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माल्हनवाड़ा स्थित दूधी नदी का दूसरे दिन भी सीमांकन नहीं हो सका है। सीमा का निर्धारण नहीं होने से ठेकेदार अपनी मनमर्जी से रेत का उत्खनन कर रहा है। नदी में पोकलेन चलाकर रेत निकली जा रही है, जबकि रविवार को राजस्व दल मौका मुआयना करने नदी पहुंचा था। सीमा निर्धारण नहीं होने तक पोकलेन से रेत उत्खनन करने काे मना किया था। दल वापस जाने की कुछ देर बाद ही ठेकेदार के कर्मचारियों ने उत्खनन चालू कर दिया। प्रशासन की लापरवाही के कारण नदी को नुकसान हो रहा है। साथ ही रेत निकलने से राजस्व को घाटा लग रहा है। ज्ञात हो कि दूधी नदी नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद जिला की सीमा का निर्धारण करती है। इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया जमकर रेत उत्खनन कर रहे है। तहसीलदार प्रमेश जैन ने बताया हम जल्द ही अपनी सीमा का सीमांकन करा लेंगे। जिससे हमारे क्षेत्र में बिना अनुमति के उत्खनन न हो सके। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




माल्हनवाड़ा स्थित दूधी नदी का दूसरे दिन भी सीमांकन नहीं हो सका है। सीमा का निर्धारण नहीं होने से ठेकेदार अपनी मनमर्जी से रेत का उत्खनन कर रहा है। नदी में पोकलेन चलाकर रेत निकली जा रही है, जबकि रविवार को राजस्व दल मौका मुआयना करने नदी पहुंचा था। सीमा निर्धारण नहीं होने तक पोकलेन से रेत उत्खनन करने काे मना किया था।

दल वापस जाने की कुछ देर बाद ही ठेकेदार के कर्मचारियों ने उत्खनन चालू कर दिया। प्रशासन की लापरवाही के कारण नदी को नुकसान हो रहा है। साथ ही रेत निकलने से राजस्व को घाटा लग रहा है। ज्ञात हो कि दूधी नदी नरसिंहपुर एवं होशंगाबाद जिला की सीमा का निर्धारण करती है। इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया जमकर रेत उत्खनन कर रहे है। तहसीलदार प्रमेश जैन ने बताया हम जल्द ही अपनी सीमा का सीमांकन करा लेंगे। जिससे हमारे क्षेत्र में बिना अनुमति के उत्खनन न हो सके।

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माल्हनवाड़ा स्थित दूधी नदी का दूसरे दिन भी सीमांकन नहीं हो सका है। सीमा का निर्धारण नहीं होने से ठेकेदार अपनी मनमर्जी से रेत का उत्खनन कर रहा है। नदी में पोकले…
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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में जिन जोड़ों ने विवाह रचाया था उनमें से आधे से अधिक जोड़ों को अभी तक योजना के तहत मिलने वाला आर्थिक सहयोग नहीं मिला है। लगभग एक साल बाद जनपद पिपरिया क्षेत्र में कराए गए 40 विवाह में से 14 जोड़ों को इस योजना के तहत मिलने वाली राशि मिली है। जनपद सूत्रों ने बताया कि 25 मई वर्ष 2019 में 34 जोड़ों का विवाह कृषि उपज मंडी परिसर में हुआ था। इसके बाद 10 जुलाई वर्ष 2019 में 6 और जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कराया गया था। इस योजना में विवाहित जोड़ों को शासन की ओर से उपहार में 48 हजार रुपए की राशि दी जाना थी। सामाजिक न्याय विभाग के द्वारा हाल ही में 14 जोड़ों के लिए स्वीकृत राशि वधु के बैंक खाते में भेज दी गई है। अभी 26 जोड़ों को मिलने वाली राशि प्राप्त नहीं हुई है। जनपद ने पूछने पर बताया कि पर्याप्त आवंटन नहीं होने के कारण इन जोड़ों को यह राशि नहीं मिली है। मालूम हो कि विवाह के बाद से ही वर और वधु पक्ष के लोग जपं में आकर राशि की जानकारी लेते रहते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में जिन जोड़ों ने विवाह रचाया था उनमें से आधे से अधिक जोड़ों को अभी तक योजना के तहत मिलने वाला आर्थिक सहयोग नहीं मिला है। लगभग एक साल बाद जनपद पिपरिया क्षेत्र में कराए गए 40 विवाह में से 14 जोड़ों को इस योजना के तहत मिलने वाली राशि मिली है। जनपद सूत्रों ने बताया कि 25 मई वर्ष 2019 में 34 जोड़ों का विवाह कृषि उपज मंडी परिसर में हुआ था।

इसके बाद 10 जुलाई वर्ष 2019 में 6 और जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कराया गया था। इस योजना में विवाहित जोड़ों को शासन की ओर से उपहार में 48 हजार रुपए की राशि दी जाना थी। सामाजिक न्याय विभाग के द्वारा हाल ही में 14 जोड़ों के लिए स्वीकृत राशि वधु के बैंक खाते में भेज दी गई है। अभी 26 जोड़ों को मिलने वाली राशि प्राप्त नहीं हुई है। जनपद ने पूछने पर बताया कि पर्याप्त आवंटन नहीं होने के कारण इन जोड़ों को यह राशि नहीं मिली है। मालूम हो कि विवाह के बाद से ही वर और वधु पक्ष के लोग जपं में आकर राशि की जानकारी लेते रहते हैं।

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में जिन जोड़ों ने विवाह रचाया था उनमें से आधे से अधिक जोड़ों को अभी तक योजना के तहत मिलने वाला आर्थिक सहयोग नहीं मिला है। लगभग ए…
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प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने साेमवार काे इस बारे में आदेश जारी कर दिए। विभाग के उप-सचिव प्रमाेद सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि काेराेना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर पहले 30 जून तक स्कूल बंद रखे जाने के निर्देश दिए गए थे। राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुएलाेक स्वास्थ्य एवं लाेक हित में प्रदेश के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। सोमवार को सरकार ने स्कूल बंद रखने के आदेश जारी कर दिए। कोरोना संकट को देखते हुएप्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों,कॉलेज और यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक कार्य पहले से हीबंद कर दिए गए हैं। उन्हें अगले आदेश तक बंद रखा गया है। इस बीच, सरकार परीक्षाएं रद्द करते हुएस्नातकोत्तर और स्नातक में जनरल प्रमोशन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मध्य प्रदेश में प्राइवेट और सरकारी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे, इस संबंध में आदेश जारी हो गया है।




प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने साेमवार काे इस बारे में आदेश जारी कर दिए। विभाग के उप-सचिव प्रमाेद सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि काेराेना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर पहले 30 जून तक स्कूल बंद रखे जाने के निर्देश दिए गए थे।

राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुएलाेक स्वास्थ्य एवं लाेक हित में प्रदेश के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे।

सोमवार को सरकार ने स्कूल बंद रखने के आदेश जारी कर दिए।

कोरोना संकट को देखते हुएप्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों,कॉलेज और यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक कार्य पहले से हीबंद कर दिए गए हैं। उन्हें अगले आदेश तक बंद रखा गया है। इस बीच, सरकार परीक्षाएं रद्द करते हुएस्नातकोत्तर और स्नातक में जनरल प्रमोशन देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है।

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मध्य प्रदेश में प्राइवेट और सरकारी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे, इस संबंध में आदेश जारी हो गया है।
प्रदेश के सभी सरकारी व निजी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने साेमवार काे इस बारे में आदेश जारी कर दिए। विभाग के उप-सचिव प्रमाेद सिंह द्वारा…
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कोरोना में मदद के लिए सिर्फ 1.60 लाख कर्मचारियों ने ही मुख्यमंत्री राहत कोष में 30 करोड़ रुपए जमा कराए। प्रदेश में शासकीय,अध्यापक और पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों की संख्या 10 लाख के करीब हैं। इन कर्मचारियों का एक दिन का वेतन करीब 83 करोड़ होता है। यह जानकारी सरकार ने प्रदेश भर से इकट्ठा करवाई है जो सोमवार को ही सामने आई है। दरअसल, सरकार ने संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने को कहा था। यह मदद स्वेच्छा से करनी थी। लॉकडाउन की वजह से प्रदेश की वित्तीय स्थिति खासी प्रभावित हुई है। सरकार की आय 60 फीसदी तक घट गई है। पिछले दो महीनों में तो कमाऊ विभागों में वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन एवं मु्द्रांक जैसे विभागों से होने वाली आमदनी खासी प्रभावित हुई है। ऐसे में शासन को रोजमर्रा के खर्चे चलाने में भी दिक्कत हो रही है। केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के हर महीने मिलने वाले 3 हजार करोड़ रुपए और जीएसटी के मिलने वाली राशि से कर्मचारियों के वेतन संबंधी खर्चे पूरे हो पा रहे हैं। आदेश के मुताबिक कर्मचारियों को स्वेच्छा से एक दिन का वेतन देना था। वेतन में से कटौती स्वेच्छा के अनुसार होने से विभागाध्यक्षों ने तो बाकयदा इस सर्कुलर को संचालनालय और जिलों में भी जारी नहीं करवाया। इससे अधिकतर कर्मचारियों को इसकी जानकारी भी नहीं लग पाई। अखिल भारतीय सेवा के अफसरों ने जमा कराए 80 लाख अखिल भारतीय सेवा के अफसरों ने अपना एक दिन का वेतन कोरोना में मदद के लिए 80 लाख रुपए जमा कराए। इनमें आईएएस, आईपीएस और आईएफएस शामिल हैं। 10 लाख कर्मचारियों का एक दिन का वेतन 83 करोड़: राज्य सरकार को 10 लाख कर्मचारियों के वेतन पर प्रतिदिन 83 करोड़ रुपए खर्च करना होता है, इस लिहाज से इतनी ही राशि कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए आना था। जिन कर्मचारियों ने स्वेच्छा से एक दिन का वेतन कटवाया उनमें राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, वित्त सेवा समेत करीब दो हजार संवर्गों के 1 लाख 60 हजार कर्मचारी शामिल हुए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




कोरोना में मदद के लिए सिर्फ 1.60 लाख कर्मचारियों ने ही मुख्यमंत्री राहत कोष में 30 करोड़ रुपए जमा कराए। प्रदेश में शासकीय,अध्यापक और पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों की संख्या 10 लाख के करीब हैं। इन कर्मचारियों का एक दिन का वेतन करीब 83 करोड़ होता है। यह जानकारी सरकार ने प्रदेश भर से इकट्ठा करवाई है जो सोमवार को ही सामने आई है। दरअसल, सरकार ने संगठित और असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने को कहा था। यह मदद स्वेच्छा से करनी थी।

लॉकडाउन की वजह से प्रदेश की वित्तीय स्थिति खासी प्रभावित हुई है। सरकार की आय 60 फीसदी तक घट गई है। पिछले दो महीनों में तो कमाऊ विभागों में वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन एवं मु्द्रांक जैसे विभागों से होने वाली आमदनी खासी प्रभावित हुई है। ऐसे में शासन को रोजमर्रा के खर्चे चलाने में भी दिक्कत हो रही है। केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के हर महीने मिलने वाले 3 हजार करोड़ रुपए और जीएसटी के मिलने वाली राशि से कर्मचारियों के वेतन संबंधी खर्चे पूरे हो पा रहे हैं।

आदेश के मुताबिक कर्मचारियों को स्वेच्छा से एक दिन का वेतन देना था। वेतन में से कटौती स्वेच्छा के अनुसार होने से विभागाध्यक्षों ने तो बाकयदा इस सर्कुलर को संचालनालय और जिलों में भी जारी नहीं करवाया। इससे अधिकतर कर्मचारियों को इसकी जानकारी भी नहीं लग पाई।

अखिल भारतीय सेवा के अफसरों ने जमा कराए 80 लाख

अखिल भारतीय सेवा के अफसरों ने अपना एक दिन का वेतन कोरोना में मदद के लिए 80 लाख रुपए जमा कराए। इनमें आईएएस, आईपीएस और आईएफएस शामिल हैं।

10 लाख कर्मचारियों का एक दिन का वेतन 83 करोड़: राज्य सरकार को 10 लाख कर्मचारियों के वेतन पर प्रतिदिन 83 करोड़ रुपए खर्च करना होता है, इस लिहाज से इतनी ही राशि कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए आना था। जिन कर्मचारियों ने स्वेच्छा से एक दिन का वेतन कटवाया उनमें राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, वित्त सेवा समेत करीब दो हजार संवर्गों के 1 लाख 60 हजार कर्मचारी शामिल हुए।

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कोरोना में मदद के लिए सिर्फ 1.60 लाख कर्मचारियों ने ही मुख्यमंत्री राहत कोष में 30 करोड़ रुपए जमा कराए। प्रदेश में शासकीय,अध्यापक और पंचायत संवर्ग के कर्मचारि…
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स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य सेवाओं के लिए वाहनों की खरीदी और रखरखाव के लिए नगर निगम के बजट में 243 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अब तक नगर निगम के बजट में वाहनों की खरीदी के लिए विभागवार व्यवस्था होती थी। बजट में पार्कों के रखरखाव और विकास के लिए 39.74 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसमें से उद्यानों के लिए 15 करोड़ रुपए विशेष रूप से रखे गए हैं। संभागायुक्त और निगम प्रशासक कवींद्र कियावत का शहर में उद्यानों और पार्कों के विकास पर खासा जोर होने से यह व्यवस्था की गई है। पुस्तकालयों और वाचनालयों के संचालन के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहर में सड़क, पुल, नाली आदि के निर्माण के लिए सिविल इंजीनियरिंग शाखा को 304.07 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रोजेक्ट अमृत के तहत पेयजल, सीवेज और नालों का निर्माण आदि के लिए बजट में 423.58 करोड़ रुपए रखे गए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Rs 15 crore special fund for gardens, Rs 2495.68 crore without profit and loss budget




स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य सेवाओं के लिए वाहनों की खरीदी और रखरखाव के लिए नगर निगम के बजट में 243 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अब तक नगर निगम के बजट में वाहनों की खरीदी के लिए विभागवार व्यवस्था होती थी।

बजट में पार्कों के रखरखाव और विकास के लिए 39.74 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसमें से उद्यानों के लिए 15 करोड़ रुपए विशेष रूप से रखे गए हैं। संभागायुक्त और निगम प्रशासक कवींद्र कियावत का शहर में उद्यानों और पार्कों के विकास पर खासा जोर होने से यह व्यवस्था की गई है। पुस्तकालयों और वाचनालयों के संचालन के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहर में सड़क, पुल, नाली आदि के निर्माण के लिए सिविल इंजीनियरिंग शाखा को 304.07 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रोजेक्ट अमृत के तहत पेयजल, सीवेज और नालों का निर्माण आदि के लिए बजट में 423.58 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

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Rs 15 crore special fund for gardens, Rs 2495.68 crore without profit and loss budget
स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य सेवाओं के लिए वाहनों की खरीदी और रखरखाव के लिए नगर निगम के बजट में 243 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अब तक नगर निगम के बजट में …
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हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बनाए जा रहे वेटिंग एरिया यानी एयर कॉन्कोर्स में गर्डर का काम दस दिन में पूरा हो जाएगा। कुल 40 में से 36 गर्डर अब तक लॉन्च कर दिए गए हैं। वहीं, चीनी कंपनियों ने अधिकतर सामान की सप्लाई कर दी है। बंसल-हबीबगंज पाथ-वे प्राइवेट लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अबु आसिफ का दावा है कि जैसे-जैसे लेबर आती जा रही है, स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में काम शुरू किए जा रहे हैं। डोम हो जाएगा कवर प्लेटफॉर्म-1 की तरफ स्टेशन की मेन बिल्डिंग में डोम का काम इन दिनों चल रहा है। जल्द ही वॉटर व वेदर प्रूफ शीट्स लगाने का काम इसमें पूरा कर लिया जाएगा। होगी फिनिशिंग इस काम के साथ ही प्लेटफॉर्म पर लगाए जा रहे शेड, टाइल्स व सब-वे की फिनिशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। संभवत: यह काम बारिश के मौसम में पूरा कर लिया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 36 out of 40 girder launches, girder work will be completed in 10 days in waiting area




हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बनाए जा रहे वेटिंग एरिया यानी एयर कॉन्कोर्स में गर्डर का काम दस दिन में पूरा हो जाएगा। कुल 40 में से 36 गर्डर अब तक लॉन्च कर दिए गए हैं। वहीं, चीनी कंपनियों ने अधिकतर सामान की सप्लाई कर दी है। बंसल-हबीबगंज पाथ-वे प्राइवेट लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अबु आसिफ का दावा है कि जैसे-जैसे लेबर आती जा रही है, स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में काम शुरू किए जा रहे हैं।

डोम हो जाएगा कवर

प्लेटफॉर्म-1 की तरफ स्टेशन की मेन बिल्डिंग में डोम का काम इन दिनों चल रहा है। जल्द ही वॉटर व वेदर प्रूफ शीट्स लगाने का काम इसमें पूरा कर लिया जाएगा।

होगी फिनिशिंग

इस काम के साथ ही प्लेटफॉर्म पर लगाए जा रहे शेड, टाइल्स व सब-वे की फिनिशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। संभवत: यह काम बारिश के मौसम में पूरा कर लिया जाएगा।

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36 out of 40 girder launches, girder work will be completed in 10 days in waiting area
हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बनाए जा रहे वेटिंग एरिया यानी एयर कॉन्कोर्स में गर्डर का काम दस दिन में पूरा हो जाएगा। कुल 40 में से 36 गर्डर अब तक ल…
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वार्ड कार्यालय में जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा के पहले दिन केवल वार्ड नंबर 52 में एक जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन आया। शेष वार्डों में कोई आवेदन नहीं आया। नगर निगम ने सोमवार से हर वार्ड में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की सुविधा शुरू की है, लेकिन इसमें पाबंदी यह है कि जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर आवेदन करना जरूरी है। इसके बाद एनओसी लेना होती है। इसके बाद आवेदन मुख्यालय में ही जमा होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




वार्ड कार्यालय में जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा के पहले दिन केवल वार्ड नंबर 52 में एक जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन आया।

शेष वार्डों में कोई आवेदन नहीं आया। नगर निगम ने सोमवार से हर वार्ड में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की सुविधा शुरू की है, लेकिन इसमें पाबंदी यह है कि जन्म या मृत्यु के 21 दिन के भीतर आवेदन करना जरूरी है। इसके बाद एनओसी लेना होती है। इसके बाद आवेदन मुख्यालय में ही जमा होगा।

