण बुजुर्ग और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इसकी शिकायत नगर परिषद और तहसीलदार से भी की गई है।
इनका कहना है
नगरीय सीमा में लगे 35 ईंट भट्‌ठो संचालकों को नोटिस जारी किया गया है, शीघ्र ही उन पर कार्रवाई की जाएगी।
जेपी सेन, नगर पालिका सीएमओ

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Brick kilns are burning, it is difficult to breathe in pollution
ईट भट्‌ठों से निकलने वाला धुआं नगर के वाशिंदों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हालत यह है कि नगरीय सीमा के अंदर ही एक सैकड़ा से अधिक ईंट भट्‌ठे लगाए गए हैं। …
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देश व्यापी घोषित लॉक डाउन के कारण किसानों को तगड़ा नुकसान हुआ है। ग्रीष्मकालीन फलों और सब्जी की खेती करने वाले किसानों की कमर टूट गई है। आधी से अधिक फसल खेतों में ही खराब हो गई है। गौरतबल है कि पाटन क्षेत्र में खरबूत, तरबूज, ककड़ी की फसल बड़े रकबे में किसान बोते हैं। इस बार भी किसानों ने खेतों में ये फसलें बाई थीं। लेकिन अचानक से घोषित हुए लॉक डाउन के कारण किसान फसल तुड़वा नहीं पाए। किसान रामखिलावन ने बताया कि पाटन में एक पॉजिटिव मरीज मिलने के कारण क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया गया था। जिसके कारण सभी गतिविधियां बंद हो गईं। इस दौरान किसान अपनी खरबूज और तरबूज की फसल नहीं तुड़वा पाए। इससे खेतों में ही फसल खराब हो गई। अब रियायत मिलने के बाद किसान अपनी फसल तुड़वा रहे हैं। एक साथ तुड़वाई के कारण तरबूज के दाम बाजार में घट गए हैं। इससे भी किसानों को काफी नुकसान हुआ है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Melon crop spoiled in the field itself




देश व्यापी घोषित लॉक डाउन के कारण किसानों को तगड़ा नुकसान हुआ है। ग्रीष्मकालीन फलों और सब्जी की खेती करने वाले किसानों की कमर टूट गई है। आधी से अधिक फसल खेतों में ही खराब हो गई है। गौरतबल है कि पाटन क्षेत्र में खरबूत, तरबूज, ककड़ी की फसल बड़े रकबे में किसान बोते हैं। इस बार भी किसानों ने खेतों में ये फसलें बाई थीं। लेकिन अचानक से घोषित हुए लॉक डाउन के कारण किसान फसल तुड़वा नहीं पाए।
किसान रामखिलावन ने बताया कि पाटन में एक पॉजिटिव मरीज मिलने के कारण क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया गया था। जिसके कारण सभी गतिविधियां बंद हो गईं। इस दौरान किसान अपनी खरबूज और तरबूज की फसल नहीं तुड़वा पाए। इससे खेतों में ही फसल खराब हो गई। अब रियायत मिलने के बाद किसान अपनी फसल तुड़वा रहे हैं। एक साथ तुड़वाई के कारण तरबूज के दाम बाजार में घट गए हैं। इससे भी किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

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Melon crop spoiled in the field itself
देश व्यापी घोषित लॉक डाउन के कारण किसानों को तगड़ा नुकसान हुआ है। ग्रीष्मकालीन फलों और सब्जी की खेती करने वाले किसानों की कमर टूट गई है। आधी से अधिक फसल खेतों…
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बरगी क्षेत्र में चार नए मरीज मिलने से हड़कंप की स्थिति रही। इनमें से एक मरीज के घूमने की सूचना मिलने के बाद बरगी के वार्ड नंबर 7 को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर सील कर दिया गया है। वहीं दो अन्य मरीज संस्थागत क्वारंटीन थे व एक मरीज होम क्वरंटीन था। पॉजिटिव मरीज के घूमने की सूचना के बाद से ही बरगी में हड़कंप की स्थिति है। अब स्वास्थ्य विभाग मरीज के संपर्क में आए लोगों को तलाशने में जुट गया है। पूना से आए युवक निकले पॉजिटिव बीएमओ डॉ राजेश राज ने बताया कि ग्राम पंचातय ढोड़ा के दो युवक कुछ दिनों पहले पूना से आए थे। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को ही कोही ग्राम पंचायत भवन में क्वारंटीन किया गया था। इसके अलावा भोपाल से आए 4 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया था, इनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं चौथा व्यक्ति बरगी रेलवे स्टेशन रोड में रहता है, वह अपने पर्सनल वाहन से भिलाई से 27 मार्च आया था। सभी चारों मरीजों को इलाज के लिए सुखसागर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। संक्रमित के घूमने की मिली सूचना के बाद मचा हड़कंप भिलाई से आए मरीज के बारे में प्रशासन को सूचना मिली है कि होम क्वारंटीन किए जाने के बाद भी वह घूम रहा था। आवाजाही की खबर मिलने के बाद प्रशासन ने उसके निवास के आसपास के क्षेत्र को कंटनेमेंट क्षेत्र घोषित कर सील कर दिया है। वहीं लोग भी इससे भय में हैं। संस्थागत क्वारंटीन होंगे सभी प्रशासन ने बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए व्यवस्था की है। सभी को संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को होम क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। दरअसल अभी तक यह शिकायतें सामने आई हैं कि होम क्वारंटीन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते एहतियात के तौर पर सभी को संस्थागत क्वारंटीन करने का निर्णय लिया गया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 4 positives found in Bargi area, stir




बरगी क्षेत्र में चार नए मरीज मिलने से हड़कंप की स्थिति रही। इनमें से एक मरीज के घूमने की सूचना मिलने के बाद बरगी के वार्ड नंबर 7 को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर सील कर दिया गया है। वहीं दो अन्य मरीज संस्थागत क्वारंटीन थे व एक मरीज होम क्वरंटीन था। पॉजिटिव मरीज के घूमने की सूचना के बाद से ही बरगी में हड़कंप की स्थिति है। अब स्वास्थ्य विभाग मरीज के संपर्क में आए लोगों को तलाशने में जुट गया है।
पूना से आए युवक निकले पॉजिटिव
बीएमओ डॉ राजेश राज ने बताया कि ग्राम पंचातय ढोड़ा के दो युवक कुछ दिनों पहले पूना से आए थे। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को ही कोही ग्राम पंचायत भवन में क्वारंटीन किया गया था। इसके अलावा भोपाल से आए 4 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया था, इनमें से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं चौथा व्यक्ति बरगी रेलवे स्टेशन रोड में रहता है, वह अपने पर्सनल वाहन से भिलाई से 27 मार्च आया था। सभी चारों मरीजों को इलाज के लिए सुखसागर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
संक्रमित के घूमने की मिली सूचना के बाद मचा हड़कंप
भिलाई से आए मरीज के बारे में प्रशासन को सूचना मिली है कि होम क्वारंटीन किए जाने के बाद भी वह घूम रहा था। आवाजाही की खबर मिलने के बाद प्रशासन ने उसके निवास के आसपास के क्षेत्र को कंटनेमेंट क्षेत्र घोषित कर सील कर दिया है। वहीं लोग भी इससे भय में हैं।

संस्थागत क्वारंटीन होंगे सभी
प्रशासन ने बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए व्यवस्था की है। सभी को संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को होम क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। दरअसल अभी तक यह शिकायतें सामने आई हैं कि होम क्वारंटीन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते एहतियात के तौर पर सभी को संस्थागत क्वारंटीन करने का निर्णय लिया गया है।

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4 positives found in Bargi area, stir
बरगी क्षेत्र में चार नए मरीज मिलने से हड़कंप की स्थिति रही। इनमें से एक मरीज के घूमने की सूचना मिलने के बाद बरगी के वार्ड नंबर 7 को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर…
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कोरोना संक्रमण के मद्देनजरजिले में लगाए गये लाॅकडाउन में ढील दिए जाने के बाद अब लोगों को नियमों का पालन करने हिदायत दी जा रही है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले बनाए जा रहे हैं और उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अब तक ढाई हजार से अधिक मामले दर्ज किए गये हैं और करीब 23 लाख 63 हजार का चालान वसूला गया है। तोड़े नियम, 26 हजार का जुर्माना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने, बिना मास्क के सार्वजनिक स्थलों पर घूमने और बिना मास्क लगाए कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए टीमों ने 26 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला। कलेक्टर भरत यादव के निर्देश पर गठित अलग-अलग विभाग के अधिकारियों की टीम ने शनिवार को 113 व्यक्तियों से 23 हजार 50 रुपए की जुर्माना राशि की वसूली की। वहीं नगर निगम की टीम ने 30 दुकानदारों और दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर मास्क न लगाने पर सौ-सौ रुपये का जुर्माना लगाया, इस तरह 3 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Action on not following social distancing




कोरोना संक्रमण के मद्देनजरजिले में लगाए गये लाॅकडाउन में ढील दिए जाने के बाद अब लोगों को नियमों का पालन करने हिदायत दी जा रही है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामले बनाए जा रहे हैं और उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ अब तक ढाई हजार से अधिक मामले दर्ज किए गये हैं और करीब 23 लाख 63 हजार का चालान वसूला गया है।

तोड़े नियम, 26 हजार का जुर्माना
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने, बिना मास्क के सार्वजनिक स्थलों पर घूमने और बिना मास्क लगाए कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए टीमों ने 26 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला। कलेक्टर भरत यादव के निर्देश पर गठित अलग-अलग विभाग के अधिकारियों की टीम ने शनिवार को 113 व्यक्तियों से 23 हजार 50 रुपए की जुर्माना राशि की वसूली की। वहीं नगर निगम की टीम ने 30 दुकानदारों और दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर मास्क न लगाने पर सौ-सौ रुपये का जुर्माना लगाया, इस तरह 3 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

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Action on not following social distancing
कोरोना संक्रमण के मद्देनजरजिले में लगाए गये लाॅकडाउन में ढील दिए जाने के बाद अब लोगों को नियमों का पालन करने हिदायत दी जा रही है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने …
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पुलिस कंट्रोल रूम में 62 साल की सेवा पूरी करने वाले 11 पुलिस कर्मियों को स्मृति चिन्ह, पेंशन एवं ग्रेच्युटी और बीमा के कागज देकर विदाई दी गई। इस मौके पर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान ड्यूटी करके पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बेहतर जीवन की कामना की। सेवानिवृत्त होने वालों में डीएसपी मलखान सिंह, श्रीमती पुष्पा खलको, एएसआई सुरेश कुमार, फतहउल्ला खान, हवलदार ईश्वरी प्रसाद साहू, रोहतास कुमार, द्वारका प्रसाद, काशीराम अहिरवार, आरक्षक सरस्वती प्रसाद पांडे, रामसुजान महोबिया शामिल हैं। सीएसपी हरिओम शर्मा निजी कारणों से बाहर होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। इस मौके पर एएसपी अमित कुमार, अगम जैन, शिवेश सिंह आदि मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Police personnel retired after hard service of Corona period




पुलिस कंट्रोल रूम में 62 साल की सेवा पूरी करने वाले 11 पुलिस कर्मियों को स्मृति चिन्ह, पेंशन एवं ग्रेच्युटी और बीमा के कागज देकर विदाई दी गई। इस मौके पर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान ड्यूटी करके पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बेहतर जीवन की कामना की। सेवानिवृत्त होने वालों में डीएसपी मलखान सिंह, श्रीमती पुष्पा खलको, एएसआई सुरेश कुमार, फतहउल्ला खान, हवलदार ईश्वरी प्रसाद साहू, रोहतास कुमार, द्वारका प्रसाद, काशीराम अहिरवार, आरक्षक सरस्वती प्रसाद पांडे, रामसुजान महोबिया शामिल हैं। सीएसपी हरिओम शर्मा निजी कारणों से बाहर होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। इस मौके पर एएसपी अमित कुमार, अगम जैन, शिवेश सिंह आदि मौजूद थे।

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Police personnel retired after hard service of Corona period
पुलिस कंट्रोल रूम में 62 साल की सेवा पूरी करने वाले 11 पुलिस कर्मियों को स्मृति चिन्ह, पेंशन एवं ग्रेच्युटी और बीमा के कागज देकर विदाई दी गई। इस मौके पर एसपी …
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मदन महल थाने के सामने शाम साढ़े 4 बजे के करीब बेलगाम भागते एक लोडिंग वाहन 407 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क पर कोहराम मचा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े करीब एक दर्जन दोपहिया वाहनों को टक्कर मारने के बाद खड़ा हो गया। उधर हादसे के बाद लोगों की भीड़ जमा होती देख वाहन चालक मौके पर वाहन छोड़कर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने लोडिंग वाहन को जब्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार लोडिंग वाहन 407 क्रमांक एमपी 20 जीए 8427 का चालक वाहन लेकर होमसाइंस काॅलेज से मदन महल होते हुए रानीताल की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन थाने के पास पहुँचा चालक की लापरवाही के कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर बहका और सड़क किनारे खड़े कोचिंग सेंटर के कर्मचारियों के वाहनोंको रौंदता हुआ आगे बढ़ गया। इस घटना के दौरान वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गयी और सभी लोडिंग वाहन के चालक को पकड़ने दौड़े तब तक आरोपी चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। घटना के दौरान वहाँ मौजूद लोगों का कहना था कि सड़क पर भीड़ नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। वाहन मालिक पहुँचे थाने - इस घटना को लेकर वाहन मालिक संजय जैन, रितेश रजक, अमित महोबिया व अन्य लोग जो घटना के दौरान वहाँ मौजूद थे वाहन मालिकों के साथ थाने पहुँचे। पुलिस के अनुसार हादसे में एक्टिवा क्रमांक एमपी 04 एसवाय 8691, एक्सिस एमपी 20 एसटी 1779, बाइक एमपी 20 केए 4069, एक्टिवा एमपी 09 यूई 2048, पल्सर एमपी 20 एमसी 1409, एक्सिस एमपी 20 एसयू 1258, बाइक एमपी 20 एनवाय 6384, एक्सिस एमपी 20 एसएस 7795 सहित अन्य वाहन क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट दर्ज कर लोडिंग वाहन को जब्त किया गया है। चालक की तलाश जारी इस संबंध में एएसआई कनक सिंह द्वारा रिपोर्ट दर्ज कर चालक की पतासाजी के प्रयास शुरू किए गये हैं। पुलिस के अनुसार वाहन का पंजीयन ग्वारीघाट स्थित किसी आश्रम के महाराज के नाम पर होना बताया जा रहा है। उस आधार पर चालक की तलाश की जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today The chaos of the loading vehicle in front of the police station




