अमर शहीद लांसनायक राजेंद्र यादव की 21वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनकी जन्मस्थली स्थित शहीद स्मारक पर मनाई जाएगी। लेकिन लॉकडाउन के चलते पहली बार सलामी और सर्वधर्म सभा नहीं होगी। शहीद यादव के परिजनों की मौजूदगी में केवल पूर्व सैनिक कल्याण समिति और शहीद स्मारक समिति के सदस्य 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देंगे। प्रशासनिक अधिकारी, आर्मी व पुलिस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। राजेंद्र यादव वर्ष 1999 में देश के कारगिल क्षेत्र में युद्ध के दौरान 30 मई को शहीद हुए थे। उसके बाद से हर साल यहां पुण्यतिथि कार्यक्रम हो रहा है। शाम को शहीद स्मारक समिति कवि सम्मेलन भी रखती है। पूर्व सैनिक कल्याण समिति कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया पुण्यतिथि पर आयोजन के लिए एसडीएम से चर्चा हुई थी। लेकिन लॉकडाउन के चलते अनुमति नहीं दी गई। अब सैनिक कल्याण समिति व शहीद स्मारक समिति सदस्य ही श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। स्मारक पर छतरी का काम अधूरा, सूख रहे पौधे शहीद स्मारक की छतरी का निर्माण फरवरी में शुरू हुआ था। पूर्व मंत्री सचिन यादव ने 2.40 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। लॉकडाउन में काम पूरा नहीं हो सका। स्मारक समिति के भूपेंद्र गुप्ता व शहीद के भाई ओंकार यादव ने बताते हैं स्वीकृत राशि खर्च हो चुकी है। 1 लाख रुपए अब भी पंचायत ने नहीं दिए है। जबकि निर्माण का स्टीमेट करीब 8 लाख रुपए का है। समिति सदस्यों ने लोगों के सहयोग से निर्माण पूरा करने का निर्णय लिया है। स्मारक स्थल पर लगाए पेड़-पौधे सिंचाई न होने से सूख रहे हैं। प्रशासन ने यहां ट्यूबवेल करवाया था। लेकिन उसमें मोटरपंप नहीं है। मानदेय नहीं मिलने से पिछले 4 माह से चौकीदार नहीं आ रहा है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today For the first time in 21 years, Amar Shaheed will not salute on the death anniversary of Rajendra Yadav


अमर शहीद लांसनायक राजेंद्र यादव की 21वीं पुण्यतिथि शनिवार को उनकी जन्मस्थली स्थित शहीद स्मारक पर मनाई जाएगी। लेकिन लॉकडाउन के चलते पहली बार सलामी और सर्वधर्म सभा नहीं होगी। शहीद यादव के परिजनों की मौजूदगी में केवल पूर्व सैनिक कल्याण समिति और शहीद स्मारक समिति के सदस्य 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देंगे। प्रशासनिक अधिकारी, आर्मी व पुलिस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। राजेंद्र यादव वर्ष 1999 में देश के कारगिल क्षेत्र में युद्ध के दौरान 30 मई को शहीद हुए थे। उसके बाद से हर साल यहां पुण्यतिथि कार्यक्रम हो रहा है। शाम को शहीद स्मारक समिति कवि सम्मेलन भी रखती है।

पूर्व सैनिक कल्याण समिति कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया पुण्यतिथि पर आयोजन के लिए एसडीएम से चर्चा हुई थी। लेकिन लॉकडाउन के चलते अनुमति नहीं दी गई। अब सैनिक कल्याण समिति व शहीद स्मारक समिति सदस्य ही श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।
स्मारक पर छतरी का काम अधूरा, सूख रहे पौधे
शहीद स्मारक की छतरी का निर्माण फरवरी में शुरू हुआ था। पूर्व मंत्री सचिन यादव ने 2.40 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। लॉकडाउन में काम पूरा नहीं हो सका। स्मारक समिति के भूपेंद्र गुप्ता व शहीद के भाई ओंकार यादव ने बताते हैं स्वीकृत राशि खर्च हो चुकी है। 1 लाख रुपए अब भी पंचायत ने नहीं दिए है। जबकि निर्माण का स्टीमेट करीब 8 लाख रुपए का है। समिति सदस्यों ने लोगों के सहयोग से निर्माण पूरा करने का निर्णय लिया है। स्मारक स्थल पर लगाए पेड़-पौधे सिंचाई न होने से सूख रहे हैं। प्रशासन ने यहां ट्यूबवेल करवाया था। लेकिन उसमें मोटरपंप नहीं है। मानदेय नहीं मिलने से पिछले 4 माह से चौकीदार नहीं आ रहा है।



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For the first time in 21 years, Amar Shaheed will not salute on the death anniversary of Rajendra Yadav


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