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वार्ड कार्यालय में जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा के पहले दिन केवल वार्ड नंबर 52 में एक जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन आया। शेष वार्डों में कोई आवेद…
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राजधानी की अदालताें में सोमवार को 3 महीने बाद एक बार फिर थोड़ी चहल-पहल देखने मिली। पहले दिन वकीलाें की उपस्थिति मात्र 5 फीसदी ही रही। वहीं पक्षकाराें के अदालत परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते कामकाज न के बराबर हुआ। इससे नाराज वकीलों का कहना है कि जब पक्षकारों को ही अदालत में प्रवेश नहीं मिलेगा तो वे आकर क्या करेंगे। वहीं सीजेएम कोर्ट के दाेनाें तरफ वकीलों के बेसमेंट में जाने वाले रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर किया गया। इसके चलते यहां कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी काफी परेशान होना पड़ा। साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। इससे भी वकीलों में नाराजगी देखने को मिली। काेविड-19 सुरक्षा उपाय के नाम पर कोर्ट परिसर में सिर्फ खानापूर्ति की गई। मुख्य प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी, लेकिन स्कैनर दाे घंटे में ही खराब हाे गया। इसके बाद आनन-फानन में नए थर्मल स्कैनर बुलाए जाने का आदेश दिया गया। कोर्ट में सिर्फ एक ही स्कैनर था। अदालत में आने-जाने वालों की सुरक्षा जांच के लिए कोई भी वैकल्पिक इंतजाम नहीं था। हालांकि सभी वकील सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए। अगली पेशी की तारीख तय 29 जून से 4 जुलाई तक लगने वाले सभी मामलों की अगली सुनवाई के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार वर्मा ने आदेश जारी कर यह जानकारी दी। 29 जून के मामलों की अगली सुनवाई 17 जुलाई को। 30 जून के मामलों की सुनवाई 20 जुलाई को। 1 जुलाई के मामले की सुनवाई 21 जुलाई को। 2 जुलाई के सभी मामलों की सुनवाई 22 जुलाई को। 3 जुलाई के मामलों की सुनवाई 23 जुलाई को। 4 जुलाई के मामलों की सुनवाई 24 जुलाई को हाेगी। लोक अदालत 4 को... मोटर दुर्घटना मामलों पर होगी सुनवाई राजधानी की जिला अदालत में 4 जुलाई को लोक अदालत लगेगी। इसमें मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरणों का अधिक से अधिक संख्या में निराकरण हाेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संदीप शर्मा ने बताया कि मोटर दुर्घटना के जिन मामलों में बीमा कंपनियां राजीनामे के लिए तैयार हैं, उसमें दूसरे पक्ष से संपर्क कर प्रकरण का निराकरण करा सकते हैं। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश राकेश शर्मा की कोर्ट में इन प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इसमें पीठासीन सदस्य आनंद तिवारी होंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एक थर्मल स्कैनर से हो रही थी स्क्रीनिंग, 2 घंटे बाद वो भी खराब हुआ।




राजधानी की अदालताें में सोमवार को 3 महीने बाद एक बार फिर थोड़ी चहल-पहल देखने मिली। पहले दिन वकीलाें की उपस्थिति मात्र 5 फीसदी ही रही। वहीं पक्षकाराें के अदालत परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते कामकाज न के बराबर हुआ। इससे नाराज वकीलों का कहना है कि जब पक्षकारों को ही अदालत में प्रवेश नहीं मिलेगा तो वे आकर क्या करेंगे। वहीं सीजेएम कोर्ट के दाेनाें तरफ वकीलों के बेसमेंट में जाने वाले रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर किया गया। इसके चलते यहां कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी काफी परेशान होना पड़ा। साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। इससे भी वकीलों में नाराजगी देखने को मिली।

काेविड-19 सुरक्षा उपाय के नाम पर कोर्ट परिसर में सिर्फ खानापूर्ति की गई। मुख्य प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी, लेकिन स्कैनर दाे घंटे में ही खराब हाे गया। इसके बाद आनन-फानन में नए थर्मल स्कैनर बुलाए जाने का आदेश दिया गया। कोर्ट में सिर्फ एक ही स्कैनर था। अदालत में आने-जाने वालों की सुरक्षा जांच के लिए कोई भी वैकल्पिक इंतजाम नहीं था। हालांकि सभी वकील सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए।

अगली पेशी की तारीख तय
29 जून से 4 जुलाई तक लगने वाले सभी मामलों की अगली सुनवाई के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार वर्मा ने आदेश जारी कर यह जानकारी दी।

29 जून के मामलों की अगली सुनवाई 17 जुलाई को।

30 जून के मामलों की सुनवाई 20 जुलाई को।

1 जुलाई के मामले की सुनवाई 21 जुलाई को।

2 जुलाई के सभी मामलों की सुनवाई 22 जुलाई को।

3 जुलाई के मामलों की सुनवाई 23 जुलाई को।

4 जुलाई के मामलों की सुनवाई 24 जुलाई को हाेगी।

लोक अदालत 4 को... मोटर दुर्घटना मामलों पर होगी सुनवाई

राजधानी की जिला अदालत में 4 जुलाई को लोक अदालत लगेगी। इसमें मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरणों का अधिक से अधिक संख्या में निराकरण हाेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संदीप शर्मा ने बताया कि मोटर दुर्घटना के जिन मामलों में बीमा कंपनियां राजीनामे के लिए तैयार हैं, उसमें दूसरे पक्ष से संपर्क कर प्रकरण का निराकरण करा सकते हैं। प्रथम अपर जिला न्यायाधीश राकेश शर्मा की कोर्ट में इन प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इसमें पीठासीन सदस्य आनंद तिवारी होंगे।

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एक थर्मल स्कैनर से हो रही थी स्क्रीनिंग, 2 घंटे बाद वो भी खराब हुआ।
राजधानी की अदालताें में सोमवार को 3 महीने बाद एक बार फिर थोड़ी चहल-पहल देखने मिली। पहले दिन वकीलाें की उपस्थिति मात्र 5 फीसदी ही रही। वहीं पक्षकाराें के अदालत …
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राजधानी में कलियासोत, केरवा सहित अन्य डैमों के आसपास पेट्रोलिंग की जाएगी। मगरमच्छ की संभावना को देखते हुए यहां एहतियात के तौर पर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अधिक से अधिक साइन बोर्ड और मगरमच्छ के संभावित स्थानों के आसपास फेंसिंग के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ होमगार्ड के करीब 50 कर्मचारी यहां तैनात रहेंगे। डैम के आसपास बेवजह घूमने वालों पर कार्यवाई होगी। लवानिया ने कहा कि बारिश के दौरान डैमाें और तालाब क्षेत्रों में मगरमच्छ के होने की संभावना बढ़ जाती है। इस वजह से किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा सतत पेट्रोलिंग अौर कर्मचारियों तैनाती के साथ धारा-144 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




राजधानी में कलियासोत, केरवा सहित अन्य डैमों के आसपास पेट्रोलिंग की जाएगी। मगरमच्छ की संभावना को देखते हुए यहां एहतियात के तौर पर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अधिक से अधिक साइन बोर्ड और मगरमच्छ के संभावित स्थानों के आसपास फेंसिंग के निर्देश दिए हैं।
इसी के साथ होमगार्ड के करीब 50 कर्मचारी यहां तैनात रहेंगे। डैम के आसपास बेवजह घूमने वालों पर कार्यवाई होगी। लवानिया ने कहा कि बारिश के दौरान डैमाें और तालाब क्षेत्रों में मगरमच्छ के होने की संभावना बढ़ जाती है। इस वजह से किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके
अलावा सतत पेट्रोलिंग अौर कर्मचारियों तैनाती के साथ धारा-144 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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राजधानी में कलियासोत, केरवा सहित अन्य डैमों के आसपास पेट्रोलिंग की जाएगी। मगरमच्छ की संभावना को देखते हुए यहां एहतियात के तौर पर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अधि…
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सील और साइन कर फर्जी नोटशीट तैयार कर एक डाॅक्टर से 10 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। तीन जालसाजों ने डाॅक्टर को आयुर्विज्ञान केंद्र जबलपुर में रजिस्ट्रार बनाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था। वाट्सएप पर मिली नोटशीट की कॉपी लेकर डाॅक्टर सीएम हाउस पहुंचे तो जालसाजी का खुलासा हुआ। इससे सीएम हाउस में हड़कंप मच गया। क्राइम ब्रांच ने डाॅक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज कर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा साथी फरार है। पुलिस का दावा है डाॅक्टर से आरोपी 10 लाख रुपए नहीं ले पाए थे। एएसपी क्राइम ब्रांच निश्चल झारिया ने बताया कि डाॅ. हरिसिंह चौरसिया शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय भोपाल में सहायक प्राध्यापक हैं। डाॅ. चौरसिया की मुरार, ग्वालियर निवासी इंद्रजीत से पहचान थी। उनकी इंद्रजीत से करीब चार माह पहले मुलाकात हुई थी। बातचीत में इंद्रजीत ने डाॅ. चौरसिया से कहा कि अब अपने शिवराज जी सीएम बन गए हैं, आपको जबलपुर आयुर्विज्ञान केंद्र में रजिस्ट्रार बनवा देते हैं। इसके एवज में उनके बीच 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद उनके बीच कई बार बातचीत हुई। 16 मई को इंद्रजीत ने डाॅक्टर के वाट्सएप नंबर पर हरे कागज में सीएम के नाम से नोटशीट भेजी। इसमें सीएम के साइन और सील लगी थी। दो दिन पहले डाॅक्टर नोटशीट की कॉपी लेकर सीएम हाउस पहुंचे। यहां उन्हें पता लगा कि यह नकली नोटशीट है। मुख्यमंत्री के नाम से धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने मामले में दो आरोपी इंद्रजीत और भोपाल निवासी कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले सौरभ मौर्य को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है। एएसपी झारिया के अनुसार पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इंद्रजीत ने डाॅ. चौरसिया को रजिस्ट्रार बनाने का काम ग्वालियर निवासी शैलेंद्र भदौरिया को दिया था। शैलेंद्र ने भोपाल निवासी सौरभ मौर्य के आफिस में बैठकर कंप्यूटर से नकली नोटशीट तैयार की थी। सौरभ ने ही सीएम के साइन इंटरनेट से निकाल नोटशीट पर चस्पा किए थे। तीनों में जालसाजी की रकम का बंटवारा होना था। इंद्रजीत और सौरभ मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शैलेंद्र भदौरिया अभी फरार है। क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है। सौरभ धोखाधड़ी के एक मामले में पिछले दो साल से फरार चल रहा था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today प्रतीकात्मक फोटो




मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सील और साइन कर फर्जी नोटशीट तैयार कर एक डाॅक्टर से 10 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। तीन जालसाजों ने डाॅक्टर को आयुर्विज्ञान केंद्र जबलपुर में रजिस्ट्रार बनाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था। वाट्सएप पर मिली नोटशीट की कॉपी लेकर डाॅक्टर सीएम हाउस पहुंचे तो जालसाजी का खुलासा हुआ। इससे सीएम हाउस में हड़कंप मच गया। क्राइम ब्रांच ने डाॅक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज कर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा साथी फरार है। पुलिस का दावा है डाॅक्टर से आरोपी 10 लाख रुपए नहीं ले पाए थे।
एएसपी क्राइम ब्रांच निश्चल झारिया ने बताया कि डाॅ. हरिसिंह चौरसिया शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय भोपाल में सहायक प्राध्यापक हैं। डाॅ. चौरसिया की मुरार, ग्वालियर निवासी इंद्रजीत से पहचान थी। उनकी इंद्रजीत से करीब चार माह पहले मुलाकात हुई थी। बातचीत में इंद्रजीत ने डाॅ. चौरसिया से कहा कि अब अपने शिवराज जी सीएम बन गए हैं, आपको जबलपुर आयुर्विज्ञान केंद्र में रजिस्ट्रार बनवा देते हैं।

इसके एवज में उनके बीच 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद उनके बीच कई बार बातचीत हुई। 16 मई को इंद्रजीत ने डाॅक्टर के वाट्सएप नंबर पर हरे कागज में सीएम के नाम से नोटशीट भेजी। इसमें सीएम के साइन और सील लगी थी। दो दिन पहले डाॅक्टर नोटशीट की कॉपी लेकर सीएम हाउस पहुंचे। यहां उन्हें पता लगा कि यह नकली नोटशीट है। मुख्यमंत्री के नाम से धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने मामले में दो आरोपी इंद्रजीत और भोपाल निवासी कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले सौरभ मौर्य को गिरफ्तार किया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
एएसपी झारिया के अनुसार पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इंद्रजीत ने डाॅ. चौरसिया को रजिस्ट्रार बनाने का काम ग्वालियर निवासी शैलेंद्र भदौरिया को दिया था। शैलेंद्र ने भोपाल निवासी सौरभ मौर्य के आफिस में बैठकर कंप्यूटर से नकली नोटशीट तैयार की थी। सौरभ ने ही सीएम के साइन इंटरनेट से निकाल नोटशीट पर चस्पा किए थे। तीनों में जालसाजी की रकम का बंटवारा होना था। इंद्रजीत और सौरभ मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शैलेंद्र भदौरिया अभी फरार है। क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है। सौरभ धोखाधड़ी के एक मामले में पिछले दो साल से फरार चल रहा था।

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प्रतीकात्मक फोटो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सील और साइन कर फर्जी नोटशीट तैयार कर एक डाॅक्टर से 10 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। तीन जालसाजों ने डाॅक्टर को …
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यह तस्वीर रीवा से 40 किमी दूर केउटी झरने की है। हरियाली से घिरे और इंद्रधनुषी रंग में रंगे इस झरने की खूबसूरती देखते ही बन रही है। केउटी झरना भारत का 24वां सबसे ऊंचा झरना है। इसकी ऊंचाई 130 मीटर है। यह महाना नदी पर बना है। यह नदी आगे जाकर टोन्स नदी में मिल जाती है। भाेपाल सहित पूरे प्रदेश में 3-4 जुलाई से बारिश का एक और दौर जून की तरह प्रदेश में जुलाई की शुरुआत में भी भाेपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्साें में तेज बारिश हाेने की संभावना है। माैसम वैज्ञानिकाें के मुताबिक 3- 4 जुलाई से मानसून की बंगाल की खाड़ी ब्रांच फिर सक्रिय हाे सकती है। ऐसा काेई सिस्टम या चक्रवाती हवा का घेरा बन सकता है जाे मानसून की ट्रफ लाइन काे और नीचे ला सकता है। यह ट्रफ लाइन इस चक्रवाती घेरे से हाेकर गुजर सकती है। इसके कारण पूर्वी और पश्चिमी मप्र के ज्यादातर इलाकाें में तेज बारिश का एक दाैर आने का अनुमान है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 130 meter high kouti waterfall of Rewa in rainbow color




यह तस्वीर रीवा से 40 किमी दूर केउटी झरने की है। हरियाली से घिरे और इंद्रधनुषी रंग में रंगे इस झरने की खूबसूरती देखते ही बन रही है। केउटी झरना भारत का 24वां सबसे ऊंचा झरना है। इसकी ऊंचाई 130 मीटर है। यह महाना नदी पर बना है। यह नदी आगे जाकर टोन्स नदी में मिल जाती है।

भाेपाल सहित पूरे प्रदेश में 3-4 जुलाई से बारिश का एक और दौर

जून की तरह प्रदेश में जुलाई की शुरुआत में भी भाेपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्साें में तेज बारिश हाेने की संभावना है। माैसम वैज्ञानिकाें के मुताबिक 3- 4 जुलाई से मानसून की बंगाल की खाड़ी ब्रांच फिर सक्रिय हाे सकती है। ऐसा काेई सिस्टम या चक्रवाती हवा का घेरा बन सकता है जाे मानसून की ट्रफ लाइन काे और नीचे ला सकता है। यह ट्रफ लाइन इस चक्रवाती घेरे से हाेकर गुजर सकती है। इसके कारण पूर्वी और पश्चिमी मप्र के ज्यादातर इलाकाें में तेज बारिश का एक दाैर आने का अनुमान है।

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130 meter high kouti waterfall of Rewa in rainbow color
यह तस्वीर रीवा से 40 किमी दूर केउटी झरने की है। हरियाली से घिरे और इंद्रधनुषी रंग में रंगे इस झरने की खूबसूरती देखते ही बन रही है। केउटी झरना भारत का 24वां सब…
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मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार शाम या फिर बुधवार को हो सकता है। सोमवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, संगठन महामंत्री बीएल संताेष के साथ चर्चा हुई। फिर देर रात नड्‌डा, शाह, संतोष ने मंथन के बाद प्रदेश नेतृत्व द्वारा मंत्रिमंडल के लिए सौंपे गए नामों को हरी झंडी दे दी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी संगठन ने नए चेहरों को शामिल करने पर जोर दिया है। मंत्रिमंडल विस्तार पर मंगलवार सुबह स्थिति साफ हो जाएगी। इसके बाद शाम को या बुधवार को विस्तार हो सकता है। सूत्रों की मानें तो इस संभावना पर भी विचार हुआ है कि फिर दस से बारह लोगों का छोटा मंत्रिमंडल विस्तार किया जाए। बाकी पद दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार से भरे जाएं। इससे पहले शिवराज ने ज्याेतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह ताेमर से भी मुलाकात की। देर शाम नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली पहुंचे और बैठकों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज समेत मप्र के नेताओं के मंगलवार की सुबह भोपाल आने के संकेत हैं। मप्र की प्रभारी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आने का कार्यक्रम सोमवार देर रात तक जारी नहीं किया गया। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास सात लोक कल्याण मार्ग में मुलाकात की। मार्च 2020 में मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कोविड-19 के दौरान प्रदेश में वैश्विक महामारी से निपटने के लिए किए गए प्रयासों और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया। साथ ही दो पुस्तकें ‘उम्मीद’ और ‘मध्यप्रदेश विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयास’ भेंट की। यहां फंसा रहा पेंच... शिवराज खेमे के वरिष्ठ नेताओं काे इस बार भी ड्राॅप करने और नए चेहराें काे माैका देने की उलझन सूत्राें की मानें प्रदेश संगठन शिवराज के पिछले कार्यकालों में मंत्री रहे सीनियर नेताओं को ड्रॉप कर नए चेहरों को मौका देना चाहता है, लेकिन मुख्यमंत्री चाहते हैं कि यह निर्णय बाद में लिया जाए। सिंधिया समर्थकों में से सभी बड़े नेताओं को मंत्री बनाया जाता है तो भाजपा के पास पद कम बचेंगे। संगठन चाहता है कि एक-दो लोगों को रोककर उन्हें उपचुनाव के बाद मंत्री बनाया जाए। ये उन छह लोगों के अलावा हैं जो पिछली कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे। मसलन कांग्रेस से भाजपा में सिंधिया समर्थक ओपीएस भदौरिया, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव और रणवीर जाटव भी दावेदार हैं। इन्हीं में से एक-दो लोगों को कम करने पर बात हो रही है, क्योंकि एंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह और हरदीप डंग को मंत्री बनाना पहले ही तय हो चुका है। बताया जा रहा है कि कुछ विभागों पर देर रात नड्‌डा ने सहमति दे दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शिवराज ने ज्याेतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह ताेमर से भी मुलाकात की।




मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार शाम या फिर बुधवार को हो सकता है। सोमवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्‌डा, संगठन महामंत्री बीएल संताेष के साथ चर्चा हुई। फिर देर रात नड्‌डा, शाह, संतोष ने मंथन के बाद प्रदेश नेतृत्व द्वारा मंत्रिमंडल के लिए सौंपे गए नामों को हरी झंडी दे दी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी संगठन ने नए चेहरों को शामिल करने पर जोर दिया है। मंत्रिमंडल विस्तार पर मंगलवार सुबह स्थिति साफ हो जाएगी। इसके बाद शाम को या बुधवार को विस्तार हो सकता है।

सूत्रों की मानें तो इस संभावना पर भी विचार हुआ है कि फिर दस से बारह लोगों का छोटा मंत्रिमंडल विस्तार किया जाए। बाकी पद दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार से भरे जाएं। इससे पहले शिवराज ने ज्याेतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह ताेमर से भी मुलाकात की। देर शाम नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली पहुंचे और बैठकों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज समेत मप्र के नेताओं के मंगलवार की सुबह भोपाल आने के संकेत हैं। मप्र की प्रभारी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आने का कार्यक्रम सोमवार देर रात तक जारी नहीं किया गया।
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास सात लोक कल्याण मार्ग में मुलाकात की। मार्च 2020 में मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कोविड-19 के दौरान प्रदेश में वैश्विक महामारी से निपटने के लिए किए गए प्रयासों और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया। साथ ही दो पुस्तकें ‘उम्मीद’ और ‘मध्यप्रदेश विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयास’ भेंट की।

यहां फंसा रहा पेंच... शिवराज खेमे के वरिष्ठ नेताओं काे इस बार भी ड्राॅप करने और नए चेहराें काे माैका देने की उलझन