मदन महल थाने के सामने शाम साढ़े 4 बजे के करीब बेलगाम भागते एक लोडिंग वाहन 407 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क पर कोहराम मचा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े करीब एक दर्जन दोपहिया वाहनों को टक्कर मारने के बाद खड़ा हो गया। उधर हादसे के बाद लोगों की भीड़ जमा होती देख वाहन चालक मौके पर वाहन छोड़कर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने लोडिंग वाहन को जब्त कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार लोडिंग वाहन 407 क्रमांक एमपी 20 जीए 8427 का चालक वाहन लेकर होमसाइंस काॅलेज से मदन महल होते हुए रानीताल की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन थाने के पास पहुँचा चालक की लापरवाही के कारण वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर बहका और सड़क किनारे खड़े कोचिंग सेंटर के कर्मचारियों के वाहनोंको रौंदता हुआ आगे बढ़ गया। इस घटना के दौरान वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गयी और सभी लोडिंग वाहन के चालक को पकड़ने दौड़े तब तक आरोपी चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। घटना के दौरान वहाँ मौजूद लोगों का कहना था कि सड़क पर भीड़ नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।
वाहन मालिक पहुँचे थाने - इस घटना को लेकर वाहन मालिक संजय जैन, रितेश रजक, अमित महोबिया व अन्य लोग जो घटना के दौरान वहाँ मौजूद थे वाहन मालिकों के साथ थाने पहुँचे। पुलिस के अनुसार हादसे में एक्टिवा क्रमांक एमपी 04 एसवाय 8691, एक्सिस एमपी 20 एसटी 1779, बाइक एमपी 20 केए 4069, एक्टिवा एमपी 09 यूई 2048, पल्सर एमपी 20 एमसी 1409, एक्सिस एमपी 20 एसयू 1258, बाइक एमपी 20 एनवाय 6384, एक्सिस एमपी 20 एसएस 7795 सहित अन्य वाहन क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट दर्ज कर लोडिंग वाहन को जब्त किया गया है।
चालक की तलाश जारी इस संबंध में एएसआई कनक सिंह द्वारा रिपोर्ट दर्ज कर चालक की पतासाजी के प्रयास शुरू किए गये हैं। पुलिस के अनुसार वाहन का पंजीयन ग्वारीघाट स्थित किसी आश्रम के महाराज के नाम पर होना बताया जा रहा है। उस आधार पर चालक की तलाश की जा रही है।

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The chaos of the loading vehicle in front of the police station
मदन महल थाने के सामने शाम साढ़े 4 बजे के करीब बेलगाम भागते एक लोडिंग वाहन 407 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क पर कोहराम मचा दिया। प्रत्यक्षदर्श…
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अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है कि ट्यूशन फीस के नाम पर पूरी फीस वसूली जा रही है। स्कूलों की ओर से मैसेज कर फिक्स एमाउंट जमा करने के लिए कहा जा रहा है। पाँच अभिभावकों की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि राज्य शासन ने लॉकडाउन के दौरान केवल ट्यूशन फीस लेने का आदेश जारी किया है। जॉय ट्यूटोरियल राइट टाउन और जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल विजय नगर की ओर से फिक्स एमाउंट जमा करने के लिए मैसेज भेजा जा रहा है। स्कूल की ओर से यह नहीं बताया जा रहा है कि फिक्स एमाउंट में ट्यूशन फीस कितनी है। जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा ने बताया कि शिकायत की जाँच कराई जा रही है, वहीं स्कूल संचालक अखिलेश मेबन का कहना है कि छात्रों से केवल ट्यूशन फीस ही ली जा रही है उसमें किसी भी प्रकार का अन्य शुल्क शामिल नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है कि ट्यूशन फीस के नाम पर पूरी फीस वसूली जा रही है। स्कूलों की ओर से मैसेज कर फिक्स एमाउंट जमा करने के लिए कहा जा रहा है। पाँच अभिभावकों की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि राज्य शासन ने लॉकडाउन के दौरान केवल ट्यूशन फीस लेने का आदेश जारी किया है। जॉय ट्यूटोरियल राइट टाउन और जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल विजय नगर की ओर से फिक्स एमाउंट जमा करने के लिए मैसेज भेजा जा रहा है। स्कूल की ओर से यह नहीं बताया जा रहा है कि फिक्स एमाउंट में ट्यूशन फीस कितनी है। जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा ने बताया कि शिकायत की जाँच कराई जा रही है, वहीं स्कूल संचालक अखिलेश मेबन का कहना है कि छात्रों से केवल ट्यूशन फीस ही ली जा रही है उसमें किसी भी प्रकार का अन्य शुल्क शामिल नहीं है।

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अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है कि ट्यूशन फीस के नाम पर पूरी फीस वसूली जा रही है। स्कूलों की ओर से मैसेज कर फिक्स एमाउंट जमा करने के लिए कहा …
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भले ही लॉकडाउन का पीरियड इन दिनों चल रहा हो लेकिन पिछले 5 वर्षों में यह पहला अवसर हैं जब नगरपालिका ने बारिश आने से पहले ही मोहल्ले और कॉलोनियों की उन नालियों की सफाई की शुरुआत कर दी है जहां कचरा जमा है। खास बात यह है कि कुछ नालियों पर तो पटिया डालकर कब्जा तक वार्डवासियों ने कर रखा है। जिसे हटवाने के साथ अब नगरपालिका नोटिस देकर इनको कार्रवाई की जद में ला रही है ताकि बारिश आने पर इन नालियों में पानी भर जाने के बाद वह घरों में जमा न हो और नालियों के जरिए वह बह जाए। दरअसल इन दिनों नगर पालिका की प्रशासक कलेक्टर हैं और कलेक्टर अनुग्रहा पी ने नगरपालिका के सीएमओ और स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि शहर के 39 वार्डों में बनी नालियों की जांच वह करें। क्योंकि इन नालियों में कचरा जमा होने से जब तेज बारिश होती है तो फिर यह पानी नालियों से बाहर न निकलकर सीधा घरों में घुस जाता है और इससे वार्डवासियों को तेज बारिश होने के बाद बाढ जैसे हालात का सामना करना पड़ता है। इसलिए नगरपालिका ने पहली बार मई माह में ही नालियों की सफाई का अभियान चलाया है जिससे इस बार वार्ड में पानी भरने जैसे हालात निर्मित नहीं होंगे। पुरानी शिवपुरी के साथ महावीर नगर और बैंक कॉलोनी के पीछे बन चुके हैं बाढ़ के हालात पिछले साल ही तेज बारिश के चलते शहर की कॉलोनियों में बाढ के हालात निर्मित हो गए थे। क्योंकि नालियों और नालों की सफाई पूरी तरह नहीं हो सकी थी। शहर के झांसी तिराहा के पास पुरानी शिवपुरी में, महावीर नगर में, शंकर कॉलोनी में और बैंक कॉलोनी के पास तेज बारिश के बाद पानी भर जाने से लोगों को परेशानी के साथ आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस बार कलेक्टर के निर्देश के बाद नालों की सफाई शुरु करने से पहले कॉलोनियों की नालियों से भी सफाई कराई जा रही है। जो नगरपालिका की और से बेहतर संकेत है। अतिक्रमणकारियों पर होगी कार्रवाई जिन अतिक्रमण कारियों ने नालियों पर कब्जा जमाकर पटिया रखे उन्हें हटवाया, जो चेतावनी के बाद भी नालियों से पटिया नहीं हटाएंगे उन पर होगी कार्रवाई नगर पालिका के सीएमओ के के पटेरिया ओर स्वास्थ्य अधिकारी गोविंद भार्गव की माने तो वह प्रतिदिन सुबह 6 बजे उठकर नालियों की सफाई कराने के लिए निकलते हैं। जिन अतिक्रमण कारियों ने नालियों पर कब्जा जमाकर पटिया रखे उन्हें हटवाने के साथ वहां की सफाई वीट दरोगा से करा रहे हैं वहीं जहां पटिया नहीं हटाएं गए हैं वहां कार्रवाई की चेतावनी भी दे रहे हैं। नलकूपों की स्थिति जांचने दल गठित कलेक्ट अनुग्रहा पी ने नगर पालिका परिषद शिवपुरी के वार्ड क्रमांक एक से 39 में स्थित समस्त नलकूप की मोटर की मरम्मत कार्य के संबंध में दर निर्धारित की गई है। मरम्मत किए जाने की दर के संबंध में वस्तुस्थिति जांच के लिए अपर कलेक्टर आर एस बालोदिया की अध्यक्षता में दल गठित किया गया है।गठित दल में डिप्टी कलेक्टर अंकुर रवि गुप्ता, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एस एल बाथम एवं नगर पालिका परिषद शिवपुरी के उपयंत्री रामवीर शर्मा को नियुक्त किया गया है। उक्त दल को सात दिवस में जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Removal of drains from the drainage, warning of action to others




भले ही लॉकडाउन का पीरियड इन दिनों चल रहा हो लेकिन पिछले 5 वर्षों में यह पहला अवसर हैं जब नगरपालिका ने बारिश आने से पहले ही मोहल्ले और कॉलोनियों की उन नालियों की सफाई की शुरुआत कर दी है जहां कचरा जमा है। खास बात यह है कि कुछ नालियों पर तो पटिया डालकर कब्जा तक वार्डवासियों ने कर रखा है। जिसे हटवाने के साथ अब नगरपालिका नोटिस देकर इनको कार्रवाई की जद में ला रही है ताकि बारिश आने पर इन नालियों में पानी भर जाने के बाद वह घरों में जमा न हो और नालियों के जरिए वह बह जाए।
दरअसल इन दिनों नगर पालिका की प्रशासक कलेक्टर हैं और कलेक्टर अनुग्रहा पी ने नगरपालिका के सीएमओ और स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि शहर के 39 वार्डों में बनी नालियों की जांच वह करें। क्योंकि इन नालियों में कचरा जमा होने से जब तेज बारिश होती है तो फिर यह पानी नालियों से बाहर न निकलकर सीधा घरों में घुस जाता है और इससे वार्डवासियों को तेज बारिश होने के बाद बाढ जैसे हालात का सामना करना पड़ता है। इसलिए नगरपालिका ने पहली बार मई माह में ही नालियों की सफाई का अभियान चलाया है जिससे इस बार वार्ड में पानी भरने जैसे हालात निर्मित नहीं होंगे।

पुरानी शिवपुरी के साथ महावीर नगर और बैंक कॉलोनी के पीछे बन चुके हैं बाढ़ के हालात

पिछले साल ही तेज बारिश के चलते शहर की कॉलोनियों में बाढ के हालात निर्मित हो गए थे। क्योंकि नालियों और नालों की सफाई पूरी तरह नहीं हो सकी थी। शहर के झांसी तिराहा के पास पुरानी शिवपुरी में, महावीर नगर में, शंकर कॉलोनी में और बैंक कॉलोनी के पास तेज बारिश के बाद पानी भर जाने से लोगों को परेशानी के साथ आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस बार कलेक्टर के निर्देश के बाद नालों की सफाई शुरु करने से पहले कॉलोनियों की नालियों से भी सफाई कराई जा रही है। जो नगरपालिका की और से बेहतर संकेत है।

अतिक्रमणकारियों पर होगी कार्रवाई

जिन अतिक्रमण कारियों ने नालियों पर कब्जा जमाकर पटिया रखे उन्हें हटवाया, जो चेतावनी के बाद भी नालियों से पटिया नहीं हटाएंगे उन पर होगी कार्रवाई नगर पालिका के सीएमओ के के पटेरिया ओर स्वास्थ्य अधिकारी गोविंद भार्गव की माने तो वह प्रतिदिन सुबह 6 बजे उठकर नालियों की सफाई कराने के लिए निकलते हैं। जिन अतिक्रमण कारियों ने नालियों पर कब्जा जमाकर पटिया रखे उन्हें हटवाने के साथ वहां की सफाई वीट दरोगा से करा रहे हैं वहीं जहां पटिया नहीं हटाएं गए हैं वहां कार्रवाई की चेतावनी भी दे रहे हैं।

नलकूपों की स्थिति जांचने दल गठित
कलेक्ट अनुग्रहा पी ने नगर पालिका परिषद शिवपुरी के वार्ड क्रमांक एक से 39 में स्थित समस्त नलकूप की मोटर की मरम्मत कार्य के संबंध में दर निर्धारित की गई है। मरम्मत किए जाने की दर के संबंध में वस्तुस्थिति जांच के लिए अपर कलेक्टर आर एस बालोदिया की अध्यक्षता में दल गठित किया गया है।गठित दल में डिप्टी कलेक्टर अंकुर रवि गुप्ता, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एस एल बाथम एवं नगर पालिका परिषद शिवपुरी के उपयंत्री रामवीर शर्मा को नियुक्त किया गया है। उक्त दल को सात दिवस में जांच पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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Removal of drains from the drainage, warning of action to others
भले ही लॉकडाउन का पीरियड इन दिनों चल रहा हो लेकिन पिछले 5 वर्षों में यह पहला अवसर हैं जब नगरपालिका ने बारिश आने से पहले ही मोहल्ले और कॉलोनियों की उन नालियों …
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लॉकडाउन के कारण शहर के बाजार और औद्योगिक क्षेत्र की गतिविधियां पूरे समय बंद रहीं। ऐसे में बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को एवरेज बिल भेज दिए हैं। जबकि लॉक डाउन के दौरान बंद दुकानें और औद्योगिक इकाईयों में बिजली खपत नहीं हुई। एवरेज बिलों को लेकर दुकानदार और व्यवसायी शनिवार काे बिजली कंपनी के सर्किल ऑफिस पहुंचे। महाप्रबंधक को आवेदन देकर अपनी समस्या रखी। यूनिट खपत के आधार पर ही बिल जारी करने की मांग की गई है। दुकानदार और व्यापारियों का कहना है कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद शिवपुरी में दो दिन 23 व 24 मार्च को प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया। फिर 25 मार्च से टोटल लॉक डाउन लगा दिए। लॉक डाउन-2 में भी शहर का ज्यादातर बाजार बंद रहा। 3 मई से राहत मिली और बाजार खुलने लगा। इस बीच कंपनी ने अप्रैल महीने का एवरेज बिल दे दिया है। लॉक डाउन अवधि में व्यापारिक गतिविधियां नगण्य रहीं। बाजार में 300 से ज्यादा दुकानें और 250 औद्योगिक इकाईयां लॉक डाउन में बंद रहीं: बाजार में 300 से ज्यादा दुकानें लॉक डाउन के दौरान बंद रहीं। इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कपड़ा, ज्वैरी आदि दुकानें बंद रहने से बिजली खपत नहीं हुई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Shops and factories remained closed in lockdown, electricity was not consumed, yet the company paid an average bill




