दरअसल, सात मार्च को बबीता की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके पति और छोटे बेटे को प्रशासन ने आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कर दिया था। यहां दोनों के सैंपल लिए गए। 10 मार्च को बबीता, उनके पति वीरेंद्र और बेटे की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। और दो दिन निगरानी में रखने के बाद 13 मार्च को शाम सात बजे के लगभग दोनों को डिस्चार्ज कर दिया गया। बबीता के पति वीरेंद्र ने बताया, घर जाने के लिए जब वाहन के संबंध में जानकारी चाही तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका। मैंने कहा कि लॉकडाउन के कारण यात्री वाहन की सुविधा नहीं है। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन, मुझे व पुत्र को हास्पिटल रोड स्थित कल्याण हास्पिटल से घर तक पैदल ही आना पड़ा।
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