सूत्राें की मानें प्रदेश संगठन शिवराज के पिछले कार्यकालों में मंत्री रहे सीनियर नेताओं को ड्रॉप कर नए चेहरों को मौका देना चाहता है, लेकिन मुख्यमंत्री चाहते हैं कि यह निर्णय बाद में लिया जाए। सिंधिया समर्थकों में से सभी बड़े नेताओं को मंत्री बनाया जाता है तो भाजपा के पास पद कम बचेंगे। संगठन चाहता है कि एक-दो लोगों को रोककर उन्हें उपचुनाव के बाद मंत्री बनाया जाए। ये उन छह लोगों के अलावा हैं जो पिछली कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे। मसलन कांग्रेस से भाजपा में सिंधिया समर्थक ओपीएस भदौरिया, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव और रणवीर जाटव भी दावेदार हैं। इन्हीं में से एक-दो लोगों को कम करने पर बात हो रही है, क्योंकि एंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह और हरदीप डंग को मंत्री बनाना पहले ही तय हो चुका है। बताया जा रहा है कि कुछ विभागों पर देर रात नड्‌डा ने सहमति दे दी।

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शिवराज ने ज्याेतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह ताेमर से भी मुलाकात की।
मप्र में मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार शाम या फिर बुधवार को हो सकता है। सोमवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह…
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रतलाम के लॉ कालेज में सन् 2014 में अध्यक्ष रह चुकी युवती शाहपुरा (भीलवाड़ा) में ससुराल वालों की प्रताड़ना का शिकार हो गई। मार्बल व्यापारी व गांजे के आदी पति ने शादी की सालगिरह के एक दिन पहले उसे बेल्ट से पीटा व नशे में ससुराल वालों को वीडियो कॉल कर लाइव दिखाया। यह देख पिता बेहोश हो गए। भाइयों ने भीलवाड़ा पुलिस की मदद मांगी। शाहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को थाने लाई। आरोपी को गिरफ्तार किया। शाहपुरा पहुंचे परिजन युवती को रतलाम ले आए। भाई ने बताया रतलाम के अस्पताल में ले गए तो हाथ और पैर में पांच फ्रैक्चर निकले हैं। महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। संत नगर निवासी मनमोहन सोनी की बेटी मीनाक्षी की शादी 23 जून 2017 को शाहपुरा (भीलवाड़ा) के मारबल व्यवसायी राजेश सोनी के बेटे राहुल के साथ हुई थी। मीनाक्षी की 14 महीने की बेटी है। मीनाक्षी ने बताया शादी के करीब एक साल बाद पति राहुल ने मारपीट शुरू कर दी। राहुल जब मारपीट करता तो सास लालीबाई बेटी को लेकर घर के बाहर बैठ जाती। ससुर राजेश और देवर मनोज भी मीनाक्षी की मदद नहीं करते। परेशान मीनाक्षी तीन साल में तीन बार मायके आई। हर बार राहुल माफी मांगकर उसे घर ले जाता था। परिवार न टूटे इसलिए मायके वाले भी कुछ नहीं कहते थे। 22 जून को राहुल ने बेल्ट से पीटा और चिमटा गरम कर शरीर पर कई स्थान पर दागा। मायके में माता-पिता और दोनों भाइयों ने लाइव देखा और उसकी रिकाॅर्डिंग कर ली तथा भीलवाड़ा पुलिस को फोन लगाकर मदद मांगी। रात को मां व दोनों भाई पहुंचे : मीनाक्षी ने बताया लाइव वीडियो देख पिताजी की तबीयत बिगड़ गई। मां चित्रा, भाई पवन तथा रवि और अन्य रिश्तेदार रात को शाहपुरा पहुंचे। अगले दिन उसे रतलाम ले आए। भाई पवन ने बताया रतलाम लाकर बहन का इलाज करवाया। हाथ-पैर में पांच फ्रैक्चर निकले हैं। शरीर पर मारपीट व गरम चिमटे के निशान हैं। पति ने चाकू अड़ाया और सास पुलिस को गलत पता बताने का कहती रही मीनाक्षी ने बताया शाहपुरा थाने से थाना प्रभारी ने फोन लगाकर उससे घर का पता और घटनाक्रम की जानकारी ली। मीनाक्षी ने बताना शुरू किया तो राहुल ने गले पर चाकू अड़ा दिया और सास लालीबाई ने पुलिस को गलत जानकारी देने का कहा। सास के दबाव में मीनाक्षी ने थाना प्रभारी को बताया उसका घर भीलवाड़ा में है। फोन पर दूसरों की आवाज सुनकर थाना प्रभारी शाहपुरा में घर तक पहुंच गए थे। पत्नी के नाम से आईडी बनाकर चैटिंग : मीनाक्षी ने बताया किसी से हंसकर बात कर लेने पर वह चरित्र पर शंका करता और रात को मारपीट करता था। लॉकडाउन के दौरान राहुल ने मीनाक्षी के नाम की फेसबुक आईडी बनाई और कॉलेज में साथ पढ़ने वालों को जोड़कर उनसे मीनाक्षी बनकर चैटिंग करता था। लॉकडाउन में राहुल ने कई बार बेदर्दी से मारपीट की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Marble merchant's stone-hearted, wife beaten with belt, fired with hot tongs, video calls showed brothers




रतलाम के लॉ कालेज में सन् 2014 में अध्यक्ष रह चुकी युवती शाहपुरा (भीलवाड़ा) में ससुराल वालों की प्रताड़ना का शिकार हो गई। मार्बल व्यापारी व गांजे के आदी पति ने शादी की सालगिरह के एक दिन पहले उसे बेल्ट से पीटा व नशे में ससुराल वालों को वीडियो कॉल कर लाइव दिखाया। यह देख पिता बेहोश हो गए।

भाइयों ने भीलवाड़ा पुलिस की मदद मांगी। शाहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को थाने लाई। आरोपी को गिरफ्तार किया। शाहपुरा पहुंचे परिजन युवती को रतलाम ले आए। भाई ने बताया रतलाम के अस्पताल में ले गए तो हाथ और पैर में पांच फ्रैक्चर निकले हैं। महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
संत नगर निवासी मनमोहन सोनी की बेटी मीनाक्षी की शादी 23 जून 2017 को शाहपुरा (भीलवाड़ा) के मारबल व्यवसायी राजेश सोनी के बेटे राहुल के साथ हुई थी। मीनाक्षी की 14 महीने की बेटी है। मीनाक्षी ने बताया शादी के करीब एक साल बाद पति राहुल ने मारपीट शुरू कर दी।

राहुल जब मारपीट करता तो सास लालीबाई बेटी को लेकर घर के बाहर बैठ जाती। ससुर राजेश और देवर मनोज भी मीनाक्षी की मदद नहीं करते। परेशान मीनाक्षी तीन साल में तीन बार मायके आई। हर बार राहुल माफी मांगकर उसे घर ले जाता था। परिवार न टूटे इसलिए मायके वाले भी कुछ नहीं कहते थे। 22 जून को राहुल ने बेल्ट से पीटा और चिमटा गरम कर शरीर पर कई स्थान पर दागा। मायके में माता-पिता और दोनों भाइयों ने लाइव देखा और उसकी रिकाॅर्डिंग कर ली तथा भीलवाड़ा पुलिस को फोन लगाकर मदद मांगी।

रात को मां व दोनों भाई पहुंचे : मीनाक्षी ने बताया लाइव वीडियो देख पिताजी की तबीयत बिगड़ गई। मां चित्रा, भाई पवन तथा रवि और अन्य रिश्तेदार रात को शाहपुरा पहुंचे। अगले दिन उसे रतलाम ले आए। भाई पवन ने बताया रतलाम लाकर बहन का इलाज करवाया। हाथ-पैर में पांच फ्रैक्चर निकले हैं। शरीर पर मारपीट व गरम चिमटे के निशान हैं।

पति ने चाकू अड़ाया और सास पुलिस को गलत पता बताने का कहती रही
मीनाक्षी ने बताया शाहपुरा थाने से थाना प्रभारी ने फोन लगाकर उससे घर का पता और घटनाक्रम की जानकारी ली। मीनाक्षी ने बताना शुरू किया तो राहुल ने गले पर चाकू अड़ा दिया और सास लालीबाई ने पुलिस को गलत जानकारी देने का कहा। सास के दबाव में मीनाक्षी ने थाना प्रभारी को बताया उसका घर भीलवाड़ा में है। फोन पर दूसरों की आवाज सुनकर थाना प्रभारी शाहपुरा में घर तक पहुंच गए थे।

पत्नी के नाम से आईडी बनाकर चैटिंग : मीनाक्षी ने बताया किसी से हंसकर बात कर लेने पर वह चरित्र पर शंका करता और रात को मारपीट करता था। लॉकडाउन के दौरान राहुल ने मीनाक्षी के नाम की फेसबुक आईडी बनाई और कॉलेज में साथ पढ़ने वालों को जोड़कर उनसे मीनाक्षी बनकर चैटिंग करता था। लॉकडाउन में राहुल ने कई बार बेदर्दी से मारपीट की।

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Marble merchant's stone-hearted, wife beaten with belt, fired with hot tongs, video calls showed brothers
रतलाम के लॉ कालेज में सन् 2014 में अध्यक्ष रह चुकी युवती शाहपुरा (भीलवाड़ा) में ससुराल वालों की प्रताड़ना का शिकार हो गई। मार्बल व्यापारी व गांजे के आदी पति ने …
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यदि आप छोटे बच्चे काे डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं... और डॉक्टर बच्चे को चॉकलेट, नारियल तेल या फ्लेवर्ड मिल्क सूंघाते हैं तो चौंकिएगा मत। दरअसल, सरकार ने सूंघने की क्षमता में कमी और स्वाद क्षमता में कमी को भी कोरोना के लक्षणों में शामिल किया है, लेकिन बच्चों में इसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति ने सोमवार को कलेक्टर व सीएमएचओ को कोरोना के मरीजों के मैनेजमेंट को लेकर निर्देश दिए हैं। इसी के तहत अब यदि बच्चों के माता पिता कोरोना पॉजिटिव रहते हैं, और बच्चे निगेटिव आते हैं तो बच्चों को बिना लक्षण वाले या कम लक्षण वाले पॉजिटिव माता या पिता के साथ होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हो सकता है तो माता या पिता के साथ अलग से आइसोलेशन वार्ड में रख सकते हैं। कोरोना टेस्ट को लेकर कोई इमरजेंसी ऑपरेशन ना टले समिति ने कहा है कि इमरजेंसी केस में कोरोना टेस्ट के अभाव में किसी भी शल्य क्रिया को लंबित ना किया जाए। तत्काल रिपोर्ट लेने के लिए रैपिड टेस्ट का उपयोग किया जा सकता है। रैपिड टेस्ट पॉजिटिव आने पर कोरोना पॉजिटिव ही माना जाएगा। दोबारा जांच से पुष्टि करने की जरूरत नहीं होगी। कैंसर, एचआईवी रोगियों का करें रैपिड टेस्ट संवेदनशील समूह कीमौथेरेपी के मरीज, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी वाले, एचआईवी, ट्रांसप्लांट के मरीजों में ज्यादा रिस्क को ध्यान में रख लक्षण रहित होने पर भी रैपिड टेस्ट की बात कही है। वहीं, ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता वाले मध्यम या गंभीर लक्षण वाले पॉजिटिव के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में समिति बनाने का कहा है। समिति ही फैसला लेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




यदि आप छोटे बच्चे काे डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं... और डॉक्टर बच्चे को चॉकलेट, नारियल तेल या फ्लेवर्ड मिल्क सूंघाते हैं तो चौंकिएगा मत। दरअसल, सरकार ने सूंघने की क्षमता में कमी और स्वाद क्षमता में कमी को भी कोरोना के लक्षणों में शामिल किया है, लेकिन बच्चों में इसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है।
राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति ने सोमवार को कलेक्टर व सीएमएचओ को कोरोना के मरीजों के मैनेजमेंट को लेकर निर्देश दिए हैं। इसी के तहत अब यदि बच्चों के माता पिता कोरोना पॉजिटिव रहते हैं, और बच्चे निगेटिव आते हैं तो बच्चों को बिना लक्षण वाले या कम लक्षण वाले पॉजिटिव माता या पिता के साथ होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हो सकता है तो माता या पिता के साथ अलग से आइसोलेशन वार्ड में रख सकते हैं।

कोरोना टेस्ट को लेकर कोई इमरजेंसी ऑपरेशन ना टले
समिति ने कहा है कि इमरजेंसी केस में कोरोना टेस्ट के अभाव में किसी भी शल्य क्रिया को लंबित ना किया जाए। तत्काल रिपोर्ट लेने के लिए रैपिड टेस्ट का उपयोग किया जा सकता है। रैपिड टेस्ट पॉजिटिव आने पर कोरोना पॉजिटिव ही माना जाएगा। दोबारा जांच से पुष्टि करने की जरूरत नहीं होगी।
कैंसर, एचआईवी रोगियों का करें रैपिड टेस्ट
संवेदनशील समूह कीमौथेरेपी के मरीज, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी वाले, एचआईवी, ट्रांसप्लांट के मरीजों में ज्यादा रिस्क को ध्यान में रख लक्षण रहित होने पर भी रैपिड टेस्ट की बात कही है। वहीं, ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता वाले मध्यम या गंभीर लक्षण वाले पॉजिटिव के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में समिति बनाने का कहा है। समिति ही फैसला लेगी।

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यदि आप छोटे बच्चे काे डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं... और डॉक्टर बच्चे को चॉकलेट, नारियल तेल या फ्लेवर्ड मिल्क सूंघाते हैं तो चौंकिएगा मत। दरअसल, सरकार ने सूंघन…
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स्नातक औरस्नातकोत्तर स्तर पर जनरल प्रमोशन की घोषणा होने के बाद विक्रम विवि को शासन की ओर से जारी की जाने वाली गाइड लाइन का इंतजार है। वहीं जनरल प्रमोशन में सबसे बड़ी समस्या उन विद्यार्थियों को आ सकती है, जिन्होंने परीक्षा फीस जमा नहीं करवाई है। परीक्षा फीस जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों के जनरल प्रमोशन को लेकर विवि के अधिकारी भी असमंजस में हैं। हालांकि उनका कहना है शासन की गाइड लाइन आने के बाद जनरल प्रमोशन प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। जनरल प्रमोशन की गाइड लाइन पर विक्रम के 1.43 लाख से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य का फैसला होगा। विवि के अंतर्गत उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा के कॉलेजों में पढ़ने वाले स्नातक स्तर के 1 लाख 23 हजार 837 औरस्नातकोत्तर स्तर के 19862 विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने परीक्षा के लिए फॉर्म ही जमा नहीं किए थे। उनके बारे में भी शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई करेंगे। स्नातक स्तर पर सबसे ज्यादा 1.23 लाख से अधिक विद्यार्थी पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष तृतीय वर्ष बीए 27890 22740 14874 बीएससी 11331 9876 6746 बीबीए 1616 1162 948 बीसीए 466 524 770 बीकॉम 8831 8110 6604 बीकॉम ऑनर्स 299 389 371 बीएचएससी 105 98 87 इसलिए बना असमंजस विवि औरकॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए पहले परीक्षा फॉर्म जमा कराने की प्रक्रिया होती है। ऑनलाइन परीक्षा फीस जमा करने के बाद ही विद्यार्थी परीक्षा में बैठ सकते हैं। ऐसी स्थिति में विवि उन विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने से इनकार कर सकता है, जिन्होंने परीक्षा फीस ही जमा नहीं की। अगर ऐसा हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र संगठनों का विरोध भी झेलना पड़ेगा। इसलिए विश्वविद्यालय इस बारे में अभी कुछ भी कहने से बच रहा है। वहीं परीक्षा फीस जमा करवाने के लिए ऑनलाइन लिंक भी खोलना पड़ेगी, जिससे रिजल्ट जारी करने में आैर भी वक्त लग सकता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




स्नातक औरस्नातकोत्तर स्तर पर जनरल प्रमोशन की घोषणा होने के बाद विक्रम विवि को शासन की ओर से जारी की जाने वाली गाइड लाइन का इंतजार है। वहीं जनरल प्रमोशन में सबसे बड़ी समस्या उन विद्यार्थियों को आ सकती है, जिन्होंने परीक्षा फीस जमा नहीं करवाई है।

परीक्षा फीस जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों के जनरल प्रमोशन को लेकर विवि के अधिकारी भी असमंजस में हैं। हालांकि उनका कहना है शासन की गाइड लाइन आने के बाद जनरल प्रमोशन प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। जनरल प्रमोशन की गाइड लाइन पर विक्रम के 1.43 लाख से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य का फैसला होगा।

विवि के अंतर्गत उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा के कॉलेजों में पढ़ने वाले स्नातक स्तर के 1 लाख 23 हजार 837 औरस्नातकोत्तर स्तर के 19862 विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने परीक्षा के लिए फॉर्म ही जमा नहीं किए थे। उनके बारे में भी शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई करेंगे।

स्नातक स्तर पर सबसे ज्यादा 1.23 लाख से अधिक विद्यार्थी
पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष तृतीय वर्ष
बीए 27890 22740 14874
बीएससी 11331 9876 6746
बीबीए 1616 1162 948
बीसीए 466 524 770
बीकॉम 8831 8110 6604
बीकॉम ऑनर्स 299 389 371
बीएचएससी 105 98 87

इसलिए बना असमंजस
विवि औरकॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए पहले परीक्षा फॉर्म जमा कराने की प्रक्रिया होती है। ऑनलाइन परीक्षा फीस जमा करने के बाद ही विद्यार्थी परीक्षा में बैठ सकते हैं। ऐसी स्थिति में विवि उन विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने से इनकार कर सकता है, जिन्होंने परीक्षा फीस ही जमा नहीं की। अगर ऐसा हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र संगठनों का विरोध भी झेलना पड़ेगा। इसलिए विश्वविद्यालय इस बारे में अभी कुछ भी कहने से बच रहा है। वहीं परीक्षा फीस जमा करवाने के लिए ऑनलाइन लिंक भी खोलना पड़ेगी, जिससे रिजल्ट जारी करने में आैर भी वक्त लग सकता है।