लॉकडाउन के कारण शहर के बाजार और औद्योगिक क्षेत्र की गतिविधियां पूरे समय बंद रहीं। ऐसे में बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को एवरेज बिल भेज दिए हैं। जबकि लॉक डाउन के दौरान बंद दुकानें और औद्योगिक इकाईयों में बिजली खपत नहीं हुई। एवरेज बिलों को लेकर दुकानदार और व्यवसायी शनिवार काे बिजली कंपनी के सर्किल ऑफिस पहुंचे। महाप्रबंधक को आवेदन देकर अपनी समस्या रखी। यूनिट खपत के आधार पर ही बिल जारी करने की मांग की गई है।
दुकानदार और व्यापारियों का कहना है कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद शिवपुरी में दो दिन 23 व 24 मार्च को प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया। फिर 25 मार्च से टोटल लॉक डाउन लगा दिए। लॉक डाउन-2 में भी शहर का ज्यादातर बाजार बंद रहा।

3 मई से राहत मिली और बाजार खुलने लगा। इस बीच कंपनी ने अप्रैल महीने का एवरेज बिल दे दिया है। लॉक डाउन अवधि में व्यापारिक गतिविधियां नगण्य रहीं।
बाजार में 300 से ज्यादा दुकानें और 250 औद्योगिक इकाईयां लॉक डाउन में बंद रहीं: बाजार में 300 से ज्यादा दुकानें लॉक डाउन के दौरान बंद रहीं। इलेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कपड़ा, ज्वैरी आदि दुकानें बंद रहने से बिजली खपत नहीं हुई।

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Shops and factories remained closed in lockdown, electricity was not consumed, yet the company paid an average bill
लॉकडाउन के कारण शहर के बाजार और औद्योगिक क्षेत्र की गतिविधियां पूरे समय बंद रहीं। ऐसे में बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को एवरेज बिल भेज दिए हैं। जबकि लॉक डाउन के…
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खरई कस्बे की चाची नाम से मशहूर महिला व्यापारी द्वारा किसानों से खरीदा माल शिवपुरी और कोलारस के व्यापारियों को बेचा है। इस बात का खुलासा कि लोडिंग चालकाें ने किया जो चाची का माल लेकर जाते थे। यानी टैक्स चोरी मामले में ध्यान दिया जाए तो संबंधित व्यापारियों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं चाची नीलम जैन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने मां और बेटे पर 10 हजार रुपए का ईनाम भी शनिवार को घोषित कर दिया है। व्यापारी महिला नीलम जैन की लोडिंग गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर निरंजन धाकड़ निवासी खरई ने बताया कि पिकअप से माल लेकर शिवपुरी जाता था। शिवपुरी में दीपक दाल मिल वालों के यहां माल देकर नगद रुपए लेकर चाची को देता था। दूसरी लोडिंग के चालक बृजेश धाकड़ ने बताया कि वह बड़ौदी शिवपुरी स्थित दीपक दालमिल और परमहंस मिल पर माल देकर आया था। ड्राइवर नवल सिंह ने कोलारस में गिर्राज दालमिल पर चाची का माल सप्लाई किया। कुल चार गाडिय़ां से किसानों से उधार खरीदा माल व्यापारियों को बेचा जा रहा था। एक गाड़ी दिन में एक से दो चक्कर लगाती थी। लॉक डाउन की आढ़ में दो महीने यह सिलसिला जारी रहा। किसानों की मेहनत की कमाई समेटकर चाची भाग निकली। हालांकि ड्राइवरों ने जिन व्यापारियों के नाम बताए हैं, उनमें दीपक, श्रीराम दालमिल के नरेंद्र सिंघल का कहना है कि चाची को जानते हैं, लेकिन उससे माल नहीं खरीदा। परमहंस आटा मिल के अशोक अग्रवाल का कहना है कि चाची ने हमारे 8-10 हजार रुपए नहीं दिए इसलिए उससे पिछले साल ही माल खरीदना बंद कर दिया था। लोडिंग चालक बृजेश धाकड़ ने बताया कि शिवपुरी में व्यापारी पूछते थे कि चाची कौन है, हमें देखना है। तेंदुआ थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान का कहना है कि व्यापारी महिला नीलम जैन और उसके बेटे रिपुल जैन उर्फ रिंकू पर 5-5 हजार रुपए का ईनाम घोषित हो गया है। आरोपियों की तलाश जारी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




खरई कस्बे की चाची नाम से मशहूर महिला व्यापारी द्वारा किसानों से खरीदा माल शिवपुरी और कोलारस के व्यापारियों को बेचा है। इस बात का खुलासा कि लोडिंग चालकाें ने किया जो चाची का माल लेकर जाते थे। यानी टैक्स चोरी मामले में ध्यान दिया जाए तो संबंधित व्यापारियों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं चाची नीलम जैन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने मां और बेटे पर 10 हजार रुपए का ईनाम भी शनिवार को घोषित कर दिया है।
व्यापारी महिला नीलम जैन की लोडिंग गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर निरंजन धाकड़ निवासी खरई ने बताया कि पिकअप से माल लेकर शिवपुरी जाता था। शिवपुरी में दीपक दाल मिल वालों के यहां माल देकर नगद रुपए लेकर चाची को देता था। दूसरी लोडिंग के चालक बृजेश धाकड़ ने बताया कि वह बड़ौदी शिवपुरी स्थित दीपक दालमिल और परमहंस मिल पर माल देकर आया था। ड्राइवर नवल सिंह ने कोलारस में गिर्राज दालमिल पर चाची का माल सप्लाई किया। कुल चार गाडिय़ां से किसानों से उधार खरीदा माल व्यापारियों को बेचा जा रहा था। एक गाड़ी दिन में एक से दो चक्कर लगाती थी। लॉक डाउन की आढ़ में दो महीने यह सिलसिला जारी रहा। किसानों की मेहनत की कमाई समेटकर चाची भाग निकली।

हालांकि ड्राइवरों ने जिन व्यापारियों के नाम बताए हैं, उनमें दीपक, श्रीराम दालमिल के नरेंद्र सिंघल का कहना है कि चाची को जानते हैं, लेकिन उससे माल नहीं खरीदा। परमहंस आटा मिल के अशोक अग्रवाल का कहना है कि चाची ने हमारे 8-10 हजार रुपए नहीं दिए इसलिए उससे पिछले साल ही माल खरीदना बंद कर दिया था। लोडिंग चालक बृजेश धाकड़ ने बताया कि शिवपुरी में व्यापारी पूछते थे कि चाची कौन है, हमें देखना है। तेंदुआ थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान का कहना है कि व्यापारी महिला नीलम जैन और उसके बेटे रिपुल जैन उर्फ रिंकू पर 5-5 हजार रुपए का ईनाम घोषित हो गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।

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खरई कस्बे की चाची नाम से मशहूर महिला व्यापारी द्वारा किसानों से खरीदा माल शिवपुरी और कोलारस के व्यापारियों को बेचा है। इस बात का खुलासा कि लोडिंग चालकाें ने क…
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अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर तीन थानों की पुलिस शुक्रवार की रात दबिश दी। मौके पर रेत माफिया तो नहीं मिले, लेकिन रास्ते में सड़क ठेकेदार की एलएनटी मिल गई, जिसे उठाकर करैरा ले आए। मामले में ठेकेदार ने करैरा पहुंचकर मामले में शिकायत दर्ज कराई है। दिनारा, अमोला और करैरा थाना पुलिस अवैध रेत खनन की सूचना बिलरऊ नदी पर पहुंची। यहां रेत माफिया नहीं मिला और ना कोई डंपर मिला। लमकना ब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा भेजी एलएनटी पुलिस को मिल गई। पुलिस ट्रोला सहित लेकर करेरा आ गई। ठेकेदार पवन धाकड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क याेजना के तहत लमकना पर ब्रिज का काम चल रहा है। खुदाई के लिए मशीन को शुक्रवार रात 8 बजे शिवपुरी से भेजा था, लेकिन गलती से पुलिस वाले हमारी मशीन को रेत माफिया की समझकर उठा लाए हैं। अभी करैरा थाने में रखी हुई है। इधर...नौ पर केस दर्ज करैरा अभयारण्य के गेम रेंजर एलपी आर्य की टीम ने 28 मई को महुअर नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर जाते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। इसके बाद कालीपहाड़ी गांव का विकास यादव आठ लोगों के संग आया और हथियार की दम पर ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर ले गए। मामले में शिकायत के बाद करैरा पुलिस ने आरोपी विकास यादव सहित आठ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर तीन थानों की पुलिस शुक्रवार की रात दबिश दी। मौके पर रेत माफिया तो नहीं मिले, लेकिन रास्ते में सड़क ठेकेदार की एलएनटी मिल गई, जिसे उठाकर करैरा ले आए। मामले में ठेकेदार ने करैरा पहुंचकर मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
दिनारा, अमोला और करैरा थाना पुलिस अवैध रेत खनन की सूचना बिलरऊ नदी पर पहुंची। यहां रेत माफिया नहीं मिला और ना कोई डंपर मिला। लमकना ब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा भेजी एलएनटी पुलिस को मिल गई। पुलिस ट्रोला सहित लेकर करेरा आ गई। ठेकेदार पवन धाकड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क याेजना के तहत लमकना पर ब्रिज का काम चल रहा है। खुदाई के लिए मशीन को शुक्रवार रात 8 बजे शिवपुरी से भेजा था, लेकिन गलती से पुलिस वाले हमारी मशीन को रेत माफिया की समझकर उठा लाए हैं। अभी करैरा थाने में रखी हुई है।

इधर...नौ पर केस दर्ज
करैरा अभयारण्य के गेम रेंजर एलपी आर्य की टीम ने 28 मई को महुअर नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर जाते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। इसके बाद कालीपहाड़ी गांव का विकास यादव आठ लोगों के संग आया और हथियार की दम पर ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर ले गए। मामले में शिकायत के बाद करैरा पुलिस ने आरोपी विकास यादव सहित आठ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर तीन थानों की पुलिस शुक्रवार की रात दबिश दी। मौके पर रेत माफिया तो नहीं मिले, लेकिन रास्ते में सड़क ठेकेदार की एलएनटी मिल गई, जिसे उ…
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भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोलारस में पदस्थ कैशियर की सड़क हादसे में शनिवार को मौत हो गई है। कैशियर बदरवास से कोलारस बैंक शाखा में ड्यूटी के लिए जा रहा था। ग्राम बूढ़ाडोंगर के पास फोरलेन पर आवारा सांड से टकराने के बाद बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। गंभीर रूप से घायल कैशियर को पहले कोलारस अस्पताल लाया गया। गंभीर हालत के चलते शिवपुरी रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार एसबीआई शाखा कोलारस में पदस्थ कैशियर अनुज (50) तोरन सिंह कुशवाह निवासी हनुमान कॉलोनी बदरवास शनिवार को बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। बूढ़ाडोंगर के पास सुबह 9 बजे रास्ते में फोरलेन हाइवे पर सांड आ गया। सांड से टकराकर बाइक डिवाइडर में जा भिड़ी। हादसे में गंभीर रूप से घायल अनुज कुशवाह को कोलारस अस्पताल लाया गया। गंभीर हालत के चलते शिवपुरी रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में कैशियर अनुज की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मृतक अनुज की पांच बेटियां और दो बेटे हैं, जिसमें से एक बेटी की शादी हुई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोलारस में पदस्थ कैशियर की सड़क हादसे में शनिवार को मौत हो गई है। कैशियर बदरवास से कोलारस बैंक शाखा में ड्यूटी के लिए जा रहा था। ग्राम बूढ़ाडोंगर के पास फोरलेन पर आवारा सांड से टकराने के बाद बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। गंभीर रूप से घायल कैशियर को पहले कोलारस अस्पताल लाया गया। गंभीर हालत के चलते शिवपुरी रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार एसबीआई शाखा कोलारस में पदस्थ कैशियर अनुज (50) तोरन सिंह कुशवाह निवासी हनुमान कॉलोनी बदरवास शनिवार को बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। बूढ़ाडोंगर के पास सुबह 9 बजे रास्ते में फोरलेन हाइवे पर सांड आ गया। सांड से टकराकर बाइक डिवाइडर में जा भिड़ी। हादसे में गंभीर रूप से घायल अनुज कुशवाह को कोलारस अस्पताल लाया गया। गंभीर हालत के चलते शिवपुरी रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में कैशियर अनुज की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मृतक अनुज की पांच बेटियां और दो बेटे हैं, जिसमें से एक बेटी की शादी हुई है।

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भारतीय स्टेट बैंक शाखा कोलारस में पदस्थ कैशियर की सड़क हादसे में शनिवार को मौत हो गई है। कैशियर बदरवास से कोलारस बैंक शाखा में ड्यूटी के लिए जा रहा था। ग्राम ब…
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लॉकडाउन के दौरान रुके हुए माल पर ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा व्यापारियों से अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर फेडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सख्ती दिखाई है। श्योपुर के व्यापारी की शिकायत पर फेडरेशन ने ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन नई दिल्ली को पत्र लिखकर लॉकडाउन अवधि के लिए नियम का पालन करके व्यापरियों को राहत देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार आर यादव ट्रांसपोर्ट के मार्फत सूरत से श्योपुर आए कपड़े पर लॉकडाउन अवधि में डिलीवरी नहीं लेने के कारण कपड़ा व्यवसायी कमल गर्ग से 50 रुपए प्रति पार्सल के हिसाब से गोडाउन चार्ज वसूल किया गया। उक्त ट्रांसपोर्ट के श्योपुर में एजेंट आशीर्वाद ट्रांसपोर्ट को भी व्यापारी ने शिकायत की। लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद व्यापारी कमल गर्ग ने सूरत में कार्यरत श्योपुर के कपड़ा व्यवसायी दिनेश मंगल को ट्रांसपोर्ट कम्पनी द्वारा की जा रही मनमानी के बारे में बताया। दिनेश मंगल ने फेडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल को इस बारे में अवगत कराया। इसे गंभीरता से लेकर ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन नई दिल्ली एवं सूरत गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को पत्र लिख कर सूचित किया है कि लॉक डाउन अवधि में व्यापारी से (डैमरेज) गोडाउन चार्ज वसूलना न्याय संगत नहीं है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के विरुद्ध अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




