बंडा के वार्ड क्रमांक 2, 3 और 4 की राशन दुकान के प्रबंधक और विक्रेता को हरिओम महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष द्वारा नियम विरुद्ध हटाए जाने का मामला सामने आया है। विक्रेता और प्रबंधक ने इस मामले में समिति अध्यक्ष पर बैठक बुलाए बगैर नए प्रबंधक एवं विक्रेता की नियुक्ति करने, उसके हिस्से के दो लाख रुपए हड़पने तथा इस मामले में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा जारी आदेश की अवहेलना करने के आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत जिला आपूर्ति नियंत्रक से की गई है। शिकायत में पूर्व प्रबंधक अर्जुन सिंह लोधी तथा विक्रेता जगभान लोधी ने कहा है कि 2013 से लगातार कार्यरत हैं। समिति अध्यक्ष रामकली मेहदेले ने 24 मई 2019 को आदेश जारी कर दोनों की सेवाएं समाप्त कर दीं। लेकिन इससे पहले समिति ने किसी तरह का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया था। साथ ही कोई प्रबंधक और विक्रेता के खिलाफ जांच भी नहीं कराई गई और आदेश जारी कर सेवाएं समाप्त कर दी गई। समिति अध्यक्ष पर नए विक्रेता को चार्ज के दौरान पंचनामा के जरिए खाद्य सामग्री विक्रय कर राशि वापस पूर्व प्रबंधक को देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन समिति अध्यक्ष ने यह राशि (2 लाख रुपए) हड़प ली है। इस मामले में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं पीके सिद्धार्थ की कोर्ट में केस लगाया गया था। सुनवाई के बाद संयुक्त पंजीयक ने 27 फरवरी 2020 को समिति के आदेश को निरस्त कर एक माह में बोलता हुआ न्यायोचित आदेश पारित करने के आदेश दिए हैं। करीब 4 माह का वक्त गुजर जाने के बाद भी समिति ने संयुक्त पंजीयक के आदेश पर अमल नहीं किया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक से आदेश का पालन कराने की मांग की गई है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


बंडा के वार्ड क्रमांक 2, 3 और 4 की राशन दुकान के प्रबंधक और विक्रेता को हरिओम महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष द्वारा नियम विरुद्ध हटाए जाने का मामला सामने आया है। विक्रेता और प्रबंधक ने इस मामले में समिति अध्यक्ष पर बैठक बुलाए बगैर नए प्रबंधक एवं विक्रेता की नियुक्ति करने, उसके हिस्से के दो लाख रुपए हड़पने तथा इस मामले में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा जारी आदेश की अवहेलना करने के आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत जिला आपूर्ति नियंत्रक से की गई है।
शिकायत में पूर्व प्रबंधक अर्जुन सिंह लोधी तथा विक्रेता जगभान लोधी ने कहा है कि 2013 से लगातार कार्यरत हैं। समिति अध्यक्ष रामकली मेहदेले ने 24 मई 2019 को आदेश जारी कर दोनों की सेवाएं समाप्त कर दीं। लेकिन इससे पहले समिति ने किसी तरह का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया था। साथ ही कोई प्रबंधक और विक्रेता के खिलाफ जांच भी नहीं कराई गई और आदेश जारी कर सेवाएं समाप्त कर दी गई। समिति अध्यक्ष पर नए विक्रेता को चार्ज के दौरान पंचनामा के जरिए खाद्य सामग्री विक्रय कर राशि वापस पूर्व प्रबंधक को देने के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन समिति अध्यक्ष ने यह राशि (2 लाख रुपए) हड़प ली है। इस मामले में संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं पीके सिद्धार्थ की कोर्ट में केस लगाया गया था। सुनवाई के बाद संयुक्त पंजीयक ने 27 फरवरी 2020 को समिति के आदेश को निरस्त कर एक माह में बोलता हुआ न्यायोचित आदेश पारित करने के आदेश दिए हैं। करीब 4 माह का वक्त गुजर जाने के बाद भी समिति ने संयुक्त पंजीयक के आदेश पर अमल नहीं किया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक से आदेश का पालन कराने की मांग की गई है।



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