कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। लाॅकडाउन के एक माह के दौरान लोगों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी सभी जरूरत का सामान नगर की दुकानों से ही खरीदते हैं। बंद के दौरान आसपास के किसानों को खेती में लगने वाला सामान नहीं मिल रहा है। अक्षय तृतीया पर होने वाली शादियां भी टल गई हैं। किसानों ने बताया कि अभी खेत खाली हो गए हैं। बारिश के पहले खेतों को तैयार किया जा रहा है। दुकानें बंद होने से कृषि कार्य में लगने वाले उपकरण नहीं मिल रहे हैं। शासकीय अस्पताल के डॉक्टर विजयसिंह पटेल ने बताया लाॅकडाउन की वजह से लोग घरों में रह रहे हैं। इस कारण सड़क दुर्घटना के मामलों में कमी आई है। अस्पताल में अभी सामान्य बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। वहीं थाना प्रभारी गिरीश कुमार कवरेती ने बताया कि थाना क्षेत्र में शांति है। सामान्य अपराधों में दो-चार एफआईआर दर्ज हुई हैं। गंभीर अपराधों का प्रतिशत काफी हद तक गिरा है। अस्पताल में अभी सामान्य बीमारियों के आस रहे मरीज- डॉ. विजयसिंह पटेल लाॅकडाउन के कारण नगर में 50 शादियां टली, टेंट और अन्य कारोबार ठप लाॅकडाउन का ग्रहण अप्रैल महीने में होने वाली शादियों पर भी लग गया है। इस साल नगर में 40 से 50 शादियां, तिलक, सगाई के कार्यक्रम टल गए हैं। शादियों के टलने से इनसे जुड़े कारोबार को काफी नुकसान हुआ है। इसकी वजह से कई लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। टेंट व्यवसायी प्रकाश राठौड़, रवि वर्मा, रितेंद्र जायसवाल व मुन्ना सोनी ने बताया कि उनके लगभग 70 से अधिक शादियों के आर्डर कैंसिल हो गए हैं। कई लोगों ने सालभर या 6 महीने पहले से शादी की तारीख की बुकिंग कर दी थी। अप्रैल माह से शादियां शुरू होनी थी। उसके लिए हलवाई, बैंड-बाजा, धर्मशालाओं, घोड़ी वाला, ढोल-ताशे व डीजे सहित अन्य बुकिंग पहले ही लोग करा चुके थे। मई की शादियां भी कर रहे केंसल होली के बाद शुरू हुआ कोरोना प्रकोप सब पर भारी पड़ गया। जिनकी शादी अप्रैल में थी वह टाल चुके हैं। अब दूसरे लाॅकडाउन के चलते मई की शादियां भी लोग टाल रहे हैं। डीजे संचालक संजय राठौड़ ने बताया कि शादियां कैंसिल होने से उन्हें काफी आर्थिक घाटा हो रहा है। दो वाहनों पर डीजे लगे हुए हैं। वाहनों की किस्त भरने में परेशानी होगी। नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली के बाद आदिवासी समाज में भी लॉकडाउन की वजह से शादियां नहीं हो पा रही है। क्षेत्र में शादी और शुभ कार्य के कार्यक्रम भी कर रहे निरस्त आदिवासी समाज के युवा अजय कनौजे व राज चौहान ने बताया कि इस समय ही समाज के लोगों के पास समय होता है। इसी समय में अपनी सुविधा अनुसार शादी व शुभ कार्य करते हैं लेकिन लाॅकडाउन होने से कहीं भी कोई काम नहीं हो रहा है। समाज के लोग अक्षत तृतीया पर नर्मदा किनारे अपनी मन्नत पूरी करने भी नहीं जा पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि लॉकडाउन हटने के बाद ही आम जनजीवन की स्थिति सामान्य हो सकेगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Reduction in crime, closure of shops, farmers are not getting even goods for agricultural use


कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। लाॅकडाउन के एक माह के दौरान लोगों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी सभी जरूरत का सामान नगर की दुकानों से ही खरीदते हैं। बंद के दौरान आसपास के किसानों को खेती में लगने वाला सामान नहीं मिल रहा है। अक्षय तृतीया पर होने वाली शादियां भी टल गई हैं। किसानों ने बताया कि अभी खेत खाली हो गए हैं। बारिश के पहले खेतों को तैयार किया जा रहा है। दुकानें बंद होने से कृषि कार्य में लगने वाले उपकरण नहीं मिल रहे हैं।
शासकीय अस्पताल के डॉक्टर विजयसिंह पटेल ने बताया लाॅकडाउन की वजह से लोग घरों में रह रहे हैं। इस कारण सड़क दुर्घटना के मामलों में कमी आई है। अस्पताल में अभी सामान्य बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। वहीं थाना प्रभारी गिरीश कुमार कवरेती ने बताया कि थाना क्षेत्र में शांति है। सामान्य अपराधों में दो-चार एफआईआर दर्ज हुई हैं। गंभीर अपराधों का प्रतिशत काफी हद तक गिरा है।

अस्पताल में अभी सामान्य बीमारियों के आस रहे मरीज- डॉ. विजयसिंह पटेल

लाॅकडाउन के कारण नगर में 50 शादियां टली, टेंट और अन्य कारोबार ठप
लाॅकडाउन का ग्रहण अप्रैल महीने में होने वाली शादियों पर भी लग गया है। इस साल नगर में 40 से 50 शादियां, तिलक, सगाई के कार्यक्रम टल गए हैं। शादियों के टलने से इनसे जुड़े कारोबार को काफी नुकसान हुआ है। इसकी वजह से कई लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। टेंट व्यवसायी प्रकाश राठौड़, रवि वर्मा, रितेंद्र जायसवाल व मुन्ना सोनी ने बताया कि उनके लगभग 70 से अधिक शादियों के आर्डर कैंसिल हो गए हैं। कई लोगों ने सालभर या 6 महीने पहले से शादी की तारीख की बुकिंग कर दी थी। अप्रैल माह से शादियां शुरू होनी थी। उसके लिए हलवाई, बैंड-बाजा, धर्मशालाओं, घोड़ी वाला, ढोल-ताशे व डीजे सहित अन्य बुकिंग पहले ही लोग करा चुके थे।

मई की शादियां भी कर रहे केंसल
होली के बाद शुरू हुआ कोरोना प्रकोप सब पर भारी पड़ गया। जिनकी शादी अप्रैल में थी वह टाल चुके हैं। अब दूसरे लाॅकडाउन के चलते मई की शादियां भी लोग टाल रहे हैं। डीजे संचालक संजय राठौड़ ने बताया कि शादियां कैंसिल होने से उन्हें काफी आर्थिक घाटा हो रहा है। दो वाहनों पर डीजे लगे हुए हैं। वाहनों की किस्त भरने में परेशानी होगी। नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली के बाद आदिवासी समाज में भी लॉकडाउन की वजह से शादियां नहीं हो पा रही है।
क्षेत्र में शादी और शुभ कार्य के कार्यक्रम भी कर रहे निरस्त
आदिवासी समाज के युवा अजय कनौजे व राज चौहान ने बताया कि इस समय ही समाज के लोगों के पास समय होता है। इसी समय में अपनी सुविधा अनुसार शादी व शुभ कार्य करते हैं लेकिन लाॅकडाउन होने से कहीं भी कोई काम नहीं हो रहा है। समाज के लोग अक्षत तृतीया पर नर्मदा किनारे अपनी मन्नत पूरी करने भी नहीं जा पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि लॉकडाउन हटने के बाद ही आम जनजीवन की स्थिति सामान्य हो सकेगी।



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