लॉकडाउन के दौरान रुके हुए माल पर ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा व्यापारियों से अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर फेडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सख्ती दिखाई है। श्योपुर के व्यापारी की शिकायत पर फेडरेशन ने ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन नई दिल्ली को पत्र लिखकर लॉकडाउन अवधि के लिए नियम का पालन करके व्यापरियों को राहत देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार आर यादव ट्रांसपोर्ट के मार्फत सूरत से श्योपुर आए कपड़े पर लॉकडाउन अवधि में डिलीवरी नहीं लेने के कारण कपड़ा व्यवसायी कमल गर्ग से 50 रुपए प्रति पार्सल के हिसाब से गोडाउन चार्ज वसूल किया गया। उक्त ट्रांसपोर्ट के श्योपुर में एजेंट आशीर्वाद ट्रांसपोर्ट को भी व्यापारी ने शिकायत की। लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद व्यापारी कमल गर्ग ने सूरत में कार्यरत श्योपुर के कपड़ा व्यवसायी दिनेश मंगल को ट्रांसपोर्ट कम्पनी द्वारा की जा रही मनमानी के बारे में बताया। दिनेश मंगल ने फेडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल को इस बारे में अवगत कराया। इसे गंभीरता से लेकर ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन नई दिल्ली एवं सूरत गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को पत्र लिख कर सूचित किया है कि लॉक डाउन अवधि में व्यापारी से (डैमरेज) गोडाउन चार्ज वसूलना न्याय संगत नहीं है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के विरुद्ध अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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लॉकडाउन के दौरान रुके हुए माल पर ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा व्यापारियों से अतिरिक्त चार्ज वसूलने पर फेडरेशन ऑफ सूरत टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सख्ती दिखाई ह…
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केला फसल के ठीक भाव नहीं मिलने से परेशान किसानों को रमजान खत्म होने और ईद गुजरने के बाद एक और धक्का लगा है। केले के भाव और गिर गए हैं। किसानों को फिलहाल 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल ही भाव मिल पा रहा है। रमजान में कम ही सही लेकिन 700 से 800 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा था। अब किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर चंद व्यापारी सीधे खेतों से मनमानी कर कम भाव पर उपज खरीद रहे हैं। भाव नहीं मिलने से परेशान किसान भी कम भाव पर ही उपज बेचने को मजबूर हैं। लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण बुरहानपुर में केला मंडी में नीलामी शुरू नहीं हुई है। इसका सीधा फायदा कुछ व्यापारी उठा रहे हैं। पिछले साल रमजान में केले के भाव 1500 से दो हजार रुपए प्रति क्विंटल तक थे। इसको देखते हुए किसानों ने बड़े पैमाने पर केला फसल लगाई थी। पिछले साल रमजान के बाद भी केला फसल के भाव एक हजार से दो हजार रुपए तक थे। इस साल भाव काफी कम मिल रहा है। किसानों ने मंडी में जल्द केला उपज की नीलामी शुरू करने की मांग की है। एक पौधे पर आता है 70 रुपए तक खर्च, भाव नहीं मिले तो लागत निकालना भी मुश्किल किसानों ने बताया एक पौधे पर शुरू से आखिरी तक करीब 70 रुपए तक खर्च आता है। भाव इसी तरह मिले तो लागत भी नहीं निकल पाएगी। किसान पहले ही तंगहाली झेल रहे हैं। केला फसल के गिरे भाव ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। क्षेत्र में करीब 10 लाख से ज्यादा केले के पौधे लगे हैं। सभी खेतों में फसल पककर पूरी तरह तैयार है। कम भाव में ही कई किसानों ने फसल बेच दी है। कुछ खेतों में फसल बाकी है। इसके अलावा कुछ किसानों ने केले की नई फसल भी लगाई है। अब नहीं लेंगे केला फसल, लगाएंगे अरबी किसान विनोद पाटील, चंद्रशेखर पाटील, अजय सोनवणे, भास्कर चौधरी, जगदीश चौधरी, विनोद भावसेकर, रूपेश इंगले और रामकिशन महाजन सहित अन्य किसानों ने बताया क्षेत्र के निंबोला बसाड़, नसीराबाद, बोरी, मगरूल, गारबलड़ी, झिरी, चुलखान, झांझर, बोरगांवखुर्द, फतेहपुर और रईपुरा सहित अन्य गांवों के एक हजार से अधिक किसानों ने केला फसल लगाई है। लेकिन भाव नहीं मिलने के कारण अब इसकी तरफ से किसानों का रूझान कम हुआ है। अब किसान अरबी की फसल लगाने की तैयार में हैं। अरबी फसल छह महीने में तैयार हो जाती है और इसके भाव भी अच्छे मिलते हैं। वहीं केला फसल साल भर की होती है और भाव नहीं मिलने पर नुकसान झेलना पड़ता है। हवा-आंधी और बारिश से भी केला फसल प्रभावित होती है। प्रशासन को समस्या की ओर ध्यान देकर मंडी में केला उपज की नीलामी जल्द शुरू कराना चाहिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Falling banana prices are getting only 400 to 500 rupees per quintal.




केला फसल के ठीक भाव नहीं मिलने से परेशान किसानों को रमजान खत्म होने और ईद गुजरने के बाद एक और धक्का लगा है। केले के भाव और गिर गए हैं। किसानों को फिलहाल 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल ही भाव मिल पा रहा है। रमजान में कम ही सही लेकिन 700 से 800 रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा था। अब किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर चंद व्यापारी सीधे खेतों से मनमानी कर कम भाव पर उपज खरीद रहे हैं। भाव नहीं मिलने से परेशान किसान भी कम भाव पर ही उपज बेचने को मजबूर हैं।
लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण बुरहानपुर में केला मंडी में नीलामी शुरू नहीं हुई है। इसका सीधा फायदा कुछ व्यापारी उठा रहे हैं। पिछले साल रमजान में केले के भाव 1500 से दो हजार रुपए प्रति क्विंटल तक थे। इसको देखते हुए किसानों ने बड़े पैमाने पर केला फसल लगाई थी। पिछले साल रमजान के बाद भी केला फसल के भाव एक हजार से दो हजार रुपए तक थे। इस साल भाव काफी कम मिल रहा है। किसानों ने मंडी में जल्द केला उपज की नीलामी शुरू करने की मांग की है।

एक पौधे पर आता है 70 रुपए तक खर्च, भाव नहीं मिले तो लागत निकालना भी मुश्किल
किसानों ने बताया एक पौधे पर शुरू से आखिरी तक करीब 70 रुपए तक खर्च आता है। भाव इसी तरह मिले तो लागत भी नहीं निकल पाएगी। किसान पहले ही तंगहाली झेल रहे हैं। केला फसल के गिरे भाव ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। क्षेत्र में करीब 10 लाख से ज्यादा केले के पौधे लगे हैं। सभी खेतों में फसल पककर पूरी तरह तैयार है। कम भाव में ही कई किसानों ने फसल बेच दी है। कुछ खेतों में फसल बाकी है। इसके अलावा कुछ किसानों ने केले की नई फसल भी लगाई है।
अब नहीं लेंगे केला फसल, लगाएंगे अरबी
किसान विनोद पाटील, चंद्रशेखर पाटील, अजय सोनवणे, भास्कर चौधरी, जगदीश चौधरी, विनोद भावसेकर, रूपेश इंगले और रामकिशन महाजन सहित अन्य किसानों ने बताया क्षेत्र के निंबोला बसाड़, नसीराबाद, बोरी, मगरूल, गारबलड़ी, झिरी, चुलखान, झांझर, बोरगांवखुर्द, फतेहपुर और रईपुरा सहित अन्य गांवों के एक हजार से अधिक किसानों ने केला फसल लगाई है। लेकिन भाव नहीं मिलने के कारण अब इसकी तरफ से किसानों का रूझान कम हुआ है। अब किसान अरबी की फसल लगाने की तैयार में हैं। अरबी फसल छह महीने में तैयार हो जाती है और इसके भाव भी अच्छे मिलते हैं। वहीं केला फसल साल भर की होती है और भाव नहीं मिलने पर नुकसान झेलना पड़ता है। हवा-आंधी और बारिश से भी केला फसल प्रभावित होती है। प्रशासन को समस्या की ओर ध्यान देकर मंडी में केला उपज की नीलामी जल्द शुरू कराना चाहिए।

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Falling banana prices are getting only 400 to 500 rupees per quintal.
केला फसल के ठीक भाव नहीं मिलने से परेशान किसानों को रमजान खत्म होने और ईद गुजरने के बाद एक और धक्का लगा है। केले के भाव और गिर गए हैं। किसानों को फिलहाल 400 स…
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ग्राम चिकढालिया में एक किसान गांव के सरकारी कुएं से खेत में कपास की सिंचाई कर रहा है। इसके लिए उसने बिजली कनेक्शन भी नहीं लिया है। लाइनमैन व बिजली कंपनी जेई से मिलीभगत कर गांव की 24 घंटे वाली लाइन का मुफ्त उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि इस किसान की सरपंच के साथ गहरी दोस्ती है। दोनों अकसर साथ देखे जाते हैं। ग्रामीणों ने जब मीडिया को जानकारी दी तो किसान गुरुवार को विवि कंपनी पुनासा कार्यालय बिजली कनेक्शन की रसीद कटाने पहुंच गया। लेकिन कारणवश उसे सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया किसान चंदू पिता रेवल सिंह ने 30 एकड़ में कर्मी का कपास लगाया है। वह दूसरे खेत के ट्यूबवेल से गांव के सरकारी कुएं में पानी डाल रहा है और कुएं से खेत में सिंचाई कर रहा है। सबसे बड़ी बात है कि उसे कुएं पर गांव की 24 घंटे बिजली का लाभ मिल रहा है वह भी बिना कनेक्शन लिए। जब सरपंच से इस बारे में पूछा गया कि सरकारी कुएं से निजी व्यक्ति के नाम से कैसे बिजली कनेक्शन दिया जा सकता है तो वे टालमटोल जबाव देकर निकल गए। लाइनमैन रूपेंद्र सोलंकी ने कहा चंदू ने अप्रैल तक का बिल भरा है। उससे दो माह का बिल भरवाया जाएगा। जबकि चंदू ने अब तक एक बार भी कनेक्शन नहीं लिया है। जेई निर्मल यादव ने भी लाइनमैन से मामला पता करने की बात कह बचने का प्रयास किया। मामला गंभीर है मुझे आपसे जानकारी मिल रही है। किसी ग्रामीण ने शिकायत नहीं की। मामला गंभीर है। जल्द ही पूरी जानकारी लेकर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। एके शर्मा, एई विवि कंपनी पुनासा Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Irrigation electricity connection being done from government wells was also not taken




ग्राम चिकढालिया में एक किसान गांव के सरकारी कुएं से खेत में कपास की सिंचाई कर रहा है। इसके लिए उसने बिजली कनेक्शन भी नहीं लिया है। लाइनमैन व बिजली कंपनी जेई से मिलीभगत कर गांव की 24 घंटे वाली लाइन का मुफ्त उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि इस किसान की सरपंच के साथ गहरी दोस्ती है। दोनों अकसर साथ देखे जाते हैं।
ग्रामीणों ने जब मीडिया को जानकारी दी तो किसान गुरुवार को विवि कंपनी पुनासा कार्यालय बिजली कनेक्शन की रसीद कटाने पहुंच गया। लेकिन कारणवश उसे सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया किसान चंदू पिता रेवल सिंह ने 30 एकड़ में कर्मी का कपास लगाया है। वह दूसरे खेत के ट्यूबवेल से गांव के सरकारी कुएं में पानी डाल रहा है और कुएं से खेत में सिंचाई कर रहा है।

सबसे बड़ी बात है कि उसे कुएं पर गांव की 24 घंटे बिजली का लाभ मिल रहा है वह भी बिना कनेक्शन लिए। जब सरपंच से इस बारे में पूछा गया कि सरकारी कुएं से निजी व्यक्ति के नाम से कैसे बिजली कनेक्शन दिया जा सकता है तो वे टालमटोल जबाव देकर निकल गए। लाइनमैन रूपेंद्र सोलंकी ने कहा चंदू ने अप्रैल तक का बिल भरा है। उससे दो माह का बिल भरवाया जाएगा। जबकि चंदू ने अब तक एक बार भी कनेक्शन नहीं लिया है। जेई निर्मल यादव ने भी लाइनमैन से मामला पता करने की बात कह बचने का प्रयास किया।
मामला गंभीर है
मुझे आपसे जानकारी मिल रही है। किसी ग्रामीण ने शिकायत नहीं की। मामला गंभीर है। जल्द ही पूरी जानकारी लेकर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
एके शर्मा, एई विवि कंपनी पुनासा

