पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में गबन और सरकारी राशि के निजी उपयोग के मामलों में कार्रवाई कछुआ चाल चल रही है। प्रशासन ने 9 साल पहले सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले में जनपद पंचायत जैसीनगर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत औरिया के सरपंच पर अब जाकर 1.10 लाख रुपए की वसूली निकाली है। तहसीलदार को 15 दिन के अंदर इस राशि की वसूली करने या फिर सरपंच के खिलाफ सिविल जेल की कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत औरिया की पूर्व सरपंच नीलमणी के विरूद्ध मनरेगा योजना अंतर्गत उठाए गए खाद्यान की राशि नवनिर्वाचित सरपंच को न सौंपने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैसीनगर ने 5 जुलाई 2011 को धारा 92 का प्रकरण पंजीबद्ध किया था। साथ ही सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसका जवाब पूर्व सरपंच ने दे दिया है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सरपंच के खिलाफ 1 लाख 10 हजार रुपए की वसूली निकाली गई है। तहसीलदार जैसीनगर को वसूली करने के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही 15 दिन में वसूली करने निर्देश दिए गए हैं। इस समयावधि में वसूली नहीं होने पर पूर्व सरपंच को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(2) के तहत सिविल जेल भेजने के निर्देश दिए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में गबन और सरकारी राशि के निजी उपयोग के मामलों में कार्रवाई कछुआ चाल चल रही है। प्रशासन ने 9 साल पहले सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले में जनपद पंचायत जैसीनगर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत औरिया के सरपंच पर अब जाकर 1.10 लाख रुपए की वसूली निकाली है। तहसीलदार को 15 दिन के अंदर इस राशि की वसूली करने या फिर सरपंच के खिलाफ सिविल जेल की कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत औरिया की पूर्व सरपंच नीलमणी के विरूद्ध मनरेगा योजना अंतर्गत उठाए गए खाद्यान की राशि नवनिर्वाचित सरपंच को न सौंपने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैसीनगर ने 5 जुलाई 2011 को धारा 92 का प्रकरण पंजीबद्ध किया था। साथ ही सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसका जवाब पूर्व सरपंच ने दे दिया है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सरपंच के खिलाफ 1 लाख 10 हजार रुपए की वसूली निकाली गई है। तहसीलदार जैसीनगर को वसूली करने के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही 15 दिन में वसूली करने निर्देश दिए गए हैं। इस समयावधि में वसूली नहीं होने पर पूर्व सरपंच को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(2) के तहत सिविल जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।




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