कोरोना मरीजों की देखभाल में लगातार लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला ढोलीबुवा पुल निवासी बबीता वर्मा के पति वीरेंद्र और बेटे का है। सोमवार को दोनों को कल्याण हास्पिटल से डिस्चार्ज किया गया। लेकिन प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन ने घर छोड़ने के लिए वाहन का कोई प्रबंध ही नहीं किया। नतीजतन, पिता व पुत्र को हास्पिटल से घर तक पैदल आना पड़ा। यहां बता दें कि जब पूर्व में पिता व पुत्र को आइसोलेशन सेंटर ले जाया गया था, तब उन्हें लेने के लिए एंबुलेंस भेजी गई थी। दरअसल, सात मार्च को बबीता की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके पति और छोटे बेटे को प्रशासन ने आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कर दिया था। यहां दोनों के सैंपल लिए गए। 10 मार्च को बबीता, उनके पति वीरेंद्र और बेटे की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। और दो दिन निगरानी में रखने के बाद 13 मार्च को शाम सात बजे के लगभग दोनों को डिस्चार्ज कर दिया गया। बबीता के पति वीरेंद्र ने बताया, घर जाने के लिए जब वाहन के संबंध में जानकारी चाही तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। मैंने कहा कि लॉकडाउन के कारण यात्री वाहन की सुविधा नहीं है। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन, मुझे व पुत्र को हास्पिटल रोड स्थित कल्याण हास्पिटल से घर तक पैदल ही आना पड़ा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today If the wife's report turned positive, she had brought her husband and son from the ambulance, discharged and sent home on foot.


कोरोना मरीजों की देखभाल में लगातार लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला ढोलीबुवा पुल निवासी बबीता वर्मा के पति वीरेंद्र और बेटे का है। सोमवार को दोनों को कल्याण हास्पिटल से डिस्चार्ज किया गया। लेकिन प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन ने घर छोड़ने के लिए वाहन का कोई प्रबंध ही नहीं किया। नतीजतन, पिता व पुत्र को हास्पिटल से घर तक पैदल आना पड़ा। यहां बता दें कि जब पूर्व में पिता व पुत्र को आइसोलेशन सेंटर ले जाया गया था, तब उन्हें लेने के लिए एंबुलेंस भेजी गई थी।
दरअसल, सात मार्च को बबीता की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके पति और छोटे बेटे को प्रशासन ने आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कर दिया था। यहां दोनों के सैंपल लिए गए। 10 मार्च को बबीता, उनके पति वीरेंद्र और बेटे की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। और दो दिन निगरानी में रखने के बाद 13 मार्च को शाम सात बजे के लगभग दोनों को डिस्चार्ज कर दिया गया। बबीता के पति वीरेंद्र ने बताया, घर जाने के लिए जब वाहन के संबंध में जानकारी चाही तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। मैंने कहा कि लॉकडाउन के कारण यात्री वाहन की सुविधा नहीं है। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन, मुझे व पुत्र को हास्पिटल रोड स्थित कल्याण हास्पिटल से घर तक पैदल ही आना पड़ा।

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If the wife's report turned positive, she had brought her husband and son from the ambulance, discharged and sent home on foot.


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