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Irrigation electricity connection being done from government wells was also not taken
ग्राम चिकढालिया में एक किसान गांव के सरकारी कुएं से खेत में कपास की सिंचाई कर रहा है। इसके लिए उसने बिजली कनेक्शन भी नहीं लिया है। लाइनमैन व बिजली कंपनी जेई स…
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गोगांवा निवासी कोरोना पॉजिटिव की शुक्रवार को मौत हो गई थी। जो ठीकरी निवासी कपड़ा व्यापारी का रिश्तेदार था। शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए कपड़ा व्यापारी और उसकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव के घर गोगावां गए हुए थे। जो शनिवार को ठीकरी लौटकर आए। इसकी सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग का अमला सहित अधिकारी कपड़ा व्यापारी के घर पहुंचे और पति-पत्नी समेत 6 को होम क्वारंटाइन किया। बीएमओ आरएस मुजाल्दे ने बताया ठीकरी निवासी कपड़ा व्यापारी गोगावां निवासी कोरोना पीड़ित के घर गए थे। जो शनिवार को लौटकर आए। इसकी सूचना मिलने पर इन्हें होम क्वारंटाइन किया गया। साथ ही आसपास के क्षेत्र में लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही इस क्षेत्र की दुकानों को भी बंद कराया गया है। साथ ही जांच सैंपल भी लिए गए हैं। तहसीलदार अभिषेक शर्मा, पटवारी महेंद्र गुप्ता और अमले ने दुकानों को बंद कराया। साथ ही व्यापारी को 14 दिन होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 6 quarantined home including 6 couples in Gogawan's house




गोगांवा निवासी कोरोना पॉजिटिव की शुक्रवार को मौत हो गई थी। जो ठीकरी निवासी कपड़ा व्यापारी का रिश्तेदार था। शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए कपड़ा व्यापारी और उसकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव के घर गोगावां गए हुए थे। जो शनिवार को ठीकरी लौटकर आए। इसकी सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग का अमला सहित अधिकारी कपड़ा व्यापारी के घर पहुंचे और पति-पत्नी समेत 6 को होम क्वारंटाइन किया। बीएमओ आरएस मुजाल्दे ने बताया ठीकरी निवासी कपड़ा व्यापारी गोगावां निवासी कोरोना पीड़ित के घर गए थे। जो शनिवार को लौटकर आए। इसकी सूचना मिलने पर इन्हें होम क्वारंटाइन किया गया। साथ ही आसपास के क्षेत्र में लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही इस क्षेत्र की दुकानों को भी बंद कराया गया है। साथ ही जांच सैंपल भी लिए गए हैं। तहसीलदार अभिषेक शर्मा, पटवारी महेंद्र गुप्ता और अमले ने दुकानों को बंद कराया। साथ ही व्यापारी को 14 दिन होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई।

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6 quarantined home including 6 couples in Gogawan's house
गोगांवा निवासी कोरोना पॉजिटिव की शुक्रवार को मौत हो गई थी। जो ठीकरी निवासी कपड़ा व्यापारी का रिश्तेदार था। शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए कपड़ा व्यापारी और उसकी…
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नगर निगम के कंप्यूटरीकृत कैश कलेक्शन काउंटर 67 दिन बाद शनिवार को फिर खुले। पहले दिन 43 लोगों ने 80 हजार 742 रुपए जमा कराए। पहले दिन 16 लोगों ने 46 हजार 367 रुपए संपत्ति कर, 24 लोगों ने 27 हजार 744 रुपए जलकर और 3 लोगों ने निगम स्वामित्व की दुकानों का 6 हजार 631 रुपए किराया जमा कराया। कलेक्शन कार्य में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। निगमायुक्त हिमांशु सिंह लोगों से अपील की कि निगम करों का भुगतान कर शहर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग करें। निगम करों का भुगतान ई-नगर पालिका पोर्टल पर ऑनलाइन करें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




नगर निगम के कंप्यूटरीकृत कैश कलेक्शन काउंटर 67 दिन बाद शनिवार को फिर खुले। पहले दिन 43 लोगों ने 80 हजार 742 रुपए जमा कराए। पहले दिन 16 लोगों ने 46 हजार 367 रुपए संपत्ति कर, 24 लोगों ने 27 हजार 744 रुपए जलकर और 3 लोगों ने निगम स्वामित्व की दुकानों का 6 हजार 631 रुपए किराया जमा कराया। कलेक्शन कार्य में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। निगमायुक्त हिमांशु सिंह लोगों से अपील की कि निगम करों का भुगतान कर शहर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग करें। निगम करों का भुगतान ई-नगर पालिका पोर्टल पर ऑनलाइन करें।

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नगर निगम के कंप्यूटरीकृत कैश कलेक्शन काउंटर 67 दिन बाद शनिवार को फिर खुले। पहले दिन 43 लोगों ने 80 हजार 742 रुपए जमा कराए। पहले दिन 16 लोगों ने 46 हजार 367 रु…
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सिंधी कॉलोनी के सभी रास्तें चारों तरफ से बंद कर दिए हैं, इस कारण क्षेत्र दो दिन से खुली जेल बन गया है। ऐसे में दूध और पानी नहीं मिलने से शनिवार शाम को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोग सड़क पर आ गए। कुछ लोग बंदी का दूध घर नहीं आने से नाराज थे तो कुछ पैक दूध नहीं लेना चाहते थे। अधिकांश लोग पानी नहीं मिलने से आक्रोशित नजर आए। सड़क पर लोगों की भीड़ एकत्र होने पर मौके पर मोघट थाने से टीआई बीएल अटोदे सहित पुलिस बल पहुंचा। शाम 7.30 सीएसपी ललित गठरे भी यहां पहुंचे तो लोग घरों से निकलकर आ गए। इस दौरान महिलाएं बोलीं गलियां सील होने से पानी का टैंकर आना बंद हो गया। लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं, इसका मतलब ये नहीं कि आप लोग जरुरी सुविधाओं से हमें दूर रखें। बाहर निकल रहे हैं तो कहा जा रहा हैं कि आप अंदर जाए। जरुरी सुविधाओं की आपको पूर्ति करना है। सीएसपी ने कहा कि घर-घर तक पानी आएगा। आप लोगों को आने-जाने से इसलिए रोक रहे हैं क्योंकि जिले में सबसे ज्यादा संक्रमण के केस इसी कॉलोनी में है। दूध, राशन और सब्जी के लिए सपोर्ट टीम है। प्रभारी अधिकारी का नंबर नोट करें। वॉट्सएप पर बताए आपको जरुरी वस्तुएं मिल जाएंगी। यह सुन लोगों का आक्रोश शांत हुआ और लोगों ने तालियां बजाकर सीएसपी का आभार माना। कलेक्टर के आदेश हैं, जो बंदी वाला है उसी से सामग्री लेकर पहुंचाएं घरों तक सीएसपी ने सपोर्ट टीम के प्रभारी उपयंत्री भरत सुरजाए से कहा कंटेनमेंट एरिया में बाहर का कोई व्यक्ति नहीं जाएगा। जो यहां का बंदी वाला है उससे ही दूध पैक कराकर वो जिस नंबर का घर बताए वहां तक पहुंचाना सपोर्ट टीम का काम है। यदि कर्मचारी कम है तो संख्या बढ़ाएं। यह आदेश मेरे नहीं कलेक्टर के हैं। आप किसी को पैक दूध लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। गार्ड बोले- भीतर नहीं आते पुलिसकर्मी सीएसपी ने निगरानी के दिए नर्देश कंटेनमेंट एरिया में लोगों की भीड़ होने पर सीएसपी ने वहां तैनात पुलिस जवानों को बुलाया। दो फारेस्ट गार्ड सामने आए और बोले भीतर हम लोग ही रहते हैं। पुलिस जवान बाहर तैनात हैं, उन्हें बुलाया तो नहीं आए। इतना सुन दोनों ही जवानों को सीएसपी ने बुलाया और निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही एक मोटर साइकिल दल भी तैनात करने की बात कही। इधर, दोपहर में बैरिकेड्स फांदकर कंटेनमेंट एरिया में घुसा युवक दोपहर 1.20 बजे श्री झूलेलाल मंदिर के पास वाली गली से एक युवक बैरिकेड्स फांदकर कंटनमेंट एरिया में घुस गया। वह किसी के साथ बाइक पर बाजार से कूलर लेकर आया था। कुछ देर बाद कूलर भी भीतर ले गया। इस दौरान एक अन्य गली में पानी की समस्या से परेशान एक व्यक्ति अपने दो बच्चों के साथ आया। कंटेनमेंट एरिया से सटे मकान से पानी मांगकर अपने घर ले गया। राहत... बड़े कंटेनमेंट जोन को छोटा किया, ताकि अच्छे से मैनेज हो सके एडीएम नंदा भलावे कुशरे ने बताया कलेक्टर अनय द्विवेदी के निर्देश पर बड़े कंटेनमेंट क्षेत्रों को छोटा किया गया है, ताकि उसके अंदर रहने वाले लोगों को राशन-पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े। नए जोन दलों की राउंड ओ क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। ये दल 24 घंटे वहीं तैनात रहकर लॉकडाउन का पालन करवाएंगे। जोन के अंदर रहने वाले लोगों से राशन, पानी, जरूरी दवाइयों की डिमांड भी लेंगे। बाद में नगर निगम के वेंडर के माध्यम से उन लोगों तक राशन-पानी पहुंचवाने का काम भी करेंगे। कुल मिलाकर ऐसा मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करवाया जा रहा है कि कंटेनमेंट जोन के रहवासियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Outrage over not getting milk and water boils, CSP explained, said - material will be delivered to every house




सिंधी कॉलोनी के सभी रास्तें चारों तरफ से बंद कर दिए हैं, इस कारण क्षेत्र दो दिन से खुली जेल बन गया है। ऐसे में दूध और पानी नहीं मिलने से शनिवार शाम को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोग सड़क पर आ गए। कुछ लोग बंदी का दूध घर नहीं आने से नाराज थे तो कुछ पैक दूध नहीं लेना चाहते थे। अधिकांश लोग पानी नहीं मिलने से आक्रोशित नजर आए। सड़क पर लोगों की भीड़ एकत्र होने पर मौके पर मोघट थाने से टीआई बीएल अटोदे सहित पुलिस बल पहुंचा।
शाम 7.30 सीएसपी ललित गठरे भी यहां पहुंचे तो लोग घरों से निकलकर आ गए। इस दौरान महिलाएं बोलीं गलियां सील होने से पानी का टैंकर आना बंद हो गया। लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं, इसका मतलब ये नहीं कि आप लोग जरुरी सुविधाओं से हमें दूर रखें। बाहर निकल रहे हैं तो कहा जा रहा हैं कि आप अंदर जाए। जरुरी सुविधाओं की आपको पूर्ति करना है। सीएसपी ने कहा कि घर-घर तक पानी आएगा। आप लोगों को आने-जाने से इसलिए रोक रहे हैं क्योंकि जिले में सबसे ज्यादा संक्रमण के केस इसी कॉलोनी में है। दूध, राशन और सब्जी के लिए सपोर्ट टीम है। प्रभारी अधिकारी का नंबर नोट करें। वॉट्सएप पर बताए आपको जरुरी वस्तुएं मिल जाएंगी। यह सुन लोगों का आक्रोश शांत हुआ और लोगों ने तालियां बजाकर सीएसपी का आभार माना।

कलेक्टर के आदेश हैं, जो बंदी वाला है उसी से सामग्री लेकर पहुंचाएं घरों तक
सीएसपी ने सपोर्ट टीम के प्रभारी उपयंत्री भरत सुरजाए से कहा कंटेनमेंट एरिया में बाहर का कोई व्यक्ति नहीं जाएगा। जो यहां का बंदी वाला है उससे ही दूध पैक कराकर वो जिस नंबर का घर बताए वहां तक पहुंचाना सपोर्ट टीम का काम है। यदि कर्मचारी कम है तो संख्या बढ़ाएं। यह आदेश मेरे नहीं कलेक्टर के हैं। आप किसी को पैक दूध लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

गार्ड बोले- भीतर नहीं आते पुलिसकर्मी सीएसपी ने निगरानी के दिए नर्देश
कंटेनमेंट एरिया में लोगों की भीड़ होने पर सीएसपी ने वहां तैनात पुलिस जवानों को बुलाया। दो फारेस्ट गार्ड सामने आए और बोले भीतर हम लोग ही रहते हैं। पुलिस जवान बाहर तैनात हैं, उन्हें बुलाया तो नहीं आए। इतना सुन दोनों ही जवानों को सीएसपी ने बुलाया और निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही एक मोटर साइकिल दल भी तैनात करने की बात कही।

इधर, दोपहर में बैरिकेड्स फांदकर कंटेनमेंट एरिया में घुसा युवक

दोपहर 1.20 बजे श्री झूलेलाल मंदिर के पास वाली गली से एक युवक बैरिकेड्स फांदकर कंटनमेंट एरिया में घुस गया। वह किसी के साथ बाइक पर बाजार से कूलर लेकर आया था। कुछ देर बाद कूलर भी भीतर ले गया। इस दौरान एक अन्य गली में पानी की समस्या से परेशान एक व्यक्ति अपने दो बच्चों के साथ आया। कंटेनमेंट एरिया से सटे मकान से पानी मांगकर अपने घर ले गया।

राहत... बड़े कंटेनमेंट जोन को छोटा किया, ताकि अच्छे से मैनेज हो सके

एडीएम नंदा भलावे कुशरे ने बताया कलेक्टर अनय द्विवेदी के निर्देश पर बड़े कंटेनमेंट क्षेत्रों को छोटा किया गया है, ताकि उसके अंदर रहने वाले लोगों को राशन-पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े। नए जोन दलों की राउंड ओ क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। ये दल 24 घंटे वहीं तैनात रहकर लॉकडाउन का पालन करवाएंगे। जोन के अंदर रहने वाले लोगों से राशन, पानी, जरूरी दवाइयों की डिमांड भी लेंगे। बाद में नगर निगम के वेंडर के माध्यम से उन लोगों तक राशन-पानी पहुंचवाने का काम भी करेंगे। कुल मिलाकर ऐसा मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करवाया जा रहा है कि कंटेनमेंट जोन के रहवासियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।