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स्नातक औरस्नातकोत्तर स्तर पर जनरल प्रमोशन की घोषणा होने के बाद विक्रम विवि को शासन की ओर से जारी की जाने वाली गाइड लाइन का इंतजार है। वहीं जनरल प्रमोशन में सब…
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श्रावण व भादौ में बाबा महाकाल पूरे लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। संक्रमण की रोकथाम के लिए सवारी मार्ग बदलकर छोटा किया जाएगा। पहली सवारी महाकाल मंदिर से हरसिद्धि चौराहा, सिद्धाश्रम होकर रामघाट जाएगी। सवारी की वापसी रामानुज कोट, पाल से हरसिद्धि चौराहा होकर महाकाल मंदिर होगी। मार्ग छोटा करने को लेकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के बीच सहमति हो गई है। सोमवार को अधिकारियों ने महाकाल मंदिर, नए सवारी मार्ग और रामघाट का अवलोकन भी किया। श्रावण की शुरुआत 6 जुलाई से होगी। पहले ही दिन सोमवार है। इसी दिन से श्रावण सोमवार की सवारियों का क्रम शुरू होगा। कोरोना संक्रमण को देखते प्रशासन सवारी के स्वरूप और अन्य व्यवस्थाओं का फैसला नहीं ले पा रहा था। भास्कर ने सवारी से जुड़े धर्माचार्यों, प्रबुद्धजनों, भक्तों और स्वयंसेवकों के माध्यम से सवारी के स्वरूप व व्यवस्थाओं का प्लान तैयार किया था। प्रशासन ने इसके आधार पर न केवल सवारी की परंपरा का पालन करना तय किया बल्कि अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार की हरी झंडी मिल जाने पर सोमवार को संभागायुक्त आनंद शर्मा, आईजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी मनोजकुमार ने मंदिर, प्रस्तावित नए सवारी मार्ग व रामघाट का अवलोकन किया। मंगलवार को फिर मंथन होगा। मंदिर में दर्शन और सवारी व्यवस्था तय करने की जिम्मेदारी मंदिर समिति की है। इसलिए बैठक में अंतिम फैसला लेकर समिति घोषणा कर सकती है। छोटा रास्ता, श्रद्धालुओं की भीड़ आने से रोक सकेंगे आईजी राकेश गुप्ता का कहना है कि फिलहाल नए रूट पर सहमति हो गई है। सवारी महाकाल से हरसिद्धि, सिद्धाश्रम होकर रामघाट जाएगी तथा रामानुजकोट, हरसिद्धि होकर मंदिर लौटेगी। यदि श्रद्धालुओं को आने से रोकना है तो यह मार्ग अनुकूल है। गुप्ता के अनुसार अभी अन्य मुद्दों पर फैसला होना है। सांसद अनिल फिरोजिया का कहना है कि सवारी पूरे वैभव के साथ निकालेंगे। प्रशासन ने दौरा भी किया है। आखिरी फैसला होना बाकी है। प्रशासन की दो तरफा तैयारी नई गाइड लाइन का इंतजार प्रशासन दो तरफा तैयारी कर रहा है। सवारी मार्ग छोटा कर श्रद्धालुओं का प्रवेश रोककर सवारी निकाली जाएगी। किसी भी श्रद्धालु को सवारी मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केवल महाकाल राजा के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। दूसरी तरफ यदि शहर ग्रीन जोन में जाता है तथा केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में ग्रीन शहरों में धार्मिक यात्राओं को छूट दी जाती है तो प्रशासन पारंपरिक सवारी मार्ग पर भी सवारी निकाल सकता है। नए सवारी मार्ग पर लाइट, सड़क सुधार के लिए कहा अफसरों ने महाकाल मंदिर, नए सवारी मार्ग व रामघाट का अवलोकन करने के दौरान नए सवारी मार्ग पर प्रकाश, सफाई और सड़क सुधार व रामघाट पर भी सवारी की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए। कब-कब रहेगी सवारी : सावन की पहली सवारी 6 जुलाई, दूसरी 13 जुलाई, तीसरी 20 जुलाई, चौथी 27 जुलाई, पांचवी 3 अगस्त को। भादौ मास की पहली व छठी सवारी 10 अगस्त और प्रमुख सवारी सोमवार 17 अगस्त को निकलेगी। पूजन में सोशल डिस्टेंसिंग, सवारी में भी संख्या सीमित सवारी निकलने के पूर्व भगवान महाकाल के मुखारबिंद का विधिवत पूजन के पश्चात सवारी निकाली जाएगी। पूजन चांदी द्वार के पास सभा मंडप में किया जाएगा। इसके बाद तय समय पर शाम 4 बजे सभा मंडल से सवारी निकलेगी। मुख्य द्वार पर पुलिस जवान पालकी को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। सवारी में उद्घोषक वाहन, तोपची, भगवान महाकाल का ध्वज, घुड़सवारी, विशेष सशस्त्र बल, पुलिस बैंड, नगर सेना, महाकाल मंदिर के पुजारी-पुरोहित, ढोल वादक सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था में लगने वाले कर्मचारी सीमित संख्या में रहेंगे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




श्रावण व भादौ में बाबा महाकाल पूरे लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। संक्रमण की रोकथाम के लिए सवारी मार्ग बदलकर छोटा किया जाएगा। पहली सवारी महाकाल मंदिर से हरसिद्धि चौराहा, सिद्धाश्रम होकर रामघाट जाएगी। सवारी की वापसी रामानुज कोट, पाल से हरसिद्धि चौराहा होकर महाकाल मंदिर होगी। मार्ग छोटा करने को लेकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के बीच सहमति हो गई है। सोमवार को अधिकारियों ने महाकाल मंदिर, नए सवारी मार्ग और रामघाट का अवलोकन भी किया।
श्रावण की शुरुआत 6 जुलाई से होगी। पहले ही दिन सोमवार है। इसी दिन से श्रावण सोमवार की सवारियों का क्रम शुरू होगा। कोरोना संक्रमण को देखते प्रशासन सवारी के स्वरूप और अन्य व्यवस्थाओं का फैसला नहीं ले पा रहा था। भास्कर ने सवारी से जुड़े धर्माचार्यों, प्रबुद्धजनों, भक्तों और स्वयंसेवकों के माध्यम से सवारी के स्वरूप व व्यवस्थाओं का प्लान तैयार किया था। प्रशासन ने इसके आधार पर न केवल सवारी की परंपरा का पालन करना तय किया बल्कि अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार की हरी झंडी मिल जाने पर सोमवार को संभागायुक्त आनंद शर्मा, आईजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी मनोजकुमार ने मंदिर, प्रस्तावित नए सवारी मार्ग व रामघाट का अवलोकन किया। मंगलवार को फिर मंथन होगा। मंदिर में दर्शन और सवारी व्यवस्था तय करने की जिम्मेदारी मंदिर समिति की है। इसलिए बैठक में अंतिम फैसला लेकर समिति घोषणा कर सकती है।

छोटा रास्ता, श्रद्धालुओं की भीड़ आने से रोक सकेंगे
आईजी राकेश गुप्ता का कहना है कि फिलहाल नए रूट पर सहमति हो गई है। सवारी महाकाल से हरसिद्धि, सिद्धाश्रम होकर रामघाट जाएगी तथा रामानुजकोट, हरसिद्धि होकर मंदिर लौटेगी। यदि श्रद्धालुओं को आने से रोकना है तो यह मार्ग अनुकूल है। गुप्ता के अनुसार अभी अन्य मुद्दों पर फैसला होना है। सांसद अनिल फिरोजिया का कहना है कि सवारी पूरे वैभव के साथ निकालेंगे। प्रशासन ने दौरा भी किया है। आखिरी फैसला होना बाकी है।
प्रशासन की दो तरफा तैयारी नई गाइड लाइन का इंतजार
प्रशासन दो तरफा तैयारी कर रहा है। सवारी मार्ग छोटा कर श्रद्धालुओं का प्रवेश रोककर सवारी निकाली जाएगी। किसी भी श्रद्धालु को सवारी मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केवल महाकाल राजा के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। दूसरी तरफ यदि शहर ग्रीन जोन में जाता है तथा केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में ग्रीन शहरों में धार्मिक यात्राओं को छूट दी जाती है तो प्रशासन पारंपरिक सवारी मार्ग पर भी सवारी निकाल सकता है।
नए सवारी मार्ग पर लाइट, सड़क सुधार के लिए कहा
अफसरों ने महाकाल मंदिर, नए सवारी मार्ग व रामघाट का अवलोकन करने के दौरान नए सवारी मार्ग पर प्रकाश, सफाई और सड़क सुधार व रामघाट पर भी सवारी की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए।
कब-कब रहेगी सवारी : सावन की पहली सवारी 6 जुलाई, दूसरी 13 जुलाई, तीसरी 20 जुलाई, चौथी 27 जुलाई, पांचवी 3 अगस्त को। भादौ मास की पहली व छठी सवारी 10 अगस्त और प्रमुख सवारी सोमवार 17 अगस्त को निकलेगी।

पूजन में सोशल डिस्टेंसिंग, सवारी में भी संख्या सीमित
सवारी निकलने के पूर्व भगवान महाकाल के मुखारबिंद का विधिवत पूजन के पश्चात सवारी निकाली जाएगी। पूजन चांदी द्वार के पास सभा मंडप में किया जाएगा। इसके बाद तय समय पर शाम 4 बजे सभा मंडल से सवारी निकलेगी। मुख्य द्वार पर पुलिस जवान पालकी को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। सवारी में उद्घोषक वाहन, तोपची, भगवान महाकाल का ध्वज, घुड़सवारी, विशेष सशस्त्र बल, पुलिस बैंड, नगर सेना, महाकाल मंदिर के पुजारी-पुरोहित, ढोल वादक सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था में लगने वाले कर्मचारी सीमित संख्या में रहेंगे।

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श्रावण व भादौ में बाबा महाकाल पूरे लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। संक्रमण की रोकथाम के लिए सवारी मार्ग बदलकर छोटा किया जाएगा। पहली सवारी महाकाल मंदिर…
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लॉकडाउन खुलने के बाद शहर में 20 दिनों में ढाई हजार गाड़ियां बिक गईं। इनमें 600 कारें और बाकी दो पहिया वाहन हैं। वाहन डीलर्स के मुताबिक खरीददारों में देवास-पीथमपुर जाने वाले और पालक व टीचर्ज ज्यादा हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद गाड़ियों की डिमांड और बढ़ेगी। चूंकि ये लोग लोक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कोरोना के कारण अब इसके उपयोग से बचना चाहते हैं। एक कारण अभी लोन की ब्याज दरें कम होना भी है। इसलिए बढ़ी खरीदी: पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स और इंदौर (आदी) के चेयरमैन प्रवीण पटेल का कहना है कि कहीं भी आने-जाने के लिए लोग आवागमन का सुरक्षित साधन चाहते हैं। 30 फीसदी ग्राहक इस बात को स्वीकार भी कर रहे हैं कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते हैं इसलिए गाड़ी खरीद रहे हैं। इनमें देवास और पीथमपुर की फैक्ट्रियों में बस से जाने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा उपनगर से इंदौर आने वाले लोग भी निजी गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोन की ब्याज दर कम होना भी मांग बढ़ने का एक कारण है। पटेल के अनुसार, आगामी समय में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद डिमांड और बढ़ेगी। पालक और टीचर बसों तथा टैक्सी की अपेक्षा निजी वाहन को प्राथमिकता देंगे। एक कारण यह भी... वाहनों की होम डिलीवरी ने बढ़ाया कमर्शियल का मार्केट एसोसिएशन के ज्वॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि लॉकडाउन में कई चीजों की होम डिलीवरी शुरू हुई है। ऐसे में लोडिंग गाड़ियों की अचानक मांग बढ़ी है हालांकि अभी उपलब्धता सीमित है। कार खरीदने में लोग जरूरत को प्राथमिकता दे रहे हैं। साढ़े चार से 4 लाख तक की गाड़ियों की मांग 6 से 10 लाख के मुकाबले ज्यादा है। ऐसे ग्राहकों की संख्या भी ज्यादा है जिनके पास पहले से एक कार है। अन्य सदस्यों के लिए वे दूसरी कार ले रहे हैं। एक अलग सेग्मेंट में एसयूवी गाड़ियों की मांग भी बढ़ी है। दूसरे शहर भी लोग ट्रेन और हवाई जहाज की जगह कार से जा रहे हैं। अपने वाहन से जाएंगे, यहां कराई कार बुक, ताकि मुंबई में हो सफर आसान कार खरीदने वाले सुमित शर्मा ने बताया कि मुंबई में एक कार है, लेकिन वहां की स्थिति देखकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं करूंगा। दोस्त की गाड़ी से परिवार को लेकर इंदौर आया था। अपने लिए नई गाड़ी बुक की है। जाने से पहले डिलीवरी लूंगा, वहां की स्थिति सामान्य होने के बाद उसी गाड़ी से मुंबई जाऊंगा। बस और फ्लाइट अभी मुझे सुरक्षित नहीं लगते। राहुल सिंह बताते हैं, कार तो पहले ही बुक की थी। नवरात्रि में डिलीवरी लेना थी। लॉकडाउन की वजह से अब मिल पाई है लेकिन ये भी अच्छा हुआ क्योंकि अभी ज्यादा जरूरत है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




लॉकडाउन खुलने के बाद शहर में 20 दिनों में ढाई हजार गाड़ियां बिक गईं। इनमें 600 कारें और बाकी दो पहिया वाहन हैं। वाहन डीलर्स के मुताबिक खरीददारों में देवास-पीथमपुर जाने वाले और पालक व टीचर्ज ज्यादा हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद गाड़ियों की डिमांड और बढ़ेगी। चूंकि ये लोग लोक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कोरोना के कारण अब इसके उपयोग से बचना चाहते हैं। एक कारण अभी लोन की ब्याज दरें कम होना भी है।

इसलिए बढ़ी खरीदी: पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते
एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स और इंदौर (आदी) के चेयरमैन प्रवीण पटेल का कहना है कि कहीं भी आने-जाने के लिए लोग आवागमन का सुरक्षित साधन चाहते हैं। 30 फीसदी ग्राहक इस बात को स्वीकार भी कर रहे हैं कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते हैं इसलिए गाड़ी खरीद रहे हैं। इनमें देवास और पीथमपुर की फैक्ट्रियों में बस से जाने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा उपनगर से इंदौर आने वाले लोग भी निजी गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोन की ब्याज दर कम होना भी मांग बढ़ने का एक कारण है। पटेल के अनुसार, आगामी समय में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद डिमांड और बढ़ेगी। पालक और टीचर बसों तथा टैक्सी की अपेक्षा निजी वाहन को प्राथमिकता देंगे।

एक कारण यह भी... वाहनों की होम डिलीवरी ने बढ़ाया कमर्शियल का मार्केट
एसोसिएशन के ज्वॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि लॉकडाउन में कई चीजों की होम डिलीवरी शुरू हुई है। ऐसे में लोडिंग गाड़ियों की अचानक मांग बढ़ी है हालांकि अभी उपलब्धता सीमित है। कार खरीदने में लोग जरूरत को प्राथमिकता दे रहे हैं। साढ़े चार से 4 लाख तक की गाड़ियों की मांग 6 से 10 लाख के मुकाबले ज्यादा है। ऐसे ग्राहकों की संख्या भी ज्यादा है जिनके पास पहले से एक कार है। अन्य सदस्यों के लिए वे दूसरी कार ले रहे हैं। एक अलग सेग्मेंट में एसयूवी गाड़ियों की मांग भी बढ़ी है। दूसरे शहर भी लोग ट्रेन और हवाई जहाज की जगह कार से जा रहे हैं।

अपने वाहन से जाएंगे, यहां कराई कार बुक, ताकि मुंबई में हो सफर आसान
कार खरीदने वाले सुमित शर्मा ने बताया कि मुंबई में एक कार है, लेकिन वहां की स्थिति देखकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं करूंगा। दोस्त की गाड़ी से परिवार को लेकर इंदौर आया था। अपने लिए नई गाड़ी बुक की है। जाने से पहले डिलीवरी लूंगा, वहां की स्थिति सामान्य होने के बाद उसी गाड़ी से मुंबई जाऊंगा। बस और फ्लाइट अभी मुझे सुरक्षित नहीं लगते। राहुल सिंह बताते हैं, कार तो पहले ही बुक की थी। नवरात्रि में डिलीवरी लेना थी। लॉकडाउन की वजह से अब मिल पाई है लेकिन ये भी अच्छा हुआ क्योंकि अभी ज्यादा जरूरत है।

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लॉकडाउन खुलने के बाद शहर में 20 दिनों में ढाई हजार गाड़ियां बिक गईं। इनमें 600 कारें और बाकी दो पहिया वाहन हैं। वाहन डीलर्स के मुताबिक खरीददारों में देवास-पीथम…
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इटारसी से भाेपाल के बीच बन रही तीसरी रेल लाइन पर एक किमी लंबी सुुरंग (टनल) बन रही है। विंध्याचल पर्वत के मिडघाट सेक्शन पर यह रेलवे की सबसे बड़ी सुरंग हाेगी। 180 कर्मचारी राेटेशन में 24 घंटे बूमर मशीन से दिनरात पहाड़ काे काटकर सुरंग बना रहे हैं। अभी 220 मीटर तक पहाड़ काटे जा चुके हैं। सुरंग की समुद्रतल से ऊंचाई 340 मीटर रहेगी। रेलवे के मुताबिक तीसरी रेल लाइन पर बुदनी से बरखेड़ा (मिडघाट सेक्शन) तक 5 सुरंग बनेंगी। सुरंग आंध्र प्रदेश की मैक्स इंफ्रा लिमिटेड कंपनी एनएटीएम (न्यू अस्ट्रेलियन टेक्नोलॉजी मैथर्ड) पद्धति से बना रही है। यानी सुरंग हॉर्स-शू (घाेड़े की नाल) की तरह रहेगी। पूरा प्रोजेक्ट 1.70 करोड़ रुपए का है। कंपनी ने फरवरी 2023 तक पांचाें सुरंग तैयार करने का लक्ष्य रखा है। मैक्स इंफ्रा कंपनी आंध्रप्रदेश में कड़पा में 10 किमी लंबा टनल बना चुकी। अब कंपनी मिडघाट के पास टनल बना रही है। पांच टनल ऐसे हाेंगे पहला: बुदनी के बाद लंबाई एक किमी दूसरा: मिडघाट पर 200 मीटर लंबा बनेगा तीसरा: भीमकोठी के पास 250 मीटर का बनेगा चौथा: चौका के पास 150 मीटर लंबा होगा पांचवा: बरखेड़ा में 450 मीटर का बनेगा। 4 मीटर तक छेद करती है मशीन सुरंग बनाने के लिए बूमर ड्रिलिंग मशीन का उपयोग हो रहा है। बूमर हेवी ड्रिलिंग मशीन है। इसमें 2 हाइड्रोलिक ड्रिल बिट होते हैं। एक हाइड्रोलिक बाकेट होता है जिस पर इंजीनियर रॉक चट्टान के उस हिस्से को चिंहित करते हैं। बूमर ड्रिल मशीन एक बार में 3 से 4 मीटर तक चट्‌टान में छेद करने की क्षमता रखती है। छेद होने के बाद कंपनी के एक्सपर्ट इसमें एक्सप्लोसिव का उपयोग करते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today 180 workers are cutting mountains every day, 1 km long tunnel will be built for third line




इटारसी से भाेपाल के बीच बन रही तीसरी रेल लाइन पर एक किमी लंबी सुुरंग (टनल) बन रही है। विंध्याचल पर्वत के मिडघाट सेक्शन पर यह रेलवे की सबसे बड़ी सुरंग हाेगी। 180 कर्मचारी राेटेशन में 24 घंटे बूमर मशीन से दिनरात पहाड़ काे काटकर सुरंग बना रहे हैं। अभी 220 मीटर तक पहाड़ काटे जा चुके हैं।

सुरंग की समुद्रतल से ऊंचाई 340 मीटर रहेगी। रेलवे के मुताबिक तीसरी रेल लाइन पर बुदनी से बरखेड़ा (मिडघाट सेक्शन) तक 5 सुरंग बनेंगी। सुरंग आंध्र प्रदेश की मैक्स इंफ्रा लिमिटेड कंपनी एनएटीएम (न्यू अस्ट्रेलियन टेक्नोलॉजी मैथर्ड) पद्धति से बना रही है। यानी सुरंग हॉर्स-शू (घाेड़े की नाल) की तरह रहेगी। पूरा प्रोजेक्ट 1.70 करोड़ रुपए का है। कंपनी ने फरवरी 2023 तक पांचाें सुरंग तैयार करने का लक्ष्य रखा है। मैक्स इंफ्रा कंपनी आंध्रप्रदेश में कड़पा में 10 किमी लंबा टनल बना चुकी। अब कंपनी मिडघाट के पास टनल बना रही है।

पांच टनल ऐसे हाेंगे

पहला: बुदनी के बाद लंबाई एक किमी

दूसरा: मिडघाट पर 200 मीटर लंबा बनेगा

तीसरा: भीमकोठी के पास 250 मीटर का बनेगा

चौथा: चौका के पास 150 मीटर लंबा होगा

पांचवा: बरखेड़ा में 450 मीटर का बनेगा।

4 मीटर तक छेद करती है मशीन

सुरंग बनाने के लिए बूमर ड्रिलिंग मशीन का उपयोग हो रहा है। बूमर हेवी ड्रिलिंग मशीन है। इसमें 2 हाइड्रोलिक ड्रिल बिट होते हैं। एक हाइड्रोलिक बाकेट होता है जिस पर इंजीनियर रॉक चट्टान के उस हिस्से को चिंहित करते हैं। बूमर ड्रिल मशीन एक बार में 3 से 4 मीटर तक चट्‌टान में छेद करने की क्षमता रखती है। छेद होने के बाद कंपनी के एक्सपर्ट इसमें एक्सप्लोसिव का उपयोग करते हैं।

