गांव के जागरूक युवा ने पंचायत दर्पण वेबसाइट पर जाकर अपने गांव और पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी देखी। पता चला कई सारे काम स्वीकृत हुए और कागजों पर पूरे भी बता दिए। पंचायत के 5 से 6 सीसी रोड आज भी अधूरे पड़े हैं। ये सब देखकर गांव के लोग कलेक्टर के पास पहुंचे और शिकायती आवेदन दिया। सरपंच और सचिव की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। मेघनगर जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सजेली तेजा भीमजी साथ में हुए कामों के बारे में गांव के युवक कैलाश निनामा ने पंचायत दर्पण वेबसाइट पर देखा। पता चला, मंगलिया के घर से जोगी गणावा के घर तक 3 लाख 12 हजार का सीसी रोड व नाली निर्माण बताया और इसमें सीमेंट, गिट्टी के पैसे निकाल लिए गए। खजूरी वाला नाला में सिर्फ पाइप डाले गए, पुलिया नहीं बनाया। 3 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए। सांसद निधि, विधायक निधि की राशि भी नहीं छोड़ी। कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच का आश्वासन दिया है। कुकड़ीपाड़ा में जांच हुई, कार्रवाई नहीं : इसी तरह का मामला पहले थांदला क्षेत्र की कुकड़ीपाड़ा ग्राम पंचायत का था। पिछले साल यहां की रहने वाली छात्रा रेखा निनामा ने पंचायत दर्पण से पता किया था लाखों रुपए के काम फर्जी तौर पर बता दिए। पैसा निकल गया, लेकिन न सड़क बनी न नालियां। रेखा की शिकायत के बाद जांच में कईे फर्जीवाड़े पता भी चले, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। गांव वाले बार-बार जिला पंचायत सीईओ के चक्कर काटते रह गए। रेखा को पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराना पड़ी थी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


गांव के जागरूक युवा ने पंचायत दर्पण वेबसाइट पर जाकर अपने गांव और पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी देखी। पता चला कई सारे काम स्वीकृत हुए और कागजों पर पूरे भी बता दिए। पंचायत के 5 से 6 सीसी रोड आज भी अधूरे पड़े हैं। ये सब देखकर गांव के लोग कलेक्टर के पास पहुंचे और शिकायती आवेदन दिया। सरपंच और सचिव की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
मेघनगर जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सजेली तेजा भीमजी साथ में हुए कामों के बारे में गांव के युवक कैलाश निनामा ने पंचायत दर्पण वेबसाइट पर देखा। पता चला, मंगलिया के घर से जोगी गणावा के घर तक 3 लाख 12 हजार का सीसी रोड व नाली निर्माण बताया और इसमें सीमेंट, गिट्टी के पैसे निकाल लिए गए। खजूरी वाला नाला में सिर्फ पाइप डाले गए, पुलिया नहीं बनाया। 3 लाख 50 हजार रुपए निकाल लिए। सांसद निधि, विधायक निधि की राशि भी नहीं छोड़ी। कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच का आश्वासन दिया है।
कुकड़ीपाड़ा में जांच हुई, कार्रवाई नहीं : इसी तरह का मामला पहले थांदला क्षेत्र की कुकड़ीपाड़ा ग्राम पंचायत का था। पिछले साल यहां की रहने वाली छात्रा रेखा निनामा ने पंचायत दर्पण से पता किया था लाखों रुपए के काम फर्जी तौर पर बता दिए। पैसा निकल गया, लेकिन न सड़क बनी न नालियां। रेखा की शिकायत के बाद जांच में कईे फर्जीवाड़े पता भी चले, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। गांव वाले बार-बार जिला पंचायत सीईओ के चक्कर काटते रह गए। रेखा को पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराना पड़ी थी।



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