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Outrage over not getting milk and water boils, CSP explained, said - material will be delivered to every house
सिंधी कॉलोनी के सभी रास्तें चारों तरफ से बंद कर दिए हैं, इस कारण क्षेत्र दो दिन से खुली जेल बन गया है। ऐसे में दूध और पानी नहीं मिलने से शनिवार शाम को लोगों क…
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जिले में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अरब सागर में सिस्टम बनना शुरू हो गया है। इसलिए इस बार समय पर मानसून आने की संभावना है। शनिवार दोपहर असीरगढ़ क्षेत्र में 20 मिनट बारिश हुई। नेपानगर में भी बादल बरसे। इससे सड़कों पर भीग गईं। जिले मे प्री-मानसून की आहट के साथ नौतपा की तपन कम हुई है। तीन दिन में पारा तीन डिग्री लुढ़का है। शनिवार सुबह से बादल छाए रहे। इसलिए धूप का असर कम रहा लेकिन लू चलती रही। दोपहर 1.30 बजे बाद असीरगढ़ और आसपास के आधा दर्जन गांवों में बारिश हुई है। शहर में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान एक कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्वी अरब सागर में बनने एवं बाद में 48 घंटे के दौरान इस प्रणाली से सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर एक अवसाद के रूप में और अधिक शक्तिशाली होकर केंद्रित होने की संभावना के कारण केरल में 1 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की संभावना है। शनिवार को मानसून केरल के तट से टकरा गया है। प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट ने इस बात का दावा किया है। 96 प्रतिशत तक बारिश होने का अनुमान मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक गुरुदत्त मिश्रा ने बताया इस बार 96 प्रतिशत तक बारिश होने का अनुमान है। यानी सामान्य बारिश। केंद्रीय मौसम विभाग ने चार महीने के मानसून का अनुमान जारी किया है। इस स्थिति में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अरब सागर में सिस्टम बनने लगा है। धीरे-धीरे मानसून पूरे देश में आएगा। बुरहानपुर में जून के पहले सप्ताह में धूल भरी आंधी, बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। स्थिति सामान्य रही तो 15 जून से मानसून दस्तक दे देगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Asirgarh and Nepanagar region received 20 minutes of rain




जिले में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अरब सागर में सिस्टम बनना शुरू हो गया है। इसलिए इस बार समय पर मानसून आने की संभावना है। शनिवार दोपहर असीरगढ़ क्षेत्र में 20 मिनट बारिश हुई। नेपानगर में भी बादल बरसे। इससे सड़कों पर भीग गईं।
जिले मे प्री-मानसून की आहट के साथ नौतपा की तपन कम हुई है। तीन दिन में पारा तीन डिग्री लुढ़का है। शनिवार सुबह से बादल छाए रहे। इसलिए धूप का असर कम रहा लेकिन लू चलती रही। दोपहर 1.30 बजे बाद असीरगढ़ और आसपास के आधा दर्जन गांवों में बारिश हुई है। शहर में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान एक कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्वी अरब सागर में बनने एवं बाद में 48 घंटे के दौरान इस प्रणाली से सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर एक अवसाद के रूप में और अधिक शक्तिशाली होकर केंद्रित होने की संभावना के कारण केरल में 1 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की संभावना है। शनिवार को मानसून केरल के तट से टकरा गया है। प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट ने इस बात का दावा किया है।

96 प्रतिशत तक बारिश होने का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक गुरुदत्त मिश्रा ने बताया इस बार 96 प्रतिशत तक बारिश होने का अनुमान है। यानी सामान्य बारिश। केंद्रीय मौसम विभाग ने चार महीने के मानसून का अनुमान जारी किया है। इस स्थिति में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अरब सागर में सिस्टम बनने लगा है। धीरे-धीरे मानसून पूरे देश में आएगा। बुरहानपुर में जून के पहले सप्ताह में धूल भरी आंधी, बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। स्थिति सामान्य रही तो 15 जून से मानसून दस्तक दे देगा।

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Asirgarh and Nepanagar region received 20 minutes of rain
जिले में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अरब सागर में सिस्टम बनना शुरू हो गया है। इसलिए इस बार समय पर मानसून आने की संभावना है। शनिवार दोपहर असीरगढ़…
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शहरी क्षेत्र में 15 शराब दुकानें खोलने के लिए शुक्रवार रात कलेक्टर ने आदेश जारी किए लेकिन ठेकेदार ने दुकानें नहीं खोली। ग्रामीण क्षेत्र में खोली गई शराब दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। इसके पीछे कारण शराब ठेकेदार को हो रहा नुकसान बताया जा रहा है। इस बीच शनिवार दोपहर आबकारी विभाग ने ट्रांसपोर्ट नगर की शराब दुकान में स्टॉक की जांच की। दुकान 24 मार्च से सील है। लॉकडाउन के बाद से शराब दुकानें बंद कर दी गई थीं लेकिन ग्रीन जोन में दुकानों खोलने के आदेश दिए गए। दुकानें खुलने के बाद भी ठेकेदार का माल नहीं बिक रहा था। वहीं प्रदेश स्तर पर ठेकेदारों की एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से रियायत की मांग की। मामला न्यायालय पहुंचा और इसमें 2 जून को सुनवाई है। तब तक शराब दुकानें खुलना मुश्किल है। शहरी क्षेत्र में विदेशी शराब की शनवारा, सिंधीबस्ती, चौक बाजार, टीपी नगर, रेणुका माता रोड पर दुकान है। वहीं देशी शराब की शनवारा, सिंधी बस्ती, टीपी नगर, लालबाग शिकारपुरा, दौलतपुरा, इतवार गेट, कारंज बाजार और आलमगंज की दुकालें खोलने के आदेश जारी हुए हैं। स्टॉक की जांच के लिए दुकान खुली, ठेकेदार के कर्मचारी पहुंचे इस बार जिले की सभी दुकानों का एक समूह बनाकर लाइसेंस जारी किया गया है। इसके पहले कुछ दुकानों का समूह था। शनिवार दोपहर को स्टॉक की जांच के लिए आबकारी विभाग की टीम ने टीपी नगर की शराब दुकान खोली। इसकी जानकारी मिलने पर लाइसेंसी ठेकेदार के कर्मचारी भी वहां पर पहुंच गए। दुकान नए लाइसेंसी को हैंडओवर की जाएगी लेकिन पहले इसके स्टॉक की जांच की जाएगी। दुकान खोलने के आदेश जारी जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र शर्मा ने बताया लाइसेंसी शराब ठेकेदार को दुकान खोलने के आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए हैं लेकिन ठेकेदार ने दुकानें नहीं खोली हैं। पुराने लाइसेंसी की दुकान का स्टॉक जांच रहे हैं। जब भी दुकानें खोली जाएंगी, सभी के स्टॉक की जांच करेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Contractor did not open orders to open 15 liquor shops in urban area, shops closed in rural areas too




शहरी क्षेत्र में 15 शराब दुकानें खोलने के लिए शुक्रवार रात कलेक्टर ने आदेश जारी किए लेकिन ठेकेदार ने दुकानें नहीं खोली। ग्रामीण क्षेत्र में खोली गई शराब दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। इसके पीछे कारण शराब ठेकेदार को हो रहा नुकसान बताया जा रहा है। इस बीच शनिवार दोपहर आबकारी विभाग ने ट्रांसपोर्ट नगर की शराब दुकान में स्टॉक की जांच की। दुकान 24 मार्च से सील है।
लॉकडाउन के बाद से शराब दुकानें बंद कर दी गई थीं लेकिन ग्रीन जोन में दुकानों खोलने के आदेश दिए गए। दुकानें खुलने के बाद भी ठेकेदार का माल नहीं बिक रहा था। वहीं प्रदेश स्तर पर ठेकेदारों की एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से रियायत की मांग की। मामला न्यायालय पहुंचा और इसमें 2 जून को सुनवाई है। तब तक शराब दुकानें खुलना मुश्किल है। शहरी क्षेत्र में विदेशी शराब की शनवारा, सिंधीबस्ती, चौक बाजार, टीपी नगर, रेणुका माता रोड पर दुकान है। वहीं देशी शराब की शनवारा, सिंधी बस्ती, टीपी नगर, लालबाग शिकारपुरा, दौलतपुरा, इतवार गेट, कारंज बाजार और आलमगंज की दुकालें खोलने के आदेश जारी हुए हैं।

स्टॉक की जांच के लिए दुकान खुली, ठेकेदार के कर्मचारी पहुंचे
इस बार जिले की सभी दुकानों का एक समूह बनाकर लाइसेंस जारी किया गया है। इसके पहले कुछ दुकानों का समूह था। शनिवार दोपहर को स्टॉक की जांच के लिए आबकारी विभाग की टीम ने टीपी नगर की शराब दुकान खोली। इसकी जानकारी मिलने पर लाइसेंसी ठेकेदार के कर्मचारी भी वहां पर पहुंच गए। दुकान नए लाइसेंसी को हैंडओवर की जाएगी लेकिन पहले इसके स्टॉक की जांच की जाएगी।
दुकान खोलने के आदेश जारी
जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र शर्मा ने बताया लाइसेंसी शराब ठेकेदार को दुकान खोलने के आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए हैं लेकिन ठेकेदार ने दुकानें नहीं खोली हैं। पुराने लाइसेंसी की दुकान का स्टॉक जांच रहे हैं। जब भी दुकानें खोली जाएंगी, सभी के स्टॉक की जांच करेंगे।

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Contractor did not open orders to open 15 liquor shops in urban area, shops closed in rural areas too
शहरी क्षेत्र में 15 शराब दुकानें खोलने के लिए शुक्रवार रात कलेक्टर ने आदेश जारी किए लेकिन ठेकेदार ने दुकानें नहीं खोली। ग्रामीण क्षेत्र में खोली गई शराब दुकान…
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कोरोना संकट काल में 1 जून से 69 दिन बाद ट्रेनों का सफर शुरू होगा, इसके साथ ही कृषि उपज मंडी में किसान उपज नीलाम कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में चार आधार केंद्र भी शुरू होंगे। रविवार को लॉकडाउन 4.0 खत्म हो रहा है। इसके साथ अब लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद भी है। आमजन को अनाज, किराना और अन्य जरूरी सामान भी मिलना मुश्किल हो रहा है। 69 दिन से बंद के कारण व्यापार-व्यवसाय और उद्योग-धंधों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। अब जीवन पटरी पर लाने के लिए सभी को छूट और राहत की आस बंधी है। शहर में जारी कर्फ्यू के बाद भी अब लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं। इसका कारण जरूरत का सामान नहीं मिलना है। सघन बसाहट वाले शहर में अनाज, किराना के साथ दूसरी जरूरत का सामान मोहल्लों की दुकानों पर नहीं मिल रहा है। क्योंकि उनके पास भी सामान खत्म हो चुका है। किराना की होम डिलीवरी भी मुश्किल हो गई है। इसलिए अब जरूरत का सामान जुटाने के लिए लोग घरों से निकल रहे हैं। लोगों ने कहा- यहां रियायत मिलना जरूरी उद्योग-धंधे - शहर के उद्योग नगर में 21 इकाईयां खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन इसे बढ़ाने की जरूरत है। शहर में अन्य बड़ी औद्योगिक इकाईयों को भी शर्तों के साथ खोला जाना जरूरी है, क्योंकि इनसे हजारों लोग जुड़े हैं। इस कारण एक बड़ा वर्ग तंगहाली झेल रहा है। पावरलूम और कपड़ा उद्योग - शहर में मजदूर वर्ग का बड़ा हिस्सा सिर्फ पावरलूम पर निर्भर है। लेकिन यह दो महीने से पूरी तरह बंद है। पावरलूम भी शर्तों के साथ शुरू किए जाने की जरूरत है। साथ ही तैयार कपड़े का परिवहन, कच्चे माल के आयात की अनुमति दी जाना चाहिए। आम आदमी की जरूरत- आम आदमी के लिए शहर में किराना, अनाज और राशन की दुकानों का खुलना जरूरी है। भले ही इसके लिए हर दिन निश्चित समय तय किया जाए। क्योंकि वर्तमान में मजदूर वर्ग के साथ मध्यम वर्ग भी जरूरत की वस्तुओं की आपूर्ति नहीं होने के कारण परेशान हो रहा है। व्यवसाय - शहर में व्यवसायिक गतिविधियों को सशर्त शुरू किया जाना बहुत जरूरी हो गया है। हालात ऐसे हैं कि सभी को कोरोना के साथ ही जीना सीखना है। नागरिकों का कहना है ऐसे में पूरा शहर बंद रखकर इन हालात से नहीं निपटा जा सकता। शहर में बाजार बंद होने से व्यापारी ही नहीं आमजन भी परेशान हो चुके हैं। पहली बार 29 दिन का कर्फ्यू ऐसा पहली बार हुआ है जब शहर में 29 दिन तक कर्फ्यू जारी रहा हो और वह भी बिना किसी रियायत के। 2008 के सांप्रदायिक दंगे के बाद 21 दिन का कर्फ्यू लगा था। लेकिन 10 दिन बाद ही रियायत मिलने लगी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने पर 2 मई से लागू कर्फ्यू में अब तक कोई रियायत नहीं मिली है। ग्रामीण क्षेत्र में 4 केंद्रों पर बनेंगे आधार कार्ड ग्रामीण क्षेत्र में 4 आधार सेंटर शुरू होंगे। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र, मोहम्मदपुरा, जैनाबाद व एमार्गिद पंचायत को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में आधार सेंटर सशर्त संचालित करने के निर्देश दिए हैं। ई गवर्नेंस प्रबंधक मनोज मोहरे ने बताया सोमवार से लोक सेवा केंद्र खकनार, महिला एवं बाल विकास कार्यालय पुराना आईटीआई कॉलेज नेपानगर, शास. प्राथमिक स्कूल, सामुदायिक अस्पताल के सामने शाहपुर व नगर परिषद शाहपुर में आधार केंद्र संचालित होंगे। यहां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी उपाय व निर्देशों का पालन करना होगा। जिले के कंटेनमेंट क्षेत्रों में जरुरत का सामान मिलना हुआ मुश्किल जिले में फिलहाल 74 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं। इनमें से अधिकांश क्षेत्र एक महीने से सील किए हुए हैं। यहां अब लोगों में असंतोष पनपने लगा है। इसका कारण यह है कि कंटेनमेंट क्षेत्र में दूध, पानी और किराना जैसी जरुरत की वस्तुएं भी मिलना मुश्किल हो गई हैं। कंटेनमेंट क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सरकारी सहायता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। कंटेनमेंट क्षेत्र में जितने लोगों की सूची दी जाती है, उसका 30 प्रतिशत ही सरकारी सहायता के रूप में अनाज और खाद्यान्न पहुंचता है। इसको लेकर भी विवाद हो रहे हैं। शहर के स्टेशन पर 10 ट्रेनों का होगा स्टॉपेज 1 जून से बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेन ठहरना शुरू होंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेनों में आरक्षण टिकट लेकर ही सफर किया जा सकेगा। उसमें भी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। रेड जोन से बुरहानपुर आने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य की जांच कराना और प्रशासन को जानकारी देना भी अनिवार्य रहेगा। वहीं 1 जून से शहर की कृषि उपज मंडी में 50 किसान नीलामी में शामिल हो सकेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today After 69 days, the train will start from tomorrow, farmers will be able to produce produce in the agricultural market