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180 workers are cutting mountains every day, 1 km long tunnel will be built for third line
इटारसी से भाेपाल के बीच बन रही तीसरी रेल लाइन पर एक किमी लंबी सुुरंग (टनल) बन रही है। विंध्याचल पर्वत के मिडघाट सेक्शन पर यह रेलवे की सबसे बड़ी सुरंग हाेगी। 18…
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गुजरात से गिरफ्तार हुए 64 मामलों के आरोपी जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी ने पुलिस को बताया है कि 30 नवंबर को माय होम पर दबिश के बाद वह नौलखा से स्लीपर बस में बैठा और राजकोट गया। वहां से इंदौर में हो रही पुलिस, प्रशासन की हर गतिविधि की जानकारी लेता रहा। शुरुआत में खुद की सोने की चेन, अंगूठी बेचकर काम चलाया फिर, गुजरात, महाराष्ट्र में कारोबारियों, बुकियों, रिश्तेदार, दोस्तों के जरिए छिपने की व्यवस्था की। पहले भाइयों को सुरक्षित जगह ठहराया, फिर परिवार के अन्य लोगों की व्यवस्था की और खुद भूमिगत हो गया। पुलिस की कार्यप्रणाली का जानकार होने से जीतू ने भागने के तुरंत बाद मोबाइल संपर्क तोड़ लिए। ड्राइवर को भी कुछ समय बाद अलग भेज दिया। इधर, क्राइम ब्रांच ड्राइवर की लोकेशन से पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत तक पहुंच गई। जीतू ने पूछताछ में कहा कि 6 माह की फरारी में उसने कई तनाव झेले। उसके होटल, अखबार व अन्य संस्थानों को जमींदोज किया, जिससे आर्थिक रीढ़ टूट गई। इधर, परिवार के सदस्य आरोपी बनने लगे तो पारिवारिक कलह होने लगी। कई बार तो परिवार के सदस्यों के तनाव के कारण उसने खुद को जिम्मेदार मान सुसाइड की ठान ली। जीतू ने कबूला कि वह विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन लुक आउट सर्कुलर (एसओसी) जारी होने से नहीं जा सका। हवालात में कंबल पर लेटा पर सो नहीं पाया जीतू को महिला थाने की सेल में रखा है व कैमरों से निगरानी की जा रही है। उसे कैदी की तरह फर्श पर कंबल डालकर लेटाया, रातभर उसे नींद नहीं आई। खाना भी कैदियों वाला दिया। सुबह परिवार से जुड़े एक युवक ने नाश्ता लाकर दिया। कोरोना टेस्टभी करवाया जीतू का कोविड टेस्ट भी हुआ। उसे पकड़ने वाले पुलिस जवानों की भी जांच करवाई गई है। 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, रिश्तेदारों-ज्वेलर्स से बात के बाद मिला जीतू फरार से गिरफ्तार होने तक की पूरी कहानी 1.60 लाख के इनामी जीतू की तलाश में पुलिस ने लगातार काम किया, पर सफलता 212 वें दिन मिली। इस अभियान की कमान क्राइम ब्रांच एएसपी राजेश दंडोतिया के पास थी। 46 लोगों की टीम ने फील्ड में और 6 ने इंदौर से पूरे अभियान डांसिंग इन डॉर्क को कंट्रोल किया। भास्कर ने 30 नवंबर से 28 जून तक के इस अभियान की पड़ताल की। ड्राइवर की लोकेशन से द. भारत में चली खोज जीतू के फरार होने के बाद ड्राइवर की लोकेशन से क्राइम ब्रांच की टीम केरल,ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र गई पर कोई इनपुट नहीं मिला। इसके बाद पश्चिम बंगाल, नेपाल में भी जांच की। दिल्ली में एक प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट में आवेदन से सुराग लगा कि जीतू मप्र या आसपास ही है। कारोबारियों और कई ज्वेलर्स से बैठक गुजरात का पता चलने के बाद दंडोतिया ने अहमदाबाद, सूरत व राजकोट के कुछ ज्वेलर्स व कारोबारियों से संपर्क किया। इनसे ज्यादा कुछ नहीं मिला। फिर जीतू के 200 से ज्यादा रिश्तेदार, परिचित, कारोबारी मित्रों से पूछताछ की। इसके बाद तकनीकी (साइबर) काम हुआ। इससे कई इनपुट मिले। पत्नी और बहू के पास भी पहुंची टीम अफसरों ने दो बार टीम को बदला। 24 जून को पांच जगह छापे मारे, पर जीतू भाग निकला। राजकोट में एक घर में जीतू की पत्नी और बहू मिली। ये दोनों बहुत साधारण स्थिति में रह रही थीं। इनसे पूछताछ की। इसके बाद राजकोट के बुकी राकेश पोपट और एक अन्य जगह दबिश दी गई। देशी स्टाइल में रैकी और रात में द एंड बड़े भाई महेंद्र के पकड़ाने के बाद तय हो गया कि जीतू गुजरात में ही छिपा है। वह भागने की फिराक में था, पर मौका नहीं मिला। महेंद्र के अलावा पत्नी व बहू से मिली जानकारी से पुुलिस जीतू के ठिकाने तक पहुंच गई। बिना मोबाइल जवानों के साथ रैकी कर देर रात गिरफ्तार कर लिया। अफसरों का मुख्य सवाल ‘हनी ट्रैप कांड’ के फुटेज किसने दिए जीतू सोनी से पूछताछ कर रहे अफसरों का मुख्य फोकस ‘हनी ट्रैप कांड’ की वह सीडी और हार्ड डिस्क है, जिसमें जीतू ने कांड में उलझे अफसरों का पूरा रिकॉर्ड रखा था। नगर निगम के सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह का वीडियो के साथ खुलासा करने के बाद जीतू कुछ और लोगों के राज उजागर करने की तैयारी में था। अफसर पता कर रहे हैं कि हनी ट्रैप कांड के सारे सबूत इसे किसने दिए। उससे मिली एक-एक जानकारी सीधे डीजीपी को भेजी जा रही है। बताते हैं कि उसकी गिरफ्तारी के बाद हनी ट्रैप कांड में उलझे कई आईएएस, आईपीएस अफसर और राजनेताओं की नींद उड़ी हुई है। वे भी भोपाल से स्थानीय अफसरों से जानकारी ले रहे। माफिया फिर से न पनपे, पुलिस का सराहनीय काम: कमलनाथ हमने उन माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा था, जो 15 वर्षों में भाजपा सरकार में पनपे थे। माफियाओं की गिरफ्तारी पर पुलिस की सराहना करता हूं। -कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today मेडिकल के लिए जाता जीतू।




गुजरात से गिरफ्तार हुए 64 मामलों के आरोपी जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी ने पुलिस को बताया है कि 30 नवंबर को माय होम पर दबिश के बाद वह नौलखा से स्लीपर बस में बैठा और राजकोट गया। वहां से इंदौर में हो रही पुलिस, प्रशासन की हर गतिविधि की जानकारी लेता रहा। शुरुआत में खुद की सोने की चेन, अंगूठी बेचकर काम चलाया फिर, गुजरात, महाराष्ट्र में कारोबारियों, बुकियों, रिश्तेदार, दोस्तों के जरिए छिपने की व्यवस्था की। पहले भाइयों को सुरक्षित जगह ठहराया, फिर परिवार के अन्य लोगों की व्यवस्था की और खुद भूमिगत हो गया।

पुलिस की कार्यप्रणाली का जानकार होने से जीतू ने भागने के तुरंत बाद मोबाइल संपर्क तोड़ लिए। ड्राइवर को भी कुछ समय बाद अलग भेज दिया। इधर, क्राइम ब्रांच ड्राइवर की लोकेशन से पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत तक पहुंच गई। जीतू ने पूछताछ में कहा कि 6 माह की फरारी में उसने कई तनाव झेले। उसके होटल, अखबार व अन्य संस्थानों को जमींदोज किया, जिससे आर्थिक रीढ़ टूट गई। इधर, परिवार के सदस्य आरोपी बनने लगे तो पारिवारिक कलह होने लगी। कई बार तो परिवार के सदस्यों के तनाव के कारण उसने खुद को जिम्मेदार मान सुसाइड की ठान ली। जीतू ने कबूला कि वह विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन लुक आउट सर्कुलर (एसओसी) जारी होने से नहीं जा सका।

हवालात में कंबल पर लेटा पर सो नहीं पाया

जीतू को महिला थाने की सेल में रखा है व कैमरों से निगरानी की जा रही है। उसे कैदी की तरह फर्श पर कंबल डालकर लेटाया, रातभर उसे नींद नहीं आई। खाना भी कैदियों वाला दिया। सुबह परिवार से जुड़े एक युवक ने नाश्ता लाकर दिया।

कोरोना टेस्टभी करवाया
जीतू का कोविड टेस्ट भी हुआ। उसे पकड़ने वाले पुलिस जवानों की भी जांच करवाई गई है।

200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, रिश्तेदारों-ज्वेलर्स से बात के बाद मिला जीतू

फरार से गिरफ्तार होने तक की पूरी कहानी

1.60 लाख के इनामी जीतू की तलाश में पुलिस ने लगातार काम किया, पर सफलता 212 वें दिन मिली। इस अभियान की कमान क्राइम ब्रांच एएसपी राजेश दंडोतिया के पास थी। 46 लोगों की टीम ने फील्ड में और 6 ने इंदौर से पूरे अभियान डांसिंग इन डॉर्क को कंट्रोल किया। भास्कर ने 30 नवंबर से 28 जून तक के इस अभियान की पड़ताल की।

ड्राइवर की लोकेशन से द. भारत में चली खोज
जीतू के फरार होने के बाद ड्राइवर की लोकेशन से क्राइम ब्रांच की टीम केरल,ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र गई पर कोई इनपुट नहीं मिला। इसके बाद पश्चिम बंगाल, नेपाल में भी जांच की। दिल्ली में एक प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट में आवेदन से सुराग लगा कि जीतू मप्र या आसपास ही है।

कारोबारियों और कई ज्वेलर्स से बैठक
गुजरात का पता चलने के बाद दंडोतिया ने अहमदाबाद, सूरत व राजकोट के कुछ ज्वेलर्स व कारोबारियों से संपर्क किया। इनसे ज्यादा कुछ नहीं मिला। फिर जीतू के 200 से ज्यादा रिश्तेदार, परिचित, कारोबारी मित्रों से पूछताछ की। इसके बाद तकनीकी (साइबर) काम हुआ। इससे कई इनपुट मिले।

पत्नी और बहू के पास भी पहुंची टीम
अफसरों ने दो बार टीम को बदला। 24 जून को पांच जगह छापे मारे, पर जीतू भाग निकला। राजकोट में एक घर में जीतू की पत्नी और बहू मिली। ये दोनों बहुत साधारण स्थिति में रह रही थीं। इनसे पूछताछ की। इसके बाद राजकोट के बुकी राकेश पोपट और एक अन्य जगह दबिश दी गई।

देशी स्टाइल में रैकी और रात में द एंड
बड़े भाई महेंद्र के पकड़ाने के बाद तय हो गया कि जीतू गुजरात में ही छिपा है। वह भागने की फिराक में था, पर मौका नहीं मिला। महेंद्र के अलावा पत्नी व बहू से मिली जानकारी से पुुलिस जीतू के ठिकाने तक पहुंच गई। बिना मोबाइल जवानों के साथ रैकी कर देर रात गिरफ्तार कर लिया।

अफसरों का मुख्य सवाल ‘हनी ट्रैप कांड’ के फुटेज किसने दिए

जीतू सोनी से पूछताछ कर रहे अफसरों का मुख्य फोकस ‘हनी ट्रैप कांड’ की वह सीडी और हार्ड डिस्क है, जिसमें जीतू ने कांड में उलझे अफसरों का पूरा रिकॉर्ड रखा था। नगर निगम के सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह का वीडियो के साथ खुलासा करने के बाद जीतू कुछ और लोगों के राज उजागर करने की तैयारी में था। अफसर पता कर रहे हैं कि हनी ट्रैप कांड के सारे सबूत इसे किसने दिए। उससे मिली एक-एक जानकारी सीधे डीजीपी को भेजी जा रही है। बताते हैं कि उसकी गिरफ्तारी के बाद हनी ट्रैप कांड में उलझे कई आईएएस, आईपीएस अफसर और राजनेताओं की नींद उड़ी हुई है। वे भी भोपाल से स्थानीय अफसरों से जानकारी ले रहे।

माफिया फिर से न पनपे, पुलिस का सराहनीय काम: कमलनाथ
हमने उन माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा था, जो 15 वर्षों में भाजपा सरकार में पनपे थे। माफियाओं की गिरफ्तारी पर पुलिस की सराहना करता हूं।

-कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री

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मेडिकल के लिए जाता जीतू।
गुजरात से गिरफ्तार हुए 64 मामलों के आरोपी जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी ने पुलिस को बताया है कि 30 नवंबर को माय होम पर दबिश के बाद वह नौलखा से स्लीपर बस में बैठा और…
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लाॅकडाउन के कारण रजिस्ट्री कराने पर मिल रही पंजीयन शुल्क 0.5 प्रतिशत की छूट का फायदा लेने के लिए आज आखिरी दिन है। बुधवार एक जुलाई से पूरा स्टांप शुल्क पर रजिस्ट्री कराना हाेगा। यानी अभी 12 प्रतिशत स्टांप शुल्क के साथ रजिस्ट्री हाे रही थी, जाे एक जुलाई से 12.5 प्रतिशत स्टांप शुल्क के साथ हाेगी। शासन ने पहले पंजीयन शुल्क 3% की जगह 2.5% कर दिया था। अब फिर से 3 प्रतिशत पंजीयन शुल्क के साथ रजिस्ट्री हाेना शुरू हाे जाएगी। ऐसे समझे गणित उदाहरण के ताैर पर एक प्लाॅट यदि काेई व्यक्ति कहीं पर 10 लाख में खरीदता है ताे उसे एक लाख 20 हजार रुपए अभी रजिस्ट्री कराने के लिए देना पड़ रहे हैं, लेकिन अब 0.5 प्रतिशत शुल्क बढ़ जाने के बाद रजिस्ट्री कराने 1 लाख 25 हजार में देना हाेगा। यानी 5 हजार रुपए ज्यादा लगेंगे। राहत मंगलवार तक ही रहेगी। अभी पंजीयन शुल्क 2.5 प्रतिशत है, जो अब 3 प्रतिशत हो जाएगा अभी इतना स्टाम्प शुल्क शुल्क प्रतिशत स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत नपा कर 3 प्रतिशत ग्राम पंचायत कर 1 प्रतिशत उपकर 0.5 प्रतिशत पंजीयन शुल्क 2.5 प्रतिशत एक जुलाई से यह रही स्थिति शुल्क प्रतिशत स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत नपा कर 3 प्रतिशत ग्राम पंचायत कर 1 प्रतिशत उपकर- 0.5 प्रतिशत पंजीयन शुल्क 3 प्रतिशत ये थे शासन के हैं आदेश रजिस्ट्रार रमेश कुंभारे ने बताया शासन ने 30 जून तक 0.5% राशि कम की थी। उसी दर पर रजिस्ट्री हो रही थी। अब एक जुलाई से पूरे स्टांप शुल्क के साथ रजिस्ट्री हाेगी। 0.5% प्रतिशत की छूट खत्म हाे जाएगी। अब लॉकडाउन से पहले की तरह 12.5% स्टांप शुल्क पर रजिस्ट्री होगी। इससे राशि में कुछ इजाफा भी होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




लाॅकडाउन के कारण रजिस्ट्री कराने पर मिल रही पंजीयन शुल्क 0.5 प्रतिशत की छूट का फायदा लेने के लिए आज आखिरी दिन है। बुधवार एक जुलाई से पूरा स्टांप शुल्क पर रजिस्ट्री कराना हाेगा। यानी अभी 12 प्रतिशत स्टांप शुल्क के साथ रजिस्ट्री हाे रही थी, जाे एक जुलाई से 12.5 प्रतिशत स्टांप शुल्क के साथ हाेगी। शासन ने पहले पंजीयन शुल्क 3% की जगह 2.5% कर दिया था। अब फिर से 3 प्रतिशत पंजीयन शुल्क के साथ रजिस्ट्री हाेना शुरू हाे जाएगी।
ऐसे समझे गणित
उदाहरण के ताैर पर एक प्लाॅट यदि काेई व्यक्ति कहीं पर 10 लाख में खरीदता है ताे उसे एक लाख 20 हजार रुपए अभी रजिस्ट्री कराने के लिए देना पड़ रहे हैं, लेकिन अब 0.5 प्रतिशत शुल्क बढ़ जाने के बाद रजिस्ट्री कराने 1 लाख 25 हजार में देना हाेगा। यानी 5 हजार रुपए ज्यादा लगेंगे। राहत मंगलवार तक ही रहेगी।

अभी पंजीयन शुल्क 2.5 प्रतिशत है, जो अब 3 प्रतिशत हो जाएगा

अभी इतना स्टाम्प शुल्क

शुल्क प्रतिशत
स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत
नपा कर 3 प्रतिशत
ग्राम पंचायत कर 1 प्रतिशत
उपकर 0.5 प्रतिशत
पंजीयन शुल्क 2.5 प्रतिशत

एक जुलाई से यह रही स्थिति

शुल्क प्रतिशत
स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत
नपा कर 3 प्रतिशत
ग्राम पंचायत कर 1 प्रतिशत
उपकर- 0.5 प्रतिशत
पंजीयन शुल्क 3 प्रतिशत

ये थे शासन के हैं आदेश
रजिस्ट्रार रमेश कुंभारे ने बताया शासन ने 30 जून तक 0.5% राशि कम की थी। उसी दर पर रजिस्ट्री हो रही थी। अब एक जुलाई से पूरे स्टांप शुल्क के साथ रजिस्ट्री हाेगी। 0.5% प्रतिशत की छूट खत्म हाे जाएगी। अब लॉकडाउन से पहले की तरह 12.5% स्टांप शुल्क पर रजिस्ट्री होगी। इससे राशि में कुछ इजाफा भी होगा।

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लाॅकडाउन के कारण रजिस्ट्री कराने पर मिल रही पंजीयन शुल्क 0.5 प्रतिशत की छूट का फायदा लेने के लिए आज आखिरी दिन है। बुधवार एक जुलाई से पूरा स्टांप शुल्क पर रजिस…
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आरसीसी से निर्मित भवन जिनके दाम प्रति वर्गमीटर 7200 रु. थे, वह अब बढ़कर 11000 रु. प्रति वर्गमीटर हो जाएंगे। जबकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की कॉलोनियों में प्लॉट के दाम वही रहेंगे। रजिस्ट्रेशन शुल्क भी 2.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 फीसदी देना होगा। जिला मूल्यांकन समिति द्वारा 28 फरवरी को भेजे गए संपत्तियों के दामों को लेकर महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मप्र द्वारा खंडवा व बुरहानपुर जिले के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। खंडवा व बुरहानपुर जिले में 1 जुलाई से नई जगह व जमीनों के दाम बढ़ जाएंगे। जिला रजिस्ट्रार क्षिप्रा सेन ने बताया खंडवा व बुरहानपुर जिले में भूखंड व भवन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिला मूल्यांकन समिति ने 28 फरवरी के निर्देश के पालन में कुछ नए लोकेशन भेजे थे, जिसे स्वीकार किया गया है। नई गाइडलाइन 1 जुलाई से प्रभावी होगी। इसमें 20-21 में नई लोकेशन जुड़ेंगी, साथ ही आरसीसी कंट्रक्शन, अनिर्मित संपत्ति के दामों में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के भूखंडों की दरें पुरानी ही रहेंगी। पुरानी लोकेशन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। परिवर्तन केवल निर्मित संपत्ति में हुआ है। आरसीसी, आरबीसी, टीन शेड व कच्चा कवेलू में से केवल आरसीसी से निर्मित भवनों के दामों में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया पहले जिस भवन के दाम 7200 रु प्रति वर्गमीटर थे अब बढ़कर 11000 हो गए हैं, यानी निगम क्षेत्र में 3800 प्रति वर्गमीटर के दाम बढ़ गए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




