लॉकडाउन 4.0 के दौरान जिला प्रशासन द्वारा जारी हो रही अलग-अलग छूट के चलते सड़कों पर भीड़ बढ़ने लगी है। बैंकों में हर दिन 50 ग्राहक बुलाने की छूट मिली है। साथ ही विविध व्यावसायिक, औद्योगिक संगठनों को बैंकिंग ट्रांजेक्शन की मंजूरी मिल गई है। इसके चलते बैंकों में भीड़ बढ़ने लगी है। प्रबंधन हर दिन एसएमएस भेजकर ग्राहकों को बुला रहा है। सरकारी दफ्तर : सरकारी दफ्तर भी खुल गए हैं और यहां 50 फीसदी कर्मचारी रोस्टर से आने लगे हैं, लेकिन अभी भी दफ्तरों में आमजन की भीड़ नहीं है। हालांकि कलेक्टोरेट में जरूर पास या किसी अन्य मंजूरी के लिए लगातार लोग आ रहे हैं। वाणिज्यिक कर विभाग, आयकर विभाग, सेंट्रल जीएसटी आदि दफ्तरों में भीड़ नहीं है। उद्योग : इंडस्ट्री खुल गई है, लेकिन अभी भी यह मजदूरों की कमी से परेशान हो रहे हैं। मुश्किल से 20 से 30 फीसदी श्रमिक ही काम पर आ रहे हैं। इसलिए फैक्टरी में पूरी क्षमता से काम नहीं हो रहा है। सीए, सीएस के दफ्तर : प्रशासन की छूट के बाद यह भी खुल गए हैं, लेकिन यहां भी सख्ती के कारण लोग नहीं आ रहे हैं और ऑनलाइन ही दस्तावेज बुलाकर रिटर्न आदि भरने के काम हो रहे हैं। बाजार आधे-अधूरे खुले : न्यू सियागंज खुल गया है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा बाजार महारानी रोड अभी तक नहीं खुला है। सियागंज कारोबारी को भी एक-एक दिन की माल परिवहन की मंजूरी मिली हुई है। पंजीयन कार्यालय : पंजीयन दफ्तर खुल गए हैं, लेकिन रजिस्ट्री अभी अधिक नहीं हो रही है और एक उप पंजीयक द्वारा अधिकतम एक दिन में दस लोगों की रजिस्ट्री करने का ही प्रावधान है। सोशल डिस्टेंस... बैंकों में वे ही ग्राहक जा रहे, जिन्हें मैसेज से बुला रहे गैरेज, मोबाइल शॉप नहीं खुलने से हो रही परेशानी : रणजीत हनुमान क्षेत्र में मेडिकल छोड़कर हर तरह की दुकानें बंद हैं। न लोग गाड़ियां सुधरवा पा रहे हैं, ना ही मोबाइल की खराबी दूर हो रही है। मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बीस दिन से मोबाइल का डिस्प्ले खराब है, जिसे सुधरवा नहीं पा रहे। गौरव सिंह ने बताया कि कई दिनों से गाड़ी खराब है। दवा लेने दूर जाना पड़ता है। इमरजेंसी में कहीं जाना पड़ जाए तो मेरे पास कोई साधन नहीं है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today शुक्रवार को यह तस्वीर जिला कोर्ट के सामने की। जरूरी काम से अब बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलने लगे हैं।


लॉकडाउन 4.0 के दौरान जिला प्रशासन द्वारा जारी हो रही अलग-अलग छूट के चलते सड़कों पर भीड़ बढ़ने लगी है। बैंकों में हर दिन 50 ग्राहक बुलाने की छूट मिली है। साथ ही विविध व्यावसायिक, औद्योगिक संगठनों को बैंकिंग ट्रांजेक्शन की मंजूरी मिल गई है। इसके चलते बैंकों में भीड़ बढ़ने लगी है। प्रबंधन हर दिन एसएमएस भेजकर ग्राहकों को बुला रहा है।
सरकारी दफ्तर : सरकारी दफ्तर भी खुल गए हैं और यहां 50 फीसदी कर्मचारी रोस्टर से आने लगे हैं, लेकिन अभी भी दफ्तरों में आमजन की भीड़ नहीं है। हालांकि कलेक्टोरेट में जरूर पास या किसी अन्य मंजूरी के लिए लगातार लोग आ रहे हैं। वाणिज्यिक कर विभाग, आयकर विभाग, सेंट्रल जीएसटी आदि दफ्तरों में भीड़ नहीं है।
उद्योग : इंडस्ट्री खुल गई है, लेकिन अभी भी यह मजदूरों की कमी से परेशान हो रहे हैं। मुश्किल से 20 से 30 फीसदी श्रमिक ही काम पर आ रहे हैं। इसलिए फैक्टरी में पूरी क्षमता से काम नहीं हो रहा है।
सीए, सीएस के दफ्तर : प्रशासन की छूट के बाद यह भी खुल गए हैं, लेकिन यहां भी सख्ती के कारण लोग नहीं आ रहे हैं और ऑनलाइन ही दस्तावेज बुलाकर रिटर्न आदि भरने के काम हो रहे हैं।
बाजार आधे-अधूरे खुले : न्यू सियागंज खुल गया है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा बाजार महारानी रोड अभी तक नहीं खुला है। सियागंज कारोबारी को भी एक-एक दिन की माल परिवहन की मंजूरी मिली हुई है।
पंजीयन कार्यालय : पंजीयन दफ्तर खुल गए हैं, लेकिन रजिस्ट्री अभी अधिक नहीं हो रही है और एक उप पंजीयक द्वारा अधिकतम एक दिन में दस लोगों की रजिस्ट्री करने का ही प्रावधान है।

सोशल डिस्टेंस... बैंकों में वे ही ग्राहक जा रहे, जिन्हें मैसेज से बुला रहे

गैरेज, मोबाइल शॉप नहीं खुलने से हो रही परेशानी : रणजीत हनुमान क्षेत्र में मेडिकल छोड़कर हर तरह की दुकानें बंद हैं। न लोग गाड़ियां सुधरवा पा रहे हैं, ना ही मोबाइल की खराबी दूर हो रही है। मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बीस दिन से मोबाइल का डिस्प्ले खराब है, जिसे सुधरवा नहीं पा रहे। गौरव सिंह ने बताया कि कई दिनों से गाड़ी खराब है। दवा लेने दूर जाना पड़ता है। इमरजेंसी में कहीं जाना पड़ जाए तो मेरे पास कोई साधन नहीं है।



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शुक्रवार को यह तस्वीर जिला कोर्ट के सामने की। जरूरी काम से अब बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलने लगे हैं।


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