लॉकडाउन खुलने के बाद शहर में 20 दिनों में ढाई हजार गाड़ियां बिक गईं। इनमें 600 कारें और बाकी दो पहिया वाहन हैं। वाहन डीलर्स के मुताबिक खरीददारों में देवास-पीथमपुर जाने वाले और पालक व टीचर्ज ज्यादा हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद गाड़ियों की डिमांड और बढ़ेगी। चूंकि ये लोग लोक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कोरोना के कारण अब इसके उपयोग से बचना चाहते हैं। एक कारण अभी लोन की ब्याज दरें कम होना भी है। इसलिए बढ़ी खरीदी: पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स और इंदौर (आदी) के चेयरमैन प्रवीण पटेल का कहना है कि कहीं भी आने-जाने के लिए लोग आवागमन का सुरक्षित साधन चाहते हैं। 30 फीसदी ग्राहक इस बात को स्वीकार भी कर रहे हैं कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते हैं इसलिए गाड़ी खरीद रहे हैं। इनमें देवास और पीथमपुर की फैक्ट्रियों में बस से जाने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा उपनगर से इंदौर आने वाले लोग भी निजी गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोन की ब्याज दर कम होना भी मांग बढ़ने का एक कारण है। पटेल के अनुसार, आगामी समय में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद डिमांड और बढ़ेगी। पालक और टीचर बसों तथा टैक्सी की अपेक्षा निजी वाहन को प्राथमिकता देंगे। एक कारण यह भी... वाहनों की होम डिलीवरी ने बढ़ाया कमर्शियल का मार्केट एसोसिएशन के ज्वॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि लॉकडाउन में कई चीजों की होम डिलीवरी शुरू हुई है। ऐसे में लोडिंग गाड़ियों की अचानक मांग बढ़ी है हालांकि अभी उपलब्धता सीमित है। कार खरीदने में लोग जरूरत को प्राथमिकता दे रहे हैं। साढ़े चार से 4 लाख तक की गाड़ियों की मांग 6 से 10 लाख के मुकाबले ज्यादा है। ऐसे ग्राहकों की संख्या भी ज्यादा है जिनके पास पहले से एक कार है। अन्य सदस्यों के लिए वे दूसरी कार ले रहे हैं। एक अलग सेग्मेंट में एसयूवी गाड़ियों की मांग भी बढ़ी है। दूसरे शहर भी लोग ट्रेन और हवाई जहाज की जगह कार से जा रहे हैं। अपने वाहन से जाएंगे, यहां कराई कार बुक, ताकि मुंबई में हो सफर आसान कार खरीदने वाले सुमित शर्मा ने बताया कि मुंबई में एक कार है, लेकिन वहां की स्थिति देखकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं करूंगा। दोस्त की गाड़ी से परिवार को लेकर इंदौर आया था। अपने लिए नई गाड़ी बुक की है। जाने से पहले डिलीवरी लूंगा, वहां की स्थिति सामान्य होने के बाद उसी गाड़ी से मुंबई जाऊंगा। बस और फ्लाइट अभी मुझे सुरक्षित नहीं लगते। राहुल सिंह बताते हैं, कार तो पहले ही बुक की थी। नवरात्रि में डिलीवरी लेना थी। लॉकडाउन की वजह से अब मिल पाई है लेकिन ये भी अच्छा हुआ क्योंकि अभी ज्यादा जरूरत है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


लॉकडाउन खुलने के बाद शहर में 20 दिनों में ढाई हजार गाड़ियां बिक गईं। इनमें 600 कारें और बाकी दो पहिया वाहन हैं। वाहन डीलर्स के मुताबिक खरीददारों में देवास-पीथमपुर जाने वाले और पालक व टीचर्ज ज्यादा हैं। स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद गाड़ियों की डिमांड और बढ़ेगी। चूंकि ये लोग लोक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कोरोना के कारण अब इसके उपयोग से बचना चाहते हैं। एक कारण अभी लोन की ब्याज दरें कम होना भी है।

इसलिए बढ़ी खरीदी: पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते
एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स और इंदौर (आदी) के चेयरमैन प्रवीण पटेल का कहना है कि कहीं भी आने-जाने के लिए लोग आवागमन का सुरक्षित साधन चाहते हैं। 30 फीसदी ग्राहक इस बात को स्वीकार भी कर रहे हैं कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बचना चाहते हैं इसलिए गाड़ी खरीद रहे हैं। इनमें देवास और पीथमपुर की फैक्ट्रियों में बस से जाने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा उपनगर से इंदौर आने वाले लोग भी निजी गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोन की ब्याज दर कम होना भी मांग बढ़ने का एक कारण है। पटेल के अनुसार, आगामी समय में स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद डिमांड और बढ़ेगी। पालक और टीचर बसों तथा टैक्सी की अपेक्षा निजी वाहन को प्राथमिकता देंगे।

एक कारण यह भी... वाहनों की होम डिलीवरी ने बढ़ाया कमर्शियल का मार्केट
एसोसिएशन के ज्वॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि लॉकडाउन में कई चीजों की होम डिलीवरी शुरू हुई है। ऐसे में लोडिंग गाड़ियों की अचानक मांग बढ़ी है हालांकि अभी उपलब्धता सीमित है। कार खरीदने में लोग जरूरत को प्राथमिकता दे रहे हैं। साढ़े चार से 4 लाख तक की गाड़ियों की मांग 6 से 10 लाख के मुकाबले ज्यादा है। ऐसे ग्राहकों की संख्या भी ज्यादा है जिनके पास पहले से एक कार है। अन्य सदस्यों के लिए वे दूसरी कार ले रहे हैं। एक अलग सेग्मेंट में एसयूवी गाड़ियों की मांग भी बढ़ी है। दूसरे शहर भी लोग ट्रेन और हवाई जहाज की जगह कार से जा रहे हैं।

अपने वाहन से जाएंगे, यहां कराई कार बुक, ताकि मुंबई में हो सफर आसान
कार खरीदने वाले सुमित शर्मा ने बताया कि मुंबई में एक कार है, लेकिन वहां की स्थिति देखकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं करूंगा। दोस्त की गाड़ी से परिवार को लेकर इंदौर आया था। अपने लिए नई गाड़ी बुक की है। जाने से पहले डिलीवरी लूंगा, वहां की स्थिति सामान्य होने के बाद उसी गाड़ी से मुंबई जाऊंगा। बस और फ्लाइट अभी मुझे सुरक्षित नहीं लगते। राहुल सिंह बताते हैं, कार तो पहले ही बुक की थी। नवरात्रि में डिलीवरी लेना थी। लॉकडाउन की वजह से अब मिल पाई है लेकिन ये भी अच्छा हुआ क्योंकि अभी ज्यादा जरूरत है।



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