आरसीसी से निर्मित भवन जिनके दाम प्रति वर्गमीटर 7200 रु. थे, वह अब बढ़कर 11000 रु. प्रति वर्गमीटर हो जाएंगे। जबकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की कॉलोनियों में प्लॉट के दाम वही रहेंगे। रजिस्ट्रेशन शुल्क भी 2.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 फीसदी देना होगा।

जिला मूल्यांकन समिति द्वारा 28 फरवरी को भेजे गए संपत्तियों के दामों को लेकर महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मप्र द्वारा खंडवा व बुरहानपुर जिले के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। खंडवा व बुरहानपुर जिले में 1 जुलाई से नई जगह व जमीनों के दाम बढ़ जाएंगे। जिला रजिस्ट्रार क्षिप्रा सेन ने बताया खंडवा व बुरहानपुर जिले में भूखंड व भवन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिला मूल्यांकन समिति ने 28 फरवरी के निर्देश के पालन में कुछ नए लोकेशन भेजे थे, जिसे स्वीकार किया गया है। नई गाइडलाइन 1 जुलाई से प्रभावी होगी। इसमें 20-21 में नई लोकेशन जुड़ेंगी, साथ ही आरसीसी कंट्रक्शन, अनिर्मित संपत्ति के दामों में बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने बताया ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के भूखंडों की दरें पुरानी ही रहेंगी। पुरानी लोकेशन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। परिवर्तन केवल निर्मित संपत्ति में हुआ है। आरसीसी, आरबीसी, टीन शेड व कच्चा कवेलू में से केवल आरसीसी से निर्मित भवनों के दामों में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया पहले जिस भवन के दाम 7200 रु प्रति वर्गमीटर थे अब बढ़कर 11000 हो गए हैं, यानी निगम क्षेत्र में 3800 प्रति वर्गमीटर के दाम बढ़ गए।

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आरसीसी से निर्मित भवन जिनके दाम प्रति वर्गमीटर 7200 रु. थे, वह अब बढ़कर 11000 रु. प्रति वर्गमीटर हो जाएंगे। जबकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की कॉलोनियों में प्लॉ…
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30 जून 2004 को डूब में आए हरसूद वासियों के हिस्से में पुनर्वास स्थल की लाल मिट्‌टी वाली जमीन आई थी, लेकिन उन्होंने यहां बसे दो हजार परिवारों ने 7 हजार से ज्यादा छायादार और फलदार पौधे रोपकर पूरे शहर को हरा-भरा कर दिया। 15 साल पौधों से पेड़ बनने तक इन लोगों ने बच्चों की तरह परवरिश की। आज नतीजा सबके सामने है। डूब के बाद 2400, 1500 और 540 वर्गफुट के भूखंडों पर विस्थापितों को नक्शे के मुताबिक भवन बनाने की अनुमति मिली। सेक्टर -1 के अशोक बौरासी और सेक्टर-2 के निवासी पूनमचंद प्रजापत ने बताया 2004-05 के शुरुआती दौर में टीनशेड और यहां-वहां रहकर मकान बनाने के दौरान यहां दूर-दूर तक पेड़ का ठिकाना नहीं था।लोगों ने आशियाने बनाने के साथ प्रकृति निर्माण का निर्णय लिया। खरज, बरगड़, आम व जामुन के पेड़ लगाए प्रत्येक परिवार ने प्लाट में मकान से बची खुली जमीन पर छायादार और फलदार पौधे लगाए। देखते-देखते ये पहल अप्रत्यक्ष रूप से अभियान और जरूरत बन गई। नतीजा ये हुआ कि आज एनएचडीसी के वनीकरण के अतिरिक्त पूरे नगर में 7000 से ज्यादा पेड़ लहलहा रहे हैं। पुनर्वास के लिए अधिग्रहित जमीन वर्षों से बंजर पड़ी थी। इसलिए उसमें उत्पादक क्षमता बहुत है। यहां छायादार पेड़ों में नीम, खरज, पीपल, बरगड़, फलदार में आम, जामुन नीबू, संतरा, बादाम, अंगूर, आंवला बहुतायत है। हरित क्रांति के कारण एक नजर में 9 सेक्टर में 2000 से ज्यादा परिवार बसे। पेड़ों का अभाव लोगों के लिए परेशानी का सबब बना। निजी जरूरत के लिए पेड़ लगाने का दौर शुरू हुआ। जमीन की उपलब्धता और पर्याप्त पानी ने इस पर्यावरण वृद्धि के कार्य में काफी मदद की। औसत हर परिवार में 2-2 छायादार और फलदार पेड़ लगाए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today नए हरसूद में हर तरफ हरियाली छाई है।




30 जून 2004 को डूब में आए हरसूद वासियों के हिस्से में पुनर्वास स्थल की लाल मिट्‌टी वाली जमीन आई थी, लेकिन उन्होंने यहां बसे दो हजार परिवारों ने 7 हजार से ज्यादा छायादार और फलदार पौधे रोपकर पूरे शहर को हरा-भरा कर दिया। 15 साल पौधों से पेड़ बनने तक इन लोगों ने बच्चों की तरह परवरिश की। आज नतीजा सबके सामने है।

डूब के बाद 2400, 1500 और 540 वर्गफुट के भूखंडों पर विस्थापितों को नक्शे के मुताबिक भवन बनाने की अनुमति मिली। सेक्टर -1 के अशोक बौरासी और सेक्टर-2 के निवासी पूनमचंद प्रजापत ने बताया 2004-05 के शुरुआती दौर में टीनशेड और यहां-वहां रहकर मकान बनाने के दौरान यहां दूर-दूर तक पेड़ का ठिकाना नहीं था।लोगों ने आशियाने बनाने के साथ प्रकृति निर्माण का निर्णय लिया।

खरज, बरगड़, आम व जामुन के पेड़ लगाए
प्रत्येक परिवार ने प्लाट में मकान से बची खुली जमीन पर छायादार और फलदार पौधे लगाए। देखते-देखते ये पहल अप्रत्यक्ष रूप से अभियान और जरूरत बन गई। नतीजा ये हुआ कि आज एनएचडीसी के वनीकरण के अतिरिक्त पूरे नगर में 7000 से ज्यादा पेड़ लहलहा रहे हैं। पुनर्वास के लिए अधिग्रहित जमीन वर्षों से बंजर पड़ी थी। इसलिए उसमें उत्पादक क्षमता बहुत है। यहां छायादार पेड़ों में नीम, खरज, पीपल, बरगड़, फलदार में आम, जामुन नीबू, संतरा, बादाम, अंगूर, आंवला बहुतायत है।

हरित क्रांति के कारण एक नजर में

9 सेक्टर में 2000 से ज्यादा परिवार बसे। पेड़ों का अभाव लोगों के लिए परेशानी का सबब बना।

निजी जरूरत के लिए पेड़ लगाने का दौर शुरू हुआ।

जमीन की उपलब्धता और पर्याप्त पानी ने इस पर्यावरण वृद्धि के कार्य में काफी मदद की।

औसत हर परिवार में 2-2 छायादार और फलदार पेड़ लगाए।

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नए हरसूद में हर तरफ हरियाली छाई है।
30 जून 2004 को डूब में आए हरसूद वासियों के हिस्से में पुनर्वास स्थल की लाल मिट्‌टी वाली जमीन आई थी, लेकिन उन्होंने यहां बसे दो हजार परिवारों ने 7 हजार से ज्या…
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अंशुल वाजपेयी,कोरोना संक्रमितों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अब दवाअाें के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभी जहां मरीजों को सामान्य भोजन दिया जा रहा है, वहीं आने वाले दिनों में संक्रमितों को भोजन में पनीर, छोले, राजमा की सब्जी के साथ बेसन मिले आटे की रोटियां परोसी जाएंगी। राेटी के लिए आटा गूंथने या माढ़ने के लिए पानी की जगह दूध का इस्तेमाल किया जाएगा। यह सारी कवायद खाने में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए की जाएगी। मरीजाें काे शाम के नाश्ते में अंकुरित मूंग भी दी जाएगी। चूंकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई मरीज इनमें से कुछ चीजों को पचा नहीं पाएंगे। इसको ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से डाइट चार्ट तैयार किया गया है। इसमें विशेषकर डायलिसिस और कैंसर कीमोथैरिपी के रोगियों को सलाद और फल नहीं दिए जाएंगे। अभी ये दिया जा रहा है सुबह 7-8 बजे: चाय, बिस्किट नाश्ता 8-9 बजे: दो केले, मौसमी फल, ब्रेड, बटर, अंडा खाना 12.30-1.30 बजे: दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मिठाई (रसगुल्ला या सेवई की खीर), सलाद शाम 4-5 बजे: चाय, बिस्कुट रात्रि 7-8 बजे: सब्जी, रोटी, दाल, चावल, मिठाई, सलाद अब ये दिया जाएगा सुबह 7-8 बजे: चाय, 20 ग्राम मूंगफली / भुने हुए चने / 4 बिस्किट नाश्ता 8-9 बजे: 1 कप दूध, अंडा, पोहा/उपमा/दलिया/पराठे, 1 केला/फल भोजन 12.30-1.30 बजे: रोटी/चावल + तुअर दाल/छोले/राजमा/साबुत दाल+ दही/रायता/पनीर+हरी सब्जी शाम 4-5 बजे: चाय + बिस्कुट/ अंकुरित मूंग रात्रि 7-8 बजे: रोटी/चावल+सब्जी + बिना छिलके वाली दाल+कस्टर्ड/खीर/सेवइयां/पनीर प्रोटीन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है संक्रमित मरीजों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। प्रोटीन न केवल शरीर के टिश्यू को ठीक करता है, बल्कि नए टिश्यू बनाने में भी सहायक होता है। प्रोटीन के लिए अंकुरित मूंग अच्छा स्त्रोत है। तुअर दाल, छोले व राजमा से भी प्रोटीन मिलता है। आटा गूंथने में पानी की जगह दूध का उपयोग से रोटी ज्यादा समय तक मुलायम रहेगी। उसमें ज्यादा पोषक तत्व भी मिलेंगे। डॉ. नेहा प्रसाद, फैकल्टी, आईएचएम Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Corona infected will now get cheese vegetable in the food, sprouted moong at breakfast; The dough will be kneaded with milk instead of water.




अंशुल वाजपेयी,कोरोना संक्रमितों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अब दवाअाें के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभी जहां मरीजों को सामान्य भोजन दिया जा रहा है, वहीं आने वाले दिनों में संक्रमितों को भोजन में पनीर, छोले, राजमा की सब्जी के साथ बेसन मिले आटे की रोटियां परोसी जाएंगी। राेटी के लिए आटा गूंथने या माढ़ने के लिए पानी की जगह दूध का इस्तेमाल किया जाएगा।

यह सारी कवायद खाने में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए की जाएगी। मरीजाें काे शाम के नाश्ते में अंकुरित मूंग भी दी जाएगी। चूंकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई मरीज इनमें से कुछ चीजों को पचा नहीं पाएंगे। इसको ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से डाइट चार्ट तैयार किया गया है। इसमें विशेषकर डायलिसिस और कैंसर कीमोथैरिपी के रोगियों को सलाद और फल नहीं दिए जाएंगे।

अभी ये दिया जा रहा है

सुबह 7-8 बजे: चाय, बिस्किट

नाश्ता 8-9 बजे: दो केले, मौसमी फल, ब्रेड, बटर, अंडा

खाना 12.30-1.30 बजे: दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मिठाई (रसगुल्ला या सेवई की खीर), सलाद

शाम 4-5 बजे: चाय, बिस्कुट

रात्रि 7-8 बजे: सब्जी, रोटी, दाल, चावल, मिठाई, सलाद

अब ये दिया जाएगा

सुबह 7-8 बजे: चाय, 20 ग्राम मूंगफली / भुने हुए चने / 4 बिस्किट

नाश्ता 8-9 बजे: 1 कप दूध, अंडा, पोहा/उपमा/दलिया/पराठे, 1 केला/फल

भोजन 12.30-1.30 बजे: रोटी/चावल + तुअर दाल/छोले/राजमा/साबुत दाल+ दही/रायता/पनीर+हरी सब्जी

शाम 4-5 बजे: चाय + बिस्कुट/ अंकुरित मूंग

रात्रि 7-8 बजे: रोटी/चावल+सब्जी + बिना छिलके वाली दाल+कस्टर्ड/खीर/सेवइयां/पनीर

प्रोटीन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है
संक्रमित मरीजों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। प्रोटीन न केवल शरीर के टिश्यू को ठीक करता है, बल्कि नए टिश्यू बनाने में भी सहायक होता है। प्रोटीन के लिए अंकुरित मूंग अच्छा स्त्रोत है। तुअर दाल, छोले व राजमा से भी प्रोटीन मिलता है। आटा गूंथने में पानी की जगह दूध का उपयोग से रोटी ज्यादा समय तक मुलायम रहेगी। उसमें ज्यादा पोषक तत्व भी मिलेंगे।
डॉ. नेहा प्रसाद, फैकल्टी, आईएचएम

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Corona infected will now get cheese vegetable in the food, sprouted moong at breakfast; The dough will be kneaded with milk instead of water.
अंशुल वाजपेयी, कोरोना संक्रमितों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अब दवाअाें के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभी जहां मरीजों को सामान्य …
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सांवेर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव की तैयारियों को लेकर रविवार को हुई कांग्रेस की बैठक में विवाद हो गया। कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद चिंटू चौकसे और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल में जमकर बहस हुई। बाकलीवाल आखिर में बैठक छोड़कर चले गए। चौकसे ने बाकलीवाल से कहा कि सुबह 10.30 बजे बैठक है और मुझे 9 बजे सूचना दी जा रही है। राजू भदौरिया ने भी चौकसे का साथ दिया। काफी देर हुई बहस के बाद बाकलीवाल बैठक छोड़ कर चले गए। विधायक विशाल पटेल ने उन्हें बुलाया। बाद में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी की मौजूदगी में विवाद सुलझाया गया। बैठक में विधायक संजय शुक्ला, प्रेमचंद गुड्डू, नरेंद्र सलूजा सहित अन्य कार्यकर्ता थे। कल लगाया था फोन, व्यस्त मिला: बाकलीवाल : बाकलीवाल ने कहा, मैं पार्टी फोरम पर अपनी बात रखूंगा। चौकसे को शनिवार को कॉल किया था, लेकिन व्यस्त मिला। रविवार को दोबारा कॉल किया। पार्टी का आपसी मामला है चौकसे ने पहले तो किसी तरह के विवाद से इनकार किया। बाद में कहा कि ये पार्टी का आपसी मामला है। सीएम शिवराज और चीन की पार्टी में सांठगांठ : कांग्रेस मीडिया से चर्चा में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, नरेंद्र सलूजा और अभय दुबे ने प्रधानमंत्री से भी चीन को लेकर सवाल पूछे। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जून 2016 की चीन यात्रा का खर्च वहां की कम्युनिस्ट पार्टी ने क्यों उठाया था? मुख्यमंत्री की उस पार्टी से क्या सांठ-गांठ है? पटवारी ने प्रधानमंत्री से भी पूछा कि वे क्यों चीन गए। वहां के राष्ट्रपति को क्यों बुलाया? अब भी चीन की हरकतों पर पीएम चुप क्यों हैं? Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




सांवेर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव की तैयारियों को लेकर रविवार को हुई कांग्रेस की बैठक में विवाद हो गया। कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद चिंटू चौकसे और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल में जमकर बहस हुई। बाकलीवाल आखिर में बैठक छोड़कर चले गए।
चौकसे ने बाकलीवाल से कहा कि सुबह 10.30 बजे बैठक है और मुझे 9 बजे सूचना दी जा रही है। राजू भदौरिया ने भी चौकसे का साथ दिया। काफी देर हुई बहस के बाद बाकलीवाल बैठक छोड़ कर चले गए। विधायक विशाल पटेल ने उन्हें बुलाया। बाद में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी की मौजूदगी में विवाद सुलझाया गया। बैठक में विधायक संजय शुक्ला, प्रेमचंद गुड्डू, नरेंद्र सलूजा सहित अन्य कार्यकर्ता थे।
कल लगाया था फोन, व्यस्त मिला: बाकलीवाल : बाकलीवाल ने कहा, मैं पार्टी फोरम पर अपनी बात रखूंगा। चौकसे को शनिवार को कॉल किया था, लेकिन व्यस्त मिला। रविवार को दोबारा कॉल किया।
पार्टी का आपसी मामला है

चौकसे ने पहले तो किसी तरह के विवाद से इनकार किया। बाद में कहा कि ये पार्टी का आपसी मामला है।

सीएम शिवराज और चीन की पार्टी में सांठगांठ : कांग्रेस

मीडिया से चर्चा में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, नरेंद्र सलूजा और अभय दुबे ने प्रधानमंत्री से भी चीन को लेकर सवाल पूछे। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जून 2016 की चीन यात्रा का खर्च वहां की कम्युनिस्ट पार्टी ने क्यों उठाया था? मुख्यमंत्री की उस पार्टी से क्या सांठ-गांठ है? पटवारी ने प्रधानमंत्री से भी पूछा कि वे क्यों चीन गए। वहां के राष्ट्रपति को क्यों बुलाया? अब भी चीन की हरकतों पर पीएम चुप क्यों हैं?

