देश की सरहद पर तनाव बढ़ने के साथ ही गोला बारूद के उत्पादन में अचानक तेजी आई है। खास तौर पर बालाकोट एयर स्ट्राइक में इस्तेमाल किए गए 1000 पाउंडर बमों में ओएफके ने पूरी ताकत झौंकी है। पता चला है कि बाकी सेक्शनों में काम की रफ्तार धीमा करते हुए सेक्शन एफ-4 और एफ-6 पर फोकस किया गया है। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के आस-पास चीन और भारतीय सेनाओं में पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ रहा है। भले ही इस बात का कोई वास्ता न हो, लेकिन इत्तेफाकन आयुध निर्माणी खमरिया ने अपने गोला बारूद का उत्पादन अचानक तेज कर दिया है। एयर फोर्स को सप्लाई ओएफके प्रशासन ने हाल फिलहाल सिर्फ उस प्राेडक्शन पर फोकस किया है जिसकी सप्लाई एयर फोर्स को की जाती है। सूत्रों का कहना है कि इसमें सबसे ज्यादा डिमांड थाउजेंड पाउंडर बमों की है। इसके अलावा 250, 450 एमएम के अलावा एरियल बम भी भारतीय वायुसेना को सप्लाई किए जाने हैं। ओएफके में मंगलवार से कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई ओएफके में अब तक 50 फीसदी स्टॉफ के साथ प्रोडक्शन किया जाता रहा है, लेकिन मंगलवार से कर्मचारियों की संख्या में इजाफा कर ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। खास तौर पर एफ-4 और 6 में। हालात ऐसे तक बने कि किसी को सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रहा। सूत्रों का कहना है कि बुधवार की दोहपर तकरीबन 2 बजे संक्रमण के खतरे को लेकर चिंता जताई गई, लेकिन बाद में सेक्शन के अधिकारियों की ओर से ऐसा कुछ स्पष्ट किया गया कि पूरा स्टॉफ मुस्तैदी के साथ प्राेडक्शन में जुट गया। जबलपुर से बढ़ी सेना स्पेशल ट्रेन सेना के सेंट्रल कमांड हैडर्क्वाटर से जवानों का मूमेंट हुआ है। सूत्रों का कहना है कि जबलपुर से 22 बोगी वाली स्पेशल ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई। इससे पहले शाम के वक्त भारतीय सेना के जवानों की मौजूदगी देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जवानों के स्टेशन पहुँचने से पहले ही ट्रेन को प्लेटफार्म पर तैयार रखा गया था। इस दौरान कई आर्मी ऑफीसर्स और लोकल पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Production of 1000 pounder bombs used in air strike suddenly caught pace


देश की सरहद पर तनाव बढ़ने के साथ ही गोला बारूद के उत्पादन में अचानक तेजी आई है। खास तौर पर बालाकोट एयर स्ट्राइक में इस्तेमाल किए गए 1000 पाउंडर बमों में ओएफके ने पूरी ताकत झौंकी है। पता चला है कि बाकी सेक्शनों में काम की रफ्तार धीमा करते हुए सेक्शन एफ-4 और एफ-6 पर फोकस किया गया है।
पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के आस-पास चीन और भारतीय सेनाओं में पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ रहा है। भले ही इस बात का कोई वास्ता न हो, लेकिन इत्तेफाकन आयुध निर्माणी खमरिया ने अपने गोला बारूद का उत्पादन अचानक तेज कर दिया है।
एयर फोर्स को सप्लाई
ओएफके प्रशासन ने हाल फिलहाल सिर्फ उस प्राेडक्शन पर फोकस किया है जिसकी सप्लाई एयर फोर्स को की जाती है। सूत्रों का कहना है कि इसमें सबसे ज्यादा डिमांड थाउजेंड पाउंडर बमों की है। इसके अलावा 250, 450 एमएम के अलावा एरियल बम भी भारतीय वायुसेना को सप्लाई किए जाने हैं।
ओएफके में मंगलवार से कर्मचारियों की ड्यूटी बढ़ाई
ओएफके में अब तक 50 फीसदी स्टॉफ के साथ प्रोडक्शन किया जाता रहा है, लेकिन मंगलवार से कर्मचारियों की संख्या में इजाफा कर ड्यूटी बढ़ाई जाएगी। खास तौर पर एफ-4 और 6 में। हालात ऐसे तक बने कि किसी को सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रहा। सूत्रों का कहना है कि बुधवार की दोहपर तकरीबन 2 बजे संक्रमण के खतरे को लेकर चिंता जताई गई, लेकिन बाद में सेक्शन के अधिकारियों की ओर से ऐसा कुछ स्पष्ट किया गया कि पूरा स्टॉफ मुस्तैदी के साथ प्राेडक्शन में जुट गया।
जबलपुर से बढ़ी सेना स्पेशल ट्रेन
सेना के सेंट्रल कमांड हैडर्क्वाटर से जवानों का मूमेंट हुआ है। सूत्रों का कहना है कि जबलपुर से 22 बोगी वाली स्पेशल ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई। इससे पहले शाम के वक्त भारतीय सेना के जवानों की मौजूदगी देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जवानों के स्टेशन पहुँचने से पहले ही ट्रेन को प्लेटफार्म पर तैयार रखा गया था। इस दौरान कई आर्मी ऑफीसर्स और लोकल पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।



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Production of 1000 pounder bombs used in air strike suddenly caught pace


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