कोरोना संकट काल में 1 जून से 69 दिन बाद ट्रेनों का सफर शुरू होगा, इसके साथ ही कृषि उपज मंडी में किसान उपज नीलाम कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में चार आधार केंद्र भी शुरू होंगे। रविवार को लॉकडाउन 4.0 खत्म हो रहा है। इसके साथ अब लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद भी है। आमजन को अनाज, किराना और अन्य जरूरी सामान भी मिलना मुश्किल हो रहा है। 69 दिन से बंद के कारण व्यापार-व्यवसाय और उद्योग-धंधों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। अब जीवन पटरी पर लाने के लिए सभी को छूट और राहत की आस बंधी है।
शहर में जारी कर्फ्यू के बाद भी अब लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं। इसका कारण जरूरत का सामान नहीं मिलना है। सघन बसाहट वाले शहर में अनाज, किराना के साथ दूसरी जरूरत का सामान मोहल्लों की दुकानों पर नहीं मिल रहा है। क्योंकि उनके पास भी सामान खत्म हो चुका है। किराना की होम डिलीवरी भी मुश्किल हो गई है। इसलिए अब जरूरत का सामान जुटाने के लिए लोग घरों से निकल रहे हैं।

लोगों ने कहा- यहां रियायत मिलना जरूरी

उद्योग-धंधे - शहर के उद्योग नगर में 21 इकाईयां खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन इसे बढ़ाने की जरूरत है। शहर में अन्य बड़ी औद्योगिक इकाईयों को भी शर्तों के साथ खोला जाना जरूरी है, क्योंकि इनसे हजारों लोग जुड़े हैं। इस कारण एक बड़ा वर्ग तंगहाली झेल रहा है।
पावरलूम और कपड़ा उद्योग - शहर में मजदूर वर्ग का बड़ा हिस्सा सिर्फ पावरलूम पर निर्भर है। लेकिन यह दो महीने से पूरी तरह बंद है। पावरलूम भी शर्तों के साथ शुरू किए जाने की जरूरत है। साथ ही तैयार कपड़े का परिवहन, कच्चे माल के आयात की अनुमति दी जाना चाहिए।

आम आदमी की जरूरत- आम आदमी के लिए शहर में किराना, अनाज और राशन की दुकानों का खुलना जरूरी है। भले ही इसके लिए हर दिन निश्चित समय तय किया जाए। क्योंकि वर्तमान में मजदूर वर्ग के साथ मध्यम वर्ग भी जरूरत की वस्तुओं की आपूर्ति नहीं होने के कारण परेशान हो रहा है।
व्यवसाय - शहर में व्यवसायिक गतिविधियों को सशर्त शुरू किया जाना बहुत जरूरी हो गया है। हालात ऐसे हैं कि सभी को कोरोना के साथ ही जीना सीखना है। नागरिकों का कहना है ऐसे में पूरा शहर बंद रखकर इन हालात से नहीं निपटा जा सकता। शहर में बाजार बंद होने से व्यापारी ही नहीं आमजन भी परेशान हो चुके हैं।

पहली बार 29 दिन का कर्फ्यू
ऐसा पहली बार हुआ है जब शहर में 29 दिन तक कर्फ्यू जारी रहा हो और वह भी बिना किसी रियायत के। 2008 के सांप्रदायिक दंगे के बाद 21 दिन का कर्फ्यू लगा था। लेकिन 10 दिन बाद ही रियायत मिलने लगी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने पर 2 मई से लागू कर्फ्यू में अब तक कोई रियायत नहीं मिली है।

ग्रामीण क्षेत्र में 4 केंद्रों पर बनेंगे आधार कार्ड
ग्रामीण क्षेत्र में 4 आधार सेंटर शुरू होंगे। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्र, मोहम्मदपुरा, जैनाबाद व एमार्गिद पंचायत को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में आधार सेंटर सशर्त संचालित करने के निर्देश दिए हैं। ई गवर्नेंस प्रबंधक मनोज मोहरे ने बताया सोमवार से लोक सेवा केंद्र खकनार, महिला एवं बाल विकास कार्यालय पुराना आईटीआई कॉलेज नेपानगर, शास. प्राथमिक स्कूल, सामुदायिक अस्पताल के सामने शाहपुर व नगर परिषद शाहपुर में आधार केंद्र संचालित होंगे। यहां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी उपाय व निर्देशों का पालन करना होगा।

जिले के कंटेनमेंट क्षेत्रों में जरुरत का सामान मिलना हुआ मुश्किल
जिले में फिलहाल 74 कंटेनमेंट क्षेत्र हैं। इनमें से अधिकांश क्षेत्र एक महीने से सील किए हुए हैं। यहां अब लोगों में असंतोष पनपने लगा है। इसका कारण यह है कि कंटेनमेंट क्षेत्र में दूध, पानी और किराना जैसी जरुरत की वस्तुएं भी मिलना मुश्किल हो गई हैं। कंटेनमेंट क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सरकारी सहायता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। कंटेनमेंट क्षेत्र में जितने लोगों की सूची दी जाती है, उसका 30 प्रतिशत ही सरकारी सहायता के रूप में अनाज और खाद्यान्न पहुंचता है। इसको लेकर भी विवाद हो रहे हैं।
शहर के स्टेशन पर 10 ट्रेनों का होगा स्टॉपेज
1 जून से बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेन ठहरना शुरू होंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेनों में आरक्षण टिकट लेकर ही सफर किया जा सकेगा। उसमें भी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। रेड जोन से बुरहानपुर आने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य की जांच कराना और प्रशासन को जानकारी देना भी अनिवार्य रहेगा। वहीं 1 जून से शहर की कृषि उपज मंडी में 50 किसान नीलामी में शामिल हो सकेंगे।

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After 69 days, the train will start from tomorrow, farmers will be able to produce produce in the agricultural market
कोरोना संकट काल में 1 जून से 69 दिन बाद ट्रेनों का सफर शुरू होगा, इसके साथ ही कृषि उपज मंडी में किसान उपज नीलाम कर सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में चार आधार केंद्र…
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खरगोन के जैविक खेती करने वाले किसान अविनाश दांगी ने 1 क्विंटल काले गेहूं बोकर 36 क्विंटल की उपज ली है। बिस्टान के पास चंदावड़ में खेती है। किसान के मुताबिक 2 साल पहले पंजाब के मोहाली से 10 किलो बीज लेकर आए थे। उन्हें गेहूं की काली किस्म के बारे में कृषि सम्मेलन में जानकारी मिली थी। शुरूआत में उन्हें मोटापा, कैंसर, डायबिटीज और तनाव जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में यह काला गेहूं काम आने की जानकारी मिली। यह जानकर बीज लाया था। 2 साल बाद 36 क्विंटल गेहूं की उपज ली। उनके उपजाए काले गेहूं को फोन पर ही बुक करा लिया है। अविनाश बताते है कि खरगोन के अलावा गुजरात, गाजियाबाद, पुणे व नागपुर से मांग आई है। 12 साल से कर रहे खेती किसान 12 सालों से जैविक खेती कर रहे हैं। साथ ही देशी प्रजाति के बीजों का संधारण भी कर रहे हैं। वे बताते है कि हमारे देशी प्रजाति की किस्में खत्म हो रही है। अरहर, ज्वार, बाजरा, चना, मक्का, मूंग और गेहूं की देशी प्रजाति का संधारण किया है। क्षेत्र के किसानों से बीज लेकर मक्का बीज तैयार किया है। इसलिए अलग है यह गेहूं सामान्य गेहूं में एनथोसाईनिंग की मात्रा 5 से 15 प्रति मिलियन होती है। जबकि काले गेहूं में यह 40 से 140 प्रति मिलियन तक होती है। यह शरीर से फ्री रेडिकल्स बाहर निकालने में सहायता करता है। 7 वर्ष तक शोध करने के बाद फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट मोहाली की ओर से पेटेंट कराए काले गेहूं (नाबि एमजी) की खेती की शुरुआत की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 1 quintal Boker grown 36 quintals black wheat




खरगोन के जैविक खेती करने वाले किसान अविनाश दांगी ने 1 क्विंटल काले गेहूं बोकर 36 क्विंटल की उपज ली है। बिस्टान के पास चंदावड़ में खेती है। किसान के मुताबिक 2 साल पहले पंजाब के मोहाली से 10 किलो बीज लेकर आए थे। उन्हें गेहूं की काली किस्म के बारे में कृषि सम्मेलन में जानकारी मिली थी। शुरूआत में उन्हें मोटापा, कैंसर, डायबिटीज और तनाव जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में यह काला गेहूं काम आने की जानकारी मिली। यह जानकर बीज लाया था। 2 साल बाद 36 क्विंटल गेहूं की उपज ली। उनके उपजाए काले गेहूं को फोन पर ही बुक करा लिया है। अविनाश बताते है कि खरगोन के अलावा गुजरात, गाजियाबाद, पुणे व नागपुर से मांग आई है।

12 साल से कर रहे खेती
किसान 12 सालों से जैविक खेती कर रहे हैं। साथ ही देशी प्रजाति के बीजों का संधारण भी कर रहे हैं। वे बताते है कि हमारे देशी प्रजाति की किस्में खत्म हो रही है। अरहर, ज्वार, बाजरा, चना, मक्का, मूंग और गेहूं की देशी प्रजाति का संधारण किया है। क्षेत्र के किसानों से बीज लेकर मक्का बीज तैयार किया है।

इसलिए अलग है यह गेहूं
सामान्य गेहूं में एनथोसाईनिंग की मात्रा 5 से 15 प्रति मिलियन होती है। जबकि काले गेहूं में यह 40 से 140 प्रति मिलियन तक होती है। यह शरीर से फ्री रेडिकल्स बाहर निकालने में सहायता करता है। 7 वर्ष तक शोध करने के बाद फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट मोहाली की ओर से पेटेंट कराए काले गेहूं (नाबि एमजी) की खेती की शुरुआत की।

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1 quintal Boker grown 36 quintals black wheat
खरगोन के जैविक खेती करने वाले किसान अविनाश दांगी ने 1 क्विंटल काले गेहूं बोकर 36 क्विंटल की उपज ली है। बिस्टान के पास चंदावड़ में खेती है। किसान के मुताबिक 2 स…
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अमर शहीद लांसनायक राजेंद्र यादव की 21वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनकी जन्मस्थली स्थित शहीद स्मारक पर मनाई जाएगी। लेकिन लॉकडाउन के चलते पहली बार सलामी और सर्वधर्म सभा नहीं होगी। शहीद यादव के परिजनों की मौजूदगी में केवल पूर्व सैनिक कल्याण समिति और शहीद स्मारक समिति के सदस्य 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देंगे। प्रशासनिक अधिकारी, आर्मी व पुलिस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। राजेंद्र यादव वर्ष 1999 में देश के कारगिल क्षेत्र में युद्ध के दौरान 30 मई को शहीद हुए थे। उसके बाद से हर साल यहां पुण्यतिथि कार्यक्रम हो रहा है। शाम को शहीद स्मारक समिति कवि सम्मेलन भी रखती है। पूर्व सैनिक कल्याण समिति कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया पुण्यतिथि पर आयोजन के लिए एसडीएम से चर्चा हुई थी। लेकिन लॉकडाउन के चलते अनुमति नहीं दी गई। अब सैनिक कल्याण समिति व शहीद स्मारक समिति सदस्य ही श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। स्मारक पर छतरी का काम अधूरा, सूख रहे पौधे शहीद स्मारक की छतरी का निर्माण फरवरी में शुरू हुआ था। पूर्व मंत्री सचिन यादव ने 2.40 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। लॉकडाउन में काम पूरा नहीं हो सका। स्मारक समिति के भूपेंद्र गुप्ता व शहीद के भाई ओंकार यादव ने बताते हैं स्वीकृत राशि खर्च हो चुकी है। 1 लाख रुपए अब भी पंचायत ने नहीं दिए है। जबकि निर्माण का स्टीमेट करीब 8 लाख रुपए का है। समिति सदस्यों ने लोगों के सहयोग से निर्माण पूरा करने का निर्णय लिया है। स्मारक स्थल पर लगाए पेड़-पौधे सिंचाई न होने से सूख रहे हैं। प्रशासन ने यहां ट्यूबवेल करवाया था। लेकिन उसमें मोटरपंप नहीं है। मानदेय नहीं मिलने से पिछले 4 माह से चौकीदार नहीं आ रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time in 21 years, Amar Shaheed will not salute on the death anniversary of Rajendra Yadav




अमर शहीद लांसनायक राजेंद्र यादव की 21वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनकी जन्मस्थली स्थित शहीद स्मारक पर मनाई जाएगी। लेकिन लॉकडाउन के चलते पहली बार सलामी और सर्वधर्म सभा नहीं होगी। शहीद यादव के परिजनों की मौजूदगी में केवल पूर्व सैनिक कल्याण समिति और शहीद स्मारक समिति के सदस्य 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देंगे। प्रशासनिक अधिकारी, आर्मी व पुलिस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। राजेंद्र यादव वर्ष 1999 में देश के कारगिल क्षेत्र में युद्ध के दौरान 30 मई को शहीद हुए थे। उसके बाद से हर साल यहां पुण्यतिथि कार्यक्रम हो रहा है। शाम को शहीद स्मारक समिति कवि सम्मेलन भी रखती है।

पूर्व सैनिक कल्याण समिति कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया पुण्यतिथि पर आयोजन के लिए एसडीएम से चर्चा हुई थी। लेकिन लॉकडाउन के चलते अनुमति नहीं दी गई। अब सैनिक कल्याण समिति व शहीद स्मारक समिति सदस्य ही श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।
स्मारक पर छतरी का काम अधूरा, सूख रहे पौधे
शहीद स्मारक की छतरी का निर्माण फरवरी में शुरू हुआ था। पूर्व मंत्री सचिन यादव ने 2.40 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। लॉकडाउन में काम पूरा नहीं हो सका। स्मारक समिति के भूपेंद्र गुप्ता व शहीद के भाई ओंकार यादव ने बताते हैं स्वीकृत राशि खर्च हो चुकी है। 1 लाख रुपए अब भी पंचायत ने नहीं दिए है। जबकि निर्माण का स्टीमेट करीब 8 लाख रुपए का है। समिति सदस्यों ने लोगों के सहयोग से निर्माण पूरा करने का निर्णय लिया है। स्मारक स्थल पर लगाए पेड़-पौधे सिंचाई न होने से सूख रहे हैं। प्रशासन ने यहां ट्यूबवेल करवाया था। लेकिन उसमें मोटरपंप नहीं है। मानदेय नहीं मिलने से पिछले 4 माह से चौकीदार नहीं आ रहा है।

