डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सहित शहर की सफाई के लिए पहले 66 वार्डों में वार्ड मॉनीटर बनाए गए। अब कोविड-19 के नाम पर सेल का गठन कर दिया गया। आदेश में कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर देने की बात कही गई। इसके बावजूद भी शहर की हर गली और मोहल्ले के घरों से नगर निगम के जिम्मेदार अफसर ईको ग्रीन कंपनी से डोर-टू-डोर कचरा नियमित नहीं करा पा रहे हैं। जबकि शहर में इन दिनों कचरा लॉकडाउन के बाद से 100-150 टन कम निकल रहा था। तब भी हर दरवाजे पर कंपनी की सीटी सुनाई नहीं दे रही है। वार्ड-40 का कचरा लेने ढाई महीने पहले तक दो गाड़ियां पहुंचती थीं। अब एक ही गाड़ी से काम चलाया जा रहा है। लोग सड़कों पर कचरा फेंक रहे हैं। पूर्व पार्षदों का कहना है कि अधिकारी ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा है।
इको ग्रीन कंपनी को साल फरवरी 2019 में सभी 66 वार्डों से कचरा कलेक्शन 100 प्रतिशत करना था। 13 महीने बीत चुके हैं, अभी तक कंपनी सभी वार्डों में पूरी तरह काम नहीं संभाल पाई है। इस मामले में ईको ग्रीन कंपनी के जिम्मेदारों का कहना है कि हर दिन 150 कचरा गाड़ी हमारी चलती है। इसके अलावा नगर निगम के करीब 95 वाहन चलते हैं। इनको माध्यम से कचरा उठाया जा रहा है। हालांकि इसमें से कुछ वाहन खराब रहते हैं।
शहर में कहां पर क्या हालात
- वार्ड-1 में आने वाली जाधव कॉलोनी के लोगों का कहना है कि 4 दिन से कचरा गाड़ी नहीं आई है। लक्ष्मीपुर में दो दिन हो गए। कचरा घरों में रखा है। यहां पर पूर्व पार्षद जगत सिंह कौरव का कहना है कि डोर-टू-डोर कचरा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
- वार्ड-27 के लोगों का कहना है कि नर्मदा कॉलोनी, रामनगर में कचरा नियमित नहीं लिया जा रहा है। यहां के पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता ने बताया कि दो गाड़ी कम हो गई है। शिकायत की गई है।
- वार्ड-40 में आने वाली भूरे बाबा की बस्ती, ढोलीबुवा पुल, छत्री मंडी और फ्रूट मंडी में कचरा नहीं लिया जा रहा है। पूर्व पार्षद धमेंद्र कुशवाह ने बताया कि ढाई महीने पहले तक 2 कचरा गाड़ी आती थी। अब एक ही गाड़ी आ रही है। वह भी 10-10 गेप कर जाती है।
- वार्ड-55 निवासी डा.विमलेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि कचरा गाड़ी आमखो शिवाजी नगर में नियमित नहीं आ रही है। क्षेत्र में झाड़ू भी नियमित नहीं लग रही है।
- वार्ड-28 के कुम्हरपुरा, शिवाजी नगर, इंद्रानगर और भीमनगर में रहने वालों का कहना है कि रोज गाड़ी नहीं आती है। यहां के पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम टमोटिया ने भी इस बात की पुष्टि की है। नियमित घरों से कचरा नहीं लिया जा रहा है।
इंदौर-भोपाल और हम कहां
इंदौर: वहां पर इस वक्त 121 कंटेनमेंट एरिया (हॉट स्पाट) बन चुके हैं। पूरे हॉट स्पॉट का कचरा अलग से लिया जा रहा है। वहां के लिए कचरा गाड़ी अलग लगी हुई हैं। उसमें अन्य शहर के कचरे का मिलान नहीं हो रहा है। इसके साथ ही स्टाफ राशन वितरण का काम कर रहा है। इसके अलावा डोर-टू-डोर सभी घरों से चल रहा है।
हमारी स्थिति: कचरा मिक्स होकर जा रहा है। वह भी पूरे शहर से नहीं लिया जा रहा।
भोपाल: यहां पर सभी जगह से कचरा उठ रहा है और घरों से लिया जा रहा है। शहर से कचरा कम निकल रहा है। इसलिए यहां के स्टाफ के निजी कॉलोनियों में सफाई करने पर लगा दिया गया है।
हमारी स्थिति: सड़कों पर सफाई जरूर हो रही है। घरों से कचरा पूरी तरह नहीं लिया जा रहा है।
वाहनों में तकनीकी खराबी
कंपनी के वाहन हर घर से कचरा ले रहे हैं। ईको ग्रीन कंपनी के साथ-साथ निगम के वाहनों से भी वार्डों में कचरा उठाया जा रहा है। टाटा के जो वाहन कंपनी उपयोग कर रही है। उसके सेंसर में कंपनी की तरफ से ही खराबी है। लॉकडाउन में उन्हें ठीक नहीं करा पा रहे हैं। -अभिषेक पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर, ईकोग्रीन कंपनी
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