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सांवेर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव की तैयारियों को लेकर रविवार को हुई कांग्रेस की बैठक में विवाद हो गया। कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद चिंटू चौकसे और शहर कांग…
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वार्ड नंबर 4, 32, 47, 66 और 73 को जीरो वेस्ट वार्ड बनाने के लिए चार एनजीओ के प्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इसके तहत लोगों को घर में ही कंपोस्टिंग बिन लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एक कंपोस्टिंग बिन की लागत 700 से 2100 रुपए तक साइज और क्वालिटी के हिसाब से आती है। इससे लोग घरों में ही गीला कचरा उसमें डाल सकेंगे। इससे 45 से 60 दिन में वह खाद बन जाएगी। अभी तक यह व्यवस्था जीरो वेस्ट का खिताब हासिल कर चुके परमाणु नगर, आरआर कैट, क्लासिक पूर्णिमा, न्यूयार्क सिटी, सैंक्चुरी पार्क, रणजीत हनुमान मंदिर, जू, खजराना गणेश मंदिर व अन्य के पास है। एनजीओ को यह काम अक्टूबर तक करना है। इनर्ट जाएगा लैंडफिल के लिए : घरों में कंपोस्टिंग बिन लगने के बाद कचरा निकलना बंद हो जाएगा। एनजीओ घरों से सिर्फ सूखा कचरा ही लेगा। इसके सैग्रिगेशन के लिए वार्ड स्तर पर ही ड्राय वेस्ट सेंटर बनेगा। यहां कबाड़ में बिकने वाली चीजों को अलग किया जाएगा। बची हुई धूल या छोटे-छोटे पाउच जिसे रिसाइकिल नहीं किया जा सकता (इनर्ट) वही सिर्फ देवगुराड़िया में लैंड फिलिंग के लिए जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




वार्ड नंबर 4, 32, 47, 66 और 73 को जीरो वेस्ट वार्ड बनाने के लिए चार एनजीओ के प्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इसके तहत लोगों को घर में ही कंपोस्टिंग बिन लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एक कंपोस्टिंग बिन की लागत 700 से 2100 रुपए तक साइज और क्वालिटी के हिसाब से आती है। इससे लोग घरों में ही गीला कचरा उसमें डाल सकेंगे। इससे 45 से 60 दिन में वह खाद बन जाएगी। अभी तक यह व्यवस्था जीरो वेस्ट का खिताब हासिल कर चुके परमाणु नगर, आरआर कैट, क्लासिक पूर्णिमा, न्यूयार्क सिटी, सैंक्चुरी पार्क, रणजीत हनुमान मंदिर, जू, खजराना गणेश मंदिर व अन्य के पास है। एनजीओ को यह काम अक्टूबर तक करना है।
इनर्ट जाएगा लैंडफिल के लिए : घरों में कंपोस्टिंग बिन लगने के बाद कचरा निकलना बंद हो जाएगा। एनजीओ घरों से सिर्फ सूखा कचरा ही लेगा। इसके सैग्रिगेशन के लिए वार्ड स्तर पर ही ड्राय वेस्ट सेंटर बनेगा। यहां कबाड़ में बिकने वाली चीजों को अलग किया जाएगा। बची हुई धूल या छोटे-छोटे पाउच जिसे रिसाइकिल नहीं किया जा सकता (इनर्ट) वही सिर्फ देवगुराड़िया में लैंड फिलिंग के लिए जाएगा।

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वार्ड नंबर 4, 32, 47, 66 और 73 को जीरो वेस्ट वार्ड बनाने के लिए चार एनजीओ के प्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इसके तहत लोगों को घर में ही कंपोस्टि…
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जून की औसत बारिश का कोटा पूरा हो गया। शनिवार रात को 13 मिलीमीटर यानी आधा इंच के करीब बारिश हुई। इसे मिलाकर अब तक 125 मिमी (5 इंच) बारिश हो चुकी है। सोमवार से फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। पिछले साल 30 जून तक 5 इंच पानी गिरा था। इस बार 27 जून को ही औसत पानी बरस गया। अगले दो दिन पानी गिरा तो यह जून के औसत से ज्यादा होगा। वहीं बारिश के दिनों की बात की जाए जून में 14 दिन पानी गिरा है, जबकि औसत दिन सात ही माने जाते हैं। प्रदेश में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम सक्रिय होकर पानी बरसाएंगे। जून के आखिरी दिन से ही प्रदेश में इसका असर दिखने लगेगा। जुलाई के पहले सप्ताह में भी तेज बारिश के दौर आते रहेंगे। इंदौर भी इससे अछूता नहीं रहेगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today धूप खिली रही, नजारा केसरबाग ब्रिज का। फोटो : डॉ. रामकुमार श्रीवास्तव




जून की औसत बारिश का कोटा पूरा हो गया। शनिवार रात को 13 मिलीमीटर यानी आधा इंच के करीब बारिश हुई। इसे मिलाकर अब तक 125 मिमी (5 इंच) बारिश हो चुकी है। सोमवार से फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। पिछले साल 30 जून तक 5 इंच पानी गिरा था। इस बार 27 जून को ही औसत पानी बरस गया। अगले दो दिन पानी गिरा तो यह जून के औसत से ज्यादा होगा।

वहीं बारिश के दिनों की बात की जाए जून में 14 दिन पानी गिरा है, जबकि औसत दिन सात ही माने जाते हैं।
प्रदेश में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम सक्रिय होकर पानी बरसाएंगे। जून के आखिरी दिन से ही प्रदेश में इसका असर दिखने लगेगा। जुलाई के पहले सप्ताह में भी तेज बारिश के दौर आते रहेंगे। इंदौर भी इससे अछूता नहीं रहेगा।

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धूप खिली रही, नजारा केसरबाग ब्रिज का। फोटो : डॉ. रामकुमार श्रीवास्तव
जून की औसत बारिश का कोटा पूरा हो गया। शनिवार रात को 13 मिलीमीटर यानी आधा इंच के करीब बारिश हुई। इसे मिलाकर अब तक 125 मिमी (5 इंच) बारिश हो चुकी है। सोमवार से …
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|नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ नर्स की लापरवाही से प्रसूता का टॉयलेट में प्रसव हो गया है। नरवर विकासखंड के ग्राम छतरी निवासी प्रसूता रानी पत्नी राजेश ठाकुर को शाम के समय प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात 9 बजेलाया गया।प्रसूता के पति राजेश ठाकुर का कहना है कि पत्नी रानी को ड्यूटी पर तैनात नर्स आदर्श जादौन को दिखाया। उसने बताया कि डिलीवरी सुबह 5 बजे के करीब होगी। इसके बाद वह घर सोने चली गई और कुछ देर बात रात में पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो मैं नर्स के घर गया और प्रसव पीड़ा होने की बात कही। तो नर्स ने कहा कि उसे अस्पताल प्रांगण में टहलाओ डिलीवरी सुबह से पहले नहीं होगी और वहअपने घर में जाकर सो गई। राजेश का यह कहना है कि पत्नी को तेज प्रसव पीड़ा होने के बाद लघुशंका लगी जब उसे टॉयलेट में ले गए तभी उसने लड़के को जन्म दे दिया। राजेश का आरोप है कि यदि उसके परिजन की महिलाएं साथ नहीं होती तो उसकी पत्नी एवं उसके बच्चे को जान का खतरा हो सकता था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




|नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ नर्स की लापरवाही से प्रसूता का टॉयलेट में प्रसव हो गया है। नरवर विकासखंड के ग्राम छतरी निवासी प्रसूता रानी पत्नी राजेश ठाकुर को शाम के समय प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात 9 बजेलाया गया।प्रसूता के पति राजेश ठाकुर का कहना है कि पत्नी रानी को ड्यूटी पर तैनात नर्स आदर्श जादौन को दिखाया। उसने बताया कि डिलीवरी सुबह 5 बजे के करीब होगी। इसके बाद वह घर सोने चली गई और कुछ देर बात रात में पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो मैं नर्स के घर गया और प्रसव पीड़ा होने की बात कही। तो नर्स ने कहा कि उसे अस्पताल प्रांगण में टहलाओ डिलीवरी सुबह से पहले नहीं होगी और वहअपने घर में जाकर सो गई।

राजेश का यह कहना है कि पत्नी को तेज प्रसव पीड़ा होने के बाद लघुशंका लगी जब उसे टॉयलेट में ले गए तभी उसने लड़के को जन्म दे दिया। राजेश का आरोप है कि यदि उसके परिजन की महिलाएं साथ नहीं होती तो उसकी पत्नी एवं उसके बच्चे को जान का खतरा हो सकता था।

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|नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ नर्स की लापरवाही से प्रसूता का टॉयलेट में प्रसव हो गया है। नरवर विकासखंड के ग्राम …
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आईआईटी कैंपस में तेंदुए का पगमार्क देखा गया है। प्रबंधन ने कैंपस में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कैंपस में बेवजह नहीं घूमने की सलाह दी है। परिसर में रहने वाले परिवारों को सलाह दी गई है कि वे छोटे बच्चों को अकेले नहीं जाने दें। जून के पहले सप्ताह में भी एक तेंदुआ दिखा था। वन विभाग ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ा था। आईआईटी ने इसकी सूचना वन विभाग को भी दी है। आईआईटी की 500 में से 300 एकड़ में जंगल, इसलिए आते रहते हैं जंगली जानवर आईआईटी के पास सिमरोल में वैसे तो 501 एकड़ जमीन है, लेकिन उसमें से करीब 300 एकड़ पर घना जंगल है। आईआईटी की कई सारी सुविधाएं इस जंगल से सटे हुए क्षेत्र में बनी हैं। हालांकि सुरक्षा के सारे प्रबंध आईआईटी ने किए हैं। फिर भी तेंदुए, लकड़बग्घा, जंगली सूअर सहित अन्य जानवर कैंपस में घुस जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार बारिश में घने जंगल के बाहर भी पानी के कई स्रोत बन गए हैं, इसलिए भी जंगली जानवर बाहर आ चुके हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Leopard footprints seen in IIT, management advises people - do not go off unnecessarily




आईआईटी कैंपस में तेंदुए का पगमार्क देखा गया है। प्रबंधन ने कैंपस में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कैंपस में बेवजह नहीं घूमने की सलाह दी है। परिसर में रहने वाले परिवारों को सलाह दी गई है कि वे छोटे बच्चों को अकेले नहीं जाने दें। जून के पहले सप्ताह में भी एक तेंदुआ दिखा था। वन विभाग ने उसे पकड़कर जंगल में छोड़ा था। आईआईटी ने इसकी सूचना वन विभाग को भी दी है।
आईआईटी की 500 में से 300 एकड़ में जंगल, इसलिए आते रहते हैं जंगली जानवर

आईआईटी के पास सिमरोल में वैसे तो 501 एकड़ जमीन है, लेकिन उसमें से करीब 300 एकड़ पर घना जंगल है। आईआईटी की कई सारी सुविधाएं इस जंगल से सटे हुए क्षेत्र में बनी हैं। हालांकि सुरक्षा के सारे प्रबंध आईआईटी ने किए हैं। फिर भी तेंदुए, लकड़बग्घा, जंगली सूअर सहित अन्य जानवर कैंपस में घुस जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार बारिश में घने जंगल के बाहर भी पानी के कई स्रोत बन गए हैं, इसलिए भी जंगली जानवर बाहर आ चुके हैं।

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Leopard footprints seen in IIT, management advises people - do not go off unnecessarily
आईआईटी कैंपस में तेंदुए का पगमार्क देखा गया है। प्रबंधन ने कैंपस में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कैंपस में बेवजह नहीं घूमने की सलाह दी है। प…
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रविवार को सोमवारिया स्थित जैन मांगलिक भवन में दो संतों का समागत हुआ। आचार्यश्री 108 प्रमुखसागरजी महाराज चातुर्मास के लिए यहां विराजित हैं। प्रतिदिन श्रावक-श्राविकाओं को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं। उनसे मिलने महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी मधुसूदनानंदजी महाराज पधारे। दोनों संतों ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रावक-श्राविकाओं से देश को सर्वोपरि रखते हुए जीवन जीने की बात कही। आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य को सबसे ज्यादा प्यार देश से करना चाहिए, फिर मनुष्य और ईश्वर से करना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे। जब हम भारतवासी एकसाथ खड़े हो जाएंगे तो हमारीताकत देश की ताकत बनेगी। उन्होंने सभी को चीनी वस्तुओं के त्याग का संकल्प दिलाया। वहीं महामंडलेश्वर संतश्री ने कहा कि दिगंबर जैन साधु की तपस्या और त्याग बहुत अलग है। इनके बराबर हम त्याग नहीं कर सकते हैं। आचार्यश्री से भेंटकर उनका सान्निध्य मुझे मिला, मैं धन्य मानता हूं। हुमड़ समाज अध्यक्ष रितेश जैन ने बताया सुबह धर्मसभा दौरान अतिथि भाजपा नेता केकेसिंह कालूखेड़ा, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष कान्हसिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष डॉ. दिलीप शाकल्य मौजूद थे। चातुर्मास समिति अध्यक्ष महावीर मादावत, समाजअध्यक्ष पवन पाटनी ने अतिथियों का शाॅल-श्रीफल से सम्मान किया। दोपहर में एसपी गोरव तिवारी ने आचार्यश्री से भेंट की। वहीं एसडीएम राहुल धोटे अपने परिवार सहित आचार्यश्री प्रमुखसागरजी से मिले और आशीर्वाद लिया। पवन कलशधर, पुखराज सेठी, हिम्मत गंगवाल, नरेंद्र गोधा, राजेश कियावत, जंबुकूमार गंगवाल, अभिषेक अग्रवाल, मनोज राठौर, पंकज शाह आदि मौजूद थे। संचालन अंतिम कियावत ने किया। मालवा में लगेगा राष्ट्र धर्म कुंभ, धर्मगुरुओं सहित लाखों श्रद्धालु जुटेंगे महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 मधुसूदनानंदजी महाराज गोशाला रोड स्थित श्री गोपाल इफ्तेखार गोशाला पहुंचे। जहां उन्होंने कहा गोमाता को माता मानने से काम नहीं चलेगा। उसकी रक्षा करनी होगी तभी हम हमारी हजारों साल पुरानी संस्कृति को बचा पाएंगे। संस्कृति बचेगी तो राष्ट्र बचेगा और राष्ट्र आत्मनिर्भर बनेगा। जल्द ही मालवा क्षेत्र में राष्ट्र धर्म कुंभ(सम्मेलन) का आयोजन करेंगे। इसमें देश के धर्मगुरुओं सहित एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। संतश्री ने गोशाला का भ्रमण कर व्यवस्था देखी। भगवान शिव व गोमाता की पूजा की। विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने स्वामीजी का विशेष सम्मान किया। वहीं समिति अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय, केकेसिंह कालूखेड़ा, कानसिंह चौहान, डॉ. दिलीप शाकल्य, अशोक सेठिया, मोहन पटेल, भेरूलाल पाटीदार, प्रकाश मांदलिया, देवेंद्र शर्मा, राजेंद्र गर्ग, प्रमोद रावल आदि ने संतश्री का शाॅल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। संचालन उत्साह बरडिया ने किया। आभार सचिव अरविंद पाटीदार ने माना। राष्ट्र धर्म सम्मेलन की कार्ययोजना को लेकर बैठक में किय विचार आदिनाथ स्टेशनरी पर नगर भक्त मंडल ने सम्मान किया। यहां राष्ट्र धर्म सम्मेलन कार्ययोजना को लेकर बैठक हुई। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, नीमच जनपद अध्यक्ष जगदीश गुर्जर, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सैयद अमजद अली, रवि हेमावत ने स्वामीजी का शाॅल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। जनअभियान परिषद के युवराजसिंह राणावत, मधुसूदन पाटीदार, इंदिरा जोगी, उमेश शर्मा, अर्पित शिकारी, रमेश धाकड़ ने स्वामीजी का सम्मान किया। सुगनश्री परिसर में अनुज बरडिया के निवास पर सावन सेठिया, अभिनव बरडिया, अजय श्रीवास्तव, राहुल पहाडिया ने स्वागत हुआ। कॉलोनी के बगीचे में पौधरोपण किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




रविवार को सोमवारिया स्थित जैन मांगलिक भवन में दो संतों का समागत हुआ। आचार्यश्री 108 प्रमुखसागरजी महाराज चातुर्मास के लिए यहां विराजित हैं। प्रतिदिन श्रावक-श्राविकाओं को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं। उनसे मिलने महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी मधुसूदनानंदजी महाराज पधारे। दोनों संतों ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रावक-श्राविकाओं से देश को सर्वोपरि रखते हुए जीवन जीने की बात कही।
आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य को सबसे ज्यादा प्यार देश से करना चाहिए, फिर मनुष्य और ईश्वर से करना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे। जब हम भारतवासी एकसाथ खड़े हो जाएंगे तो हमारीताकत देश की ताकत बनेगी। उन्होंने सभी को चीनी वस्तुओं के त्याग का संकल्प दिलाया। वहीं महामंडलेश्वर संतश्री ने कहा कि दिगंबर जैन साधु की तपस्या और त्याग बहुत अलग है। इनके बराबर हम त्याग नहीं कर सकते हैं। आचार्यश्री से भेंटकर उनका सान्निध्य मुझे मिला, मैं धन्य मानता हूं। हुमड़ समाज अध्यक्ष रितेश जैन ने बताया सुबह धर्मसभा दौरान अतिथि भाजपा नेता केकेसिंह कालूखेड़ा, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष कान्हसिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष डॉ. दिलीप शाकल्य मौजूद थे।

चातुर्मास समिति अध्यक्ष महावीर मादावत, समाजअध्यक्ष पवन पाटनी ने अतिथियों का शाॅल-श्रीफल से सम्मान किया। दोपहर में एसपी गोरव तिवारी ने आचार्यश्री से भेंट की। वहीं एसडीएम राहुल धोटे अपने परिवार सहित आचार्यश्री प्रमुखसागरजी से मिले और आशीर्वाद लिया। पवन कलशधर, पुखराज सेठी, हिम्मत गंगवाल, नरेंद्र गोधा, राजेश कियावत, जंबुकूमार गंगवाल, अभिषेक अग्रवाल, मनोज राठौर, पंकज शाह आदि मौजूद थे। संचालन अंतिम कियावत ने किया।
मालवा में लगेगा राष्ट्र धर्म कुंभ, धर्मगुरुओं सहित लाखों श्रद्धालु जुटेंगे
महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 मधुसूदनानंदजी महाराज गोशाला रोड स्थित श्री गोपाल इफ्तेखार गोशाला पहुंचे। जहां उन्होंने कहा गोमाता को माता मानने से काम नहीं चलेगा। उसकी रक्षा करनी होगी तभी हम हमारी हजारों साल पुरानी संस्कृति को बचा पाएंगे। संस्कृति बचेगी तो राष्ट्र बचेगा और राष्ट्र आत्मनिर्भर बनेगा। जल्द ही मालवा क्षेत्र में राष्ट्र धर्म कुंभ(सम्मेलन) का आयोजन करेंगे। इसमें देश के धर्मगुरुओं सहित एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। संतश्री ने गोशाला का भ्रमण कर व्यवस्था देखी। भगवान शिव व गोमाता की पूजा की। विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने स्वामीजी का विशेष सम्मान किया। वहीं समिति अध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय, केकेसिंह कालूखेड़ा, कानसिंह चौहान, डॉ. दिलीप शाकल्य, अशोक सेठिया, मोहन पटेल, भेरूलाल पाटीदार, प्रकाश मांदलिया, देवेंद्र शर्मा, राजेंद्र गर्ग, प्रमोद रावल आदि ने संतश्री का शाॅल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। संचालन उत्साह बरडिया ने किया। आभार सचिव अरविंद पाटीदार ने माना।
राष्ट्र धर्म सम्मेलन की कार्ययोजना को लेकर बैठक में किय विचार
आदिनाथ स्टेशनरी पर नगर भक्त मंडल ने सम्मान किया। यहां राष्ट्र धर्म सम्मेलन कार्ययोजना को लेकर बैठक हुई। सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी, नीमच जनपद अध्यक्ष जगदीश गुर्जर, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सैयद अमजद अली, रवि हेमावत ने स्वामीजी का शाॅल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। जनअभियान परिषद के युवराजसिंह राणावत, मधुसूदन पाटीदार, इंदिरा जोगी, उमेश शर्मा, अर्पित शिकारी, रमेश धाकड़ ने स्वामीजी का सम्मान किया। सुगनश्री परिसर में अनुज बरडिया के निवास पर सावन सेठिया, अभिनव बरडिया, अजय श्रीवास्तव, राहुल पहाडिया ने स्वागत हुआ। कॉलोनी के बगीचे में पौधरोपण किया।

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रविवार को सोमवारिया स्थित जैन मांगलिक भवन में दो संतों का समागत हुआ। आचार्यश्री 108 प्रमुखसागरजी महाराज चातुर्मास के लिए यहां विराजित हैं। प्रतिदिन श्रावक-श्र…
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शहर में जीतू सोनी ही वह शख्स है, जिससे संबंध निभाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकांश पुलिसकर्मी अब शहर में नहीं हैं। एडीजी वरुण कपूर : जीतू पर कार्रवाई के दौरान ही हटा दिया गया था। कार्रवाई और धरपकड़ के दौरान सख्ती नहीं दिखाने की बातें कही जा रही थीं। डीआईजी रुचि वर्धन मिश्र: सबसे फ्रंट लीड में रही। जीतू के खिलाफ आए पीड़ितों की सुनवाई कर एफआईआर दर्ज की और उसके कभी एम्पायर गिराए। एसपी युसूफ कुरैशी : टीम को लीड किया, लेकिन खुलकर कभी सामने नहीं आए। क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह: जीतू के खिलाफ तथ्य जुटाए, लेकिन उस तक पहुंचने का इंटेलीजेंस फेल रहा। एएसपी प्रशांत चौबे : जीतू के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में जांंच का जिम्मा था। कार्रवाई भी की। एएसपी शैलेंद्र सिंह : जीतू के अखबार को ध्वस्त करने की मुहिम में डटे रहे। जीतू के बेटे अमित की गिरफ्तारी के बाद कड़ी पूछताछ भी की। सीएसपी ज्योति उमठ : स्थानीय सीएसपी होने के नाते मानव तस्करी केस में कई अहम साक्ष्य जुटाने में मदद की। माय होम से रेस्क्यू की गई युवतियों के बयान में अहम किरदार में थीं। पलासिया टीआई शशिकांत चौरसिया : जीतू के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हटा दिया गया था, लेकिन हनी ट्रैप की सही जांच न करने का आरोप लगा था। चौरसिया ही जीतू और उसके रिश्तेदारों पर मानव तस्करी सहित अन्य धाराओं में फरियादी बने थे। टीआई धैर्यशील यैवले : 23 जनवरी 2017 में माय होम में एक डांसर ने फांसी लगा ली थी। उसमें ठीक से जांच नहीं करने पर गाज गिरी। उनके साथ दो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई। 6 राज्यों के 14 शहरों में की तलाशी, तब आया पकड़ में जीतू की तलाश में 46 लोगों की टीमें लगी थी। वहीं 3 सीएसपी, 4 टीआई भी इंदौर व आसपास के जिलों में निगरानी रखते थे। क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मप्र के 14 शहरों में उसे तलाश चुकी थी। हनी ट्रैप से जुड़ी कोई हार्डडिस्क, पेन ड्राइव, दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक आयटम जीतू के पास से नहीं मिला। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जीतू सोनी ने सरेंडर कर दिया है।