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For the first time in 21 years, Amar Shaheed will not salute on the death anniversary of Rajendra Yadav
अमर शहीद लांसनायक राजेंद्र यादव की 21वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनकी जन्मस्थली स्थित शहीद स्मारक पर मनाई जाएगी। लेकिन लॉकडाउन के चलते पहली बार सलामी और सर्वधर्म …
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नौतपा लगने के बाद से जिले में लगातार तापमान बढ़ रहा है। भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है। इसका असर बड़वानी में भी रह सकता है। यदि बारिश होती है तो तापमान में गिरावट होगी। अभी जिले का अधिकतम तापमान 45 के पार और न्यूनतम तापमान 27डिग्री सेल्सियश से ज्यादा चल रहा है। मौसम वैज्ञानिक उदय सरवटे ने बताया पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक ट्रफ लाइन बनी है। जो उत्तरी मप्र से होकर गुजर रही है। इसके असर से जिले में भी बारिश हो सकती है। हालांकि इसकी उम्मीद कम है। इसके अलावा भारत के उत्तरी और मध्य भाग में गर्मी की तीव्रता कम होगी। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालय क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के असर से होगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में वर्षा का कारण बनेगी। 45.8 डिग्री: सीजन का सबसे गर्म दिन रहा शुक्रवार शुक्रवार का दिन जिले में सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 45.8 व न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियश रहा। वहीं नौतपा के पांच दिनों में ही एक डिग्री से ज्यादा तापमान में वृद्धि हुई है। नौतपा के पहले दिन अधिकतम 44.3 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान था। जो बढ़कर 45.8 व 27.6 पर पहुंच गया है। लेकिन मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अब तापमान में गिरावट आने की संभावना है। सलाह : लू चलने के भी आसार, सावधानी रखें मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पड़ोसी जिला खरगोन लू की चपेट में है और बड़वानी जिले में भी लू चलने के आसार नजर आ रहे हैं। इसलिए लोग लू से बचने के लिए सावधानी रखें। मौसम वैज्ञानिकों में लू से बचने के लिए सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय पानी जरूर पीएं। साथ ही मुंह और सिर को ढंककर रखें। सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने से बचें। ज्यादा से ज्यादा हलके रंग के सूती कपड़ों का उपयोग करें। जानिए... ये होगा आगे भारत के उत्तरी और मध्य भाग में गर्मी की तीव्रता कम होगी। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालय क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के असर से होगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में वर्षा का कारण बनेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




नौतपा लगने के बाद से जिले में लगातार तापमान बढ़ रहा है। भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है। इसका असर बड़वानी में भी रह सकता है। यदि बारिश होती है तो तापमान में गिरावट होगी। अभी जिले का अधिकतम तापमान 45 के पार और न्यूनतम तापमान 27डिग्री सेल्सियश से ज्यादा चल रहा है।
मौसम वैज्ञानिक उदय सरवटे ने बताया पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक ट्रफ लाइन बनी है। जो उत्तरी मप्र से होकर गुजर रही है। इसके असर से जिले में भी बारिश हो सकती है। हालांकि इसकी उम्मीद कम है। इसके अलावा भारत के उत्तरी और मध्य भाग में गर्मी की तीव्रता कम होगी। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालय क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के असर से होगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में वर्षा का कारण बनेगी।

45.8 डिग्री: सीजन का सबसे गर्म दिन रहा शुक्रवार
शुक्रवार का दिन जिले में सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 45.8 व न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियश रहा। वहीं नौतपा के पांच दिनों में ही एक डिग्री से ज्यादा तापमान में वृद्धि हुई है। नौतपा के पहले दिन अधिकतम 44.3 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान था। जो बढ़कर 45.8 व 27.6 पर पहुंच गया है। लेकिन मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अब तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

सलाह : लू चलने के भी आसार, सावधानी रखें
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पड़ोसी जिला खरगोन लू की चपेट में है और बड़वानी जिले में भी लू चलने के आसार नजर आ रहे हैं। इसलिए लोग लू से बचने के लिए सावधानी रखें। मौसम वैज्ञानिकों में लू से बचने के लिए सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय पानी जरूर पीएं। साथ ही मुंह और सिर को ढंककर रखें। सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने से बचें। ज्यादा से ज्यादा हलके रंग के सूती कपड़ों का उपयोग करें।

जानिए... ये होगा आगे
भारत के उत्तरी और मध्य भाग में गर्मी की तीव्रता कम होगी। ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालय क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के असर से होगा। बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में वर्षा का कारण बनेगी।

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नौतपा लगने के बाद से जिले में लगातार तापमान बढ़ रहा है। भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश …
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जिले में शुक्रवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मिला। राजपुर विकासखंड के बालसमुद में 58 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब जिले में कोरोना वायरस प्रभावितों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। इसमें से 34 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। शेष 9 का इलाज इंदौर एवं बड़वानी में चल रहा है। सीएमएचओ डॉ. अनीता सिंगारे ने बताया बालसमुद के 1 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे बड़वानी के आशाग्राम में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू करवाया गया। जिले में कोरोना वायरस प्रभावित 43 में से 34 को इलाज के बाद कोरोना वायरस मुक्त हो जाने पर उन्हें घर भेज दिया गया है। वर्तमान में 5 का बड़वानी व 4 का इलाज इंदौर में चल रहा है। कलेक्टर अमित तोमर ने कहा लोग बालसमुद में घोषित ईपी सेंटर, कंटेनमेंट एरिया एवं बफर जोन में लागू नियम व निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम के कर्मचारियों के प्रश्नों का सही जवाब दें। जिससे कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। होम क्वारंटाइन करने के बाद भी गया था बाहर प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमित 2 दिन पूर्व ओझर के अस्पताल में भी इलाज के लिए आया था। तबीयत बिगड़ने पर सेंधवा भी गया था। बताया जाता है कि पैदल गुजरने वाले मजदूरों को इंदौर व अन्य स्थानों पर निजी वाहन से छोड़ने गया था। इसके अलावा सेंधवा आना-जाना भी था। 13 मई को सैम्पल देने को कहा गया था। लेकिन उसने मना कर दिया था। बाद में जब सैम्पल लिया गया तो वह पॉजिटिव निकला। रिपोर्ट आने के पहले उसे होम क्वारंटाइन भी किया गया था। लेकिन उसका पालन नहीं करते हुए वो समीप के गांव ओझर भी जाता रहा। भामी के बाद बालसमुद में मिला ये दूसरा मरीज राजपुर क्षेत्र के भामी के बाद दूसरा केस बालसमुद में मिला है। गुरुवार रात रिपोर्ट आने बाद प्रशासनिक अमला और स्वस्थ विभाग का अमला शुक्रवार सुबह बालसमुद पहुंचा। एसडीएम अभयसिंह ओहरिया ने बताया कोरोना पीड़ित को बड़वानी आइसोलेट किया गया। गांव के पांचों मार्ग बंद कर दिए गए। राजपुर बीएमओ डॉ. एमएस सिसोदिया ने बताया गांव में 5 टीम गठित कर घर-घर सर्वे करवाया जा रहा है। पीड़ित के परिवार के सदस्यों के भी सैम्पल लिए जा रहे हैं। ट्रैवल और कांटेक्ट हिस्ट्री पता की जा रही है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 58-year-old man infected in Balasamud, Rajpur




जिले में शुक्रवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मिला। राजपुर विकासखंड के बालसमुद में 58 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब जिले में कोरोना वायरस प्रभावितों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। इसमें से 34 लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। शेष 9 का इलाज इंदौर एवं बड़वानी में चल रहा है।
सीएमएचओ डॉ. अनीता सिंगारे ने बताया बालसमुद के 1 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे बड़वानी के आशाग्राम में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू करवाया गया। जिले में कोरोना वायरस प्रभावित 43 में से 34 को इलाज के बाद कोरोना वायरस मुक्त हो जाने पर उन्हें घर भेज दिया गया है। वर्तमान में 5 का बड़वानी व 4 का इलाज इंदौर में चल रहा है। कलेक्टर अमित तोमर ने कहा लोग बालसमुद में घोषित ईपी सेंटर, कंटेनमेंट एरिया एवं बफर जोन में लागू नियम व निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम के कर्मचारियों के प्रश्नों का सही जवाब दें। जिससे कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके।

होम क्वारंटाइन करने के बाद भी गया था बाहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमित 2 दिन पूर्व ओझर के अस्पताल में भी इलाज के लिए आया था। तबीयत बिगड़ने पर सेंधवा भी गया था। बताया जाता है कि पैदल गुजरने वाले मजदूरों को इंदौर व अन्य स्थानों पर निजी वाहन से छोड़ने गया था। इसके अलावा सेंधवा आना-जाना भी था। 13 मई को सैम्पल देने को कहा गया था। लेकिन उसने मना कर दिया था। बाद में जब सैम्पल लिया गया तो वह पॉजिटिव निकला। रिपोर्ट आने के पहले उसे होम क्वारंटाइन भी किया गया था। लेकिन उसका पालन नहीं करते हुए वो समीप के गांव ओझर भी जाता रहा।

भामी के बाद बालसमुद में मिला ये दूसरा मरीज
राजपुर क्षेत्र के भामी के बाद दूसरा केस बालसमुद में मिला है। गुरुवार रात रिपोर्ट आने बाद प्रशासनिक अमला और स्वस्थ विभाग का अमला शुक्रवार सुबह बालसमुद पहुंचा। एसडीएम अभयसिंह ओहरिया ने बताया कोरोना पीड़ित को बड़वानी आइसोलेट किया गया। गांव के पांचों मार्ग बंद कर दिए गए। राजपुर बीएमओ डॉ. एमएस सिसोदिया ने बताया गांव में 5 टीम गठित कर घर-घर सर्वे करवाया जा रहा है। पीड़ित के परिवार के सदस्यों के भी सैम्पल लिए जा रहे हैं। ट्रैवल और कांटेक्ट हिस्ट्री पता की जा रही है।

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58-year-old man infected in Balasamud, Rajpur
जिले में शुक्रवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मिला। राजपुर विकासखंड के बालसमुद में 58 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब जिले में कोरोना वायरस प्रभावितों…
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ग्राम बालकुआं निवासी युवक ने शुक्रवार को ससुराल आकर खुद की कनपटी पर गोली मारने का मामला सामने आया है। संतोष बाबूलाल गेहलोत ने सेगांव स्थित ससुराल पहुंचकर खुद की कनपटी पर गोली मारी। गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। यहां से इंदौर रैफर किया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देशी कट्टा व कारतूस जब्त किया है। घटना का अभी कारण पता नहीं चला है। युवक की हालत गंभीर, अभी गोली सर के अंदर है बालकुआं निवासी संतोष शुक्रवार को ससुराल सेगांव पहुंचा था। देशी कट्‌टे से खुद की कनपटी पर गोली मार ली। लोगों ने बताया युवक का खेती के साथ खाद-बीज की दुकान का संचालक भी था। इसके बाद गंभीर अवस्था में घायल युवक को जिला अस्पताल लाया गया। आईसीयू में डॉक्टरों ने जांच की। डॉ. राजेश जैन ने बताया युवक के सिर में एक ही निशान दिख रहा है। गोली बाहर नहीं निकली है। दिमाग में चोट लगने की आशंका है। युवक की हालत गंभीर है। गोली अभी सिर के अंदर है। युवक को इंदौर रैफर किया गया। वहीं पुलिस टीम ने मौका निरीक्षण किया। एसआई एलएस बघेल ने बताया मौके से एक देशी पिस्तौल, चला हुआ कारतूस व एक भरा हुआ कारतूस जब्त किया है। युवक ने खुद को गोली क्यों मारी, इसका कारण अभी पता नहीं चला है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Son-in-law shot his own temple after reaching the in-laws house, Indore Refer




ग्राम बालकुआं निवासी युवक ने शुक्रवार को ससुराल आकर खुद की कनपटी पर गोली मारने का मामला सामने आया है। संतोष बाबूलाल गेहलोत ने सेगांव स्थित ससुराल पहुंचकर खुद की कनपटी पर गोली मारी। गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। यहां से इंदौर रैफर किया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देशी कट्टा व कारतूस जब्त किया है। घटना का अभी कारण पता नहीं चला है।

युवक की हालत गंभीर, अभी गोली सर के अंदर है
बालकुआं निवासी संतोष शुक्रवार को ससुराल सेगांव पहुंचा था। देशी कट्‌टे से खुद की कनपटी पर गोली मार ली। लोगों ने बताया युवक का खेती के साथ खाद-बीज की दुकान का संचालक भी था। इसके बाद गंभीर अवस्था में घायल युवक को जिला अस्पताल लाया गया। आईसीयू में डॉक्टरों ने जांच की। डॉ. राजेश जैन ने बताया युवक के सिर में एक ही निशान दिख रहा है। गोली बाहर नहीं निकली है। दिमाग में चोट लगने की आशंका है। युवक की हालत गंभीर है। गोली अभी सिर के अंदर है। युवक को इंदौर रैफर किया गया। वहीं पुलिस टीम ने मौका निरीक्षण किया। एसआई एलएस बघेल ने बताया मौके से एक देशी पिस्तौल, चला हुआ कारतूस व एक भरा हुआ कारतूस जब्त किया है। युवक ने खुद को गोली क्यों मारी, इसका कारण अभी पता नहीं चला है।

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Son-in-law shot his own temple after reaching the in-laws house, Indore Refer
ग्राम बालकुआं निवासी युवक ने शुक्रवार को ससुराल आकर खुद की कनपटी पर गोली मारने का मामला सामने आया है। संतोष बाबूलाल गेहलोत ने सेगांव स्थित ससुराल पहुंचकर खुद …
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