प्रणय जैन ,काेराेना के कहर के बीच शहरवासियाें के लिए यह राहतभरी खबर है कि अब जिन मरीजाें में काेराेना के लक्षण नहीं हैं पर उनकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है। ऐसे मरीज अस्पताल की बजाय घर पर ही रहकर स्वस्थ हाे रहे हैं। तहसील का पहला ऐसा केस पिगडंबर में पांच साल के बालक के साथ हुआ है, जिसमें काेराेना के लक्षण नहीं थे, उसकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई। इसके बाद प्रशासन ने उसे घर में ही पूरा ट्रीटमेंट दिया। इसके बाद अब उसकी रिपाेर्ट निगेटिव आई है और वह पूरी तरह स्वस्थ भी हाे चुका है। तहसील के पिगडंबर स्थित आम्रपाली काॅलाेनी में रहने वाले बालक की 7 जून काे काेराेना की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई थी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने बालक काे अस्पताल भेजने की बजाय घर पर ही उपचार देने की याेजना बनाई। बालक के परिवार काे पूरा ट्रीटमेंट चार्ट दिया गया। इसमंे बालक काे दिनभर में पांच लीटर करीब गर्म पानी, दाे बार काढ़ा, मल्टी विटामिन दवाइयां देने की प्रक्रिया बताई गई। इसके अलवा उसे घर में अलग कमरे मंे रखने के साथ ही परिवार के लाेगांे काे उसके पास जाने के लिए पीपीई किट भी दी गई। बीएमओ डाॅ. संजय जैन ने बताया सात दिन तक उपचार के बाद बालक की दूसरी रिपाेर्ट ली गई। इसमें बालक की रिपाेर्ट निगेटिव आई और अब बालक पूरी तरह स्वस्थ हाे चुका है। तहसील का यह पहला मामला है, जिसमें हाेम आइसाेलेशन में पाॅजिटिव मरीज काे उपचार देकर ठीक किया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


प्रणय जैन ,काेराेना के कहर के बीच शहरवासियाें के लिए यह राहतभरी खबर है कि अब जिन मरीजाें में काेराेना के लक्षण नहीं हैं पर उनकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई है। ऐसे मरीज अस्पताल की बजाय घर पर ही रहकर स्वस्थ हाे रहे हैं। तहसील का पहला ऐसा केस पिगडंबर में पांच साल के बालक के साथ हुआ है, जिसमें काेराेना के लक्षण नहीं थे, उसकी रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई। इसके बाद प्रशासन ने उसे घर में ही पूरा ट्रीटमेंट दिया। इसके बाद अब उसकी रिपाेर्ट निगेटिव आई है और वह पूरी तरह स्वस्थ भी हाे चुका है।
तहसील के पिगडंबर स्थित आम्रपाली काॅलाेनी में रहने वाले बालक की 7 जून काे काेराेना की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई थी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने बालक काे अस्पताल भेजने की बजाय घर पर ही उपचार देने की याेजना बनाई। बालक के परिवार काे पूरा ट्रीटमेंट चार्ट दिया गया। इसमंे बालक काे दिनभर में पांच लीटर करीब गर्म पानी, दाे बार काढ़ा, मल्टी विटामिन दवाइयां देने की प्रक्रिया बताई गई। इसके अलवा उसे घर में अलग कमरे मंे रखने के साथ ही परिवार के लाेगांे काे उसके पास जाने के लिए पीपीई किट भी दी गई। बीएमओ डाॅ. संजय जैन ने बताया सात दिन तक उपचार के बाद बालक की दूसरी रिपाेर्ट ली गई। इसमें बालक की रिपाेर्ट निगेटिव आई और अब बालक पूरी तरह स्वस्थ हाे चुका है। तहसील का यह पहला मामला है, जिसमें हाेम आइसाेलेशन में पाॅजिटिव मरीज काे उपचार देकर ठीक किया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3g7B2uf
via IFTTT

No comments:

Post a Comment