शहर में जीतू सोनी ही वह शख्स है, जिससे संबंध निभाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकांश पुलिसकर्मी अब शहर में नहीं हैं।

एडीजी वरुण कपूर : जीतू पर कार्रवाई के दौरान ही हटा दिया गया था। कार्रवाई और धरपकड़ के दौरान सख्ती नहीं दिखाने की बातें कही जा रही थीं।

डीआईजी रुचि वर्धन मिश्र: सबसे फ्रंट लीड में रही। जीतू के खिलाफ आए पीड़ितों की सुनवाई कर एफआईआर दर्ज की और उसके कभी एम्पायर गिराए।

एसपी युसूफ कुरैशी : टीम को लीड किया, लेकिन खुलकर कभी सामने नहीं आए।

क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह: जीतू के खिलाफ तथ्य जुटाए, लेकिन उस तक पहुंचने का इंटेलीजेंस फेल रहा।

एएसपी प्रशांत चौबे : जीतू के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में जांंच का जिम्मा था। कार्रवाई भी की।

एएसपी शैलेंद्र सिंह : जीतू के अखबार को ध्वस्त करने की मुहिम में डटे रहे। जीतू के बेटे अमित की गिरफ्तारी के बाद कड़ी पूछताछ भी की।

सीएसपी ज्योति उमठ : स्थानीय सीएसपी होने के नाते मानव तस्करी केस में कई अहम साक्ष्य जुटाने में मदद की। माय होम से रेस्क्यू की गई युवतियों के बयान में अहम किरदार में थीं।

पलासिया टीआई शशिकांत चौरसिया : जीतू के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हटा दिया गया था, लेकिन हनी ट्रैप की सही जांच न करने का आरोप लगा था। चौरसिया ही जीतू और उसके रिश्तेदारों पर मानव तस्करी सहित अन्य धाराओं में फरियादी बने थे।

टीआई धैर्यशील यैवले : 23 जनवरी 2017 में माय होम में एक डांसर ने फांसी लगा ली थी। उसमें ठीक से जांच नहीं करने पर गाज गिरी। उनके साथ दो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई।

6 राज्यों के 14 शहरों में की तलाशी, तब आया पकड़ में

जीतू की तलाश में 46 लोगों की टीमें लगी थी। वहीं 3 सीएसपी, 4 टीआई भी इंदौर व आसपास के जिलों में निगरानी रखते थे।

क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मप्र के 14 शहरों में उसे तलाश चुकी थी।

हनी ट्रैप से जुड़ी कोई हार्डडिस्क, पेन ड्राइव, दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक आयटम जीतू के पास से नहीं मिला।

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जीतू सोनी ने सरेंडर कर दिया है।
शहर में जीतू सोनी ही वह शख्स है, जिससे संबंध निभाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकांश पुलिसकर्मी अब शहर में नहीं हैं। एडीजी वरुण कपूर : जीतू पर कार्…
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बस स्टैंड क्षेत्र में बनी 50 साल पुरानी पेयजल टंकी जर्जर होने के साथ खतरा बन गई थी। इसे गिराने का काम शुक्रवार से पंचायत ने शुरू कर दिया है। इससे पेयजल सप्लाई की व्यवस्था बिगड़ गई। शुक्रवार को लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ ट्यूबवेल पर कतार लगाकर पानी भरते दिखे तो कुछ लोगों ने से पानी की व्यवस्था की। अब तक गांव में पेयजल का एकमात्र स्त्रोत पेयजल टंकी थी। ग्रामीणों में आक्रोश है कि गांव में ना तो नवीन टंकी संबंधी कोई आदेश आया और ना कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। ग्रामीणों को पानी के लिए ट्यूबवेल और कुओं पर भटकना पड़ रहा है। गांव के कन्हैयालाल पाटीदार, भारतसिंह सोलंकी ने बताया पंचायत को टंकी गिराने से पहले पानी सप्लाई के लिए पाइपलाइन को ट्यूबवेल से जोड़ देना चाहिए था। ताकि लोगों को पानी के लिए इधर-उधर ना भटक ना पड़े। मामले में पंचायत सचिव अभय जैन ने कहा पानी का वाॅल्व टंकी के नीचे लगे होने के कारण ट्यूबवेल से सीधा नहीं जोड़ा जा सकता है। अभी टंकी गिराने एवं उसका वेस्टेज उठने तक बस स्टैंड एवं हनुमान मंदिर के पास लगे ट्यूबवेल पर पानी भरने की व्यवस्था की है। दो हफ्ते बाद पंचायत परिसर के कुएं में पानी इकट्ठा कर पूरे गांव में नल-जल योजना के तहत पानी सप्लाई किया जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




बस स्टैंड क्षेत्र में बनी 50 साल पुरानी पेयजल टंकी जर्जर होने के साथ खतरा बन गई थी। इसे गिराने का काम शुक्रवार से पंचायत ने शुरू कर दिया है। इससे पेयजल सप्लाई की व्यवस्था बिगड़ गई। शुक्रवार को लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ ट्यूबवेल पर कतार लगाकर पानी भरते दिखे तो कुछ लोगों ने से पानी की व्यवस्था की।
अब तक गांव में पेयजल का एकमात्र स्त्रोत पेयजल टंकी थी। ग्रामीणों में आक्रोश है कि गांव में ना तो नवीन टंकी संबंधी कोई आदेश आया और ना कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। ग्रामीणों को पानी के लिए ट्यूबवेल और कुओं पर भटकना पड़ रहा है। गांव के कन्हैयालाल पाटीदार, भारतसिंह सोलंकी ने बताया पंचायत को टंकी गिराने से पहले पानी सप्लाई के लिए पाइपलाइन को ट्यूबवेल से जोड़ देना चाहिए था। ताकि लोगों को पानी के लिए इधर-उधर ना भटक ना पड़े। मामले में पंचायत सचिव अभय जैन ने कहा पानी का वाॅल्व टंकी के नीचे लगे होने के कारण ट्यूबवेल से सीधा नहीं जोड़ा जा सकता है। अभी टंकी गिराने एवं उसका वेस्टेज उठने तक बस स्टैंड एवं हनुमान मंदिर के पास लगे ट्यूबवेल पर पानी भरने की व्यवस्था की है। दो हफ्ते बाद पंचायत परिसर के कुएं में पानी इकट्ठा कर पूरे गांव में नल-जल योजना के तहत पानी सप्लाई किया जाएगा।

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बस स्टैंड क्षेत्र में बनी 50 साल पुरानी पेयजल टंकी जर्जर होने के साथ खतरा बन गई थी। इसे गिराने का काम शुक्रवार से पंचायत ने शुरू कर दिया है। इससे पेयजल सप्लाई…
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कैँट बोर्ड द्वारा संचालित विवेकानंद प्राइमरी स्कूल का उन्नयन किया जा रहा है। बोर्ड में लिए गए संकल्प^ के अनुसार इस स्कूल को पूर्णत: अंग्रेजी मीडियम का स्कूल बनाना है। नि:शुल्क अाधार पर संचालित इस स्कूल के जीर्णोद्धार और उन्नयन का मीडिया पार्टनर दैनिक भास्कर है। इसी तारतम्य में भास्कर की ओर से एक्सपर्ट के रूप में नामचीन कॉलोनाइजर इंजीनियर प्रकाश चौबे ने स्कूल के काम का मुआयना किया। इस दौरान सीईओ राजीवकुमार समेत कैंट का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। इंजी. चौबे ने विभिन्न उपाय व सलाह दीं। सीईओ कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्कूल का अधिकांश काम सितंबर 2020 तक पूरा करा लें ताकि स्कूल ओपन होने की स्थिति में हम कक्षाएं शुरु कर सकें। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




कैँट बोर्ड द्वारा संचालित विवेकानंद प्राइमरी स्कूल का उन्नयन किया जा रहा है। बोर्ड में लिए गए संकल्प^ के अनुसार इस स्कूल को पूर्णत: अंग्रेजी मीडियम का स्कूल बनाना है। नि:शुल्क अाधार पर संचालित इस स्कूल के जीर्णोद्धार और उन्नयन का मीडिया पार्टनर दैनिक भास्कर है। इसी तारतम्य में भास्कर की ओर से एक्सपर्ट के रूप में नामचीन कॉलोनाइजर इंजीनियर प्रकाश चौबे ने स्कूल के काम का मुआयना किया। इस दौरान सीईओ राजीवकुमार समेत कैंट का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। इंजी. चौबे ने विभिन्न उपाय व सलाह दीं। सीईओ कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्कूल का अधिकांश काम सितंबर 2020 तक पूरा करा लें ताकि स्कूल ओपन होने की स्थिति में हम कक्षाएं शुरु कर सकें।

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कैँट बोर्ड द्वारा संचालित विवेकानंद प्राइमरी स्कूल का उन्नयन किया जा रहा है। बोर्ड में लिए गए संकल्प^ के अनुसार इस स्कूल को पूर्णत: अंग्रेजी मीडियम का स्कूल ब…
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कोरोना महामारी के कारण नियम-शर्तों के साथ शहर के मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खोले दिए गए हैं, अब एक सप्ताह बाद ही हिंदू संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्वों का सिलसिला शुरू हो रहा है। इनमें 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी, 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और 6 जुलाई से सावन माह का शुभारंभ होगा। पं. रोहित दुबे ने बताया कि इस बार लंबे अर्से बाद पाँच सोमवार वाले सावन माह का आगमन हो रहा है, जो भक्तों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। देवशयनी एकादशी पर सभी देवी-देवता योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस मान्यता के कारण लगभग चार माह देवउठनी एकादशी (25 नवंबर) तक सभी मांगलिक कार्य नहीं होंगे, लेकिन जप, तप, दान, व्रत, हवन आदि जारी रहेंगे। गुरु पूर्णिमा पर ऑनलाइन दर्शन गुरु पूर्णिमा पर्व 5 जुलाई को मनाया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना संक्रमण से बचाव के कारण इस बार गुरु-शिष्यों के मिलन पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। इस स्थिति में शिष्यों को अपने गुरुओं के चित्र पूजन, मानसिक नमस्कार एवं संचार साधनों की मदद लेनी होगी। गुरु पूर्णिमा के साथ ही चातुर्मासिक अनुष्ठानों का सिलसिला विभिन्न समाजों में शुरू हो जाएगा। हालाँकि इस बार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आश्रमों में ऑनलाइन दर्शन करने की व्यवस्था की जा रही है। ताकि आश्रम में शिष्यों को आने से रोका जा सके। सोमवार से शुुरूआत और सोमवार को समापन पं. वासुदेव शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष सावन मास का शुभारंभ 6 जुलाई को सोमवार से होगा और समापन भी 3 अगस्त सोमवार को ही होगा। लंबे अंतराल बाद इस बार सावन में पाँच सोमवार आ रहे हैं, जो ज्योतिषियों की दृष्टि से शुभ संकेत है। पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि सोमवार शिवजी का प्रिय दिन होता है। चंद्रमा का एक नाम सोम भी है। चंद्रमा को शाप लगने पर उन्होंने सोमनाथ की आराधना कर शाप से मुक्ति पाई थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today




कोरोना महामारी के कारण नियम-शर्तों के साथ शहर के मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खोले दिए गए हैं, अब एक सप्ताह बाद ही हिंदू संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्वों का सिलसिला शुरू हो रहा है। इनमें 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी, 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा और 6 जुलाई से सावन माह का शुभारंभ होगा। पं. रोहित दुबे ने बताया कि इस बार लंबे अर्से बाद पाँच सोमवार वाले सावन माह का आगमन हो रहा है, जो भक्तों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। देवशयनी एकादशी पर सभी देवी-देवता योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस मान्यता के कारण लगभग चार माह देवउठनी एकादशी (25 नवंबर) तक सभी मांगलिक कार्य नहीं होंगे, लेकिन जप, तप, दान, व्रत, हवन आदि जारी रहेंगे।

गुरु पूर्णिमा पर ऑनलाइन दर्शन

गुरु पूर्णिमा पर्व 5 जुलाई को मनाया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना संक्रमण से बचाव के कारण इस बार गुरु-शिष्यों के मिलन पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। इस स्थिति में शिष्यों को अपने गुरुओं के चित्र पूजन, मानसिक नमस्कार एवं संचार साधनों की मदद लेनी होगी। गुरु पूर्णिमा के साथ ही चातुर्मासिक अनुष्ठानों का सिलसिला विभिन्न समाजों में शुरू हो जाएगा। हालाँकि इस बार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आश्रमों में ऑनलाइन दर्शन करने की व्यवस्था की जा रही है। ताकि आश्रम में शिष्यों को आने से रोका जा सके।
सोमवार से शुुरूआत और सोमवार को समापन

पं. वासुदेव शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष सावन मास का शुभारंभ 6 जुलाई को सोमवार से होगा और समापन भी 3 अगस्त सोमवार को ही होगा। लंबे अंतराल बाद इस बार सावन में पाँच सोमवार आ रहे हैं, जो ज्योतिषियों की दृष्टि से शुभ संकेत है। पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि सोमवार शिवजी का प्रिय दिन होता है। चंद्रमा का एक नाम सोम भी है। चंद्रमा को शाप लगने पर उन्होंने सोमनाथ की आराधना कर शाप से मुक्ति पाई थी।

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कोरोना महामारी के कारण नियम-शर्तों के साथ शहर के मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खोले दिए गए हैं, अब एक सप्ताह बाद ही हिंदू संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्वों का सिलस…
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60-70 के दशक में नलिया बाखलकी गलियों में क्रिकेट खेलने वाले जीतू सोनी के स्कूली जीवन की शुरुआत राज मोहल्ला के जिस सरकारी स्कूल में हुई, उसे लोग ‘आशिक मियां के स्कूल’ के नाम से जानते थे। स्कूल का नाम यह नहीं था। भवन की पहचान आशिक मिया से थी। इसलिए यही नाम पड़ गया। आशिक मियां के यहां आए दिन पुलिस की दबिश पड़ती। वजह कभी जुआ होती तो कभी शराब। छापा पड़ता, उस दिन स्कूल की छुट्‌टी। परेशान होकर जीतू के पिताजी ने उसके छठवीं में आते ही स्कूल बदलवाया और मोहल्ले के बाकी बच्चों के साथ वैष्णव स्कूल में भर्ती करवा दिया। बहुत ही सीधा-सादा, पासिंग मार्क से खुश रहने वाला औसत विद्यार्थी था जीतू। दाल-बाटी का ऐसा शौकीन कि जिस दोस्त के घर बने, उस दिन का जीमना वहीं। इधर, सराफा मेंं पिता जगजीवन भाई यानी जग्गू भाई प्रतिष्ठित व्यापारी थे। गोल्ड कंट्रोल के जमाने में इनकी दुकान के पास ही लाइसेंस था। खरे सोने जैसा खरा व्यापार। जीतू ने भाइयों के साथ दुकान पर काम सीखा, पर मन कहीं ओर था। 1990 आते-आते उसने दुकान की पेढ़ी चढ़ना कम कर दी। वह साल उसके जीवन का टर्निंग पॉइंट था। पत्रकारिता के साथ दूसरे कारोबार शुरू किए। एक बिल्डर के साथ जुड़ा। दो-तीन इमारतों में पार्टनरशिप की। फिर माय होम होटल का सौदा किया। यहां से प्रॉपर्टी में दखलंदाजी, कमीशन और धमकी का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जो 2020 जनवरी में 64वां केस दर्ज होने तक जारी रहा। इस बीच जिस अखबार में पार्टनर था, उसे खरीदा। एक चैनल चलाया। माय होम होटल में मुंबई के डांस बार जैसे कारनामे किए। हां, इस बीच एक दिन जीतू को अपने स्कूल के दोस्त याद आए। चार-पांच साल पहले वैष्णव स्कूल की 1974 की बैच को सोशल मीडिया से इकट्‌ठा किया और निपानिया क्षेत्र के फार्म हाउस में पुराने दोस्तों के साथ (एलुमिनाई) यादें ताजा की। -जैसा स्कूल के समय के दोस्तों और सराफा व्यापारियों ने बताया Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today जीतू सोनी




60-70 के दशक में नलिया बाखलकी गलियों में क्रिकेट खेलने वाले जीतू सोनी के स्कूली जीवन की शुरुआत राज मोहल्ला के जिस सरकारी स्कूल में हुई, उसे लोग ‘आशिक मियां के स्कूल’ के नाम से जानते थे। स्कूल का नाम यह नहीं था। भवन की पहचान आशिक मिया से थी। इसलिए यही नाम पड़ गया। आशिक मियां के यहां आए दिन पुलिस की दबिश पड़ती। वजह कभी जुआ होती तो कभी शराब। छापा पड़ता, उस दिन स्कूल की छुट्‌टी। परेशान होकर जीतू के पिताजी ने उसके छठवीं में आते ही स्कूल बदलवाया और मोहल्ले के बाकी बच्चों के साथ वैष्णव स्कूल में भर्ती करवा दिया। बहुत ही सीधा-सादा, पासिंग मार्क से खुश रहने वाला औसत विद्यार्थी था जीतू। दाल-बाटी का ऐसा शौकीन कि जिस दोस्त के घर बने, उस दिन का जीमना वहीं।

इधर, सराफा मेंं पिता जगजीवन भाई यानी जग्गू भाई प्रतिष्ठित व्यापारी थे। गोल्ड कंट्रोल के जमाने में इनकी दुकान के पास ही लाइसेंस था। खरे सोने जैसा खरा व्यापार। जीतू ने भाइयों के साथ दुकान पर काम सीखा, पर मन कहीं ओर था। 1990 आते-आते उसने दुकान की पेढ़ी चढ़ना कम कर दी। वह साल उसके जीवन का टर्निंग पॉइंट था। पत्रकारिता के साथ दूसरे कारोबार शुरू किए। एक बिल्डर के साथ जुड़ा।

दो-तीन इमारतों में पार्टनरशिप की। फिर माय होम होटल का सौदा किया। यहां से प्रॉपर्टी में दखलंदाजी, कमीशन और धमकी का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जो 2020 जनवरी में 64वां केस दर्ज होने तक जारी रहा। इस बीच जिस अखबार में पार्टनर था, उसे खरीदा। एक चैनल चलाया। माय होम होटल में मुंबई के डांस बार जैसे कारनामे किए। हां, इस बीच एक दिन जीतू को अपने स्कूल के दोस्त याद आए। चार-पांच साल पहले वैष्णव स्कूल की 1974 की बैच को सोशल मीडिया से इकट्‌ठा किया और निपानिया क्षेत्र के फार्म हाउस में पुराने दोस्तों के साथ (एलुमिनाई) यादें ताजा की।
-जैसा स्कूल के समय के दोस्तों और सराफा व्यापारियों ने बताया

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जीतू सोनी
60-70 के दशक में नलिया बाखलकी गलियों में क्रिकेट खेलने वाले जीतू सोनी के स्कूली जीवन की शुरुआत राज मोहल्ला के जिस सरकारी स्कूल में हुई, उसे लोग ‘आशिक मियां के…
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