स्नातक औरस्नातकोत्तर स्तर पर जनरल प्रमोशन की घोषणा होने के बाद विक्रम विवि को शासन की ओर से जारी की जाने वाली गाइड लाइन का इंतजार है। वहीं जनरल प्रमोशन में सबसे बड़ी समस्या उन विद्यार्थियों को आ सकती है, जिन्होंने परीक्षा फीस जमा नहीं करवाई है। परीक्षा फीस जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों के जनरल प्रमोशन को लेकर विवि के अधिकारी भी असमंजस में हैं। हालांकि उनका कहना है शासन की गाइड लाइन आने के बाद जनरल प्रमोशन प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। जनरल प्रमोशन की गाइड लाइन पर विक्रम के 1.43 लाख से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य का फैसला होगा। विवि के अंतर्गत उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा के कॉलेजों में पढ़ने वाले स्नातक स्तर के 1 लाख 23 हजार 837 औरस्नातकोत्तर स्तर के 19862 विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने परीक्षा के लिए फॉर्म ही जमा नहीं किए थे। उनके बारे में भी शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई करेंगे। स्नातक स्तर पर सबसे ज्यादा 1.23 लाख से अधिक विद्यार्थी पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष तृतीय वर्ष बीए 27890 22740 14874 बीएससी 11331 9876 6746 बीबीए 1616 1162 948 बीसीए 466 524 770 बीकॉम 8831 8110 6604 बीकॉम ऑनर्स 299 389 371 बीएचएससी 105 98 87 इसलिए बना असमंजस विवि औरकॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए पहले परीक्षा फॉर्म जमा कराने की प्रक्रिया होती है। ऑनलाइन परीक्षा फीस जमा करने के बाद ही विद्यार्थी परीक्षा में बैठ सकते हैं। ऐसी स्थिति में विवि उन विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने से इनकार कर सकता है, जिन्होंने परीक्षा फीस ही जमा नहीं की। अगर ऐसा हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र संगठनों का विरोध भी झेलना पड़ेगा। इसलिए विश्वविद्यालय इस बारे में अभी कुछ भी कहने से बच रहा है। वहीं परीक्षा फीस जमा करवाने के लिए ऑनलाइन लिंक भी खोलना पड़ेगी, जिससे रिजल्ट जारी करने में आैर भी वक्त लग सकता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


स्नातक औरस्नातकोत्तर स्तर पर जनरल प्रमोशन की घोषणा होने के बाद विक्रम विवि को शासन की ओर से जारी की जाने वाली गाइड लाइन का इंतजार है। वहीं जनरल प्रमोशन में सबसे बड़ी समस्या उन विद्यार्थियों को आ सकती है, जिन्होंने परीक्षा फीस जमा नहीं करवाई है।

परीक्षा फीस जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों के जनरल प्रमोशन को लेकर विवि के अधिकारी भी असमंजस में हैं। हालांकि उनका कहना है शासन की गाइड लाइन आने के बाद जनरल प्रमोशन प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। जनरल प्रमोशन की गाइड लाइन पर विक्रम के 1.43 लाख से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य का फैसला होगा।

विवि के अंतर्गत उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा के कॉलेजों में पढ़ने वाले स्नातक स्तर के 1 लाख 23 हजार 837 औरस्नातकोत्तर स्तर के 19862 विद्यार्थी प्रभावित होंगे। कुलानुशासक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने परीक्षा के लिए फॉर्म ही जमा नहीं किए थे। उनके बारे में भी शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई करेंगे।

स्नातक स्तर पर सबसे ज्यादा 1.23 लाख से अधिक विद्यार्थी
पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष तृतीय वर्ष
बीए 27890 22740 14874
बीएससी 11331 9876 6746
बीबीए 1616 1162 948
बीसीए 466 524 770
बीकॉम 8831 8110 6604
बीकॉम ऑनर्स 299 389 371
बीएचएससी 105 98 87

इसलिए बना असमंजस
विवि औरकॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं के लिए पहले परीक्षा फॉर्म जमा कराने की प्रक्रिया होती है। ऑनलाइन परीक्षा फीस जमा करने के बाद ही विद्यार्थी परीक्षा में बैठ सकते हैं। ऐसी स्थिति में विवि उन विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देने से इनकार कर सकता है, जिन्होंने परीक्षा फीस ही जमा नहीं की। अगर ऐसा हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र संगठनों का विरोध भी झेलना पड़ेगा। इसलिए विश्वविद्यालय इस बारे में अभी कुछ भी कहने से बच रहा है। वहीं परीक्षा फीस जमा करवाने के लिए ऑनलाइन लिंक भी खोलना पड़ेगी, जिससे रिजल्ट जारी करने में आैर भी वक्त लग सकता है।



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