बाेवनी शुरू होते ही प्याज मंडी में हो रही आवक आधी से भी कम रह गई। वहीं साप्ताहिक अवकाश को रविवार से बदलकर शनिवार करने का असर भी मंडी में दिख रहा है। साप्ताहिक अवकाश बदलने की सूचना किसानों को नहीं होने से अब घोषित अवकाश के दिन शनिवार को किसान मंडी पहुंचते देखे जा रहे हैं। वहीं रविवार के दिन मंडी खुली होने के बावजूद गिने-चुने किसान आ रहे हैं। शनिवार को भी 2000 क्विंटल प्याज ही आया, 4 से 8.50 रुपए किलो तक बिका। लहसुन के 80 कट्टे आए और 2000 से 6000 क्विंटल तक बिका। शनिवार को जो भी माल आया वह भी ज्यादातर देवास, उज्जैन, आगर, राजगढ़ के किसानों का आया। जिले के किसान मंडी में नीलामी में नहीं आए। महामारी के कारण प्रशासन ने 4 मई से ही अवकाश का दिन बदलकर शनिवार की जगह रविवार कर दिया है। इस कारण अधिकतर किसान जानकारी के अभाव में शनिवार को उपज लेकर नहीं आते बल्कि रविवार को लाते हैं जब मंडी का अवकाश होता है। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका माल अगले दिन सोमवार को नीलाम होता है। ऐसा पिछले आठ शनिवार से ऐसा हो रहा है। मंडी लेखाकार अशोक जोशी ने बताया व्यापारियों के कहने पर ही अवकाश का दिन बदला गया है। व्यापारियों का कहना था कि सब्जी मंडी जब तक शुरू नहीं हो जाती तब तक अवकाश बदलकर शनिवार किया जाए। यह फैसला व्यापारियों द्वारा ही लिया गया था। अगर परेशानी बढ़ती है और व्यापारी कहते हैं तो फिर से शनिवार का अवकाश कर सकते हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Onion arrival in less than half in four days


बाेवनी शुरू होते ही प्याज मंडी में हो रही आवक आधी से भी कम रह गई। वहीं साप्ताहिक अवकाश को रविवार से बदलकर शनिवार करने का असर भी मंडी में दिख रहा है। साप्ताहिक अवकाश बदलने की सूचना किसानों को नहीं होने से अब घोषित अवकाश के दिन शनिवार को किसान मंडी पहुंचते देखे जा रहे हैं। वहीं रविवार के दिन मंडी खुली होने के बावजूद गिने-चुने किसान आ रहे हैं।
शनिवार को भी 2000 क्विंटल प्याज ही आया, 4 से 8.50 रुपए किलो तक बिका। लहसुन के 80 कट्टे आए और 2000 से 6000 क्विंटल तक बिका। शनिवार को जो भी माल आया वह भी ज्यादातर देवास, उज्जैन, आगर, राजगढ़ के किसानों का आया। जिले के किसान मंडी में नीलामी में नहीं आए। महामारी के कारण प्रशासन ने 4 मई से ही अवकाश का दिन बदलकर शनिवार की जगह रविवार कर दिया है। इस कारण अधिकतर किसान जानकारी के अभाव में शनिवार को उपज लेकर नहीं आते बल्कि रविवार को लाते हैं जब मंडी का अवकाश होता है। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका माल अगले दिन सोमवार को नीलाम होता है। ऐसा पिछले आठ शनिवार से ऐसा हो रहा है।
मंडी लेखाकार अशोक जोशी ने बताया व्यापारियों के कहने पर ही अवकाश का दिन बदला गया है। व्यापारियों का कहना था कि सब्जी मंडी जब तक शुरू नहीं हो जाती तब तक अवकाश बदलकर शनिवार किया जाए। यह फैसला व्यापारियों द्वारा ही लिया गया था। अगर परेशानी बढ़ती है और व्यापारी कहते हैं तो फिर से शनिवार का अवकाश कर सकते हैं।



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